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  • शिवपुरी में माता के पंडाल में डीजे बंद कराने पर बवाल, पुलिसकर्मियों पर लाठी चलाने का आरोप, देर रात थाने का घेराव

    शिवपुरी में माता के पंडाल में डीजे बंद कराने पर बवाल, पुलिसकर्मियों पर लाठी चलाने का आरोप, देर रात थाने का घेराव


    शिवपुरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी में शारदीय नवरात्रि के दौरान माता के पंडाल में डीजे बंद कराने और सड़क से जाम हटवाने को लेकर विवाद हो गया। फिजिकल थाना क्षेत्र में रविवार देर रात हुए इस घटनाक्रम के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थानीय लोगों ने दो पुलिसकर्मियों पर शराब के नशे में लाठियां चलाने और मारपीट करने का आरोप लगाया। घटना से नाराज लोग फिजिकल थाने पहुंच गए और घेराव कर दोनों पुलिसकर्मियों को हटाने की मांग करने लगे। दूसरी ओर थाना प्रभारी ने पुलिसकर्मियों के शराब पीने और मारपीट करने के आरोपों को निराधार बताया है। देर रात करीब डेढ़ बजे तक थाने पर हंगामा चलता रहा जिसके बाद स्थिति शांत हुई।

    जानकारी के मुताबिक फिजिकल थाने से कुछ ही दूरी पर माता की प्रतिमा स्थापित करने के लिए पंडाल तैयार किया जा रहा था। रविवार रात करीब 11 बजे सड़क पर डीजे लगाया गया था। पंडाल में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे और डीजे बजने के कारण सड़क पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने लगी। देखते ही देखते वहां जाम जैसी स्थिति बन गई। इसी बीच रात करीब 12:30 बजे दो पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। वे डीजे बंद कराने और सड़क से जाम हटवाने के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान पुलिसकर्मियों और वहां मौजूद लोगों के बीच विवाद होने की बात सामने आई।

    स्थानीय लोगों का आरोप है कि दोनों पुलिसकर्मियों ने मौके पर पहुंचते ही लाठियां चलानी शुरू कर दीं और लोगों के साथ मारपीट की। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी शराब के नशे में थे। घटना के बाद दोनों पुलिसकर्मी अपना वाहन लेकर वहां से चले गए। इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों में नाराजगी बढ़ गई। लोगों ने पुलिस के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए मामले में कार्रवाई की मांग की।

    घटना से नाराज लोग फिजिकल थाने पहुंच गए और वहां घेराव कर दिया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोप लगाया कि माता के पंडाल में आए श्रद्धालुओं के साथ अनुचित व्यवहार किया गया। उन्होंने दोनों पुलिसकर्मियों को थाने से हटाने की मांग उठाई। थाने के बाहर लोगों की भीड़ जुटने और हंगामे की सूचना मिलने के बाद अन्य थानों से भी पुलिस बल बुलाया गया। देर रात तक पुलिस अधिकारियों और प्रदर्शन कर रहे लोगों के बीच घटनाक्रम को लेकर तनाव बना रहा। करीब डेढ़ बजे तक चले हंगामे के बाद मामला शांत हुआ।

    इस पूरे मामले में फिजिकल थाना प्रभारी अवनीश सिंह राठौड़ ने अलग पक्ष रखा। उनके अनुसार पुलिसकर्मी रात करीब 12 बजे गश्त पर निकले थे। इस दौरान सड़क पर डीजे बजने और जाम लगने की स्थिति सामने आई। रात काफी हो जाने के कारण पुलिस ने डीजे बंद करने और रास्ता खाली कराने के लिए कहा था। थाना प्रभारी के मुताबिक इस कार्रवाई का कुछ लोगों ने विरोध किया जिसके बाद विवाद की स्थिति बनी।

    थाना प्रभारी ने यह भी स्पष्ट किया कि माता का पंडाल एक स्थान पर था जबकि डीजे दूसरी जगह लगाया गया था। उन्होंने पुलिसकर्मियों के शराब के नशे में होने और लोगों के साथ मारपीट करने के आरोपों को निराधार बताया। इस तरह मामले में स्थानीय लोगों के आरोप और पुलिस की ओर से दिया गया पक्ष अलग-अलग हैं।

    नवरात्रि के दौरान धार्मिक आयोजन और श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सार्वजनिक स्थानों पर यातायात व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण होता है। वहीं ऐसे आयोजनों के दौरान पुलिस और आम लोगों के बीच संवाद तथा संयम भी जरूरी है। शिवपुरी की इस घटना में विवाद की वास्तविक परिस्थितियों को स्पष्ट करने के लिए दोनों पक्षों के आरोपों की निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल सामने आई जानकारी के अनुसार देर रात थाने पर हुआ हंगामा शांत हो गया लेकिन पुलिसकर्मियों पर लगाए गए आरोपों को लेकर मामला चर्चा में है।

  • इंदौर में बड़ा मामला: पुलिस पर मारपीट का आरोप, शादी और तलाक विवाद में फंसा परिवार

    इंदौर में बड़ा मामला: पुलिस पर मारपीट का आरोप, शादी और तलाक विवाद में फंसा परिवार


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के Indore में एक पारिवारिक विवाद अब पुलिस और एक डॉक्टर के बीच गंभीर टकराव में बदल गया है। हीरानगर थाना क्षेत्र में दहेज प्रताड़ना के एक मामले के बाद डॉक्टर अभिषेक ने पुलिसकर्मियों पर मारपीट के गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि पुलिस ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है।

    पूरा मामला एक महिला की शिकायत से शुरू हुआ, जिसमें उसने अपने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाया था। महिला का कहना है कि उसकी शादी 29 नवंबर 2025 को हुई थी और शादी के कुछ ही दिनों बाद उसका पति नोएडा चला गया था। महिला ने आरोप लगाया कि ससुराल पक्ष उसे कार और पैसों के लिए प्रताड़ित करता था।

    महिला की शिकायत पर पुलिस ने उसके पति, जेठ (डॉक्टर अभिषेक), सास-ससुर सहित पूरे परिवार के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज कर लिया। इसके बाद पुलिस ने सभी पक्षों को पूछताछ के लिए थाने बुलाया था।

    इसी दौरान मामला तब और बढ़ गया जब डॉक्टर अभिषेक ने पुलिस पर ही मारपीट और दुर्व्यवहार के आरोप लगा दिए। उनका कहना है कि उन्हें थाने में बुलाकर उनके साथ गलत व्यवहार किया गया, जबकि पुलिस ने इन आरोपों को सिरे से नकार दिया है।

    थाना प्रभारी के अनुसार, पुलिस ने केवल कानूनी कार्रवाई के तहत पूछताछ की थी और आरोपों से बचने के लिए डॉक्टर झूठे आरोप लगा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि सभी कार्रवाई नियमों के तहत की गई है और दहेज प्रताड़ना के मामले में पर्याप्त सबूतों के आधार पर FIR दर्ज हुई है।

    इस पूरे विवाद में एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है, जिसमें महिला ने आरोप लगाया है कि उसका पति नोएडा में किसी अन्य युवक के साथ रह रहा है और वह उससे तलाक लेना चाहता है।

    वहीं, पूछताछ के दौरान डॉक्टर अभिषेक ने सीने में दर्द की शिकायत की, जिसके बाद पुलिस उन्हें अस्पताल भी ले गई, लेकिन जांच में उनकी स्थिति सामान्य पाई गई।

    फिलहाल दोनों पक्षों के आरोपों के बीच मामला और जटिल होता जा रहा है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और सच्चाई सामने आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।