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  • कांग्रेस की राजनीति पर पीएम मोदी का निशाना, कहा-अकड़ और धोखे से कमजोर हुई पार्टी

    कांग्रेस की राजनीति पर पीएम मोदी का निशाना, कहा-अकड़ और धोखे से कमजोर हुई पार्टी


    नई दिल्ली । बेंगलुरु में आयोजित एक बड़ी जनसभा के दौरान देश की राजनीति को लेकर तीखे और सीधे संदेश सामने आए, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्षी राजनीति पर कड़ा रुख अपनाते हुए कांग्रेस पार्टी को अपने निशाने पर रखा। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि देश की राजनीति में कांग्रेस की स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है और इसका मुख्य कारण उसकी राजनीतिक सोच और कार्यशैली में जमी हुई “अकड़” है।

    प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि एक समय देश की सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत मानी जाने वाली पार्टी अब लगातार चुनावी संघर्ष का सामना कर रही है। उन्होंने कहा कि जनता ने पिछले कुछ वर्षों में बार-बार अपना रुझान स्पष्ट किया है और सत्ता के समीकरण बदलते रहे हैं। इसके बावजूद पार्टी अपनी हार की समीक्षा करने के बजाय दूसरों पर दोष मढ़ती रही है।

    अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि लोकतंत्र में हार और जीत स्वाभाविक प्रक्रिया है, लेकिन हार को स्वीकार न कर दूसरों पर आरोप लगाना राजनीतिक परिपक्वता की कमी को दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ राजनीतिक दल अपनी असफलताओं को छिपाने के लिए संस्थाओं और व्यवस्था पर सवाल उठाते हैं, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए सही संकेत नहीं है।

    उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान सरकार का ध्यान विकास, जनकल्याण और स्थिर प्रशासन पर केंद्रित है। सरकार की नीतियों का उद्देश्य देश के गरीब और मध्यम वर्ग को सशक्त बनाना है। उन्होंने दावा किया कि पिछले वर्षों में बड़ी संख्या में लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं और विकास योजनाओं का लाभ व्यापक स्तर पर पहुंचा है।

    प्रधानमंत्री ने विपक्षी दलों की सरकारों पर भी अप्रत्यक्ष रूप से टिप्पणी करते हुए कहा कि कई राज्यों में राजनीतिक अस्थिरता और आंतरिक विवादों के कारण विकास कार्य प्रभावित होते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सत्ता में आने के बाद कई बार वादों और वास्तविकता के बीच अंतर दिखाई देता है, जिससे जनता में निराशा पैदा होती है।

    अपने संबोधन के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक गठबंधन केवल सत्ता तक सीमित नहीं होने चाहिए, बल्कि उनमें आपसी विश्वास और जिम्मेदारी भी होनी चाहिए। उन्होंने यह संकेत दिया कि कई बार राजनीतिक रिश्ते समय के साथ बदल जाते हैं और इसका असर प्रशासनिक स्थिरता पर भी पड़ता है।

    अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की जनता अब अधिक जागरूक हो चुकी है और वह विकास, स्थिरता और पारदर्शिता को प्राथमिकता देती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आने वाले समय में राजनीति का केंद्र केवल आरोप-प्रत्यारोप नहीं बल्कि ठोस विकास कार्य और जनता की भलाई होना चाहिए।

    पूरा संबोधन राजनीतिक रूप से बेहद सख्त और आक्रामक स्वर में रहा, जिसमें प्रधानमंत्री ने विपक्षी राजनीति पर कई सवाल उठाए और सरकार की उपलब्धियों को जनता के सामने रखा।

  • बंगाल के रुझानों में भाजपा की बढ़त पर भोपाल में जश्न, शिवराज सिंह ने बांटी 'झालमुड़ी', बोले- मोदी है तो मुमकिन है

    बंगाल के रुझानों में भाजपा की बढ़त पर भोपाल में जश्न, शिवराज सिंह ने बांटी 'झालमुड़ी', बोले- मोदी है तो मुमकिन है

    भोपाल । पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के ऐतिहासिक रुझानों ने मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भी उत्सव का माहौल पैदा कर दिया है। जैसे ही बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) जीत की ओर बढ़ी, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के भोपाल स्थित निवास पर ‘महाविजय’ का जश्न शुरू हो गया। इस खास मौके पर उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर बंगाल के प्रसिद्ध व्यंजन ‘झालमुड़ी’ का आनंद लिया और जीत की खुशी साझा की।

    ‘मामा’ के घर पर आतिशबाजी और ढोल-नगाड़े
    सोमवार को जैसे-जैसे मतगणना के रुझान स्पष्ट हुए, शिवराज सिंह चौहान के आवास पर कार्यकर्ताओं का हुजूम उमड़ पड़ा। पूरे परिसर में ढोल-नगाड़ों की थाप और आतिशबाजी के बीच “जय श्री राम” और “मोदी-मोदी” के नारे गूंजते रहे। जीत के जश्न को बंगाली टच देने के लिए खास तौर पर झालमुड़ी बनवाई गई, जिसे केंद्रीय मंत्री ने खुद कार्यकर्ताओं को बांटकर बधाई दी। शिवराज सिंह ने कहा कि यह ‘असाधारण और अद्भुत’ है, उन्‍होंने इसे प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व का परिणाम बताया।

    “श्यामा प्रसाद मुखर्जी की आत्मा आज गदगद होगी”
    मीडिया से बातचीत के दौरान भावुक होते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा, “मुझे उम्मीद ही नहीं, बल्कि पूरा विश्वास था कि बंगाल में इस बार महाविजय होगी। आज एक बड़ा संकल्प पूरा हुआ है और एक सपना साकार हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की आत्मा आज गदगद होगी।”

    उन्होंने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि “जनता ने घटिया वोट बैंक और तुष्टीकरण की राजनीति को सिरे से नकार दिया है। घुसपैठ को बढ़ावा देने वाली ताकतों को करारा जवाब मिला है। अब हारने वाले ईवीएम (EVM) का बहाना ढूंढेंगे, लेकिन सच तो यह है कि जनता ने मोदी जी के पीछे खड़े होकर ऐतिहासिक जनादेश दिया है।”

    असम से तमिलनाडु तक ‘भगवा’ लहर
    शिवराज सिंह ने केवल बंगाल ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों के रुझानों पर भी संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि असम में भाजपा का प्रदर्शन असाधारण है और पुडुचेरी में एक बार फिर एनडीए (NDA) की सरकार बनने जा रही है। उन्होंने तमिलनाडु में भाजपा के बढ़ते प्रभाव का जिक्र करते हुए गृह मंत्री अमित शाह की ‘अचूक रणनीति’ और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा की मेहनत को इस सफलता का श्रेय दिया।

    शिवराज ने कहा कि पूरा देश मानता है “मोदी है तो मुमकिन है।” उन्होंने बंगाल, असम और पुडुचेरी की जनता का दिल से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जब हार सामने दिखती है, तो खिसियानी बिल्ली खंभा नोचने लगती है, विपक्ष भी अब हार के बहाने तलाशेगा।

  • पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल गरमाया, अमित शाह ने कांग्रेस और टीएमसी पर साधा निशाना

    पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल गरमाया, अमित शाह ने कांग्रेस और टीएमसी पर साधा निशाना


    नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच राजनीतिक सरगर्मी लगातार तेज होती जा रही है। दम दम उत्तर विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस पर तीखे राजनीतिक हमले किए। उन्होंने अपने संबोधन में राज्य की राजनीतिक स्थिति और आगामी मतदान को लेकर कई महत्वपूर्ण दावे किए, जिससे चुनावी माहौल और अधिक गरम हो गया है।

    सभा के दौरान उन्होंने दावा किया कि इस बार पश्चिम बंगाल में राजनीतिक बदलाव देखने को मिल सकता है और मौजूदा नेतृत्व को जनता का समर्थन कम होता दिख रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता अब बदलाव की ओर देख रही है और आगामी चुनाव परिणाम इस दिशा में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।

    अपने संबोधन में उन्होंने कांग्रेस पार्टी को भी निशाने पर लिया और कहा कि राज्य में उसका प्रभाव काफी कमजोर हो चुका है। उनके अनुसार, कांग्रेस लंबे समय से पश्चिम बंगाल की राजनीति में प्रभावी भूमिका निभाने में असफल रही है और इस बार भी उसके लिए स्थिति अनुकूल नहीं दिखाई दे रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पार्टी राज्य में अपनी राजनीतिक उपस्थिति दर्ज कराने में संघर्ष कर रही है।

    सभा में दिए गए भाषण के दौरान राष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों का भी उल्लेख किया गया। उन्होंने विपक्षी नेताओं की हालिया टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राजनीतिक विमर्श में भाषा और मर्यादा का ध्यान रखा जाना चाहिए। उनके अनुसार, सार्वजनिक जीवन में जिम्मेदारी के साथ बयान देना आवश्यक है ताकि लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान बना रहे।

    इसके अलावा उन्होंने राज्य की कानून व्यवस्था और प्रशासनिक स्थिति पर भी टिप्पणी की। उनका कहना था कि राज्य में कई मुद्दों पर जनता असंतोष व्यक्त कर रही है और यह आगामी चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने समर्थकों से अपील की कि वे मतदान के दिन सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें और अपने मताधिकार का प्रयोग करें।

    राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस तरह के बयान चुनावी माहौल में मतदाताओं को प्रभावित करने का प्रयास माने जाते हैं। पश्चिम बंगाल में पहले से ही राजनीतिक प्रतिस्पर्धा तीव्र है और विभिन्न दल अपनी रणनीति के तहत मतदाताओं को आकर्षित करने में जुटे हुए हैं।

    चुनाव आयोग की निगरानी में राज्य में मतदान प्रक्रिया की तैयारी चल रही है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। विभिन्न राजनीतिक दल अपने-अपने स्तर पर प्रचार अभियान को अंतिम चरण में पहुंचा रहे हैं, जिससे राज्य का राजनीतिक परिदृश्य लगातार बदलता दिखाई दे रहा है।

    आने वाले दिनों में मतदान और उसके बाद के परिणाम राज्य की राजनीति की दिशा तय करेंगे। फिलहाल सभी दल अंतिम चरण के प्रचार में पूरी ताकत लगा रहे हैं और मतदाताओं को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रहे हैं।