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  • रिया अहीर और शहजाद पूनावाला में छिड़ी जुबानी जंग, ‘अंकल’ कहने पर राहुल गांधी और IQ का जिक्र कर भड़के

    रिया अहीर और शहजाद पूनावाला में छिड़ी जुबानी जंग, ‘अंकल’ कहने पर राहुल गांधी और IQ का जिक्र कर भड़के

    नई दिल्ली । रियलिटी शो बिग बॉस 20 में एंट्री नहीं मिलने के बाद मॉडल रिया अहीर और भाजपा के पूर्व प्रवक्ता शहजाद पूनावाला के बीच सोशल मीडिया पर जुबानी जंग छिड़ गई है। पूनावाला ने रिया पर निशाना साधते हुए उनके वायरल प्रोटेस्ट वीडियो और बिग बॉस में एंट्री को लेकर सवाल उठाए थे। इसके जवाब में रिया ने उन्हें ‘अंकल’ कहते हुए अपनी उम्र से तुलना की। इसके बाद पूनावाला ने भी पलटवार किया और राहुल गांधी का जिक्र करते हुए रिया की ‘मैथ्स’ और ‘आईक्यू’ पर तंज कसा।

    बिग बॉस में एंट्री नहीं मिलने के बाद शुरू हुआ विवाद

    मुंबई की मॉडल रिया अहीर उस समय चर्चा में आई थीं, जब विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस वैन को रोकने का उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बाद वह बिग बॉस 20 में जनता के वोट से एंट्री पाने की दौड़ में शामिल हुईं। हालांकि, इस वोटिंग में पंजाबी अभिनेत्री लव गिल ने बाजी मारी और रिया शो में जगह नहीं बना सकीं।

    इसके बाद शहजाद पूनावाला ने एक रील के जरिए रिया पर निशाना साधा। उन्होंने उनके वायरल फोटो और बिग बॉस में एंट्री की कोशिश को लेकर सवाल उठाए। पूनावाला ने दावा किया कि रिया को ‘लेफ्ट-विंग इकोसिस्टम’ और ‘एंटी-मोदी यूट्यूबर्स’ का समर्थन हासिल था।

    पूनावाला ने यह भी आरोप लगाया कि रिया बिग बॉस के मंच का इस्तेमाल ‘एंटी-नेशनल’ और ‘एंटी-सनातन’ विचार फैलाने के लिए करना चाहती थीं। उन्होंने राहुल गांधी का भी जिक्र करते हुए रिया की हार पर तंज कसा।

    रिया ने शहजाद को कहा- ‘अंकल’

    पूनावाला की रील का जवाब रिया अहीर ने दो वीडियो के जरिए दिया। उन्होंने अपने जवाब की शुरुआत शहजाद पूनावाला को ‘अंकल’ कहकर की। रिया ने उनसे कहा कि उन्हें अपनी उम्र के लोगों के साथ राजनीति करनी चाहिए, ‘छोटी लड़कियों’ के साथ नहीं। रिया ने कहा कि पूनावाला उनकी उम्र से ‘दोगुने से भी ज्यादा’ हैं।

    रिया ने पूनावाला के उन दावों को भी खारिज किया, जिनमें उन्होंने राजनीतिक नेताओं के साथ उनके जुड़ाव की बात कही थी। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ इस्तेमाल की जा रही यही स्क्रिप्ट 50 अन्य ‘चीप इन्फ्लुएंसर्स’ भी इस्तेमाल कर चुके हैं।

    भारतीय सेना पर टिप्पणी को लेकर भी दिया जवाब

    रिया ने भारतीय सेना के सम्मान को लेकर लगाए गए आरोप पर भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि अगर कोई यह कह रहा है कि वह भारतीय सेना का सम्मान नहीं करतीं, तो उन्हें इसका सबूत दिखाना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि उन्होंने भारतीय सेना, किसी प्रोफेशनल, संस्था, धर्म या किसी व्यक्ति का कब अपमान किया है।

    रिया ने विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस वाहन से जुड़ी अपनी टिप्पणी पर भी सफाई दी। उन्होंने लव गिल के साथ हुई बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि अगर ड्राइवर वाहन नहीं रोकता तो शायद उसी समय उनकी जिंदगी का उद्देश्य पूरा हो जाता।

    रिया ने अपने सोशल वर्क का भी किया जिक्र

    अपने दूसरे वीडियो में रिया ने लोगों की मदद करते हुए कुछ वीडियो साझा किए। इनमें महाराष्ट्र के लातूर जिले के एक कुष्ठ प्रभावित गांव का दौरा और स्कूली बच्चों को स्टेशनरी देने की कोशिशें शामिल थीं।

    रिया ने पूनावाला और उनके जैसे लोगों पर उन लोगों को निशाना बनाने का आरोप लगाया, जिनकी राजनीतिक सोच उनसे अलग है। उन्होंने यह भी कहा कि बिग बॉस का इस्तेमाल राजनीतिक एजेंडा या धर्म को बढ़ावा देने के लिए नहीं किया जा सकता क्योंकि यह शो मनोरंजन के लिए है।

    अपने वीडियो के अंत में रिया ने महिलाओं, मंदिर, इंस्टाग्राम और अपनी उम्र से आधी उम्र की लड़कियों को छोड़ देने की बात कहते हुए पूनावाला पर निशाना साधा।

    पूनावाला का पलटवार- ‘आप 28 की हैं, यंग गर्ल नहीं’

    रिया के जवाब के बाद पूनावाला ने सोशल मीडिया पर पलटवार किया। उन्होंने लिखा कि उन्हें अफसोस है कि रिया बिग बॉस के घर में एंट्री करने से पहले ही बाहर हो गईं।

    पूनावाला ने राहुल गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि जब वह अपने चुनाव नहीं जीत सकते तो रिया को कैसे जिताएंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी मूल वीडियो मुख्य रूप से पत्रकार अरफा खानम शेरवानी को लेकर थी और रिया का जिक्र उसमें केवल एक हिस्से के तौर पर आया था।

    उम्र को लेकर रिया की टिप्पणी पर पूनावाला ने कहा कि रिया 28 साल की हैं और वह 38 साल के हैं, इसलिए तकनीकी रूप से वह उनकी उम्र से दोगुने नहीं हैं। इसके साथ ही उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि शायद स्कूल में ‘मैथ्स’ रिया का मजबूत विषय नहीं था।

    पूनावाला ने मजाकिया अंदाज में कहा कि शायद रिया ने उन्हें ‘56 साल के राहुल गांधी’ समझ लिया है। इसके बाद उन्होंने रिया के पुराने इंस्टाग्राम सब्सक्रिप्शन का भी जिक्र करते हुए उन पर तंज कसा।

    ‘आपका IQ और ज्ञान राहुल गांधी जैसा है’- पूनावाला

    पूनावाला ने अपने जवाब में रिया के ‘आईक्यू और नॉलेज’ पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि रिया उन्हें नहीं जानतीं तो यह ठीक है, लेकिन उनके मुताबिक रिया का आईक्यू और ज्ञान राहुल गांधी जैसा है। उन्होंने रिया के वंदे मातरम से जुड़े सवाल के दौरान दिए गए जवाब का भी जिक्र किया।

    इस तरह बिग बॉस 20 में एंट्री को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सोशल मीडिया पर दोनों के बीच उम्र, राजनीति, प्रदर्शन और विचारधारा को लेकर तीखी बयानबाजी तक पहुंच गया है।

    कांग्रेस छोड़ भाजपा में आए पूनावाला ने भाजपा भी छोड़ी

    शहजाद पूनावाला का राजनीतिक सफर कांग्रेस से शुरू हुआ था। बाद में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा और पार्टी के प्रमुख प्रवक्ताओं में शामिल रहे। हालांकि, अगस्त 2026 में उन्होंने भाजपा के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। पूनावाला ने अपने फैसले के पीछे आर्थिक और निजी परिस्थितियों को वजह बताया। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें अपने बुनियादी खर्चों के लिए पैसे की जरूरत है और अब वह निजी क्षेत्र में जाने की योजना बना रहे हैं।

    हालांकि इस बीच अटकलें लगाई जाने लगीं कि शहजाद पूनावाला फिर से कांग्रेस में वापसी कर सकते हैं। बाद में खुद शहजाद पूनावाला ने इन अटकलों पर विराम लगाते हुए इस तरह की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया था। भाजपा छोड़ने के बावजूद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा की विचारधारा के प्रति अपना समर्थन जारी रखने की बात कही थी।

  • शहजाद पूनावाला BJP छोड़ कांग्रेस में जाने की अटकलों के बीच पवन खेड़ा संग वायरल तस्वीर पर खुद दी सफाई, बताया क्या है पूरा मामला

    शहजाद पूनावाला BJP छोड़ कांग्रेस में जाने की अटकलों के बीच पवन खेड़ा संग वायरल तस्वीर पर खुद दी सफाई, बताया क्या है पूरा मामला

    नई दिल्ली । शहजाद पूनावाला फिलहाल सक्रिय राजनीति से दूर हैं, लेकिन कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के साथ सामने आई उनकी तस्वीरों ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया। तस्वीर वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर यह अटकलें लगने लगीं कि क्या पूनावाला भारतीय जनता पार्टी छोड़कर कांग्रेस में वापसी करने वाले हैं। हालांकि, पूनावाला ने खुद इस पूरे मामले पर सफाई देते हुए कांग्रेस में शामिल होने की खबरों को खारिज कर दिया है।

    वायरल तस्वीर में शहजाद पूनावाला और पवन खेड़ा साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं और दोनों एक-दूसरे से हाथ मिला रहे हैं। तस्वीर सामने आने के बाद इसे लेकर तरह-तरह के दावे किए जाने लगे। इन चर्चाओं के बीच पूनावाला ने सोशल मीडिया पर तस्वीर के पीछे की पूरी कहानी बताई और कहा कि इसे गलत संदर्भ में पेश किया जा रहा है।

    पूनावाला के मुताबिक, वह एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे, जो पायल मेहता के पिता की याद में आयोजित किया गया था। उनके अनुसार, कार्यक्रम में अलग-अलग राजनीतिक दलों से जुड़े कई नेता भी मौजूद थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात कई नेताओं से हुई और पवन खेड़ा भी वहां पहुंचे।

    उन्होंने बताया कि वह अपने करीबी मित्र और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू से बातचीत कर रहे थे। बातचीत के दौरान पत्रकार रिजिजू से उनकी स्विमिंग से जुड़ी तस्वीरों को लेकर सवाल कर रहे थे। इसी बीच पवन खेड़ा का जिक्र हुआ और संयोग से खेड़ा वहां से गुजरते हुए सामने आ गए। पूनावाला ने उन्हें बातचीत में शामिल किया और राज्यसभा के लिए चुने जाने पर बधाई दी। इसी दौरान दोनों की तस्वीर सामने आई।

    पूनावाला ने कांग्रेस में शामिल होने की अटकलों को स्पष्ट रूप से खारिज किया। उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस में शामिल नहीं हो रहे हैं और भारतीय जनता पार्टी से उन्हें कोई परेशानी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि जिस कार्यक्रम में वह मौजूद थे, वह एक शोकसभा थी और ऐसी जगह पर राजनीतिक दल बदलने जैसी बातचीत करना उचित नहीं है।

    इस पूरे घटनाक्रम ने इसलिए भी ध्यान खींचा क्योंकि पूनावाला पहले कांग्रेस से जुड़े रहे हैं। उन्होंने वर्ष 2017 में कांग्रेस से दूरी बनाई थी और बाद में बीजेपी में शामिल हो गए थे। बीजेपी में रहते हुए वह पार्टी के प्रमुख प्रवक्ताओं में शामिल रहे और कांग्रेस तथा उसके नेतृत्व पर लगातार मुखर होकर हमला करते रहे।

    कांग्रेस में वापसी के सवाल पर पूनावाला पहले भी अपनी प्रतिक्रिया दे चुके हैं। अगस्त में एक बातचीत के दौरान उनसे कांग्रेस में शामिल होने को लेकर सवाल पूछा गया था। इसके जवाब में उन्होंने शर्त रखते हुए कांग्रेस नेतृत्व पर तंज कसा था। उन्होंने कहा था कि यदि राहुल गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका वाड्रा को हटा दिया जाए तथा नेहरू के कार्यों के लिए माफी मांगी जाए, तभी वह कांग्रेस में शामिल होंगे।

    ऐसे में पवन खेड़ा के साथ उनकी तस्वीर सामने आने के बाद शुरू हुई राजनीतिक अटकलों को पूनावाला की सफाई ने फिलहाल विराम दे दिया है। तस्वीर को लेकर उठे सवालों के जवाब में उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों नेताओं की मुलाकात एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान हुई थी और इसे राजनीतिक दल बदलने से जोड़ना सही नहीं है। फिलहाल उनके बयान से यह साफ है कि वायरल तस्वीर के आधार पर कांग्रेस में उनकी वापसी की चर्चा को उन्होंने सिरे से खारिज किया है।

  • भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने पद से दिया इस्तीफा, आर्थिक परिस्थितियों और नौकरी में वापसी को बताया वजह

    भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने पद से दिया इस्तीफा, आर्थिक परिस्थितियों और नौकरी में वापसी को बताया वजह


    नई दिल्ली ।
    भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने अपने पद और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र देकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। अपने इस अप्रत्याशित कदम के पीछे उन्होंने व्यक्तिगत और आर्थिक परिस्थितियों को मुख्य कारण बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजनीतिक दलों में प्रवक्ता का पद पूरी तरह से स्वैच्छिक होता है और इसके लिए कोई वेतन या मानदेय प्रदान नहीं किया जाता है।

    प्राप्त विवरण के अनुसार, पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता ने काफी समय पहले ही राजनीति और अपने पेशेवर जीवन के बीच संतुलन बनाने की योजना तैयार कर ली थी। पूर्व में कॉर्पोरेट और सर्विस इंडस्ट्री में कार्यरत रहने के कारण उन्होंने अपने जीविकोपार्जन के लिए पुनः पुरानी नौकरी में लौटने का मन बनाया है। उनका कहना है कि लंबे समय तक राजनीति को पूर्णकालिक समय देने के बाद अब आर्थिक प्राथमिकताओं को संभालना अत्यंत आवश्यक हो गया था।

    पार्टी नेतृत्व की ओर से उन्हें अपने इस निर्णय पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया गया था, परंतु उन्होंने अपने रुख पर कायम रहने की बात कही है। राष्ट्रीय अध्यक्ष को भेजे गए औपचारिक पत्र में उल्लेख किया गया है कि यद्यपि पार्टी के इस फैसले से वे अत्यंत भावुक हुए, लेकिन गहन चिंतन-मनन के पश्चात उन्होंने सभी जिम्मेदारियों से मुक्त होने का अंतिम निर्णय लिया।

    पूर्व प्रवक्ता ने पार्टी के भीतर अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि विचार अभिव्यक्ति के मामले में उन्हें सदैव स्वतंत्रता प्राप्त रही। संगठन के भीतर लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत सभी विषयों पर खुली चर्चा का माहौल रहता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यद्यपि वे सीधे तौर पर पार्टी की गतिविधियों का हिस्सा नहीं रहेंगे, परंतु राष्ट्र निर्माण और विचारधारा के स्तर पर उनका समर्थन निरंतर बना रहेगा।

    मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में भी जहां युवा वर्ग राजनीति और पेशेवर करियर के बीच संतुलन बनाने के प्रयास में रहता है, इस प्रकार के घटनाक्रम से यह संदेश जाता है कि जनसेवा के साथ आर्थिक स्वावलंबन भी उतना ही महत्वपूर्ण है। भारतीय राजनीति में प्रवक्ताओं की भूमिका और उनकी कार्यप्रणाली को लेकर भी अक्सर इस प्रकार के सवाल उठते रहे हैं।

    भविष्य की योजनाओं के विषय में जानकारी देते हुए उन्होंने संकेत दिया है कि वे एक नया सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म शुरू करने जा रहे हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य मध्यम वर्ग के दैनिक जीवन से जुड़े विषयों, कर प्रणाली और उनके नागरिक अधिकारों को मजबूती से उठाना होगा। इसके माध्यम से नागरिकों के जीवन स्तर और सरकारी सुविधाओं के संतुलन पर संवाद स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा।

    राजनीतिक सफर की बात करें तो वे कई वर्षों पूर्व एक अन्य प्रमुख राजनीतिक दल को छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे। अपने कार्यकाल के दौरान वे विभिन्न टीवी बहसों और सार्वजनिक मंचों पर पार्टी का पक्ष मजबूती से रखते रहे हैं। अचानक आए इस फैसले ने उनके समर्थकों और राजनीतिक विश्लेषकों को चौंका दिया है।

    फिलहाल, उनके द्वारा उठाए गए इस कदम के बाद राजनीतिक गलियारों में इस बात पर बहस जारी है कि किस प्रकार पेशेवर पृष्ठभूमि से आने वाले लोगों के लिए राजनीति में निरंतर बने रहना एक बड़ी चुनौती साबित होता है। स्थिति यह है कि उनका त्यागपत्र अब पूरी तरह से अंतिम माना जा रहा है और वे अपने नए प्रोजेक्ट पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

  • बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से हटे शहजाद पूनावाला, बोले पार्टी छोड़ रहा हूं लेकिन विचार और नेतृत्व का समर्थन जारी रहेगा

    बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से हटे शहजाद पूनावाला, बोले पार्टी छोड़ रहा हूं लेकिन विचार और नेतृत्व का समर्थन जारी रहेगा

    नई दिल्ली । भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने सोमवार को पार्टी की सक्रिय प्राथमिक सदस्यता और राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से इस्तीफा देने का फैसला किया। पूनावाला ने अपने इस्तीफे की जानकारी साझा करते हुए कहा कि पिछले कुछ दिनों की घटनाओं और व्यक्तिगत परिस्थितियों पर गंभीर विचार-विमर्श के बाद उन्होंने अपने निर्णय पर कायम रहने का फैसला किया है।

    पूनावाला के अनुसार उनका इस्तीफा पार्टी के लिए भी भावनात्मक विषय रहा। उन्होंने कहा कि पार्टी ने उनके त्यागपत्र को तुरंत स्वीकार करने से इनकार किया और उनसे अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया था। हालांकि, उन्होंने बताया कि विस्तृत विचार-विमर्श और गंभीर मनन के बाद उन्होंने बीजेपी की व्यवस्था से अलग होने का अंतिम निर्णय लिया।

    अपने इस्तीफे में पूनावाला ने बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और संगठन महामंत्री बीएल संतोष के प्रति सम्मान और कृतज्ञता जाहिर की। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में पार्टी ने उन्हें जो मंच और अवसर दिए, उनके लिए वह नेतृत्व के आभारी हैं।

    पूनावाला ने अपने फैसले के पीछे आर्थिक और व्यक्तिगत परिस्थितियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इन परिस्थितियों के कारण वह अब निजी क्षेत्र में प्रवेश करेंगे। उनके मुताबिक यह फैसला किसी राजनीतिक असहमति के बजाय वर्तमान निजी परिस्थितियों और भविष्य की पेशेवर दिशा से जुड़ा है।

    उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी की सक्रिय राजनीति से अलग होने के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के विचारों तथा कार्यों के प्रति उनका समर्थन बना रहेगा। उनका कहना है कि वह पार्टी की व्यवस्था छोड़ रहे हैं, लेकिन विचार और व्यक्तियों के प्रति उनका सम्मान कायम रहेगा। इस बयान के जरिए उन्होंने अपने इस्तीफे को राजनीतिक विचारधारा से अलग होने के रूप में पेश नहीं किया है।

    शहजाद पूनावाला का बीजेपी से जुड़ाव वर्ष 2017 के बाद हुआ था। इससे पहले उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा दिया था। बीजेपी में शामिल होने के बाद वह पार्टी के प्रमुख राष्ट्रीय प्रवक्ताओं में शामिल हो गए और विभिन्न टेलीविजन बहसों में बीजेपी का पक्ष रखते रहे।

    पिछले वर्षों में पूनावाला राजनीतिक मुद्दों पर पार्टी की ओर से मुखरता से अपनी बात रखते रहे हैं। खासकर विपक्षी दलों पर हमले और केंद्र सरकार की नीतियों के बचाव में उनकी भूमिका लगातार दिखाई देती रही। राष्ट्रीय प्रवक्ता के तौर पर उनकी सक्रियता ने उन्हें बीजेपी के चर्चित मीडिया चेहरों में शामिल किया।

    अब उनके इस्तीफे के बाद बीजेपी के मीडिया और प्रवक्ता तंत्र में भी यह एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। हालांकि पूनावाला ने अपने बयान में पार्टी नेतृत्व के प्रति सम्मान और प्रधानमंत्री मोदी के दृष्टिकोण के समर्थन की बात कही है। इसलिए उनके फैसले को तत्काल किसी राजनीतिक खेमे में जाने के संकेत के तौर पर नहीं देखा जा सकता।

    पूनावाला ने अपने इस्तीफे के जरिए यह भी संकेत दिया है कि फिलहाल उनका अगला कदम निजी क्षेत्र में जाने का है। आर्थिक और व्यक्तिगत परिस्थितियों को निर्णय का आधार बताते हुए उन्होंने राजनीति से दूरी बनाने का फैसला किया है। बीजेपी में करीब पांच वर्षों तक सक्रिय भूमिका निभाने के बाद उनका यह कदम पार्टी के राजनीतिक और मीडिया सर्किल में चर्चा का विषय बन गया है।

  • आगा खान की भारत यात्रा को लेकर शहजाद पूनावाला ने पीएम मोदी के प्रति जताया आभार…

    आगा खान की भारत यात्रा को लेकर शहजाद पूनावाला ने पीएम मोदी के प्रति जताया आभार…


    नई दिल्ली ।
    भारतीय जनता पार्टी छोड़ने के बाद पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति एक बार फिर आभार जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर किए गए एक पोस्ट में प्रधानमंत्री को दो बार धन्यवाद कहा। उनके इस पोस्ट का संबंध वैश्विक इस्माइली समुदाय के आध्यात्मिक प्रमुख मौलाना हजार इमाम शाह रहीम अल-हुसैनी आगा खान की आगामी भारत यात्रा से है।

    पूनावाला ने अपने संदेश में बताया कि भारत सरकार के निमंत्रण पर आगा खान 9 से 15 सितंबर 2026 तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर आएंगे। उन्होंने इस निमंत्रण को भारत और वैश्विक इस्माइली समुदाय के बीच संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया और प्रधानमंत्री मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया।

    शहजाद पूनावाला का संबंध शिया इस्माइली समुदाय से बताया जाता है। इस समुदाय के आध्यात्मिक नेतृत्व का संबंध आगा खान की इमामत से है। ऐसे में आगा खान की भारत यात्रा को लेकर पूनावाला की प्रतिक्रिया व्यक्तिगत और सामुदायिक संदर्भ से भी जुड़ी हुई है।

    पूनावाला ने अपने संदेश में कहा कि भारत सरकार की ओर से दिया गया निमंत्रण वैश्विक इस्माइली समुदाय द्वारा सराहा गया है। उन्होंने इसे भारत और इस्माइली इमामत के बीच मित्रता, पारस्परिक सम्मान तथा साझा मूल्यों पर आधारित लंबे संबंधों का संकेत बताया।

    उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इस्माइली समुदाय ने शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, ग्रामीण विकास, संस्कृति और परोपकार के क्षेत्र में भारत तथा दुनिया के कई हिस्सों में योगदान दिया है। उनके अनुसार, आगा खान डेवलपमेंट नेटवर्क के माध्यम से भारत में शिक्षा, स्वास्थ्य, विरासत संरक्षण, ग्रामीण विकास और सामुदायिक सशक्तिकरण से जुड़े कई कार्य किए गए हैं।

    पूनावाला ने अपने संदेश में कहा कि इन पहलों का लाभ विभिन्न वर्गों के लोगों तक पहुंचा है। उन्होंने वैश्विक स्तर पर इस समुदाय की ओर से बहुलवाद, जीवन की गुणवत्ता और सतत विकास को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों का भी उल्लेख किया।

    उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इस्माइली समुदाय के बीच संबंधों को भी रेखांकित किया। पूनावाला के मुताबिक, दोनों के बीच संबंध पारस्परिक सम्मान, विकास के साझा दृष्टिकोण और निरंतर सहयोग पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि समुदाय आगा खान की यात्रा और भारत में अपनी जमात से उनकी मुलाकात को लेकर उत्साहित है।

    पूनावाला ने अपने संदेश के अंत में प्रधानमंत्री मोदी को एक बार फिर धन्यवाद दिया। उन्होंने भारत सरकार की ओर से दिए गए निमंत्रण को गर्मजोशी और उदारता से भरा कदम बताया। इसी वजह से उनका यह पोस्ट राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का विषय बना, क्योंकि वह हाल ही में बीजेपी से अलग हुए हैं।

    हालांकि पार्टी छोड़ने के बाद भी पूनावाला की ओर से प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक टिप्पणियां सामने आती रही हैं। इस बार उनका संदेश किसी राजनीतिक मुद्दे के बजाय आगा खान की प्रस्तावित आधिकारिक यात्रा और भारत-इस्माइली समुदाय के संबंधों पर केंद्रित रहा।

    आगा खान की सितंबर में प्रस्तावित यात्रा के दौरान भारत और इस्माइली इमामत के बीच लंबे समय से चले आ रहे संपर्क, सामुदायिक संबंधों और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग से जुड़े पहलुओं पर ध्यान रहने की संभावना है। पूनावाला का बयान इसी व्यापक संदर्भ में प्रधानमंत्री के प्रति उनके आभार को सामने रखता है।