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  • ग्वालियर में दर्दनाक सुसाइड: भाई को वीडियो कॉल कर युवक ने खुद को मारी गोली

    ग्वालियर में दर्दनाक सुसाइड: भाई को वीडियो कॉल कर युवक ने खुद को मारी गोली


    ग्वालियर । ग्वालियर शहर के डफरीन सराय इलाके में शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात उस समय सनसनी फैल गई जब नगर निगम में क्रेन ऑपरेटर के पद पर कार्यरत युवक ने अपनी लाइसेंसी राइफल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। यह घटना करीब रात 1 बजे की बताई जा रही है।

    मृतक की पहचान गौरव भदौरिया के रूप में हुई है, जिसने आत्महत्या से पहले अपने बड़े भाई को वीडियो कॉल किया और उसी कॉल के दौरान 315 बोर की राइफल मुंह पर रखकर ट्रिगर दबा दिया। घटना के बाद परिवार और आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया।

    जानकारी के अनुसार, गौरव भदौरिया ने आत्महत्या से पहले सोशल मीडिया पर एक लंबा पोस्ट भी किया था, जिसमें उसने अपने ही परिवार के कई सदस्यों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसने अपने पिता रणवीर सिंह भदौरिया, मां सत्यवती भदौरिया, बहन नीतू सिकरवार और मामी सीमा परमार पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है।

    पोस्ट में गौरव ने लिखा कि उसे लगातार पैसे और जमीन में हिस्सा देने का दबाव बनाया जा रहा था। उसने यह भी दावा किया कि उससे 5 लाख रुपए की मांग की गई थी और मांग पूरी न करने पर उसे जहर देकर मारने की धमकी दी गई थी। इसी तनाव और दबाव के चलते वह आत्महत्या करने के लिए मजबूर हुआ।

    गौरव ने यह भी लिखा कि वह अपनी बहन को पहले ही 2.40 लाख रुपए दे चुका था, इसके बावजूद उससे और पैसे मांगे जा रहे थे और मकान में हिस्सेदारी देने का दबाव बनाया जा रहा था। उसने आरोप लगाया कि इन सभी बातों के कारण वह मानसिक रूप से बेहद परेशान था।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में पुलिस सभी आरोपों और पारिवारिक विवाद के पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।

    परिवार और रिश्तेदारों के बीच इस घटना के बाद माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो कॉल की भी जांच की जा रही है, ताकि घटना की वास्तविक परिस्थितियों को स्पष्ट किया जा सके।

    फिलहाल पुलिस यह भी जांच कर रही है कि मामला केवल पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव का है या इसके पीछे कोई और गहरी वजह भी शामिल है।

  • लापता बच्ची की मौत का रहस्य: नदी किनारे मिला शव, हत्या की आशंका तेज

    लापता बच्ची की मौत का रहस्य: नदी किनारे मिला शव, हत्या की आशंका तेज


    ग्वालियर । ग्वालियर के सिरोल थाना क्षेत्र से लापता हुई 12 वर्षीय 5वीं कक्षा की छात्रा का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। पांच दिन से लापता बच्ची का शव शुक्रवार रात भिंड जिले के मौ क्षेत्र में सिंध नदी किनारे क्षत-विक्षत हालत में बरामद किया गया। आशंका जताई जा रही है कि शव का कुछ हिस्सा जलीय जीवों, संभवतः मगरमच्छों द्वारा क्षतिग्रस्त किया गया है।

    मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब बच्ची के सौतेले पिता ने दावा किया कि 24 मई को बच्ची ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उसके अनुसार, बदनामी और पुलिस कार्रवाई के डर से उसने शव को भिंड ले जाकर नदी किनारे दफना दिया। हालांकि पुलिस इस बयान को संदिग्ध मान रही है और हत्या की संभावना से भी इनकार नहीं कर रही है।

    बच्ची के लापता होने की रिपोर्ट 25 मई को सिरोल थाने में दर्ज कराई गई थी। रिपोर्ट सौतेले पिता द्वारा ही दर्ज कराई गई थी, लेकिन शुरुआती जांच में ही पुलिस को उसके बयानों और व्यवहार पर संदेह होने लगा था। पुलिस ने उसे निगरानी में रखा और मामले की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश जारी रखी।

    शुक्रवार रात भिंड के मौ इलाके में सिंध नदी किनारे से जब बच्ची का शव बरामद हुआ, तो पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया। शव की स्थिति बेहद खराब थी, जिसके चलते पुलिस ने तुरंत उसे पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया। संभावना जताई जा रही है कि मेडिकल बोर्ड द्वारा पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा, ताकि मौत के सही कारणों का पता लगाया जा सके।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। एक ओर सौतेला पिता इसे आत्महत्या के बाद शव छिपाने की बात बता रहा है, वहीं दूसरी ओर पुलिस इसे संदिग्ध हत्या मानकर जांच आगे बढ़ा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

    मृत बच्ची पिछले करीब आठ वर्षों से अपने सौतेले पिता और मां के साथ रह रही थी। परिवार में उसकी दो छोटी बहनें भी हैं, जिनकी उम्र 6 और 8 वर्ष बताई जा रही है। सौतेला पिता पेशे से टैक्सी चालक है और ट्रैवल्स एजेंसी के लिए ईको वैन चलाता है।

    पुलिस ने बच्ची के माता-पिता दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। वहीं, नदी किनारे और आसपास के क्षेत्रों में सर्च अभियान भी चलाया गया है, ताकि किसी भी प्रकार के सबूत जुटाए जा सकें।

    यह मामला अब पूरी तरह से संदिग्ध बन चुका है और पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है कि यह वास्तव में आत्महत्या थी या फिर इसके पीछे कोई गंभीर अपराध छिपा हुआ है।

  • हाईवे पर मिली लाश ने बढ़ाई दहशत, हत्या के बाद शव फेंकने की आशंका

    हाईवे पर मिली लाश ने बढ़ाई दहशत, हत्या के बाद शव फेंकने की आशंका


    सागर । सागर जिले के राहतगढ़ थाना क्षेत्र में हाईवे किनारे महिला का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। ग्राम बेरखेड़ी के पास सड़क किनारे पड़ा शव चादर में लिपटा हुआ था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया। प्रारंभिक जांच में मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है।

    जानकारी के अनुसार गुरुवार शाम राहगीरों ने हाईवे किनारे संदिग्ध हालत में शव पड़े होने की सूचना पुलिस को दी थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि महिला का शव चादर में लिपटा हुआ था और उसकी हालत बेहद खराब हो चुकी थी। पुलिस के मुताबिक शव करीब तीन दिन पुराना बताया जा रहा है, जिसके कारण मृतका की पहचान नहीं हो सकी है। महिला की उम्र लगभग 30 से 35 वर्ष के बीच बताई जा रही है।

    पुलिस जांच में सामने आया है कि महिला के हाथ और पैरों में चांदी जैसे आभूषण पहने हुए थे। शव मिलने की स्थिति को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि महिला की हत्या कहीं और की गई और बाद में शव को चादर में लपेटकर हाईवे किनारे फेंक दिया गया। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं।

    पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा, जहां शुक्रवार को डॉक्टरों के पैनल द्वारा पोस्टमार्टम किया गया। अधिकारियों का कहना है कि पीएम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। फिलहाल पुलिस हत्या समेत सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।

    मुकेश सिंह ने बताया कि मृतका की पहचान के लिए आसपास के थानों से गुमशुदगी की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि महिला कहां की रहने वाली थी और किन परिस्थितियों में उसकी मौत हुई। साथ ही हाईवे और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की जा रही है ताकि शव यहां लाने वालों का सुराग मिल सके।

    फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही पूरे मामले का खुलासा हो सकेगा। वहीं हाईवे किनारे महिला का शव मिलने से स्थानीय लोगों में भय और चिंता का माहौल बना हुआ है।

  • धमकी और दबाव के आरोप से गरमाया मामला: शिक्षक गंभीर, पुलिस जांच में सवाल

    धमकी और दबाव के आरोप से गरमाया मामला: शिक्षक गंभीर, पुलिस जांच में सवाल


    मध्यप्रदेश।  रीवा के संजय गांधी अस्पताल में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां सरकारी शिक्षक अनिल कुमार तिवारी जीवन और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर उनका परिवार अस्पताल के बाहर पिछले 48 घंटों से भीषण गर्मी में अन्न-जल त्यागकर न्याय की मांग पर डटा हुआ है।

    परिवार का आरोप है कि घटना के 72 घंटे बीत जाने के बाद भी न तो संबंधित आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और न ही किसी प्रकार की गिरफ्तारी हुई है। इस देरी को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

    मामला उस समय और गंभीर हो गया जब शिक्षक ने आत्महत्या का प्रयास किया। बताया जा रहा है कि उन्होंने पहले अपनी कलाई की नस काटी और बाद में जहरीला पदार्थ खा लिया, जिसके बाद उनकी हालत अत्यंत नाजुक हो गई। डॉक्टरों के अनुसार जहर पूरे शरीर में फैल चुका है और उनका इलाज आईसीयू में चल रहा है।

    घटना से आहत उनकी पत्नी ने अस्पताल के बाहर पानी तक छोड़ दिया है और रोते हुए कहा कि यदि उनके पति को न्याय नहीं मिला तो वह भी जीवन समाप्त कर देंगी। वहीं बेटी ने भी साफ कहा है कि पूरा परिवार न्याय न मिलने पर सामूहिक आत्महत्या जैसा कठोर कदम उठाने को मजबूर होगा।

    परिजनों के अनुसार विवाद की शुरुआत एक पेड़ कटाई के मामले से हुई थी, जिसके बाद मामला थाने तक पहुंचा और वहीं से तनाव बढ़ता गया। आरोप है कि शिक्षक को झूठे केस में फंसाया गया और थाने में मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।

    शिक्षक द्वारा लिखे गए सुसाइड नोट में विश्वविद्यालय थाना प्रभारी और एक पत्रकार पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा कि उन्हें बिना किसी अपराध के फंसाया गया और उनकी 28 साल की सेवा को बर्बाद कर दिया गया।

    परिवार का यह भी आरोप है कि पत्रकार ने पुलिस और प्रशासन में अपनी ऊंची पहुंच का हवाला देकर उन्हें धमकाया और अपमानित किया। वहीं, शिक्षक ने अपने नोट में उच्च स्तरीय जांच या सीबीआई जांच की मांग भी की है।

    घटना के बाद 72 घंटे बीत जाने के बावजूद किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी न होने से आक्रोश बढ़ता जा रहा है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं की समीक्षा की जा रही है। यह पूरा मामला अब प्रशासन, पुलिस और न्याय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा कर रहा है।

  • गोली मारकर हत्या मामले में 3 आरोपी गिरफ्तार, दोस्त के बयान से खुलासा

    गोली मारकर हत्या मामले में 3 आरोपी गिरफ्तार, दोस्त के बयान से खुलासा


    मध्यप्रदेश । सागर शहर के मोतीनगर थाना क्षेत्र में युवक की गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। विवेकानंद वार्ड के मछरयाई स्थित गौंड बब्बा चबूतरा इलाके में हुई इस सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर मामले की परतें खोलने में जुटी हुई है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

    घटना 21 मई की रात करीब 10:30 बजे की बताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक पुरानी रंजिश के चलते फरियादी ओम साहू और उसके भाई मयंक साहू का आरोपियों से विवाद हो गया था। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। इसी दौरान एक आरोपी ने अवैध हथियार निकालकर मयंक साहू पर फायर कर दिया। गोली लगते ही मयंक गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

    वारदात के दौरान मयंक को बचाने दौड़े उसके भाई ओम साहू पर भी आरोपियों ने चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में ओम गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और हमलावर मौके से फरार हो गए। सूचना मिलते ही मोतीनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित कीं। साइबर सेल और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की गई। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में आर्यन आठिया, एक 16 वर्षीय नाबालिग और एक 60 वर्षीय महिला शामिल हैं। पुलिस सभी से पूछताछ कर रही है और फरार अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।

    जांच में यह बात भी सामने आई है कि मृतक मयंक साहू और मुख्य आरोपी यश पहले बेहद करीबी दोस्त थे। दोनों का साथ उठना-बैठना था, लेकिन कुछ साल पहले दोनों के बीच विवाद हो गया था। इसके बाद दोनों के रिश्तों में दुश्मनी बढ़ती चली गई। पुलिस को शक है कि इसी पुरानी रंजिश ने इस खूनी वारदात का रूप लिया।

    प्रत्यक्षदर्शी शिवम तिवारी ने बताया कि घटना के वक्त मयंक और उसके दोस्त घर के बाहर खड़े थे। तभी अचानक यश वहां पहुंचा और जेब से कट्टा निकालकर सीधे मयंक पर फायर कर दिया। गोली लगते ही मयंक जमीन पर गिर पड़ा। शिवम के मुताबिक ओम साहू जब बीच-बचाव करने पहुंचा तो उस पर चाकू से हमला किया गया।

    एडिशनल एसपी लोकेश सिंहा ने बताया कि अब तक इस मामले में छह आरोपियों के नाम सामने आए हैं। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है और पुलिस लगातार निगरानी बनाए हुए है।

  • दर्दनाक घटना: डॉक्टर की संदिग्ध मौत, परिवार ने लगाए गंभीर आरोप

    दर्दनाक घटना: डॉक्टर की संदिग्ध मौत, परिवार ने लगाए गंभीर आरोप


    मध्यप्रदेश । इंदौर स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में जूनियर डॉक्टर अमन पटेल की आत्महत्या मामले ने नया मोड़ ले लिया है। परिजनों और दोस्तों ने इस मामले में प्रेम प्रसंग और इंटरकास्ट विवाह को लेकर बढ़ते तनाव को कारण बताया है। घटना के बाद पूरे मेडिकल कॉलेज परिसर में तनाव और सवालों का माहौल बना हुआ है।

    परिजनों का आरोप है कि अमन पटेल का कॉलेज की ही एक छात्रा के साथ लगभग तीन साल से प्रेम संबंध था और दोनों शादी को लेकर गंभीर थे। लेकिन पिछले कुछ समय से रिश्तों में आई दूरी और मानसिक तनाव ने स्थिति को बिगाड़ दिया। परिजनों के अनुसार युवती के व्यवहार में बदलाव आया था और वह किसी अन्य व्यक्ति से बातचीत करने लगी थी, जिससे अमन गहरे तनाव में आ गए थे।

    सबसे गंभीर आरोप यह है कि घटना से पहले फोन पर बातचीत के दौरान युवती ने कथित रूप से कहा था—“जो करना है कर लो”, जिसके बाद अमन हॉस्टल की पांचवीं मंजिल पर पहुंचे और छलांग लगा दी। घटना के बाद उनकी मौत हो गई, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई।

    परिजनों ने दावा किया है कि इस रिश्ते में इंटरकास्ट शादी को लेकर भी विरोध था। युवती के परिवार ने कथित रूप से इस रिश्ते को स्वीकार नहीं किया और हाल ही में इंदौर आकर इसका विरोध जताया था। परिजनों का कहना है कि इसी दबाव और मानसिक तनाव के कारण अमन टूट गए।

    घटना से पहले अमन ने अपनी लकवाग्रस्त मां को फोन कर कहा था कि “अच्छा नहीं लग रहा है।” इसके बाद उन्होंने अपने एक दोस्त को मोबाइल पासवर्ड भी भेजा था। पुलिस ने उनका मोबाइल और लैपटॉप जब्त कर लिया है और कॉल रिकॉर्ड, चैट और डिजिटल साक्ष्यों की जांच शुरू कर दी है।

    दोस्तों का दावा है कि अमन और युवती के बीच संबंध लंबे समय से मजबूत थे और दोनों ने साथ में कई बार समय भी बिताया था। इसी महीने की शुरुआत में दोनों इंदौर से जबलपुर भी घूमने गए थे, जहां वे कई जगह साथ रहे थे।

    परिजनों ने आरोप लगाया है कि घटना से 24 घंटे पहले युवती के माता-पिता इंदौर पहुंचे थे और उन्होंने इस रिश्ते का कड़ा विरोध किया था। इसके बाद युवती ने अमन से दूरी बना ली, जिससे वह मानसिक रूप से टूट गए।

    वहीं, अंतिम संस्कार के दौरान युवती की अनुपस्थिति को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। दोस्तों का कहना है कि यदि रिश्ता इतना गहरा था तो उसकी गैरमौजूदगी कई संदेह पैदा करती है।

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की हर एंगल से जांच कर रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह मामला अब प्रेम संबंध, मानसिक तनाव और सामाजिक दबाव के गंभीर पहलुओं से जुड़ गया है।

  • रेलवे फाटक के पास विस्फोटक मिलने से पुलिस अलर्ट, CCTV खंगाल रही जांच

    रेलवे फाटक के पास विस्फोटक मिलने से पुलिस अलर्ट, CCTV खंगाल रही जांच


    शाजापुर (उज्जैन)। मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले के मक्सी थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब देवास रेलवे फाटक के पास संदिग्ध विस्फोटक सामग्री पड़ी मिली। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया।

    मौके से बरामद हुईं 6 पेटी जिलेटिन रॉड
    पुलिस ने मौके से करीब 6 पेटी जिलेटिन रॉड बरामद की हैं, जिनका उपयोग आमतौर पर खदानों में ब्लास्टिंग कार्य के लिए किया जाता है। संदिग्ध सामग्री मिलने के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया।

    स्थानीय लोगों की सूचना से खुला मामला
    जानकारी के अनुसार, रेलवे फाटक के पास संदिग्ध पेटियां देख स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और विस्फोटक सामग्री को सुरक्षित कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।

    CCTV और जांच में जुटी पुलिस, हर एंगल से पड़ताल
    मक्सी थाना प्रभारी संजय वर्मा के अनुसार, बरामद सामग्री फिलहाल जिलेटिन रॉड जैसी प्रतीत हो रही है। सभी पेटियों को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है और जांच के लिए विशेषज्ञ टीम को बुलाया गया है। पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह सामग्री वहां कैसे और किसने रखी।

    ट्रक कटिंग से जुड़ने की आशंका भी जांच में शामिल
    प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि रतलाम क्षेत्र में विस्फोटक भंडारण स्थल से चोरी और ट्रक कटिंग की घटना हुई थी। हालांकि पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

    मक्सी में विस्फोटक सामग्री की बरामदगी ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है। पुलिस हर संभावना को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इसके पीछे कौन और क्या मकसद था।

  • बैरसिया में कारोबारी की हत्या से दहशत बाइक सवार बदमाशों ने मारी गोली

    बैरसिया में कारोबारी की हत्या से दहशत बाइक सवार बदमाशों ने मारी गोली


    नरसिंहपुर । मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर में अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के नाम पर ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है जहां दो शातिर आरोपियों ने एक महिला को जेवर तीन गुना करने का झांसा देकर करीब 10 लाख रुपये के गहने ठग लिए। इस घटना ने एक बार फिर अंधविश्वास के नाम पर होने वाली ठगी की सच्चाई को उजागर कर दिया है।

    जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने महिला को अपने जाल में फंसाते हुए कहा कि यदि वह अपने जेवर को किसी सुनसान स्थान पर रात के समय गाड़ दे और उस पर तंत्र-मंत्र किया जाए तो उसके गहने तीन गुना हो जाएंगे। साथ ही आरोपियों ने यह भी कहा कि इस प्रक्रिया को पूरी तरह गोपनीय रखना होगा और किसी को बताने पर अनहोनी हो सकती है। इसी डर और विश्वास के चलते महिला आरोपियों की बातों में आ गई।

    इसके बाद महिला ने रात के अंधेरे में सुनसान स्थान पर अपने जेवर रख दिए। इसी मौके का फायदा उठाकर दोनों आरोपी गहने लेकर फरार हो गए। घटना के बाद महिला को जब ठगी का एहसास हुआ तो उसने तुरंत इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक कार्यालय में दर्ज कराई।

    पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की और तकनीकी तथा सूचना के आधार पर आरोपियों की पहचान की। जांच में सामने आया कि एक आरोपी अनिल राय उर्फ मुल्ला बाबा डोभी क्षेत्र का रहने वाला है जबकि दूसरा आरोपी अजय मेहरा बॉसकुंवारी गांव का निवासी है।

    पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अनिल राय को उत्तर प्रदेश के आगरा से गिरफ्तार किया जबकि अजय मेहरा को नरसिंहपुर से ही पकड़ लिया गया। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से करीब 10 लाख रुपये मूल्य के जेवर भी बरामद कर लिए हैं।

    इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के नाम पर लोगों को आसानी से निशाना बनाया जाता है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है और मामले की आगे की जांच जारी है।

    भोपाल । मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है जहां बैरसिया क्षेत्र के किराना व्यापारी हनीफ खान की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है।

    जानकारी के अनुसार 42 वर्षीय हनीफ खान बुधवार को अपने किसी काम से निकले थे, लेकिन देर शाम उनका शव शमशाबाद रोड स्थित एक ढाबे के पास बरामद हुआ। यह स्थान उनके घर से लगभग 10 किलोमीटर दूर है। शुरुआती स्थिति में शव के पास बाइक मिलने से इसे सड़क दुर्घटना समझा गया, लेकिन जब पुलिस ने जांच की तो स्पष्ट हुआ कि उनकी मौत गोली लगने से हुई है।

    पुलिस जांच में सामने आया है कि अज्ञात बाइक सवार बदमाशों ने हनीफ खान को नजदीक से गोली मारी। गोली सीने के आर-पार हो गई जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद बदमाश मौके से फरार हो गए। आसपास के लोगों ने कुछ बाइक सवारों को तेजी से भागते हुए देखा, जिससे पुलिस को अहम सुराग मिले हैं।

    परिजनों के अनुसार हनीफ खान का किसी से कोई पुराना विवाद या दुश्मनी नहीं थी और वह सामान्य रूप से अपना व्यवसाय चला रहे थे। घटना के समय वह शमशाबाद स्थित रिश्तेदार के घर जा रहे थे। हालांकि पुलिस इस बयान के साथ-साथ अन्य सभी संभावित पहलुओं की भी जांच कर रही है।

    एडिशनल एसपी नीरज चौरसिया ने बताया कि फिलहाल मामला संदिग्ध है और पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। शुरुआती जांच में लूट की संभावना कम नजर आ रही है, लेकिन पुरानी रंजिश और व्यक्तिगत विवाद की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। इसके साथ ही कुछ रिलेशनशिप संबंधी पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

    पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। साथ ही मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय कर दिया गया है ताकि जल्द से जल्द अपराधियों तक पहुंचा जा सके।

    फिलहाल इस वारदात ने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी है और लोग सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस हत्याकांड का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

  • डायरेक्टर अनीश के किडनैपिंग और मारपीट मामले में कन्नड़ एक्ट्रेस ऐश्वर्या समेत 11 लोग गिरफ्तार

    डायरेक्टर अनीश के किडनैपिंग और मारपीट मामले में कन्नड़ एक्ट्रेस ऐश्वर्या समेत 11 लोग गिरफ्तार

    नई दिल्ली। कन्नड़ फिल्म डायरेक्टर के साथ हुई किडनैपिंग और मारपीट की घटना में कन्नड़ एक्ट्रेस ऐश्वर्या समेत 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अदुगोडी पुलिस स्टेशन में किडनैपिंग, हमला, जबरन वसूली जैसी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। इसी मामले में पुलिस ने यह कार्रवाई की है।
    कौन हैं अनीश
    इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, मारपीट और किडनैपिंग का शिकार हुए डायरेक्टर का नाम अनीश है और वह मॉडलिंग व कास्टिंग एजेंसी भी चलाते हैं।

    क्या हुआ अनीश के साथ
    अनीश, जीवनदा भाषा फिल्म डायरेक्ट कर रहे थे और 9 फरवरी को बेंगलुरु में थे। इसी दौरान उनसे बताया गया कि एक व्यक्ति उनकी कार को खरीदना चाहता है। इसके बाद उन्हें इस बहाने से शहर से दूर ले जाया गया। यहां पर अचानक कुछ लोगों ने उन पर हमला कर दिया और फाइनेंस मामले से जुड़ी उनकी पहले की शिकायत को वापस लेने के लिए दबाव डालने लग गए। विवाद एक फिल्म में इन्वेस्टमेंट को लेकर था।

    आरोपियों ने कथित तौर पर डायरेक्टर के सोने के गहने भी लूट लिए और कई बार हमला किया। इसके बाद एटीएम से जबरदस्ती पैसे निकलवाए गए और फिर अस्पताल में एडमिट करवाया गया।

    पुराना है मामला
    पुलिस को जांच के दौरान यह शक था कि किसी जान पहचान वाले ने ही इन्हें बुलाया था। पुलिस ने सभी 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। शिकायत में बताया गया है कि साल 2024 में अनीश की पहचान आशी उर्फ आशीर्वाद से हुई। आशीर्वाद ने उससे ढाई लाख रुपये उधार लिए हुए थे। जब अनीश ने अपने पैसों की डिमांड की तो उसने मना कर दिया और धमकी दी। यह मामला पुलिस थाने तक पहुंचा।

    ऐश्वर्या कैसे इन्वॉल्व हुईं
    इसी दौरान, अनीश अपनी कार को बेचना चाहते थे। ऐश्वर्या से इस बारे में जब संपर्क हुआ तो उसने एक दोस्त शाहिद को खरीदार बताते हुए उससे मिलवाया। फिर 8 फरवरी को अनीश बेंगलुरु पहुंचे और जहां वह अन्य लोगों से मिले। अनीश को बताया गया कि वह डेढ़ लाख रुपये शाहिद के भाई के घर से रिसीव कर लें। जब वह उस जगह पर पहुंचे तो घर अंदर से बंद कर लिया और फिर उन पर हमला किया गया।