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  • बिजली-पानी संकट पर कांग्रेस का अनोखा प्रदर्शन, मटका लेकर पहुंचे कार्यकर्ता

    बिजली-पानी संकट पर कांग्रेस का अनोखा प्रदर्शन, मटका लेकर पहुंचे कार्यकर्ता


    सागर । सागर जिले के देवरी में शुक्रवार को अघोषित बिजली कटौती और गहराते जलसंकट को लेकर कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ता सिर पर मटका रखकर पैदल रैली निकालते हुए बिजली कंपनी कार्यालय पहुंचे और सरकार तथा विभागीय अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेताओं ने तहसीलदार प्रीति रानी चौरसिया को ज्ञापन सौंपते हुए समस्याओं के जल्द समाधान की मांग की।

    कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि देवरी क्षेत्र में लगातार बिना सूचना बिजली कटौती की जा रही है, जिससे आमजन का जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। नौतपा और भीषण गर्मी के बीच घंटों बिजली बंद रहने से लोग परेशान हैं। उन्होंने कहा कि बिजली कंपनी के अधिकारी लापरवाही बरत रहे हैं और शिकायतों के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हो रहा।

    प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बढ़े हुए और आंकलित बिजली बिलों का मुद्दा भी उठाया। नेताओं का कहना था कि एक तरफ लोगों को पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही, दूसरी तरफ मनमाने बिल भेजकर आर्थिक बोझ बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली संकट के कारण किसानों की सिंचाई व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है, जिससे खेती-किसानी पर संकट गहराने लगा है।

    जलसंकट को लेकर कांग्रेस ने देवरी नगर पालिका परिषद पर भी गंभीर आरोप लगाए। नेताओं ने कहा कि नगर पालिका की लापरवाही के कारण कई वार्डों में नियमित पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही है। लोगों को पानी के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है और कई इलाकों में स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। प्रदर्शन में शामिल महिलाओं और स्थानीय नागरिकों ने भी पानी की समस्या को लेकर नाराजगी जताई।

    कांग्रेस नेताओं ने प्रदर्शन के दौरान भ्रष्टाचार और कानून व्यवस्था के मुद्दे भी उठाए। उनका कहना था कि प्रशासन आम जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनहीन बना हुआ है। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द बिजली और पानी की समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो कांग्रेस और बड़ा तथा उग्र आंदोलन करेगी।

    प्रदर्शन में पूर्व मंत्री हर्ष यादव, गजेंद्र गुरु सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक शामिल रहे। पूरे प्रदर्शन के दौरान प्रशासनिक अमला सतर्क नजर आया।

    क्षेत्र में लगातार बढ़ रही बिजली और पानी की समस्या को लेकर लोगों में भी नाराजगी बढ़ती जा रही है। अब देखना होगा कि प्रशासन और संबंधित विभाग इस विरोध प्रदर्शन के बाद समस्याओं के समाधान के लिए क्या कदम उठाते हैं।

  • सीहोर के बिजौरी गांव में प्रदर्शन: लंबे बिजली कटौती से पेयजल संकट और गर्मी ने बढ़ाई परेशानी

    सीहोर के बिजौरी गांव में प्रदर्शन: लंबे बिजली कटौती से पेयजल संकट और गर्मी ने बढ़ाई परेशानी


    सीहोर। सीहोर जिले के बिजौरी गांव में अघोषित बिजली कटौती और लगातार ट्रिपिंग की समस्या ने ग्रामीणों का गुस्सा भड़का दिया। भीषण गर्मी के बीच घंटों बिजली गुल रहने से परेशान लोग सड़क पर उतर आए और विद्युत वितरण कंपनी के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।

    ग्रामीणों का कहना है कि गांव में बिजली आपूर्ति का कोई तय समय नहीं है। कभी भी बिजली गुल हो जाती है और लंबे समय तक बहाल नहीं होती। इससे लोगों की दैनिक दिनचर्या पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गई है। रात के समय जहां लोग ठीक से सो नहीं पा रहे हैं, वहीं दिन में जरूरी घरेलू और कृषि कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।

    बिजली संकट का सबसे ज्यादा असर पेयजल व्यवस्था पर पड़ा है। ग्रामीणों ने बताया कि मोटर और पंप बंद रहने से गांव में पानी की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। कई घरों में पीने के पानी तक की किल्लत हो रही है।

    इसके अलावा बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। गर्मी और अंधेरे के कारण छात्र-छात्राएं ठीक से पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं, जबकि बुजुर्ग और बीमार लोग भी लगातार परेशान हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बिजली कंपनी समय पर बिल वसूलने में कोई देरी नहीं करती, लेकिन 24 घंटे बिजली आपूर्ति के दावे जमीन पर दिखाई नहीं देते।

    लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद स्थानीय स्तर पर कोई समाधान नहीं हुआ है। अधिकारियों द्वारा केवल आश्वासन दिया जाता है, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो वे बड़ा और उग्र आंदोलन करेंगे।

  • बिजली संकट पर सड़क पर उतरे लोग, डीसी ऑफिस के बाहर जोरदार विरोध

    बिजली संकट पर सड़क पर उतरे लोग, डीसी ऑफिस के बाहर जोरदार विरोध


    सीहोर। सीहोर जिले के अमलाहा क्षेत्र में पिछले 15 दिनों से जारी रात्रिकालीन बिजली कटौती के विरोध में ग्रामीणों का गुस्सा सोमवार को सड़कों पर फूट पड़ा। बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र होकर अमलाहा डीसी कार्यालय पहुंचे और चक्का जाम कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।

    प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर तत्काल बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार करने की मांग उठाई। ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय बार-बार बिजली गुल होने से आमजन का जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

    लोगों ने बताया कि लगातार अंधेरे के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, वहीं किसानों को सिंचाई और अन्य कृषि कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा छोटे व्यापारी भी बिजली कटौती से परेशान हैं और उनका कामकाज ठप पड़ रहा है।

    प्रदर्शन के चलते कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ, हालांकि प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालते हुए ग्रामीणों को समझाइश देकर सड़क से हटाया। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

    ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि अगले 72 घंटे के भीतर बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो वे बड़े और उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। फिलहाल क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए प्रशासन सतर्क है और बिजली विभाग से रिपोर्ट तलब की जा रही है।