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  • डबरा में घरेलू विवाद ने लिया भयावह रूप, पति और ससुर पर खौलता पानी फेंका, दोनों गंभीर रूप से झुलसे, जांच में जुटी पुलिस

    डबरा में घरेलू विवाद ने लिया भयावह रूप, पति और ससुर पर खौलता पानी फेंका, दोनों गंभीर रूप से झुलसे, जांच में जुटी पुलिस

     मध्य प्रदेश: के ग्वालियर जिले के डबरा क्षेत्र में घरेलू विवाद ने एक गंभीर और हिंसक घटना का रूप ले लिया। पिछोर तिराहा इलाके में पारिवारिक कलह के दौरान हुए झगड़े में एक महिला पर अपने पति और ससुर पर खौलता हुआ पानी फेंकने का आरोप लगा है। इस घटना में दोनों गंभीर रूप से झुलस गए और उन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    जानकारी के अनुसार पीड़ित पति लंबे समय से नशे की आदत और पारिवारिक विवादों को लेकर तनावपूर्ण स्थिति में था। परिवार में आए दिन होने वाले झगड़ों के चलते स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही थी। घटना वाले दिन भी दोनों पक्षों के बीच बातचीत के लिए मायके पक्ष को बुलाया गया था, लेकिन समझौता होने के बजाय विवाद और बढ़ गया।

    बताया जा रहा है कि इसी दौरान रसोई में रखा उबलता पानी विवाद का केंद्र बन गया और गुस्से में महिला ने उसे पति और ससुर पर फेंक दिया। इस हमले में दोनों को गंभीर जलन की चोटें आईं, जिनमें पति की स्थिति अधिक गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद पूरे घर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और स्थानीय लोगों ने तुरंत घायलों को अस्पताल पहुंचाया।

    स्थानीय निवासियों के अनुसार घटना अचानक हुई और किसी को भी इस तरह की हिंसा की उम्मीद नहीं थी। झुलसे हुए दोनों व्यक्तियों का अस्पताल में इलाज जारी है और डॉक्टर उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। चिकित्सकों का कहना है कि जलने की चोटें गंभीर हैं और उपचार में समय लग सकता है।

    घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि हमले के बाद घर से कुछ कीमती सामान और नकदी भी गायब हो गई। इस पूरे मामले ने स्थानीय क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और लोग पारिवारिक विवाद के इस खतरनाक रूप को लेकर चिंतित हैं।

    पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर इसे घरेलू विवाद से जुड़ी गंभीर हिंसा का मामला माना जा रहा है, लेकिन पुलिस अन्य संभावित पहलुओं की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • सुरक्षा बल के अधिकारी भी नहीं सुरक्षित, साइबर अपराधियों ने BSF इंस्पेक्टर को बनाया शिकार

    सुरक्षा बल के अधिकारी भी नहीं सुरक्षित, साइबर अपराधियों ने BSF इंस्पेक्टर को बनाया शिकार


    ग्वालियर । ग्वालियर में साइबर अपराध का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां सीमा सुरक्षा बल के एक अधिकारी को ही साइबर ठगों ने अपना शिकार बना लिया। टेकनपुर स्थित बीएसएफ प्रशिक्षण केंद्र में पदस्थ एक इंस्पेक्टर का मोबाइल फोन हैक कर शातिर बदमाशों ने उनके बैंक खातों और क्रेडिट कार्ड से 3 लाख 10 हजार रुपये की धोखाधड़ी कर ली। घटना के बाद पुलिस और साइबर सेल की टीम जांच में जुट गई है।

    जानकारी के अनुसार बिहार के समस्तीपुर निवासी 34 वर्षीय अविनाश कुमार वर्तमान में एसटीसी बीएसएफ टेकनपुर में इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। उनके पास आईसीआईसीआई बैंक, एसबीआई और यस बैंक के क्रेडिट कार्ड तथा बैंकिंग सुविधाएं थीं। 17 जून की रात अज्ञात साइबर अपराधियों ने किसी तकनीकी माध्यम से उनके मोबाइल फोन का ऑनलाइन एक्सेस हासिल कर लिया।

    मोबाइल पर नियंत्रण मिलते ही ठगों ने बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं तक पहुंच बनाई। इसके बाद उन्होंने एक के बाद एक कई ऑनलाइन ट्रांजैक्शन कर डाले। अलग-अलग किस्तों में किए गए इन लेनदेन के जरिए कुल 3 लाख 10 हजार रुपये खाते और क्रेडिट कार्ड से निकाल लिए गए। पूरी वारदात बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई, जिससे शुरुआती दौर में पीड़ित को इसकी भनक तक नहीं लगी।

    घटना का खुलासा तब हुआ जब इंस्पेक्टर अविनाश कुमार के मोबाइल पर लगातार ट्रांजैक्शन संबंधी संदेश आने लगे। बैंक खातों से रकम निकलने की जानकारी मिलते ही उनके होश उड़ गए। उन्होंने तत्काल संबंधित बैंक अधिकारियों से संपर्क किया और बाद में बिलौआ थाना पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई।

    शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ धोखाधड़ी और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार साइबर सेल की टीम ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड, बैंकिंग डेटा और तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। साथ ही लेनदेन में उपयोग किए गए आईपी एड्रेस और डिजिटल ट्रेल को भी खंगाला जा रहा है ताकि आरोपियों तक पहुंचा जा सके।

    विशेषज्ञों का कहना है कि साइबर अपराधी अब रिमोट एक्सेस ऐप, फर्जी लिंक, स्क्रीन शेयरिंग और मालवेयर जैसे तरीकों का इस्तेमाल कर लोगों के मोबाइल और बैंक खातों तक पहुंच बना रहे हैं। ऐसे में किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध ऐप डाउनलोड करने या ओटीपी और बैंकिंग जानकारी साझा करने से बचना बेहद जरूरी है।

    इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि साइबर अपराधी किसी को भी निशाना बना सकते हैं। आम नागरिकों के साथ-साथ सुरक्षा बलों के अधिकारी भी इनके जाल में फंस रहे हैं। ऐसे में डिजिटल सतर्कता ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।

  • सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल, इंदौर में अलग-अलग दुर्घटनाओं में दो लोगों की जान गई; पुलिस CCTV फुटेज के सहारे जांच में जुटी

    सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल, इंदौर में अलग-अलग दुर्घटनाओं में दो लोगों की जान गई; पुलिस CCTV फुटेज के सहारे जांच में जुटी


    मध्य प्रदेश:  की आर्थिक राजधानी इंदौर में मंगलवार को हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों ने एक बार फिर यातायात सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के अलग-अलग इलाकों में हुए इन हादसों में एक महिला और एक युवक की मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। दोनों मामलों में वाहन चालक घटनास्थल से फरार हो गए, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर उनकी तलाश तेज कर दी है।

    पहला हादसा शहर के व्यस्त लवकुश चौराहे के समीप हुआ, जहां सड़क पार कर रही एक महिला को तेज रफ्तार आयशर वाहन ने टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि महिला वाहन के नीचे आ गई और उसके ऊपर से पहिए गुजर गए। दुर्घटना के कारण महिला की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

    पुलिस जांच में मृतक महिला की पहचान खरगोन निवासी रीना के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वह सड़क पार कर रही थीं, तभी तेज गति से आ रहे वाहन ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेजा गया, जबकि दुर्घटना में शामिल वाहन को जब्त कर लिया गया है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वाहन के दस्तावेजों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर चालक की पहचान की जा रही है। जल्द ही उसे गिरफ्तार करने की कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने भी सड़क पर बढ़ती लापरवाही और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण की आवश्यकता जताई है।

    इसी दिन शहर के आजाद नगर क्षेत्र में तीन इमली के पास दूसरा गंभीर हादसा सामने आया। यहां स्कूटी से घर लौट रहे दो युवकों को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों युवक सड़क पर गिर गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी।

    दुर्घटना में जीत नामक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका साथी संजू गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। पुलिस के अनुसार दोनों युवक पालदा क्षेत्र स्थित एक फैक्ट्री में कार्यरत थे और ड्यूटी समाप्त होने के बाद स्कूटी से अपने घर लौट रहे थे।

    जांच के दौरान पता चला कि दुर्घटना को अंजाम देने वाला वाहन घटनास्थल से भाग निकला। पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जुटाना शुरू कर दिया है। फुटेज के आधार पर वाहन और चालक की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि तकनीकी साक्ष्यों की मदद से जल्द ही आरोपी तक पहुंचा जा सकेगा।

    लगातार सामने आ रहे सड़क हादसे शहर में यातायात नियमों के पालन और सड़क सुरक्षा उपायों की प्रभावशीलता को लेकर चिंता बढ़ा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि तेज रफ्तार, लापरवाही से वाहन चलाना और नियमों की अनदेखी ऐसे हादसों की प्रमुख वजह बन रही है। फिलहाल दोनों मामलों में पुलिस की जांच जारी है और फरार चालकों की तलाश के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्रवाई की जा रही है।

  • भोपाल पीएम आवास मल्टी में नकाबपोश बदमाशों का आतंक लाखों की चोरी से दहशत

    भोपाल पीएम आवास मल्टी में नकाबपोश बदमाशों का आतंक लाखों की चोरी से दहशत


    भोपाल । भोपाल के छोला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अयोध्या बायपास भानपुर स्थित पीएम आवास मल्टी में बीती रात हुई वारदात ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। लगभग आधा दर्जन हथियारबंद और नकाबपोश बदमाशों ने सुनियोजित तरीके से परिसर को निशाना बनाते हुए जमकर उत्पात मचाया और सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी। बदमाशों ने एक सूने मकान को पूरी तरह से खंगालते हुए वहां से लाखों रुपये के कीमती जेवरात और नगदी पर हाथ साफ कर दिया। इसके साथ ही उन्होंने परिसर के लगभग दस अन्य घरों के ताले तोड़ने का प्रयास किया और कई घरों को निशाना बनाया लेकिन वहां चोरी करने में सफल नहीं हो सके।

    घटना का समय रात करीब दो बजे से सुबह पांच बजे के बीच बताया जा रहा है। इस दौरान चोर बेखौफ होकर पूरे परिसर में घूमते रहे और एक के बाद एक घरों के ताले तोड़ते गए। जिस घर में चोरी की बड़ी वारदात को अंजाम दिया गया वहां परिवार के लोग मौजूद नहीं थे। इसका फायदा उठाते हुए बदमाशों ने घर के भीतर रखी नकदी और सोने चांदी के गहनों को खंगाल लिया और बड़ी आसानी से वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए।

    स्थानीय निवासियों के अनुसार पिछले तीन महीनों में इसी मल्टी में यह चौथी बड़ी चोरी की घटना है जिससे लोगों में भारी आक्रोश और भय का माहौल बन गया है। लगातार हो रही वारदातों के बावजूद सुरक्षा के कोई ठोस इंतजाम नहीं किए जाने से रहवासी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि परिसर में गश्त और निगरानी की व्यवस्था बेहद कमजोर है जिसका फायदा असामाजिक तत्व लगातार उठा रहे हैं।

    सुबह जब लोग नींद से जागे तो कई घरों के टूटे हुए ताले और बिखरा सामान देखकर हड़कंप मच गया। तुरंत ही पुलिस को सूचना दी गई और छोला थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू किया ताकि नकाबपोश बदमाशों की पहचान की जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है और जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी।

    घटना के समय मल्टी के कई रहवासी शहर से बाहर गए हुए थे जिससे अभी तक सभी घरों में हुए नुकसान का पूरा आकलन नहीं हो पाया है। कुछ पीड़ित परिवार अभी थाने पहुंचकर औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया में हैं। लगातार बढ़ती चोरी की घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और स्थानीय लोग प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

  • पंजाब में कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल: ड्यूटी पर जा रहे ASI जोगा सिंह की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या, हमलावर फरार

    पंजाब में कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल: ड्यूटी पर जा रहे ASI जोगा सिंह की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या, हमलावर फरार


    नई दिल्ली । पंजाब के मजीठा इलाके में रविवार सुबह हुई एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया। ड्यूटी पर जा रहे पंजाब पुलिस के असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर जोगा सिंह की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। इस घटना के बाद इलाके में भय और तनाव का माहौल बन गया है।
    शुरुआती जानकारी के अनुसार, जोगा सिंह सुबह करीब छह बजे अपने स्कूटर पर अमृतसर की ओर ड्यूटी के लिए रवाना हुए थे। बताया जा रहा है कि जैसे ही वह मजीठा के पास पहुंचे, तभी मोटरसाइकिल पर सवार दो बदमाशों ने उनका रास्ता रोक लिया और बेहद करीब से फायरिंग कर दी। अचानक हुए इस हमले में उन्हें दो गोलियां लगीं, जिनमें एक छाती और दूसरी कमर के पास लगी। गंभीर रूप से घायल होने के कारण उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना को अंजाम देने के बाद हमलावर तेजी से मौके से फरार हो गए।

    इस वारदात की खबर मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी गई। फॉरेंसिक टीम ने मौके से अहम साक्ष्य जुटाए हैं और खाली कारतूस भी बरामद किए गए हैं। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा।

    मृतक ASI जोगा सिंह लंबे समय से पुलिस विभाग में सेवाएं दे रहे थे और अपने शांत स्वभाव तथा ईमानदार कार्यशैली के लिए जाने जाते थे। उनके अचानक हुए निधन से परिवार के साथ-साथ पुलिस महकमे में भी शोक की लहर दौड़ गई है। गांव और आसपास के क्षेत्रों में लोगों ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह खुलेआम पुलिस अधिकारी की हत्या होना कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती है।

    घटना के बाद पुलिस ने इलाके में बड़े स्तर पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। कई संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है और सीमावर्ती इलाकों में भी निगरानी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि हमलावरों को जल्द पकड़ लिया जाएगा और इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल हत्या के पीछे की असली वजह साफ नहीं हो पाई है, लेकिन पुलिस निजी रंजिश, आपराधिक गतिविधियों और अन्य संभावित कारणों को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

    इस घटना ने एक बार फिर राज्य में सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस कर्मियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आम लोगों के बीच भी डर का माहौल देखने को मिल रहा है। लगातार बढ़ती आपराधिक घटनाओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। पुलिस अब इस मामले को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाने में जुटी हुई है ताकि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कानून के कठघरे में खड़ा किया जा सके।

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  • महोबा में युवती ने सल्फास खाकर दी जान देने की कोशिश, हालत गंभीर, हायर सेंटर रेफर

    महोबा में युवती ने सल्फास खाकर दी जान देने की कोशिश, हालत गंभीर, हायर सेंटर रेफर


    नई दिल्ली। महोबा कोतवाली क्षेत्र के पचपहरा गांव में एक 23 वर्षीय युवती द्वारा सल्फास का सेवन कर आत्महत्या का प्रयास करने का मामला सामने आया है। गंभीर हालत में परिजन उसे तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया।

    जानकारी के अनुसार, वीरसिंह की पुत्री पिंकी यादव ने यह कदम उठाया, हालांकि उसने ऐसा क्यों किया, इस बारे में अभी स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। परिजनों ने भी घटना के पीछे की वजह बताने से इनकार कर दिया है, जिससे मामला और संदिग्ध हो गया है।

    अस्पताल प्रशासन के मुताबिक युवती की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है और उसे विशेषज्ञ उपचार की जरूरत है। घटना की सूचना पुलिस को दे दी गई है।

    कोतवाली प्रभारी मनीष पांडेय ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। फिलहाल कोई ठोस कारण सामने नहीं आया है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

  • सतना में सुरक्षा में बड़ी चूक वन स्टॉप सेंटर से तीन लड़कियां फरार पहले भी घर से भाग चुकी थीं

    सतना में सुरक्षा में बड़ी चूक वन स्टॉप सेंटर से तीन लड़कियां फरार पहले भी घर से भाग चुकी थीं


    सतना । मध्यप्रदेश के सतना शहर से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है जहां जवाहर नगर स्थित सखी वन स्टॉप सेंटर से तीन नाबालिग लड़कियां देर रात खिड़की तोड़कर फरार हो गईं। यह मामला सामने आते ही प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

    जानकारी के अनुसार तीनों बालिकाओं को बाल कल्याण समिति के आदेश पर वन स्टॉप सेंटर में अस्थायी आश्रय दिया गया था। इनमें से एक लड़की उत्तर प्रदेश के बिजनौर की रहने वाली बताई जा रही है जबकि अन्य दो सतना जिले के पौराणिक टोला और रामपुर बघेलान क्षेत्र से हैं। ये सभी पहले भी अपने घरों से भाग चुकी थीं जिसके बाद उन्हें सुरक्षा और देखरेख के लिए सेंटर में रखा गया था।

    बताया जा रहा है कि जिस डोरमेट्री में तीनों रह रही थीं वहां की खिड़की को उन्होंने रात के समय तोड़ दिया और एक-एक कर बाहर निकल गईं। इसके बाद वे सेंटर परिसर से बाहर निकलने में सफल हो गईं। हैरानी की बात यह है कि सेंटर में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं और मुख्य द्वार पर चौकीदार की तैनाती भी रहती है इसके बावजूद लड़कियों का इस तरह भाग जाना सुरक्षा में बड़ी चूक की ओर इशारा करता है।

    प्राथमिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि सेंटर के पीछे स्थित मैदान की ओर से तीनों ने भागने का रास्ता चुना। पीछे की दिशा में सीएम राइज स्कूल मैदान होने के कारण वहां निगरानी अपेक्षाकृत कम थी और इसी का फायदा उठाकर वे फरार हो गईं।

    घटना की जानकारी मिलते ही सेंटर की अधीक्षिका नीता श्रीवास्तव ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। इसके बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने अलग-अलग टीमें गठित की हैं जो संभावित स्थानों पर लड़कियों की तलाश कर रही हैं। रेलवे स्टेशन बस स्टैंड और शहर के अन्य प्रमुख स्थानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

    इसके साथ ही स्मार्ट सिटी और रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं ताकि लड़कियों की मूवमेंट का पता लगाया जा सके। पुलिस उनके परिजनों और परिचितों से भी संपर्क कर रही है जिससे यह अंदाजा लगाया जा सके कि वे किन संभावित ठिकानों पर जा सकती हैं।

    यह घटना केवल एक फरारी का मामला नहीं है बल्कि यह बालिकाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिन्ह भी खड़ा करती है। जिस जगह को सुरक्षित आश्रय माना जाता है वहीं से इस तरह नाबालिगों का भाग जाना चिंता का विषय है। अब देखना होगा कि पुलिस कितनी जल्दी इन लड़कियों को सुरक्षित ढूंढ पाती है और साथ ही प्रशासन इस घटना से सबक लेकर सुरक्षा व्यवस्था को कितना मजबूत करता है।

  • जमीन को लेकर खूनी संघर्ष: हरदा में वृद्ध की हत्या, परिजनों में हिंसक झड़प और छह घायल

    जमीन को लेकर खूनी संघर्ष: हरदा में वृद्ध की हत्या, परिजनों में हिंसक झड़प और छह घायल


    हरदा । हरदा जिले के सिराली थाना क्षेत्र के दीपगांव कला में बुधवार सुबह एक पुराना जमीनी विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। जानकारी के अनुसार यह झगड़ा मामा-बुआ के परिवारों के बीच लंबे समय से चला आ रहा था, जो अचानक उग्र रूप ले लिया।

    इस घटना में 65 वर्षीय अमरसिंह कलम की मौके पर ही मौत हो गई। संघर्ष के दौरान दोनों पक्षों ने लाठी-डंडों और पत्थरों का इस्तेमाल किया। इस झड़प में मृतक के भाई सूरत सिंह सहित रामभरोस, आनंद सिंह, हरिसिंह, सतीश राजपूत और दूसरे पक्ष के नारायण राजपूत भी घायल हो गए।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को काबू में किया। घायल लोगों को सिराली के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से तीन गंभीर रूप से घायल लोगों को जिला अस्पताल हरदा रेफर किया गया।

    पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह साफ हो गया है कि जमीनी विवाद इस खूनी झड़प का मुख्य कारण था। स्थानीय लोग और परिवार वाले अब भी इस घटना को लेकर तनाव में हैं और प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है।

  • इंदौर चोरी कांड का खुलासा 60 लाख की चोरी का मास्टरमाइंड दंपती का भतीजा निकला

    इंदौर चोरी कांड का खुलासा 60 लाख की चोरी का मास्टरमाइंड दंपती का भतीजा निकला


    इंदौर
    के बाणगंगा थाना क्षेत्र में हुई 60 लाख रुपये की नकदी और गहनों की चोरी का मास्टरमाइंड दंपती का ही भतीजा निकला है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल्स के आधार पर आरोपी तक पहुंच बनाई, लेकिन चोरी का पूरा माल अभी बरामद नहीं हुआ है।

    दंपती के भतीजे रोहित उर्फ गोलू को हिरासत में लिया गया है। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि उसने दोस्त लक्की बोरासी और सुधांशु प्रजापत के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। इनके अलावा एक और साथी भी शामिल था। चोरी के बाद यह साथी जेवर और नकदी लेकर फरार हो गया, इसलिए गोलू के पास से कोई रकम बरामद नहीं हुई।

    पुलिस ने राजस्थान में भी जांच की, क्योंकि गोलू ने आरोपियों के वहां जाने की बात बताई थी, लेकिन वहां भी आरोपी नहीं मिले।

    चोरी 7 फरवरी को डागर मोहल्ले के बाणेश्वरी कुंड के पास स्थित मकान में हुई थी। मकान मालिक विनोद यादव और उनकी पत्नी मनीषा वैष्णो देवी उस समय घर पर नहीं थे। जब वे लौटे तो चोरी का पता चला। घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज में दो चोर घर में दाखिल दिखे जबकि गोलू बाहर खड़ा था। पुलिस ने फुटेज और हुलिए के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान की।

    जांच में सामने आया कि चोरी से कुछ दिन पहले और बाद में गोलू, लक्की और सुधांशु लगातार मोबाइल पर संपर्क में थे। उन्होंने चोरी से पहले एक-दूसरे को मैसेज कर बाहर बुलाया था। चोरी के बाद सुधांशु, लक्की और उनका साथी बिना गोलू को हिस्सा दिए फरार हो गए। डर के कारण गोलू ने किसी को कुछ नहीं बताया। घटना की रात वह देर तक गली में घूमता नजर आया, जिससे पुलिस का शक उस पर और गहरा गया।

    पुलिस ने बताया कि गोलू ने चाचा के लाखों के प्लॉट बेचने की जानकारी अपने दोस्तों को दी थी और इसी के आधार पर 6-7 फरवरी की रात चोरी की योजना बनाई गई। विनोद यादव ने रामनगर क्षेत्र में एक प्लॉट बेचा था और उस सौदे से मिले 35 लाख रुपये घर में रखे थे।

    पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मौके पर जांच जारी है और कुछ संदिग्धों की पहचान हो गई है। आरोपी और चोरी का माल ढूंढने के लिए कार्रवाई जारी है।

  • खंडवा में भाजपा नेता की मौत से सियासी हलचल मृत्यु पूर्व वीडियो में कांग्रेस नेता पर कर्ज वसूली और प्रताड़ना के आरोप पुलिस जांच में जुटी

    खंडवा में भाजपा नेता की मौत से सियासी हलचल मृत्यु पूर्व वीडियो में कांग्रेस नेता पर कर्ज वसूली और प्रताड़ना के आरोप पुलिस जांच में जुटी


    इंदौर। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में भाजपा नेता और पूर्व पार्षद जितेंद्र चौधरी उर्फ जीतू की मंगलवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। उनकी मृत्यु के बाद क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। मृत्यु से पहले रिकॉर्ड किए गए एक वीडियो में उन्होंने कांग्रेस नेता गणेश सकरगाये पर कर्ज वसूली और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए थे। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो बयान लेनदेन से जुड़े दस्तावेज और संबंधित लोगों के बयान के आधार पर निष्पक्ष जांच की जाएगी।

    मृत्यु से पहले बनाए गए वीडियो को जांच का अहम आधार माना जा रहा है। वीडियो में चौधरी ने कहा कि वे लंबे समय से भारी आर्थिक दबाव में थे और लगातार मानसिक उत्पीड़न झेल रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि लगभग पचास लाख रुपये के लेनदेन को लेकर वे पिछले पांच वर्षों से ब्याज चुका रहे थे इसके बावजूद उन पर दबाव बनाया जा रहा था। उनके अनुसार यह मानसिक तनाव इतना बढ़ गया था कि वे पूरी तरह टूट चुके थे।

    चौधरी ने वीडियो में यह भी कहा कि कर्ज और सामाजिक दबाव के कारण उनकी बेटी का रिश्ता टूट गया। उन्होंने बताया कि उन पर कुल मिलाकर लगभग एक करोड़ रुपये का कर्ज था लेकिन अन्य लेनदारों ने इस तरह का दबाव नहीं बनाया। उनका आरोप था कि भुगतान को लेकर लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था और इससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा पर भी असर पड़ा।

    जानकारी के अनुसार आनंद नगर स्थित लव कुश नगर सेक्टर तीन निवासी चौधरी मंगलवार सुबह करीब दस बजे घर से निकले और कांग्रेस नेता गणेश सकरगाये के घर पहुंचे। आरोप है कि वहां उन्होंने सल्फास की गोलियां खा लीं। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें पहले आनंद नगर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया जहां प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। करीब चार घंटे तक चले इलाज के बाद उनकी मृत्यु हो गई। बताया जा रहा है कि अस्पताल में भर्ती कराने के बाद सकरगाये वहां से चले गए।

    सूत्रों के अनुसार चौधरी लंबे समय से आर्थिक और पारिवारिक तनाव से जूझ रहे थे। बताया जाता है कि पिछले दो वर्षों से वे अपनी बहन के घर भोजन कर रहे थे और कर्ज के बोझ के चलते पारिवारिक संबंधों में भी दूरी आ गई थी। उनके बेटे ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की है जबकि बेटी उच्च शिक्षित है। हर महीने पांच से दस तारीख के बीच ब्याज चुकाने का दबाव रहता था और दस फरवरी को भुगतान की अंतिम तिथि बताई जा रही थी। मित्रों से आर्थिक मदद की कोशिश की गई लेकिन सहायता नहीं मिल सकी। आरोप है कि भुगतान न करने की स्थिति में मकान बिकवाने की चेतावनी दी जा रही थी।

    घटना की सूचना मिलते ही जिला अस्पताल में राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग पहुंच गए और शोक व्यक्त किया। हालांकि परिवार के कुछ सदस्य मौके पर मौजूद नहीं थे। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।