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  • MP Weather : एमपी में सामान्य से 11% कम बारिश, 35 जिलों में सूखे जैसे हालात, जाने आगे कैसा रहेगा मौसम?

    MP Weather : एमपी में सामान्य से 11% कम बारिश, 35 जिलों में सूखे जैसे हालात, जाने आगे कैसा रहेगा मौसम?


    भोपाल। मध्य प्रदेश में पिछले एक सप्ताह से कहीं भी भारी या अति भारी बारिश दर्ज नहीं की गई है। लगातार कमजोर मानसूनी गतिविधियों के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में सूखे जैसी स्थिति बनने लगी है। सबसे अधिक असर पूर्वी मध्य प्रदेश पर दिखाई दे रहा है, जहां जबलपुर सहित 35 जिलों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है।

    मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में अब तक 241.8 मिमी (9.5 इंच) बारिश रिकॉर्ड की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 270.3 मिमी (10.6 इंच) होनी चाहिए थी। यानी अब तक प्रदेश में 11 प्रतिशत कम बारिश हुई है।

    पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग सबसे अधिक प्रभावित हैं, जहां औसतन 24 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। इसके विपरीत पश्चिमी हिस्से के भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और ग्वालियर-चंबल संभाग में सामान्य से 2 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है।

    19 जुलाई से बदलेगा मौसम, तेज बारिश के आसार
    भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 19 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत में नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) सक्रिय होने जा रहा है। इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी में भी नया मौसम तंत्र विकसित हो रहा है और साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी सक्रिय है। इन मौसम प्रणालियों के प्रभाव से मध्य प्रदेश में एक बार फिर तेज बारिश का दौर शुरू होने की संभावना जताई गई है।

    आज इन जिलों में हल्की बारिश और आंधी की संभावना
    मौसम विभाग के मुताबिक गुरुवार को इंदौर, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, भिंड, दतिया, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में हल्की बारिश के साथ आंधी चलने का अनुमान है।

    वहीं मुरैना, ग्वालियर, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, रायसेन, भोपाल, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, देवास, उज्जैन, आगर-मालवा, रतलाम, नीमच और मंदसौर में उमस और गर्मी का असर बना रह सकता है।

    जुलाई के दूसरे पखवाड़े में राहत मिलने की उम्मीद
    मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश स्तर पर मानसून की स्थिति फिलहाल संतोषजनक है, लेकिन पूर्वी जिलों में वर्षा की कमी कृषि और जल संसाधनों के लिहाज से चिंता का विषय बनी हुई है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, आगामी निम्न दाब प्रणाली की दिशा और उसकी तीव्रता तय करेगी कि मानसून कितनी तेजी से दोबारा सक्रिय होगा। यदि मौसम प्रणालियां अनुकूल रहीं तो जुलाई के दूसरे पखवाड़े में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है।

    जून के बाद जुलाई में भी बारिश का ग्राफ कमजोर
    मौसम विभाग के अनुसार जून में भी सामान्य से कम बारिश हुई थी। हालांकि जुलाई के शुरुआती दिनों में तेज बारिश के कारण वर्षा का आंकड़ा सुधरा था, लेकिन पिछले सात दिनों से भारी बारिश नहीं होने के कारण लगातार तीसरे दिन प्रदेश की कुल वर्षा सामान्य से नीचे बनी हुई है।

  • MP Weather: मप्र में 16 जुलाई से फिर बदलेगा मौसम, फिलहाल 22 जिलों में आज हल्की बारिश के आसार

    MP Weather: मप्र में 16 जुलाई से फिर बदलेगा मौसम, फिलहाल 22 जिलों में आज हल्की बारिश के आसार


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है। प्रदेश के करीब 60 प्रतिशत हिस्से से मानसूनी बादल छंट चुके हैं, जिसके चलते अगले पांच दिनों तक कहीं भी भारी या अति भारी बारिश की संभावना नहीं है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 16 जुलाई से एक नया मौसम तंत्र सक्रिय हो सकता है, जिससे प्रदेश में फिर तेज बारिश का दौर शुरू होने के संकेत हैं।

    फिलहाल प्रदेश में हल्की बारिश और बूंदाबांदी का सिलसिला जारी रहेगा। सोमवार को सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार और अलीराजपुर जिलों में बादल छाने के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है।

    वहीं, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, आगर-मालवा, इंदौर, उज्जैन, राजगढ़, शाजापुर, देवास, विदिशा, भोपाल, सीहोर, हरदा, नर्मदापुरम, रायसेन, नरसिंहपुर, जबलपुर, कटनी, दमोह, पन्ना, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया और ग्वालियर में मौसम सामान्य रहने के साथ धूप निकलने के आसार हैं।

    फिलहाल रिमझिम बारिश, भारी बरसात के संकेत नहीं
    मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता फिलहाल कमजोर बनी हुई है। इसी वजह से पिछले चार-पांच दिनों से प्रदेश में कहीं भी भारी या अति भारी बारिश दर्ज नहीं की गई है। आने वाले कुछ दिनों तक केवल हल्की बारिश या रिमझिम फुहारें पड़ने की संभावना है, जबकि 16 जुलाई के बाद मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।

    मानसून की रफ्तार क्यों हुई धीमी?
    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून को सक्रिय बनाए रखने वाली प्रमुख मौसम प्रणालियां कमजोर पड़ गई हैं या उनका प्रभाव मध्य प्रदेश से दूर हो गया है। इसी कारण अधिकांश इलाकों में केवल बादल छाए रहने और हल्की बारिश जैसी स्थिति बनी हुई है।

    बंगाल की खाड़ी से नए सिस्टम का इंतजार
    मौसम विभाग का अनुमान है कि 13 से 19 जुलाई के बीच उत्तर बंगाल की खाड़ी में एक नया ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) बनने की संभावना है। यदि यह आगे चलकर निम्न दाब क्षेत्र में परिवर्तित होता है तो मध्य प्रदेश में एक बार फिर तेज बारिश का दौर शुरू हो सकता है। इसके अलावा प्रशांत महासागर में तीन नए मौसम तंत्र विकसित होने की संभावना जताई गई है। इनमें से यदि कोई एक बंगाल की खाड़ी तक पहुंचता है, तो मानसून दोबारा सक्रिय होकर प्रदेश में अच्छी बारिश करा सकता है।

    सामान्य से सिर्फ 1 प्रतिशत अधिक बारिश
    पिछले पांच दिनों से भारी बारिश नहीं होने के कारण प्रदेश में वर्षा का अतिरिक्त आंकड़ा लगातार घटा है। पहले यह सामान्य से करीब 30 प्रतिशत अधिक था, जो अब घटकर सिर्फ 1 प्रतिशत रह गया है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अब तक 241.8 मिमी (9.5 इंच) बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य औसत 239.8 मिमी (9.4 इंच) है। यानी अब तक सामान्य से केवल 1 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है, जो पूरे मानसून कोटे का लगभग 25 प्रतिशत है।

  • MP Weather: तीन दिन हल्की बारिश के आसार, 14 जुलाई से फिर तेज बारिश की संभावना

    MP Weather: तीन दिन हल्की बारिश के आसार, 14 जुलाई से फिर तेज बारिश की संभावना


    भोपाल। मध्य प्रदेश में अगले तीन दिनों तक मौसम अपेक्षाकृत शांत रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 11 से 13 जुलाई तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर रहेगा, जबकि इस दौरान कहीं भी भारी बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है। हालांकि 14 जुलाई से कुछ जिलों में फिर से तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    मौसम विभाग भोपाल के मुताबिक, फिलहाल सक्रिय मौसम प्रणाली कमजोर पड़ रही है, जिसके चलते अगले तीन दिनों तक रिमझिम बारिश का सिलसिला बना रहेगा। शनिवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर सहित प्रदेश के सभी 55 जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने का अनुमान है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।

    अगले सप्ताह सक्रिय होगा नया मौसम तंत्र
    मौसम विभाग के अनुसार पाकिस्तान के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से अगले सप्ताह प्रदेश के मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा और कुछ इलाकों में फिर से भारी बारिश का दौर शुरू हो सकता है।

    खरीफ फसलों के लिए राहतभरा संकेत
    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल भारी बारिश का सिलसिला थमना खरीफ फसलों के लिए लाभदायक साबित होगा। लगातार तेज बारिश के कारण कई जिलों के खेतों में जलभराव की स्थिति बन गई थी, जिससे फसलों में गलन का खतरा बढ़ने लगा था। बारिश की तीव्रता कम होने से किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।

    सामान्य से अधिक हुई बारिश
    प्रदेश में जून महीने के दौरान आंधी और बारिश का दौर बना रहा, लेकिन इसके बावजूद जून के अंत तक सामान्य से करीब 30 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई थी। वहीं जुलाई के पहले नौ दिनों में हुई अच्छी बारिश ने यह कमी पूरी कर दी है।

    आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश में अब तक 240 मिमी (करीब 9.5 इंच) बारिश दर्ज की जा चुकी है, जबकि सामान्य वर्षा 222.1 मिमी (करीब 8.8 इंच) मानी जाती है। इस तरह प्रदेश में अब तक सामान्य से लगभग 8 से 10 प्रतिशत अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 8 प्रतिशत कम वर्षा हुई है, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 24 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है। भोपाल, इंदौर सहित प्रदेश के 30 जिलों में अब तक सामान्य से ज्यादा वर्षा हो चुकी है।