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  • टीएमसी पर हमले को लेकर सियासत गरम, भाजपा-विपक्ष में तकरार

    टीएमसी पर हमले को लेकर सियासत गरम, भाजपा-विपक्ष में तकरार


    नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की राजनीति में टीएमसी नेताओं पर हुए कथित हमलों को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। इस घटना के बाद सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) और विपक्षी दलों के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है।

    टीएमसी की ओर से दावा किया जा रहा है कि उसके नेताओं पर हमले लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला हैं, जबकि विपक्षी दलों का कहना है कि यह घटनाएं जनता में बढ़ते आक्रोश का परिणाम हैं। इसी बीच विभिन्न दलों के नेताओं ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देकर राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।

    कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य में हालात चिंताजनक हैं और वहां तक कि सांसद भी सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में भय का माहौल बनाया गया है और आम जनता भी असुरक्षित महसूस कर रही है।

    वहीं जेडीयू नेता हरि नारायण सिंह ने पश्चिम बंगाल की राजनीतिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि राज्य में लंबे समय से तनावपूर्ण माहौल रहा है। उन्होंने कहा कि हालिया घटनाएं अचानक नहीं हैं, बल्कि यह जनता की नाराजगी का परिणाम हैं। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि पार्टी के भीतर भी असंतोष और टूट की स्थिति बन रही है।

    दूसरी ओर भाजपा नेताओं ने इन घटनाओं को जनता की प्रतिक्रिया बताते हुए विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है। भाजपा नेता टी.आर. श्रीनिवास ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि जब पहले हिंसा की घटनाएं हुईं, तब वही नेता चुप थे, और अब स्थिति बदलने पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने इसे राजनीतिक अवसरवाद करार दिया।

    इसी मुद्दे पर जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने भी टिप्पणी करते हुए कहा कि राजनीतिक दलों को आत्ममंथन करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि टीएमसी के भीतर असंतोष और इस्तीफों की खबरें यह संकेत देती हैं कि पार्टी आंतरिक चुनौतियों से जूझ रही है।

    पूरा विवाद अब केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसे राज्य में कानून-व्यवस्था और लोकतांत्रिक माहौल से जोड़कर देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और राजनीतिक टकराव बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

  • जम्मू-कश्मीर विधानसभा में हंगामा: पीएम मोदी के खिलाफ नारे, हाथापाई की नौबत

    जम्मू-कश्मीर विधानसभा में हंगामा: पीएम मोदी के खिलाफ नारे, हाथापाई की नौबत

    नई दिल्ली शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर विधानसभा के बजट सत्र का दूसरा चरण भारी हंगामे के साथ शुरू हुआ। सदन का माहौल उस वक्त बेहद तनावपूर्ण हो गया, जब कुछ विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारे शुरू कर दी। देखते ही देखते राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप रुख नोकझोंक में बदल गए और मामला हाथापाई तक पहुंच गया।

    नारे से भड़का विवाद

    सत्र की शुरुआत होते ही कांग्रेस के कुछ दलों ने पीएम मोदी के खिलाफ ‘हाय-हाय’ और ‘मुर्दाबाद’ जैसे नारे लगाए। इस पर भाजपा दलों ने कड़ा विरोध प्रदर्शन किया और अपनी सीटों से उठकर नाराजगी जाहिर की। इसी दौरान कांग्रेस विधायक इरफान हाफिज लोन और भाजपा विधायक युधवीर सेठी के बीच नारे बहस हो गई। विवाद उस समय और बढ़ गया जब जवाबी प्रतिक्रिया में भाजपा विधायक ने राहुल गांधी पर टिप्पणी कर दी, जिससे दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए।

    हाथापाई की स्थिति, मार्शलों ने कार्यभार मोर्चा

    नारेबाजी के बीच माहौल इतना गरमा गया कि विधायक अपनी सीटों से उठकर एक-दूसरे के करीब पहुंच गए। धक्का-मुक्की और हाथापाई जैसी स्थिति बन गई। कुछ सदस्यों ने पार्षदों को हवा में उछाल दिया। स्थिति बिगड़ती देख सदन के मार्शलों और सुरक्षा कर्मियों को तुरंत हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने दोनों पक्षों के पहाड़ों को अलग कर परिस्थितियों को काबू में किया। इस दौरान सदन की कार्रवाई काफी देर तक बाधित रही।

    अंतरराष्ट्रीय मुद्दे पर भी गूंजे नारे

    इस हंगामे से पहले नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के पहाड़ों ने अंतरराष्ट्रीय मुद्दों को लेकर भी सदन में विरोध दर्ज कराया। उन्होंने अली खामेनेई के खिलाफ कथित कार्रवाई और ईरान-इजरायल तनाव को लेकर उठाए। NC, कांग्रेस, CPI(M) और PDP के पहाड़ों ने मिलकर इजरायल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेलंगाना और ईरान के समर्थन में आवाज उठाई।

    स्पीकर की अपील भी जमीनी

    विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर ने कई बार सदन में शांति बनाए रखने की अपील की, लेकिन हंगामा थमने का नाम नहीं ले रहा था। नतीजतन, प्रश्नकाल पूरी तरह बाधित रहा और कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो।

    अलग-अलग मुद्दों पर टकराव

    जहां एक ओर विपक्ष अंतरराष्ट्रीय मुद्दों और केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर विरोध जता रहा था, वहीं भाजपा विधायक जम्मू में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की स्थापना की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। दोनों पक्षों के अलग-अलग मुद्दों ने सदन के माहौल को और ज़्यादा गरमा दिया।

  • गिरिराज सिंह का मानसिक संतुलन. इमरान मसूद को आतंकी कहे जाने पर भड़के इमरान प्रतापगढ़ी

    गिरिराज सिंह का मानसिक संतुलन. इमरान मसूद को आतंकी कहे जाने पर भड़के इमरान प्रतापगढ़ी


    नई दिल्‍ली । गिरिराज सिंह ने इमरान मसूद को आतंकी कह दिया, इस पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद की कड़ी प्रतिक्रिया देखने को मिली है. इसके साथ ही उन्होंने कई मुद्दों पर खुल कर से अपनी राय रखी है. इमरान मसूद द्वारा प्रियंका गांधी को प्रधानमंत्री लायक बताए जाने, बांग्लादेश की घटना के बंगाल चुनाव पर संभावित असर, हिमंता बिस्वा सरमा की आशंका और अरावली जैसे मुद्दों पर क्या कुछ कहा है आइए जानते हैं.

    गिरिराज सिंह का मानसिक संतुलन हिला हुआ है- इमरान प्रतापगढ़ी

    केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह द्वारा कांग्रेस सांसद इमरान मसूद को आतंकी कहे जाने पर इमरान प्रतापगढ़ी बोले- उनका बयान प्रतिक्रिया देने लायक नहीं होता. उनका मानसिक संतुलन हिला हुआ है. समझ नहीं आता कि संविधान की शपथ लेकर कोई इतना गैर-संवैधानिक बयान कैसे दे सकता है. प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा को इस पर संज्ञान लेना चाहिए और बताना चाहिए कि जिसकी मानसिक स्थिति ठीक न हो, उसे केंद्र में मंत्री बनाया जाना चाहिए या नहीं.

    कांग्रेस में कई नेता हैं जो PM बनने की क्षमता रखते हैं- इमरान प्रतापगढ़ी

    इमरान मसूद द्वारा प्रियंका गांधी वाड्रा को पीएम मटेरियल बताए जाने पर इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि पार्टी में बहुत से ऐसे नेता हैं जो प्रधानमंत्री बन सकते हैं. राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे समेत तमाम लोग हैं जिनमें पीएम बनने की क्षमता है. इस विषय पर जो विवाद पैदा किया जा रहा है, वह मीडिया की देन है. इस मुद्दे पर मीडिया ने ही बहस छेड़ी है. मीडिया ने ही प्लांट करके रॉबर्ट वाड्रा से बयान लिया और उसे गलत तरीके से पेश किया. यह अच्छी बात है कि कांग्रेस पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र है, इससे बेहतर आंतरिक लोकतंत्र हो ही नहीं सकता.

    उन्होंने कहा, क्या बीजेपी में कोई कह सकता है कि अमित शाह और जेपी नड्डा पीएम बन सकते हैं. कांग्रेस में कई ऐसे नेता हैं जो पीएम बनने की क्षमता रखते हैं. प्रियंका गांधी वाड्रा में भी प्रधानमंत्री बनने की पूरी क्षमता है. उन्होंने संसद में वंदे मातरम पर जो कुछ कहा, उसकी चर्चा पूरे देश में हुई. प्रधानमंत्री सत्र छोड़कर विदेश चले गए थे. तमाम मुद्दों पर बीजेपी घिरी हुई है और मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह का विवाद खड़ा किया जाता है. मीडिया ऐसे मामलों में बीजेपी की मदद करती रहती है. यह सब मीडिया की गढ़ी हुई कहानी है. हम सभी मुद्दों पर डटे हुए हैं और हमारे मुद्दे पूरी तरह स्पष्ट हैं.

    ब्राह्मण विधायकों पर भी बोले इमरान प्रतापगढ़ी

    यूपी में बीजेपी के ब्राह्मण विधायकों द्वारा एकजुट होकर डिनर पार्टी आयोजित किए जाने पर इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि इस पर बीजेपी को ही प्रतिक्रिया देनी चाहिए कि ब्राह्मण विधायकों को यह क्यों कहना पड़ा कि वे पीछे हो रहे हैं. इस मामले में बीजेपी को आत्ममंथन करने की जरूरत है. कांग्रेस पार्टी सभी को साथ लेकर चलती है, जबकि बीजेपी जातिवादी पार्टी है. बीजेपी के लोग जातिवादी सम्मेलन करते हैं और अब डिनर कर रहे हैं. हम इसमें कोई संभावना नहीं देखते. हम संविधान बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं. राहुल गांधी ने साफ कहा है कि हम जाति और धर्म की राजनीति नहीं करेंगे.

    PM शेख हसीना की मेहमाननवाजी में लगे हैं- इमरान प्रतापगढ़ी

    बांग्लादेश के हालात और पश्चिम बंगाल चुनाव पर उसके संभावित असर को लेकर इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि इस मुद्दे पर भारत सरकार को बोलना चाहिए. कांग्रेस पार्टी लगातार इस पर आवाज उठा रही है. प्रियंका गांधी ने भी इस पर काफी कुछ कहा है. यह भारत सरकार की बड़ी विफलता है. यह शर्मनाक है कि बंगाल चुनाव को लेकर तो बातें की जा रही हैं, लेकिन पड़ोसी देश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार पर हमारी सरकार चुप है. दुनिया में कहीं भी अल्पसंख्यकों पर अत्याचार होता है तो भारत सरकार को बोलना चाहिए. प्रधानमंत्री और विदेश मंत्रालय शेख हसीना की मेहमाननवाज़ी में लगे हैं, लेकिन बांग्लादेश के मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं.हिमंता बिस्वा सरमा के इस बयान पर कि असम में घुसपैठिए बढ़ते जा रहे हैं, इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि आखिर कहां-कहां घुसपैठिए बढ़ रहे हैं. झारखंड में प्रभारी रहते हुए उन्होंने वहां भी यही कहा था. दिल्ली और बिहार चुनाव में भी यही बात कही गई. इसके बाद असम और यूपी में भी यही कहा जा रहा है, क्योंकि वहां चुनाव नजदीक हैं. जिन राज्यों में चुनाव खत्म हो जाते हैं, वहां बीजेपी घुसपैठियों की बात भूल जाती है.

    हम उनके बुलडोजरों के सामने खड़े मिलेंगे- इमरान प्रतापगढ़ी

    अरावली के मुद्दे पर इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि बीजेपी उद्योगपतियों की मदद करना चाहती है. भाजपा जल, जंगल और जमीन की दुश्मन है. इनका जनता से कोई सरोकार नहीं है. 400 पार का नारा देने वाली बीजेपी ए क्यू आई 400 पार लेकर चली गई है. यह सरकार संसाधनों को लूटकर चंद उद्योगपति दोस्तों को फायदा पहुंचाना चाहती है. अरावली को न तो लूटने देंगे और न ही बर्बाद होने देंगे. हम उनके बुलडोजरों के सामने खड़े मिलेंगे.कांग्रेस सांसद और अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष इमरान प्रतापगढ़ी आज जयपुर में थे. यहां से वह पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा भेजी गई चादर लेकर अजमेर दरगाह के लिए रवाना हुए