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  • स्वतंत्रता के महान सेनानी और निर्भीक पत्रकार गणेश शंकर विद्यार्थी को देश ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

    स्वतंत्रता के महान सेनानी और निर्भीक पत्रकार गणेश शंकर विद्यार्थी को देश ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

    नई दिल्ली: में बुधवार को महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और निर्भीक पत्रकार गणेश शंकर विद्यार्थी की पुण्यतिथि के अवसर पर देश के कई प्रमुख नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें नमन किया। नेताओं ने एक स्वर में कहा कि विद्यार्थी जी का जीवन राष्ट्रभक्ति, साहस और निर्भीक पत्रकारिता का अद्वितीय उदाहरण है, जो आज भी देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।

    केंद्रीय मंत्री और उत्तर प्रदेश भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष पंकज चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि गणेश शंकर विद्यार्थी ने अपनी लेखनी के माध्यम से स्वतंत्रता आंदोलन में क्रांतिकारियों में नई ऊर्जा का संचार किया। उन्होंने आगे कहा कि उनकी लेखनी ने जनमानस में राष्ट्रीय चेतना को जागृत किया और स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    केंद्रीय मंत्री और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि विद्यार्थी जी ने अपनी लेखनी के माध्यम से ब्रिटिश शासन के अन्याय और शोषण के विरुद्ध आवाज उठाई। उन्होंने उन्हें भारतीय पत्रकारिता का पुरोधा और महान स्वतंत्रता सेनानी बताया। साथ ही कहा कि उनके प्रखर विचार और आदर्श जीवन सदैव युवाओं को समाज और राष्ट्र की सेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे।

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गणेश शंकर विद्यार्थी को निडर, नैतिक और जनपक्षधर पत्रकारिता का प्रतीक बताते हुए कहा कि उनका संपूर्ण जीवन राष्ट्र और समाज की सेवा को समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जी का योगदान देश को हमेशा राष्ट्रसेवा के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहेगा।

    हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उन्हें प्रखर राष्ट्रवादी विचारों और निर्भीक लेखनी के लिए याद करते हुए कहा कि उन्होंने अंग्रेजी शासन को अपनी लेखनी से चुनौती दी। उनके सिद्धांत और आदर्श जीवन आज भी सत्य, न्याय और राष्ट्रसेवा के पथ पर चलने के लिए प्रेरित करते हैं।

    दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि गणेश शंकर विद्यार्थी स्वतंत्रता संग्राम के महान सेनानी और निर्भीक पत्रकारिता के अप्रतिम प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की स्वतंत्रता और जनजागरण के लिए उनका अटूट समर्पण सदैव याद रखा जाएगा। उनकी लेखनी ने समाज में चेतना का संचार किया और देश की एकता व अखंडता के प्रति उनकी निष्ठा अनुकरणीय है।

    छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी उन्हें कोटि-कोटि नमन करते हुए कहा कि वे न केवल महान स्वतंत्रता सेनानी थे बल्कि जनसेवा के लिए समर्पित एक प्रेरणादायी व्यक्तित्व भी थे। उन्होंने कहा कि अन्याय, शोषण और सांप्रदायिकता के विरुद्ध उनकी निडर आवाज आज भी समाज को सही दिशा दिखाने का कार्य कर रही है।

    इस प्रकार देश के विभिन्न शीर्ष नेताओं ने एक स्वर में गणेश शंकर विद्यार्थी के योगदान को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके आदर्शों को आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बताया।

  • प्रयागराज संगम में पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की अस्थियों का विसर्जन, बेटे जय पवार ने दी भावुक विदाई

    प्रयागराज संगम में पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की अस्थियों का विसर्जन, बेटे जय पवार ने दी भावुक विदाई


    मुंबई/प्रयागराज। महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की अस्थियों का रविवार को प्रयागराज के पवित्र संगम तट पर विधि-विधान के साथ विसर्जन किया गया। इस दौरान उनके बेटे जय पवार ने पूरे धार्मिक अनुष्ठान के साथ अस्थि कलश को मां गंगा में प्रवाहित किया। अंतिम विदाई के इस भावुक क्षण में परिवार के सदस्य, पार्टी कार्यकर्ता और मौजूद लोग गमगीन नजर आए और नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि दी।

    अस्थि विसर्जन के लिए अजित पवार का परिवार चार्टर्ड फ्लाइट से बारामती से प्रयागराज पहुंचा। रविवार सुबह करीब 11 बजे उनका परिवार प्रयागराज एयरपोर्ट पर उतरा, जहां से वे सीधे संगम की ओर रवाना हुए। एयरपोर्ट से बाहर निकलते समय एक भावुक दृश्य देखने को मिला, जब उनके बेटे जय पवार नंगे पैर अस्थि कलश लेकर बाहर आए। वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं और माहौल शोक में डूबा नजर आया।

    परिवार एयरपोर्ट से संगम तक लंबे काफिले के साथ पहुंचा। संगम के वीआईपी घाट पर पुरोहितों की उपस्थिति में पूरे विधि-विधान से पूजा-अनुष्ठान कराया गया। इस दौरान शोक संतप्त लोगों ने अजित पवार को श्रद्धापूर्वक श्रद्धांजलि अर्पित की और मां गंगा से उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। अस्थि विसर्जन के समय परिवार के सदस्य और समर्थक भावुक नजर आए।

    अजित पवार की याद में एनसीपी की युवा इकाई के राष्ट्रीय अध्यक्ष धीरज शर्मा के नेतृत्व में कश्मीर से कन्याकुमारी तक अस्थि कलश यात्रा भी निकाली गई थी। यह यात्रा 12 राज्यों से होकर गुजरी और रविवार, 8 फरवरी 2026 को प्रयागराज संगम में आकर इसका समापन हुआ। इस दौरान भी बड़ी संख्या में लोग श्रद्धांजलि देने पहुंचे और अंतिम संस्कार की परंपराओं का पालन किया गया। बेटे जय पवार और परिवार के अन्य सदस्य इस मौके पर मौजूद रहे।

    गौरतलब है कि अजित पवार का 28 जनवरी 2026 को बारामती में एक विमान हादसे में निधन हो गया था। इस हादसे में उनके साथ चार अन्य लोगों की भी जान चली गई थी। अगले दिन 29 जनवरी को उनके पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार बारामती के विद्या प्रतिष्ठान ग्राउंड में किया गया था, जहां बड़ी संख्या में राजनीतिक नेताओं, समर्थकों और आम लोगों ने उन्हें अंतिम विदाई दी थी।

    संगम में अस्थि विसर्जन के साथ ही उनकी अंतिम धार्मिक रस्म पूरी हुई। इस मौके पर उपस्थित लोगों ने उन्हें याद करते हुए कहा कि अजित पवार ने अपने राजनीतिक जीवन में जनता की सेवा को सर्वोपरि रखा और प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। प्रयागराज के पवित्र संगम पर की गई यह अंतिम विदाई उनके जीवन की यात्रा का एक भावुक और श्रद्धापूर्ण समापन बन गई।