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  • जबलपुर में चोरी के शक में 3 युवक पकड़े गए, भीड़ ने की जमकर पिटाई; पुलिस ने बचाया

    जबलपुर में चोरी के शक में 3 युवक पकड़े गए, भीड़ ने की जमकर पिटाई; पुलिस ने बचाया


    मध्य प्रदेश । जबलपुर के बरेला थाना क्षेत्र स्थित सिग्मा कान्हा सिटी कॉलोनी में मंगलवार तड़के चोरी के शक में तीन युवकों को स्थानीय लोगों ने पकड़ लिया और उनकी जमकर पिटाई कर दी। घटना के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ से तीनों युवकों को छुड़ाकर हिरासत में लिया। घायल अवस्था में उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है।

    सूने मकान में घुसने का आरोप, कॉलोनी में मचा हड़कंप
    जानकारी के अनुसार, कॉलोनी में पिछले कुछ समय से चोरी की घटनाएं बढ़ी थीं, जिसके चलते स्थानीय लोग पहले से सतर्क थे। सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात करीब 3 बजे तीन संदिग्ध युवक कॉलोनी में घूमते नजर आए और एक सूने मकान में घुसने का आरोप है।
    इस पर रहवासियों ने तुरंत एक-दूसरे को सूचना दी और मकान के आसपास घेराबंदी कर ली। जैसे ही तीनों युवक बाहर निकले, उन्हें पकड़ लिया गया।

    भीड़ ने की मारपीट, वीडियो भी आया सामने
    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पकड़े गए युवकों ने खुद को छोड़ने की गुहार लगाई, लेकिन गुस्साई भीड़ ने उनकी पिटाई शुरू कर दी। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें लोग युवकों के साथ मारपीट करते नजर आ रहे हैं। आरोप है कि युवकों ने भागने की कोशिश भी की, लेकिन कॉलोनीवासियों ने चारों तरफ से घेरकर उन्हें पकड़ लिया।

    पुलिस ने संभाला मामला, जांच जारी
    सूचना मिलने पर बरेला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करते हुए तीनों युवकों को भीड़ से सुरक्षित निकाला। उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि तीनों युवकों की पहचान और आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। साथ ही भीड़ द्वारा की गई मारपीट के मामले की भी जांच होगी।

  • इंदौर हनी ट्रैप केस में बड़ा खुलासा: बीजेपी नेता हिरासत में, जांच तेज

    इंदौर हनी ट्रैप केस में बड़ा खुलासा: बीजेपी नेता हिरासत में, जांच तेज


    नई दिल्ली। इंदौर का चर्चित हनी ट्रैप और ब्लैकमेलिंग मामला लगातार नए खुलासों के साथ और गहराता जा रहा है। इस हाई-प्रोफाइल केस में अब पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए एक महिला आरोपी को हिरासत में लिया है, जिसकी पहचान रेशू उर्फ अभिलाषा चौधरी के रूप में सामने आई है। बताया जा रहा है कि यह आरोपी इस पूरे नेटवर्क की अहम कड़ी मानी जा रही है और वह बीजेपी के एक प्रकोष्ठ में पदाधिकारी रह चुकी है, जिससे मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है।

    इससे पहले पुलिस ने इस केस में मास्टरमाइंड श्वेता विजय जैन, महिला शराब तस्कर अलका दीक्षित, उसके बेटे जयदीप, प्रॉपर्टी कारोबारी लाखन चौधरी और हेड कॉन्स्टेबल विनोद शर्मा समेत कई लोगों को हिरासत में लिया था। अब जांच का फोकस इस पूरे नेटवर्क के डिजिटल सबूतों पर है, जहां पुलिस मोबाइल फोन से वीडियो, ऑडियो और अन्य फाइलें रिकवर करने में जुटी हुई है।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, रेशू, अलका और श्वेता मिलकर एक संगठित ब्लैकमेलिंग नेटवर्क चला रही थीं, जिसका मकसद प्रभावशाली लोगों को निशाना बनाकर उनसे मोटी रकम वसूलना था। जांच में यह भी सामने आया है कि इस नेटवर्क ने निमाड़ क्षेत्र के एक प्रभावशाली नेता को भी टारगेट किया था और उनके खिलाफ भी कथित रूप से ब्लैकमेलिंग की कोशिश की गई थी।

    इस पूरे मामले की शुरुआत जेल से जुड़ी दोस्ती से होने की बात सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, श्वेता विजय जैन और अलका दीक्षित की मुलाकात जेल में हुई थी, जहां से इस कथित हनी ट्रैप नेटवर्क की नींव रखी गई। बाद में कोर्ट पेशी के दौरान भी संपर्क बढ़ता गया और रेशू को इस नेटवर्क में शामिल किया गया।

    जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी पक्ष ने कई नेताओं, प्रॉपर्टी कारोबारियों, फाइनेंसरों और अधिकारियों को फंसाने की रणनीति बनाई थी। कथित तौर पर इन लोगों के निजी वीडियो और ऑडियो रिकॉर्ड कर उन्हें ब्लैकमेल किया जाता था। पुलिस अब इसी डिजिटल सामग्री को रिकवर करने में जुटी है, जिससे पूरे नेटवर्क की परतें खुलने की उम्मीद है।

    इसी बीच मास्टरमाइंड श्वेता विजय जैन ने पुलिस पूछताछ में सरकारी गवाह बनने की इच्छा जताई है। बताया जा रहा है कि उसने यह भी स्वीकार किया है कि नेटवर्क के भीतर कई स्तर पर योजनाएं बनाई जाती थीं और कुछ मामलों में बड़े प्रभावशाली लोगों को निशाना बनाने की तैयारी थी।

    पुलिस क्राइम ब्रांच डीसीपी राजेश त्रिपाठी के अनुसार, यह मामला केवल ब्लैकमेलिंग तक सीमित नहीं है बल्कि एक संगठित अपराध नेटवर्क की तरह काम कर रहा था, जिसमें कई लोग अलग-अलग भूमिकाओं में शामिल थे। फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है और डिजिटल साक्ष्यों को मजबूत करने में जुटी है।

    इस पूरे मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी हलचल मचा दी है, क्योंकि इसमें जुड़े कुछ नाम और संबंध इसे और अधिक संवेदनशील बना रहे हैं। फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़कर सच्चाई सामने लाना और सभी डिजिटल सबूतों को सुरक्षित करना है।

  • तीन साल के प्रेम प्रसंग के बाद विवाद: भाई ने लगाया जबरन कीटनाशक पिलाने का गंभीर आरोप

    तीन साल के प्रेम प्रसंग के बाद विवाद: भाई ने लगाया जबरन कीटनाशक पिलाने का गंभीर आरोप


    नई दिल्ली ।  मध्य प्रदेश के सागर जिले के जरुआखेड़ा पुलिस चौकी क्षेत्र से एक गंभीर और दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां 20 वर्षीय युवती के साथ मारपीट और उसे कथित रूप से जबरन कीटनाशक पिलाने का आरोप लगाया गया है। गंभीर हालत में युवती को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है।
    पीड़िता के परिजनों के अनुसार, युवती का पिछले तीन वर्षों से नीलेश कुशवाहा नामक युवक के साथ प्रेम संबंध था। आरोप है कि युवक ने पहले शादी का वादा किया था, लेकिन बाद में उसने किसी अन्य लड़की से विवाह कर लिया। इसी बात को लेकर जब युवती ने बातचीत करने की कोशिश की, तो उसे युवक द्वारा अपने घर बुलाया गया।
    आरोप है कि घर पहुंचने पर युवक और उसके परिजनों ने युवती के साथ मारपीट की। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब युवती के भाई ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर आरोपियों ने उसे जबरन कीटनाशक पिला दिया, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई।
    परिजनों का कहना है कि हालत बिगड़ने के बाद आरोपियों ने ही युवती को अस्पताल में भर्ती कराया और वहां से फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है और लोगों में आक्रोश का माहौल है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और अस्पताल में पीड़िता के बयान दर्ज किए। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की बात कही है।
    फिलहाल युवती की हालत गंभीर बनी हुई है और डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। यह मामला प्रेम संबंध से शुरू होकर हिंसक विवाद में बदलने का गंभीर उदाहरण माना जा रहा है, जिस पर पुलिस की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

  • मंदसौर मर्डर मिस्ट्री पत्नी और प्रेमी ने रची खौफनाक साजिश हत्या के बाद खुद ही पहुंच गए थाने

    मंदसौर मर्डर मिस्ट्री पत्नी और प्रेमी ने रची खौफनाक साजिश हत्या के बाद खुद ही पहुंच गए थाने


    मंदसौर । मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले से एक बेहद सनसनीखेज और दिल दहला देने वाला हत्याकांड सामने आया है जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने ही पति की हत्या कर दी और फिर चालाकी से उसे गुमशुदा दिखाने की कोशिश की।

    जानकारी के अनुसार आरोपी पंकज चौधरी और मृतक की पत्नी धापुबाई के बीच पिछले करीब पांच वर्षों से प्रेम प्रसंग चल रहा था। इस संबंध की जानकारी जब पति धनराज नाथ को लगी तो उसने इसका विरोध किया और पत्नी को कई बार समझाने की कोशिश की। लेकिन यह बात दोनों को नागवार गुजरी और उन्होंने रास्ते से हटाने के लिए धनराज की हत्या की साजिश रच डाली।

    योजना के तहत 10 अप्रैल की शाम पंकज चौधरी मोटरसाइकिल से धनराज के घर पहुंचा और उसे भरोसे में लेकर अपने साथ खेत पर ले गया। वहां पहुंचकर उसने पहले उसका गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद सबूत मिटाने के लिए उसने शव के टुकड़े किए और पेट्रोल पंप से डीजल लाकर उसे जला दिया।

    इतना ही नहीं आरोपी ने शव को बोरे में भरकर जेसीबी की मदद से गड्ढा खोदकर खेत में दफना दिया ताकि किसी को भनक न लगे। हत्या के बाद भी दोनों आरोपियों ने अपनी चालाकी जारी रखी और भानपुरा थाने पहुंचकर खुद ही धनराज की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी ताकि शक से बचा जा सके।

    हालांकि तीन दिन तक जब धनराज का कोई पता नहीं चला तो परिजनों को शक हुआ और उन्होंने पुलिस पर दबाव बनाया। पुलिस ने जब जांच तेज की और मोबाइल लोकेशन व कॉल डिटेल खंगाले तो मामला संदिग्ध लगा। सख्त पूछताछ में पंकज चौधरी ने आखिरकार हत्या की पूरी साजिश कबूल कर ली। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस खेत तक पहुंची और वहां से शव के अवशेष बरामद किए गए। मौके पर एफएसएल टीम ने भी जांच की और साक्ष्य एकत्रित किए गए।

    घटना का खुलासा होते ही मृतक के परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने गरोठ भानपुरा मार्ग पर चक्काजाम कर प्रदर्शन किया और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। परिजन आरोपी के मकान पर बुलडोजर चलाने और मामले की गहन जांच की मांग पर अड़े रहे। करीब 8 घंटे तक चला यह प्रदर्शन प्रशासन के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ।

    पुलिस ने इस मामले में पंकज चौधरी और धापुबाई के खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और दोनों से लगातार पूछताछ की जा रही है। यह घटना न केवल एक जघन्य अपराध है बल्कि यह भी दिखाती है कि निजी रिश्तों में उपजे विवाद किस हद तक खतरनाक रूप ले सकते हैं।

  • गोलीकांड निकला फर्जी उज्जैन पुलिस का बड़ा खुलासा आगजनी मामले में सख्त कार्रवाई

    गोलीकांड निकला फर्जी उज्जैन पुलिस का बड़ा खुलासा आगजनी मामले में सख्त कार्रवाई


    उज्जैन । मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले में सामने आए गोलीकांड और आगजनी के मामलों में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए चौंकाने वाली सच्चाई उजागर की है। जांच में सामने आया है कि गोली लगने की घटना दरअसल एक सोची समझी साजिश थी जबकि आगजनी के मामले में 13 आरोपियों को नामजद कर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

    पुलिस के अनुसार चिमनगंज थाना क्षेत्र में अतीक माहुरकर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसे आला बाथम ने गोली मारी है। इस आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की लेकिन जांच के दौरान कई तरह के विरोधाभास सामने आए। घटनास्थल पर खून के निशान बेहद कम पाए गए जबकि दूसरे स्थान पर अधिक रक्त मिला जिससे पुलिस को संदेह हुआ।

    जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो पूरा मामला पलट गया। अतीक माहुरकर ने स्वीकार किया कि उसने अवैध देशी कट्टे से खुद को गोली मारकर दूसरे व्यक्ति को फंसाने की साजिश रची थी। उसने बताया कि कट्टा लोड करते समय अचानक फायर हो गया और गोली उसके पैर में लग गई। इसके बाद उसने फर्जी घटनास्थल तैयार कर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की।

    इस साजिश में उसके कुछ साथियों की भूमिका भी सामने आई है जिन्होंने खून फैलाकर और सबूतों से छेड़छाड़ कर झूठा घटनाक्रम तैयार करने में मदद की। पुलिस अब इन सभी आरोपियों की भूमिका की गहराई से जांच कर रही है।

    वहीं दूसरी ओर ढांचा भवन क्षेत्र में रौनक गुर्जर के मकान पर हुई आगजनी की घटना में पुलिस ने 13 नामजद आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। सीसीटीवी फुटेज में आरोपी पेट्रोल और हथियारों के साथ आते हुए दिखाई दिए जिन्होंने पहले इलाके की रैकी की और फिर सुनियोजित तरीके से आगजनी की वारदात को अंजाम दिया।

    पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है जबकि अन्य की तलाश जारी है। पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा के अनुसार गोलीकांड की घटना एफएसएल और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर खुद द्वारा की गई पाई गई है। वहीं आगजनी मामले में भी साक्ष्यों के आधार पर तेजी से कार्रवाई की जा रही है।

    बताया जा रहा है कि इन मामलों में शामिल कई आरोपी पहले से आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहे हैं और कुछ पर जिलाबदर की कार्रवाई भी हो चुकी है। पुलिस अब सभी आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है और जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है। इन घटनाओं के खुलासे के बाद यह साफ हो गया है कि अपराधियों ने कानून को गुमराह करने के लिए किस हद तक साजिश रची लेकिन पुलिस की सतर्कता और जांच के चलते सच्चाई सामने आ गई।