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  • 16,086 मेगावाट क्षमता और रिकॉर्ड बिजली उत्पादन के साथ पवन ऊर्जा में गुजरात सबसे आगे, केंद्र ने जारी किए आंकड़े

    16,086 मेगावाट क्षमता और रिकॉर्ड बिजली उत्पादन के साथ पवन ऊर्जा में गुजरात सबसे आगे, केंद्र ने जारी किए आंकड़े

    नई दिल्ली। देश में नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में गुजरात ने एक नई उपलब्धि हासिल की है। केंद्र सरकार के अनुसार राज्य ने पवन ऊर्जा के क्षेत्र में स्थापित क्षमता और बिजली उत्पादन, दोनों मामलों में देशभर में पहला स्थान प्राप्त किया है। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक 30 जून 2026 तक गुजरात में पवन ऊर्जा की स्थापित क्षमता 16,086 मेगावाट तक पहुंच गई है, जो देश के सभी राज्यों में सबसे अधिक है। इस उपलब्धि ने गुजरात को स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में और अधिक मजबूत पहचान दिलाई है।

    सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान गुजरात ने पवन ऊर्जा से 33,706 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन किया। यह देश के कुल पवन ऊर्जा उत्पादन का लगभग एक तिहाई हिस्सा है। भारत की कुल पवन ऊर्जा स्थापित क्षमता इसी अवधि में 57,443 मेगावाट तक पहुंच चुकी है, जबकि पूरे देश में पवन ऊर्जा से 106 अरब यूनिट बिजली का उत्पादन दर्ज किया गया। इसमें गुजरात का योगदान सबसे अधिक रहा, जिससे राज्य की ऊर्जा क्षमता और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में उसकी मजबूत स्थिति स्पष्ट होती है।

    केंद्र सरकार का कहना है कि वर्ष 2030 तक देश की कुल बिजली आवश्यकता का 50 प्रतिशत हिस्सा नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी दिशा में गुजरात ने पवन ऊर्जा, सौर ऊर्जा और रूफटॉप सोलर परियोजनाओं के विस्तार के माध्यम से महत्वपूर्ण प्रगति की है। राज्य में विकसित बुनियादी ढांचा, निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण और प्रभावी नीतियों के कारण स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं का तेजी से विस्तार हुआ है।

    सरकार ने बताया कि नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की गई हैं। ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर योजना के तहत नई ट्रांसमिशन लाइनें और सबस्टेशन विकसित किए गए हैं, जिससे स्वच्छ ऊर्जा को बिजली ग्रिड तक पहुंचाने की क्षमता में वृद्धि हुई है। इसके अलावा इंटर-स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम शुल्क में दी गई राहत से निजी निवेश को बढ़ावा मिला है और नई परियोजनाओं की लागत कम करने में मदद मिली है।

    पवन ऊर्जा क्षेत्र को और मजबूत बनाने के लिए ‘नेशनल रिपावरिंग एंड लाइफ एक्सटेंशन पॉलिसी फॉर विंड पावर प्रोजेक्ट्स-2023’ लागू की गई है। इसके साथ ही ऑफशोर विंड एनर्जी लीज रूल्स-2023 और ऑफशोर पवन ऊर्जा परियोजनाओं के लिए वायबिलिटी गैप फंडिंग जैसी योजनाओं ने समुद्री क्षेत्रों में पवन ऊर्जा विकास के नए अवसर उपलब्ध कराए हैं। इन पहलों का लाभ गुजरात सहित कई राज्यों को मिल रहा है, हालांकि इस क्षेत्र में सबसे तेज प्रगति गुजरात ने दर्ज की है।

    केंद्र सरकार के अनुसार गुजरात ने देश में सबसे पहले पवन ऊर्जा नीति लागू करने वाले राज्यों में शामिल होकर इस क्षेत्र के विकास की मजबूत नींव रखी थी। समय के साथ राज्य ने आधुनिक तकनीक, बेहतर ग्रिड प्रबंधन और निवेश समर्थक नीतियों के माध्यम से अपनी क्षमता में लगातार विस्तार किया। परिणामस्वरूप राज्य में पवन ऊर्जा उत्पादन लगातार बढ़ा है और ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को भी मजबूती मिली है।

    सरकार का मानना है कि गुजरात का यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणादायक साबित हो सकता है। स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने, कार्बन उत्सर्जन कम करने और टिकाऊ विकास को गति देने की दिशा में राज्य की यह उपलब्धि देश के ऊर्जा परिवर्तन अभियान को नई मजबूती प्रदान करेगी। आने वाले वर्षों में पवन और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के विस्तार से भारत के हरित ऊर्जा लक्ष्यों को हासिल करने में भी महत्वपूर्ण सहायता मिलने की उम्मीद जताई गई है।

  • हेलमेट न पहनने पर छह हजार रुपये का चालान कटने से आक्रोशित बिजली कर्मियों ने सरकारी बकाये को आधार बनाकर पुलिस परिसरों की बत्ती गुल की

    हेलमेट न पहनने पर छह हजार रुपये का चालान कटने से आक्रोशित बिजली कर्मियों ने सरकारी बकाये को आधार बनाकर पुलिस परिसरों की बत्ती गुल की

    नई दिल्ली । राजधानी के सीमावर्ती ग्रामीण क्षेत्र में यातायात पुलिस और विद्युत विभाग के कर्मियों के बीच हुआ विवाद अचानक एक बड़े प्रशासनिक संकट में बदल गया। समेसी उपकेंद्र में कार्यरत संविदा कर्मचारियों का वाहन जांच के दौरान अनुपालन न करने पर छह हजार रुपये का चालान काट दिया गया था। इस कार्रवाई से नाराज विद्युत कर्मचारियों ने विभागीय बकाये के दस्तावेजों की तुरंत समीक्षा की और प्रक्रियागत नियमों का हवाला देते हुए संबंधित पुलिस परिसरों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह बंद कर दी। इस अचानक हुई कार्रवाई से स्थानीय पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया और कई घंटों तक थाने तथा आसपास की चौकियों में कामकाज बुरी तरह प्रभावित रहा।

    प्राप्त विवरण के अनुसार विद्युत उपकेंद्र पर तैनात कर्मचारी शाम के समय उच्च तनाव लाइन की नियमित गश्त के लिए निकले थे। इसी दौरान मार्ग पर चलाए जा रहे जांच अभियान के तहत ड्यूटी पर तैनात उपनिरीक्षक ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी के चलते वाहन चालक कर्मचारी का भारी जुर्माना जमा करने का चालान जारी कर दिया। कर्मचारियों ने विभागीय परिचय पत्र देने का प्रयास किया लेकिन नियमों का हवाला देते हुए चालान की प्रति सौंप दी गई। इस घटनाक्रम के तुरंत बाद कर्मचारियों ने दफ्तर पहुंचकर राजस्व बकाये की सूची निकाली जिसमें स्थानीय थाने और दो पुलिस बूथों पर लाखों रुपये का बिजली बिल लंबित पाया गया।

    विभाग के पुराने बकाये के आंकड़ों का आधार बनाकर शाम के समय ही नगराम थाने के साथ-साथ दो प्रमुख पुलिस चौकियों का बिजली कनेक्शन काट दिया गया। थाने पर साढ़े तीन लाख रुपये से अधिक और दोनों चौकियों पर डेढ़-डेढ़ लाख रुपये का राजस्व बिल बकाया दर्ज था। अचानक बिजली जाने और बैकअप व्यवस्था सीमित होने के कारण पुलिस परिसरों में अंधेरा छा गया। विभागीय कार्यों के निष्पादन में आ रही परेशानियों को देखते हुए पुलिस के उच्च अधिकारियों को तत्काल पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया गया। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए संबंधित उपनिरीक्षक को फटकार लगाई गई और जारी किए गए चालान को नियमानुसार वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की गई।

    बिजली आपूर्ति बंद होने के बाद संबंधित कर्मियों ने अपने संपर्क माध्यम बंद कर दिए थे, जिससे संवाद स्थापित करने में अधिकारियों को काफी समय लगा। प्रशासनिक स्तर पर वार्ता के बाद विद्युत उपकेंद्र से दूसरी तकनीकी टीम को मौके पर भेजा गया, जिसने देर रात करीब साढ़े नौ बजे आपूर्ति बहाल कराई। लखनऊ में अंतर-विभागीय बकाये और चालान को लेकर इस तरह का तनाव पहले भी कई मौकों पर देखा गया है, जहां यातायात दंडात्मक कार्रवाई के जवाब में विद्युत बकाये पर तत्काल कनेक्शन काटने जैसे कदम उठाए गए। अधिकारियों ने पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाने और भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के निर्देश जारी किए हैं।

  • शराब पीकर पंजाब चला रहे भगवंत मान, इन्हें हटाएं; भाजपा की राज्यपाल से मांग

    शराब पीकर पंजाब चला रहे भगवंत मान, इन्हें हटाएं; भाजपा की राज्यपाल से मांग

    नई दिल्‍ली। भारतीय जनता पार्टी ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को पद से हटाए जाने की मांग की है। राज्यपाल से मुलाकात के दौरान भाजपा की पंजाब इकाई के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री मान शराब पीकर पंजाब चला रहे हैं।
    पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के विधानसभा में क​थित तौर पर शराब पीकर आने पर सियासत अभी भी गर्म है। पंजाब भाजपा के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात की। भाजपा नेताओं ने राज्यपाल के सामने मुख्यमंत्री भगवंत मान को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने राज्य का मुख्यमंत्री बदलने की मांग की। उन्होंने कहा कि शराबी आदमी को कोई कार नहीं चलाने देता, भगवंत मान पंजाब चला रहे हैं। यह ऐसा है जैसे किसी ने कलंक के ऊपर मुहर लगाई है। आप विधायकों द्वारा विधानसभा में विश्वासमत पर बाबा साहिब और संविधान की बेअदबी की जाखड़ ने कहा कि असली फ्लोर टेस्ट राज्यपाल के पास ही होगा, क्योंकि ‘आप’ के कई विधायक अपनी सरकार के खिलाफ जल्द ही राजभवन आएंगे।

    भाजपा ने मांग की कि पंजाब के मुख्यमंत्री को इलाज के लिए डी-एडिक्शन सेंटर भेज देना चाहिए। जाखड़ ने आरोप लगाया कि विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान का आचरण उन्हें पंजाब जैसे संवेदनशील सीमावर्ती राज्य का नेतृत्व करने के लिए अयोग्य बनाता है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने राज्यपाल से अनुरोध किया है कि वे सत्ताधारी पार्टी के नेतृत्व से बात कर नया नेता चुनने के लिए कहें, क्योंकि भगवंत मान ने मुख्यमंत्री पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार खो दिया है।

    मीडिया से बातचीत करते हुए जाखड़ ने कहा कि पार्टी ने राज्यपाल से पंजाब के मुख्य सचिव को बुलाकर यह पता लगाने की मांग की है कि कहीं वे किसी दबाव में तो काम नहीं कर रहे। 1 मई को विधानसभा सत्र से पहले हुई कैबिनेट बैठक में दो मंत्रियों के अलावा मुख्य सचिव को भी कथित रूप से धमकाया और अपमानित किया गया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को बुलाकर यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि वे बिना किसी डर के, कानून के अनुसार काम कर सकें और उन्हें यह भरोसा दिलाया जाए कि नियमों के तहत काम करने पर संविधान और केंद्र सरकार उनकी सुरक्षा करेगी।

    जाखड़ ने कहा कि मजदूर दिवस के अवसर पर बुलाया गया विधानसभा सत्र केवल एक बहाना था और वास्तव में मुख्यमंत्री ने इसे अपनी कुर्सी बचाने के लिए बुलाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्र के बाद भ्रष्टाचार के मामले में जेल जा चुके विधायक रमन अरोड़ा को पुलिस सुरक्षा दी गई, जो यह दर्शाता है कि सरकार भ्रष्टाचारियों को संरक्षण दे रही है और अपने विधायकों को भ्रष्टाचार करने की खुली छूट दे रही है। उन्होंने इसे एक खतरनाक प्रवृत्ति बताया और कहा कि मुख्यमंत्री अपनी कुर्सी खोने के डर में फैसले ले रहे हैं, जो उनकी शपथ के विपरीत है।
    विधायकों पर एफआईआर का डर दिखाकर डरा रहे

    जाखड़ ने आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि केजरीवाल खुद शराब नीति मामले में जेल रहकर आए हैं, ऐसे में वह भगवंत भगवंत मान को कैसे बदलेंगे? उन्होंने आरोप लगाया कि संदीप पाठक के जरिए विधायकों पर एफआईआर का डर दिखाकर उन्हें डराने की कोशिश की जा रही है ताकि वो पार्टी न छोड़ें। सांसद संदीप पाठक के खिलाफ दर्ज एफ.आई.आर. के सवाल पर जाखड़ ने कहा कि भाजपा ऐसी कार्रवाइयों से डरने वाली नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह मामला सत्ताधारी पार्टी के भीतर लोगों को डराने और उन्हें पार्टी छोड़ने से रोकने के लिए दर्ज किया गया है।

  • रूस ने यूक्रेन पर फिर ढाया कहर; पावरग्रिड पर मिसाइलों से हमला

    रूस ने यूक्रेन पर फिर ढाया कहर; पावरग्रिड पर मिसाइलों से हमला

    कीव । रूस ने यूक्रेन पर एक और हमला बोला है। चार दिनों के अंदर यह यूक्रेन पर चौथा बड़ा ड्रोन हमला है। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि इस बार भी पावर ग्रिड पर निशाना लगाया गया। इन हमलों से अमेरिका द्वारा रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध बंद कराने के प्रयासों को भी ठेस पहुंची है। गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच करीब चार साल से युद्ध जारी है।

    यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि रूस ने करीब 300 ड्रोन, 18 बैलेस्टिक मिसाइल और सात क्रूज मिसाइल से हमला बोला है। रात भर चला यह हमला आठ क्षेत्रों पर हुआ। इसमें उत्तर पूर्व खारकीव में एक मेल डिपो में चार लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा कीव क्षेत्र में सैकड़ों घर अंधेरे में डूब गए। यूक्रेन की राजधानी में इन दिनों भीषण ठंड पड़ रही है। यहां पर दिन का तापमान माइनस 12 डिग्री सेल्सियस है।

    गलियां बर्फ से ढंकी हुई हैं और जेनरेटरों के शोर से शहर का बुरा हाल है।

    कई आवासीय भवनों को नुकसान
    स्थानीय अधिकारियों मुताबिक रूसी हमलों में यूक्रेन के खारकीव क्षेत्र में, 10 लोग घायल हुए। वहीं, दक्षिणी शहर ओडेसा में, छह लोग घायल हुए। क्षेत्रीय सैन्य प्रशासन के प्रमुख ओलेह किपर ने कहा कि हमलों ने एनर्जी ग्रिड, एक अस्पताल, एक किंडरगार्टन, एक शैक्षिक संस्थान और कई आवासीय भवनों को नुकसान पहुंचाया। रूसी हमलों ने भीषण ठंड में यूक्रेनी नागरिकों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। रूस द्वारा पावर ग्रिड पर हमले से बिजली और पानी की सप्लाई बाधित हो रही है। रूस चाहता है कि यूक्रेनी नागरिकों की मुश्किलें बढ़ाकर वह युद्ध में बढ़त हासिल कर ले। वहीं यूक्रेनी अधिकारियों ने इस रणनीति को सर्दी को हथियार बनाने की रणनीति बताया है।

    चार दिन पहले भी निशाना
    चार दिन पहले रूस ने यूक्रेन पर सैकड़ों ड्रोन और दर्जनों मिसाइल से बड़ा हमला किया था। इस युद्ध में सिर्फ दूसरी बार ऐसा हुआ जब ताकतवर हाइपरसोनिक मिसाइल का इस्तेमाल किया गया।

    पश्चिमी यू्क्रेन पर हुए इस हमले के जरिए रूस ने यू्क्रेन के नाटो सहयोगियों को यह संदेश देने की कोशिश की कि पीछे हटने वाला नहीं है। सोमवार को ही अमेरिका ने रूस पर आरोप लगाया है कि वह युद्ध को गैरजरूरी ढंग से भड़का रहा है। बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार इस कोशिश में जुटे हैं कि रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध बंद हो जाए।