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  • पुलिस बल में बढ़ोतरी की तैयारी, नए प्रधान आरक्षकों को मिली अहम भूमिका

    पुलिस बल में बढ़ोतरी की तैयारी, नए प्रधान आरक्षकों को मिली अहम भूमिका


    विदिशा । विदिशा जिले में पुलिस बल को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। शनिवार को जिले के विभिन्न थानों और इकाइयों में पदस्थ 15 आरक्षकों को पदोन्नत कर प्रधान आरक्षक बनाया गया। अधिकारियों ने सभी पदोन्नत कर्मचारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपते हुए बेहतर पुलिसिंग और कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपेक्षा जताई।

    पुलिस विभाग के अधिकारियों के अनुसार शासन की नई व्यवस्था के तहत प्रधान आरक्षकों की संख्या बढ़ाई जा रही है, ताकि थानों में विवेचना कार्य और प्रशासनिक जिम्मेदारियों को अधिक प्रभावी बनाया जा सके। विभाग का मानना है कि अनुभवी पुलिसकर्मियों को पदोन्नति मिलने से कामकाज की गुणवत्ता में सुधार आएगा और थानों की कार्यक्षमता बढ़ेगी।

    प्रशांत चौबे ने जानकारी देते हुए बताया कि पिछले वर्ष प्रशिक्षण के लिए भेजे गए 89 आरक्षकों का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है। ये सभी जवान जल्द ही जिले में अपनी सेवाएं देना शुरू करेंगे। अधिकारियों के मुताबिक इन प्रशिक्षित जवानों की तैनाती से पुलिस बल की कमी काफी हद तक दूर हो सकेगी।

    इसके अलावा पुलिस भर्ती 2025 के तहत चयनित 293 नए आरक्षकों को भी जल्द प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा। वर्तमान में उनके दस्तावेज सत्यापन और मेडिकल परीक्षण की प्रक्रिया अंतिम चरण में चल रही है। प्रक्रिया पूरी होते ही उन्हें प्रशिक्षण केंद्रों के लिए रवाना किया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद इन नवआरक्षकों को जिले के विभिन्न थानों और इकाइयों में फील्ड पोस्टिंग दी जाएगी।

    पुलिस विभाग के अनुसार जिले में अभी भी पुलिसकर्मियों की भारी कमी बनी हुई है। जिले के 25 थानों और अन्य इकाइयों में फिलहाल करीब 1000 पुलिसकर्मी कार्यरत हैं, जबकि लगभग 500 पद अब भी खाली हैं। इसका असर कई थानों की कार्यप्रणाली पर भी दिखाई दे रहा है।

    अधिकारियों ने बताया कि शहर के सबसे बड़े कोतवाली थाना में पहले 115 जवान तैनात थे, लेकिन वर्तमान में यह संख्या घटकर केवल 62 रह गई है। वहीं सिविल लाइन थाना क्षेत्र का दायरा लगातार बढ़ रहा है, लेकिन उसके अनुरूप पुलिस बल में वृद्धि नहीं हो पाई है। ऐसे में नई भर्ती और प्रशिक्षित जवानों की तैनाती से पुलिस व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

    पुलिस विभाग का मानना है कि 15 नए प्रधान आरक्षकों की पदोन्नति, 89 प्रशिक्षित जवानों की वापसी और 293 नए आरक्षकों की भर्ती से जिले की कानून व्यवस्था को बड़ा सहारा मिलेगा। आने वाले समय में इससे अपराध नियंत्रण और आम जनता को बेहतर पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

  • रामपुर SP की विदाई पर भावुक माहौल, महिला सिपाही फूट-फूटकर रोईं

    रामपुर SP की विदाई पर भावुक माहौल, महिला सिपाही फूट-फूटकर रोईं


    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के Rampur में पुलिस अधीक्षक विद्यासागर मिश्र की विदाई के दौरान बेहद भावुक दृश्य देखने को मिला। जैसे ही एसपी ने विदाई के लिए साथियों से मिलना शुरू किया, कई महिला सिपाहियों की आंखों से आंसू छलक पड़े। कुछ सिपाही तो फूट-फूटकर रोने लगीं। यह देखकर खुद एसपी भी भावुक हो गए।

    तबादले के बाद दी गई विदाई
    पुलिस विभाग में तबादले एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन कुछ विदाइयां यादगार बन जाती हैं। हाल ही में Yogi Adityanath सरकार ने कई आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए हैं, जिसमें विद्यासागर मिश्र का भी नाम शामिल है। अब उन्हें पीएसी में सेनानायक बनाकर Sitapur भेजा गया है।

    साथियों ने फूलों से दी विदाई
    विदाई समारोह के दौरान पुलिसकर्मियों ने एसपी की गाड़ी को फूलों से सजाया। परंपरा के अनुसार रस्सी से गाड़ी खींचकर उन्हें सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। यह दृश्य वहां मौजूद हर व्यक्ति को भावुक कर गया। अपने संबोधन में विद्यासागर मिश्र ने कहा कि रामपुर में उन्हें जो प्यार और सहयोग मिला, उसे वह कभी नहीं भूलेंगे। उन्होंने पुलिसकर्मियों से कहा कि वे हमेशा ईमानदारी और निष्ठा के साथ जनता की सेवा करते रहें।

    जिला जज के साथ भी भावुक पल
    विदाई से पहले Bhanu Dev Sharma के साथ मुलाकात के दौरान भी माहौल भावुक हो गया। जिला जज ने उन्हें गले लगाकर शुभकामनाएं दीं और उनके काम की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में जिले में कानून-व्यवस्था मजबूत रही और लोगों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा।

    कई तबादलों के बीच खास बनी ये विदाई
    गौरतलब है कि हाल ही में यूपी में 27 आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। लेकिन इन सबके बीच रामपुर में विद्यासागर मिश्र की विदाई सबसे अलग और भावुक रही। विद्यासागर मिश्र की विदाई ने यह दिखा दिया कि एक अच्छे अधिकारी की पहचान सिर्फ काम से ही नहीं, बल्कि अपने व्यवहार और टीम के साथ रिश्तों से भी होती है। यही वजह रही कि उनकी विदाई पर हर आंख नम नजर आई।