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  • खजुराहो योग कार्यक्रम में ‘संयम’ गायब, भोजन वितरण में भगदड़ जैसे हालात

    खजुराहो योग कार्यक्रम में ‘संयम’ गायब, भोजन वितरण में भगदड़ जैसे हालात


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के खजुराहो में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के 25वें काउंटडाउन महोत्सव के दौरान एक ओर जहां हजारों लोगों ने सामूहिक योग कर स्वस्थ जीवन और मानसिक शांति का संदेश दिया, वहीं कार्यक्रम के बाद भोजन वितरण के समय हालात बेकाबू हो गए। योग से जुड़ा संयम और अनुशासन कुछ ही पलों में उस समय टूटता नजर आया जब खाने के पैकेट बांटे जाने लगे।

    कार्यक्रम में करीब 800 प्रतिभागियों ने योगासन, प्राणायाम और ध्यान के जरिए शारीरिक और मानसिक संतुलन का अभ्यास किया था। आयोजन का उद्देश्य लोगों को योग के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना था। लेकिन कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जो दृश्य सामने आए, वह सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गए।

    जैसे ही भोजन वितरण शुरू हुआ, वहां मौजूद लोग एक साथ खाने के पैकेट लेने के लिए टूट पड़े। स्थिति इतनी तेजी से बिगड़ी कि कई जगह धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी जैसे हालात बन गए। जिनके हाथ में जितने पैकेट आए, वे उन्हें लेकर तुरंत बाहर निकलते दिखाई दिए। पूरे घटनाक्रम का वीडियो सामने आने के बाद यह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

    वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि भोजन वितरण की व्यवस्था अपेक्षा के अनुरूप नहीं रही, जिसके चलते भीड़ नियंत्रित नहीं हो सकी। आयोजकों द्वारा भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई थी, लेकिन वितरण प्रणाली में कमी के कारण भीड़ बेकाबू हो गई।

    इस घटना पर लोग अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कई लोग इसे व्यंग्य के रूप में देख रहे हैं कि योग जहां संयम, धैर्य और संतुलन का संदेश देता है, वहीं भोजन के सामने वही संयम कुछ ही पलों में टूट गया। सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर तरह-तरह की टिप्पणियां की जा रही हैं।

    कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव भी मौजूद थे, जिन्होंने ऐतिहासिक मंदिर परिसर में योगासन कर फोटोशूट कराया। हालांकि योगासन के दौरान उन्हें संतुलन बनाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। कुछ मौकों पर सहयोगियों की मदद भी लेनी पड़ी, जिसका वीडियो भी सामने आया और वह भी चर्चा का विषय बन गया।

    इस पूरे आयोजन के अलग-अलग हिस्सों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिससे कार्यक्रम की चर्चा केवल योग तक सीमित न रहकर उसके आयोजन प्रबंधन और व्यवस्था पर भी पहुंच गई है।

    फिलहाल प्रशासन की ओर से इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।

  • ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ पर बड़ा बयान, रतलाम में केंद्रीय मंत्री ने साधा निशाना

    ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ पर बड़ा बयान, रतलाम में केंद्रीय मंत्री ने साधा निशाना


    मध्यप्रदेश । रतलाम में आयोजित 19वें रोजगार मेले के दौरान केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री Savitra Thakur ने एक विवादित बयान देते हुए सोशल मीडिया पर सक्रिय “कॉकरोच जनता पार्टी” को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि इस तरह की ताकतों के पीछे “विदेशी अदृश्य शक्तियां” काम कर रही हैं और ये लोग भारत की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।

    कार्यक्रम सैलाना रोड स्थित रुद्र पैलेस में आयोजित किया गया था, जहां 134 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री चेतन्य काश्यप सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण का लाइव प्रसारण भी किया गया।

    अपने संबोधन में मंत्री ठाकुर ने कहा कि भारत तेजी से प्रगति कर रहा है और कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी के दौरान देश ने न केवल अपने नागरिकों की रक्षा की, बल्कि अन्य देशों को वैक्सीन भी उपलब्ध कराई। उन्होंने दावा किया कि कुछ छोटे राजनीतिक समूह भारत के विकास को नकारात्मक रूप में पेश करने की कोशिश करते हैं, लेकिन उनका प्रभाव लंबे समय तक नहीं रहता।

    इसी कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप ने भी रोजगार मेले को लेकर संबोधन दिया और कहा कि चयनित अभ्यर्थी अब “कर्मयोगी” के रूप में राष्ट्र निर्माण में योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे युवाओं को सरकारी सेवाओं में अवसर मिलना देश के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

    कार्यक्रम के दौरान कुल 51 हजार से अधिक अभ्यर्थियों को देश के विभिन्न शहरों में नियुक्ति पत्र दिए गए, जबकि रतलाम में 134 युवाओं को रोजगार मिला। इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं और इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।

  • भाजपा नेता का कथित धमकी भरा ऑडियो वायरल: टोल मैनेजर को दी चेतावनी

    भाजपा नेता का कथित धमकी भरा ऑडियो वायरल: टोल मैनेजर को दी चेतावनी


    मध्य प्रदेश । रतलाम (मध्यप्रदेश) डेस्क। रतलाम जिले में भाजपा युवा मोर्चा के एक पदाधिकारी का कथित धमकी भरा ऑडियो सामने आने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। मामला चिकलिया फोरलेन टोल प्लाजा का है, जहां भाजयुमो आईटी सेल प्रभारी Shubham Gurjar पर टोल मैनेजर को फोन पर धमकाने, गाली-गलौज करने और कानून व्यवस्था बिगाड़ने की चेतावनी देने के आरोप लगे हैं। टोल मैनेजर Arijit Das Gupta ने इस मामले की शिकायत रतलाम एसपी और बिलपांक थाने में की है। शिकायत के साथ कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग भी पुलिस को सौंपी गई है। बताया जा रहा है कि यह बातचीत 18 मई की दोपहर हुई थी।

    “नेतागीरी नहीं चलेगी… उलटा टांग दूंगा”
    वायरल ऑडियो में कथित तौर पर शुभम गुर्जर टोल कर्मचारियों पर स्थानीय लोगों की गाड़ियां रोकने का आरोप लगाते हुए आक्रामक भाषा का इस्तेमाल करते सुनाई दे रहे हैं। बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि “भागते फिरोगे एसपी और टीआई के पास”, “लॉ एंड ऑर्डर बिगाड़ दूंगा” और “ज्यादा होशियारी दिखाई तो उलटा टांग दूंगा” जैसी धमकियां दीं। ऑडियो में टोल मैनेजर उन्हें शांत करने की कोशिश करते सुनाई देते हैं, लेकिन कथित तौर पर भाजपा नेता लगातार गुस्से में अपशब्द बोलते रहते हैं।

    टोल मैनेजर ने लगाए गंभीर आरोप
    शिकायत में टोल मैनेजर ने आरोप लगाया है कि शुभम गुर्जर अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर रोजाना करीब 100 बाहरी वाहनों को बिना टोल शुल्क दिए निकलवाते हैं। जब टोल कर्मचारी नियमों के अनुसार शुल्क मांगते हैं तो वाहन चालक शुभम गुर्जर से फोन पर बात करवाते हैं और इसके बाद स्टाफ पर दबाव बनाया जाता है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि इस तरह की गतिविधियों से एमपीआरडीसी को प्रतिदिन लाखों रुपए के राजस्व का नुकसान हो रहा है।

    पहले भी विवादों में रह चुके हैं शुभम गुर्जर
    मामले ने इसलिए भी तूल पकड़ लिया है क्योंकि शुभम गुर्जर पहले भी विवादों में रह चुके हैं। शिकायत के मुताबिक, वर्ष 2024 में भी बिलपांक थाने में उनके खिलाफ टोल प्लाजा पर कर्मचारियों को पिस्टल दिखाकर धमकाने और मारपीट करने का केस दर्ज हुआ था।

    उस समय सामने आए सीसीटीवी फुटेज के बाद तत्कालीन एसपी ने कार्रवाई कर मामला दर्ज कराया था और उन्हें भाजयुमो जिला उपाध्यक्ष पद से हटा दिया गया था। बाद में कोर्ट में सरेंडर करने के बाद वे जमानत पर बाहर आए थे। करीब दो महीने पहले उन्हें फिर से भाजयुमो आईटी सेल प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई थी।

    टोल कर्मचारियों ने मांगी सुरक्षा
    टोल प्रबंधन ने पुलिस से मांग की है कि शुभम गुर्जर के खिलाफ सरकारी काम में बाधा, धमकी, गाली-गलौज और राजस्व हानि पहुंचाने की धाराओं में केस दर्ज किया जाए। साथ ही टोल कर्मचारियों और अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है। मामले को लेकर पुलिस प्रशासन की ओर से फिलहाल विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन शिकायत और ऑडियो रिकॉर्डिंग की जांच शुरू कर दी गई है।

  • रतलाम में राजनीतिक हलचल: कोठारी बोले- सुनवाई नहीं हुई तो पार्टी छोड़ दूंगा

    रतलाम में राजनीतिक हलचल: कोठारी बोले- सुनवाई नहीं हुई तो पार्टी छोड़ दूंगा


    रतलाम (मध्यप्रदेश)। मध्यप्रदेश के पूर्व गृह मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता Himmat Kothari बुधवार को रतलाम एसपी ऑफिस में अचानक धरने पर बैठ गए। उन्होंने पुलिस प्रशासन पर आम जनता और जनप्रतिनिधियों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो वे आमरण अनशन करेंगे और जरूरत पड़ी तो पार्टी भी छोड़ देंगे।

    दरअसल मामला उनके बचपन के साथी और मीसाबंदी बसंत पुरोहित की जमीन पर कथित कब्जे से जुड़ा है। पूर्व मंत्री का आरोप है कि इस संबंध में पहले थाने में शिकायत की गई थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने कुछ दिन पहले स्वयं एसपी अमित कुमार से मिलकर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन फिर भी मामला आगे नहीं बढ़ा।

    बुधवार दोपहर हिम्मत कोठारी सीधे एसपी कार्यालय पहुंचे और एसपी के चेंबर के बाहर जमीन पर बैठकर विरोध जताने लगे। अचानक हुई इस घटना से पुलिस महकमे में हलचल मच गई। एसपी Amit Kumar तुरंत अपने चेंबर से बाहर आए और पूर्व मंत्री को अंदर चलकर बात करने के लिए कहा।

    इसके बाद डीडी नगर थाना प्रभारी को भी मौके पर बुलाया गया और पूरे प्रकरण की जानकारी ली गई। एसपी ने संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए और मामले में आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया।

    धरने के दौरान मीडिया से बातचीत में हिम्मत कोठारी ने प्रशासनिक व्यवस्था पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जब एक जनप्रतिनिधि की बात नहीं सुनी जा रही है, तो आम जनता की स्थिति क्या होगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले में अराजकता का माहौल बन गया है और जमीन कब्जे जैसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।

    पूर्व मंत्री ने कहा, “यदि समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो मैं पार्टी से अनुमति लेकर आमरण अनशन करूंगा। फिर भी सुनवाई नहीं हुई तो पार्टी छोड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।”

    उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में जनप्रतिनिधि और नेता “गूंगे-बहरे” बन गए हैं और आम लोगों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। उनके अनुसार, यदि ऐसे मामलों में सख्ती नहीं हुई तो भविष्य में कोई भी व्यक्ति किसी की जमीन पर कब्जा कर सकता है।

    वहीं एसपी अमित कुमार ने मामले को लेकर कहा कि पूर्व मंत्री उनसे मिलने आए थे और संबंधित व्यक्ति को दस्तावेजों के साथ बुलाया गया था, लेकिन वह पूरे कागजात नहीं ला पाए। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और संबंधित थाना प्रभारी को नोटिस जारी किया जाएगा।