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  • पसंद की शादी करना चाहती थी 17 साल की आयुषी, मां और मामा पर हत्या का आरोप! दुपट्टे से गला घोंटने का दावा

    पसंद की शादी करना चाहती थी 17 साल की आयुषी, मां और मामा पर हत्या का आरोप! दुपट्टे से गला घोंटने का दावा


    भोपाल । भोपाल के पिपलानी इलाके में 17 साल की नाबालिग आयुषी की संदिग्ध मौत के मामले ने सनसनी फैला दी है। पुलिस ने अब इस मामले में हत्या का केस दर्ज करते हुए मृतका की मां कमला और मामा विजय राय को गिरफ्तार किया है। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि आयुषी अपनी पसंद के युवक से शादी करना चाहती थी जबकि उसकी मां बेटी की शादी अपनी पसंद के युवक से करवाना चाहती थी। शादी को लेकर मां और बेटी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी विवाद को पुलिस हत्या की संभावित वजह मानकर जांच कर रही है और मामले में ऑनर किलिंग के एंगल को भी खंगाला जा रहा है।

    पुलिस के मुताबिक आयुषी अपनी मां के साथ घरों में काम करती थी। परिवार में उसकी शादी को लेकर बातचीत चल रही थी लेकिन मां और बेटी की पसंद अलग थी। आयुषी अपनी पसंद के युवक से शादी करना चाहती थी जबकि उसकी मां चाहती थी कि बेटी उसकी पसंद के युवक से विवाह करे। इसी मुद्दे को लेकर दोनों के बीच लगातार तनाव बना हुआ था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि विवाद किस तरह बढ़ा और घटना वाले दिन घर में वास्तव में क्या हुआ था।

    जांच के अनुसार 26 अगस्त को शादी की बात को लेकर घर में फिर विवाद हुआ। आरोप है कि इसी दौरान कमला और उसके भाई विजय राय ने आयुषी का दुपट्टे से गला घोंट दिया। इसके बाद उसकी मौत हो गई। हालांकि पुलिस अभी घटना के पूरे क्रम और दोनों आरोपियों की वास्तविक भूमिका को लेकर विस्तृत जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना में और कोई व्यक्ति शामिल था या नहीं।

    आयुषी की मौत के बाद परिजन कथित तौर पर बिना पोस्टमार्टम कराए शव का अंतिम संस्कार करने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस को घटना की जानकारी मिली। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इसके बाद मामले में अहम मोड़ 29 अगस्त की शाम आया जब पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त हुई। रिपोर्ट में गला घोंटने के कारण मौत होने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने मामले को हत्या की दिशा में आगे बढ़ाया।

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद पिपलानी पुलिस ने रविवार तड़के आयुषी की मां कमला और मामा विजय राय के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया और दोनों को गिरफ्तार कर लिया। अब पुलिस हत्या से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। खासतौर पर शादी को लेकर चल रहे विवाद घटना से पहले की परिस्थितियों और अंतिम संस्कार की तैयारी के पीछे की वजहों को समझने की कोशिश की जा रही है।

    पुलिस की शुरुआती जांच में पसंद की शादी को लेकर परिवार में चल रहा विवाद हत्या की संभावित वजह के तौर पर सामने आया है। इसी कारण मामले में ऑनर किलिंग की आशंका को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है। हालांकि पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही हत्या की वास्तविक वजह और आरोपियों की भूमिका को लेकर स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। फिलहाल नाबालिग की मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और पुलिस घटना से जुड़े हर पहलू की बारीकी से पड़ताल कर रही है।

  • गोवा हादसे में पिता की मौत, बेटी का दर्द छलका: बदला नहीं, इंसाफ चाहिए

    गोवा हादसे में पिता की मौत, बेटी का दर्द छलका: बदला नहीं, इंसाफ चाहिए


    नई दिल्ली। 23 फरवरी को जन्मदिन मनाने गोवा पहुंची रुचिका शर्मा के लिए यह तारीख हमेशा का जख्म बन गई। तेज रफ्तार थार की टक्कर में उनके पिता भगतराम शर्मा की मौत हो गई, मां लीला शर्मा गंभीर रूप से घायल हैं और तीन महीने की मासूम बच्ची भी चोटिल हुई। रुचिका का आरोप है कि हादसे के बाद आरोपी मदद करने के बजाय वीडियो बनाता रहा और एंबुलेंस बुलाने की जगह अपने पिता को फोन किया। परिवार का कहना है कि अगर उस वक्त संवेदनशीलता दिखाई जाती, तो शायद दर्द कुछ कम होता।

    परिजन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहते हैं कि भगतराम शर्मा की गर्दन टूटने और अंदरूनी रक्तस्राव से मौत हुई, जबकि मां की पेल्विस, पसलियों और कंधे में फ्रैक्चर है। गोवा पुलिस के मुताबिक गाड़ी शौर्य नामक युवक चला रहा था, उसे गिरफ्तार कर जमानत मिल चुकी है। परिवार का कहना है कि यह सिर्फ सड़क हादसा नहीं, बल्कि एक पूरा परिवार टूटने की कहानी है। रुचिका ने कहा, “हमें बदला नहीं, इंसाफ चाहिए, ताकि कोई और बेटी अपने पिता को इस तरह न खोए।

  • भोपाल हॉस्पिटल कांड: युवक की मौत पर परिजनों का हंगामा, डॉक्टर नदारद, नर्स करती रही CPR

    भोपाल हॉस्पिटल कांड: युवक की मौत पर परिजनों का हंगामा, डॉक्टर नदारद, नर्स करती रही CPR




    भोपाल।
    भोपाल के हबीबगंज थाना क्षेत्र स्थित अक्षय अस्पताल में इलाज के दौरान 32 वर्षीय युवक की मौत के बाद शनिवार देर रात जमकर हंगामा हुआ। मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तोड़फोड़ की। इस बीच एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें एक नर्स मरीज को सीपीआर देकर रिवाइव करने की कोशिश करती दिख रही है, जबकि वार्ड में कोई डॉक्टर मौजूद नजर नहीं आ रहा। यही वीडियो परिजनों ने रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर साझा किया है।

    जानकारी के अनुसार, बरखेड़ी निवासी विशाल जोगी को इलाज के लिए अक्षय अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शनिवार शाम से ही उसकी हालत लगातार बिगड़ने लगी थी। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने कई बार अस्पताल स्टाफ से सीनियर डॉक्टर को बुलाने की मांग की, लेकिन लंबे समय तक कोई विशेषज्ञ डॉक्टर मौके पर नहीं पहुंचा। देर रात विशाल की मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा।

    मृत्यु से पहले का जो वीडियो सामने आया है, उसमें साफ देखा जा सकता है कि अस्पताल के बेड पर लेटे विशाल को एक नर्स सीपीआर देकर बचाने का प्रयास कर रही है। आसपास मौजूद परिजन रोते-बिलखते दिखाई दे रहे हैं और वीडियो बना रहा व्यक्ति अस्पताल में डॉक्टरों की गैरमौजूदगी का आरोप लगा रहा है। परिजनों का कहना है कि गंभीर स्थिति में भी अस्पताल में सिर्फ नर्स ही मौजूद थी, जबकि डॉक्टर और अन्य स्टाफ नजर नहीं आए।

    वहीं, अस्पताल स्टाफ की ओर से इस मामले में अलग ही दावा किया गया है। स्टाफ का कहना है कि विशाल की हालत पहले से ही बेहद गंभीर थी और इसकी जानकारी परिजनों को समय रहते दे दी गई थी। डॉक्टरों ने मरीज को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन हालत ज्यादा बिगड़ने के कारण उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक, मौत के बाद करीब 30 से ज्यादा लोग एक साथ अस्पताल में आ गए और हंगामा करने लगे।

    अस्पताल स्टाफ का यह भी कहना है कि परिजनों और उनके साथ आए लोगों ने जमकर तोड़फोड़ की।

    गुस्साए लोगों ने अस्पताल के कांच, कुर्सियां, बोर्ड और अन्य सामान तोड़ दिए। हालात बेकाबू होते देख अस्पताल का स्टाफ और गार्ड अपनी जान बचाने के लिए मौके से निकल गए। स्टाफ के अनुसार, उस वक्त अस्पताल में सिर्फ नाइट ड्यूटी पर तैनात दो सफाई कर्मचारी ही मौजूद रह गए थे।

    हंगामे की सूचना मिलने पर पुलिस को बुलाया गया। हबीबगंज थाना पुलिस के अनुसार, मृतक के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा और उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल इस घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन और परिजनों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच सवाल यह उठ रहा है कि गंभीर मरीज की हालत में डॉक्टरों की मौजूदगी क्यों नहीं दिखी और क्या इलाज में वास्तव में लापरवाही बरती गई। अब पूरे मामले पर पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी।