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  • भोपाल में होली के दिन युवक की चाकू मारकर हत्या, शव ऑटो से फेंककर बदमाश फरार

    भोपाल में होली के दिन युवक की चाकू मारकर हत्या, शव ऑटो से फेंककर बदमाश फरार



    भोपाल  भोपाल के निशातपुरा थाना क्षेत्र में होली के दिन एक युवक की दर्दनाक हत्या ने पूरे इलाके को दहला दिया। 19 वर्षीय अरविंद मीणा, जो प्रताप नगर में रहता था और गारमेंट्स शॉप में सेल्समैन के रूप में काम करता था, बुधवार रात अपने दोस्तों के साथ होली खेलने के बाद घूमने निकला था। सूत्रों के अनुसार, वह अपने दोस्तों विशाल ठाकुर उर्फ भूरा और सचिन के साथ आखिरी बार देखा गया। रात के अज्ञात समय में अज्ञात बदमाशों ने उसे घेरकर चार चाकू वार किए और उसके बाद उसका शव बेस्ट प्राइस के पास 80 फीट रोड पर ऑटो से फेंककर फरार हो गए। शव अर्धनग्न हालत में मिला, जिसमें उसके ऊपरी हिस्से के कपड़े नहीं थे।

    घटना की जानकारी लगते ही मृतक के पिता हल्केराम मीणा मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि उन्होंने सड़क किनारे भीड़ देखकर रुके और पास जाकर अपने बेटे का शव देखा। इस दर्दनाक दृश्य ने पूरे मोहल्ले के लोगों को स्तब्ध कर दिया। निशातपुरा थाना प्रभारी मनोज पटवा ने बताया कि हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है और आरोपियों की पहचान के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और आसपास के लोगों से पूछताछ कर संदिग्धों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

    मृतक के मोहल्ले के लोग और परिचितों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे सड़क पर शव रखकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि जांच में देरी से समुदाय में असंतोष और आक्रोश बढ़ रहा है। मोहल्ले के लोग बताते हैं कि अरविंद मीणा एक मेहनती और शांत स्वभाव का युवक था, जिसने अपने परिवार का सहारा बनने के लिए मेहनत की थी।

    घटना ने इलाके में सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर होली जैसे बड़े त्योहार के मौके पर। पुलिस ने आसपास के इलाकों में अतिरिक्त गश्त बढ़ा दी है और युवाओं को अशांति फैलाने से रोकने के लिए सतर्क रहने का निर्देश दिया है।

    परिजन और मोहल्ले वाले पुलिस से लगातार संपर्क में हैं और दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस की प्राथमिक जांच से पता चला है कि हत्या की घटना व्यक्तिगत विवाद या आपराधिक मंशा के चलते हो सकती है, लेकिन सटीक कारण पोस्टमार्टम और जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

    यह घटना न केवल भोपाल के निशातपुरा इलाके में तनाव बढ़ा रही है, बल्कि होली जैसे खुशियों के त्योहार पर सुरक्षा और कानून व्यवस्था की चुनौती को भी उजागर करती है। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और आश्वासन दिया है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।

  • बाल्टी में हाथ डालते ही इमर्शन रॉड से करंट, 5 वर्षीय बच्ची की दर्दनाक मौत; परिजन PM से इनकार, थाने के सामने हुआ हंगामा

    बाल्टी में हाथ डालते ही इमर्शन रॉड से करंट, 5 वर्षीय बच्ची की दर्दनाक मौत; परिजन PM से इनकार, थाने के सामने हुआ हंगामा


    रायसेन। मध्यप्रदेश के रायसेन जिले के बेगमगंज में एक 5 वर्षीय बच्ची की करंट लगने से मौत ने परिवार में मातम और क्षेत्र में चिंता की लहर फैला दी है। घटना हदाईपुर की बताई जा रही है जहां सुरेंद्र जैन की पुत्री स्वस्ति जैन 5 घर में हाथ धोने के लिए बाल्टी में हाथ डाला तभी उसमें रखी इमर्शन रॉड से करंट लग गया। बच्ची की चीख सुनकर परिजन दौड़े और उसे तुरंत सिविल अस्पताल लेकर गए लेकिन डॉक्टर ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

    परिजन मासूम के पीएम पोस्टमार्टम नहीं करवाना चाहते थे। उन्होंने अस्पताल में लिखित रूप से डॉक्टर को बताया और शव को घर ले आए। इसके बाद पुलिस को भी परिजनों ने पीएम न कराने की मांग की। परिजन अंतिम संस्कार के लिए शव लेकर शमशान पहुंच गए। इस बीच अस्पताल से थाने में सूचना पहुंची कि बच्ची अज्ञात कारण से करंट लगने से मृत हुई है।

    जब पुलिस ने मर्ग मृत्यु का मामला दर्ज किया और नियम अनुसार पीएम कराने के लिए कहा तो परिजन ने विरोध किया। शमशान में शव लेकर आए परिजन थाने के सामने भी एकत्रित हो गए और पीएम कराने से इनकार करते रहे। लोगों का कहना था कि पहले पुलिस ने मूक सहमति दी थी लेकिन बाद में पीएम के लिए दबाव बनाया जा रहा है।

    हालांकि पुलिस ने मामले की गंभीरता बताते हुए समझाइश दी और नियमों के अनुसार पीएम कराना आवश्यक बताया। अंततः परिजन समझौता करके शव को फिर से सिविल अस्पताल ले गए। पीएम के बाद परिजनों ने पुलिस की मौजूदगी में शव को पलकमति वाले शमशान में दफन कर दिया।

    इस पूरे विवाद ने यह सवाल उठाया है कि क्या परिवार और पुलिस के बीच संवाद सही ढंग से हुआ या नहीं। पुलिस का कहना है कि मर्ग की सूचना मिलने पर पीएम अनिवार्य था इसलिए नियम के अनुसार पीएम करा कर शव परिजनों को सौंप दिया गया। वहीं परिजन का आरोप है कि पुलिस ने पहले मूक सहमति दी और बाद में पीएम के लिए दबाव बनाया।

    इस हादसे ने घरों में इमर्शन रॉड से पानी गर्म करने की प्रथा पर भी चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों और पुलिस का मानना है कि इमर्शन रॉड को बच्चों की पहुंच से दूर रखना चाहिए ताकि ऐसे दर्दनाक हादसे दोबारा न हों। स्वस्ति की मौत से परिवार में शोक का माहौल है और आसपास के लोग भी इस घटना को चेतावनी मानकर बच्चों की सुरक्षा पर जोर दे रहे हैं।