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  • बिजली कारोबार में अदाणी पावर की शानदार छलांग, पहली तिमाही में रिकॉर्ड मुनाफा, बढ़ी बिक्री और विस्तार योजनाओं से भविष्य को मिली नई रफ्तार

    बिजली कारोबार में अदाणी पावर की शानदार छलांग, पहली तिमाही में रिकॉर्ड मुनाफा, बढ़ी बिक्री और विस्तार योजनाओं से भविष्य को मिली नई रफ्तार

    नई दिल्ली । अदाणी समूह की प्रमुख ऊर्जा कंपनी अदाणी पावर ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज करते हुए कारोबार के कई प्रमुख मानकों पर नए रिकॉर्ड कायम किए हैं। कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 47.2 प्रतिशत बढ़कर 4,867 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 3,305 करोड़ रुपये था। कंपनी के अनुसार परिचालन क्षमता में सुधार, वित्तीय लागत पर प्रभावी नियंत्रण और लगातार जारी पूंजीगत निवेश के कारण यह उल्लेखनीय वृद्धि संभव हो सकी।

    पहली तिमाही के दौरान कंपनी के कुल समेकित राजस्व में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। कंपनी का राजस्व 26.6 प्रतिशत बढ़कर 17,936 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 14,167 करोड़ रुपये था। प्रबंधन का कहना है कि बिजली की बिक्री में बढ़ोतरी और बेहतर औसत टैरिफ के कारण आय में यह मजबूत वृद्धि देखने को मिली। देश में बिजली की लगातार बढ़ती मांग ने भी कंपनी के प्रदर्शन को मजबूती प्रदान की।

    अदाणी पावर ने परिचालन लाभ के मोर्चे पर भी नया इतिहास रचा है। कंपनी का समेकित निरंतर ईबीआईटीडीए 21.6 प्रतिशत बढ़कर 6,983 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो अब तक का सबसे अधिक तिमाही ईबीआईटीडीए है। ईंधन लागत में वृद्धि के बावजूद प्रभावी लागत प्रबंधन, उत्पादन क्षमता के बेहतर उपयोग और परिचालन दक्षता के कारण कंपनी यह उपलब्धि हासिल करने में सफल रही।

    बिजली उत्पादन और बिक्री के क्षेत्र में भी कंपनी ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की। पहली तिमाही में बिजली बिक्री 16.9 प्रतिशत बढ़कर 28.8 बिलियन यूनिट हो गई, जबकि पिछले वर्ष समान अवधि में यह 24.6 बिलियन यूनिट थी। कंपनी का कहना है कि उत्पादन क्षमता में विस्तार और विभिन्न क्षेत्रों से लगातार बढ़ती मांग ने बिक्री को नई ऊंचाई तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    पावर परचेज एग्रीमेंट के तहत बिजली की बिक्री में भी तेज वृद्धि दर्ज की गई। इस श्रेणी में बिक्री 30.3 प्रतिशत बढ़कर 24.5 बिलियन यूनिट तक पहुंच गई। वहीं प्रति यूनिट औसत टैरिफ 8.5 प्रतिशत बढ़कर 5.95 रुपये हो गया। मर्चेंट और शॉर्ट-टर्म बाजार में भी कंपनी को बेहतर मूल्य प्राप्त हुआ, जहां औसत प्राप्ति 13.1 प्रतिशत बढ़कर 7.04 रुपये प्रति यूनिट रही। मजबूत बाजार मांग और अनुकूल व्यावसायिक परिस्थितियों का लाभ कंपनी को मिला।

    कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एस. बी. ख्यालिया ने कहा कि अदाणी पावर ने एक बार फिर अपनी लागत-कुशल उत्पादन क्षमता और परिचालन उत्कृष्टता का प्रदर्शन किया है। उन्होंने बताया कि कंपनी 45 गीगावाट उत्पादन क्षमता के दीर्घकालिक लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है और विभिन्न नई परियोजनाओं पर निर्धारित समयसीमा के भीतर काम जारी है। उनका कहना है कि भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कंपनी अपनी उत्पादन क्षमता का लगातार विस्तार कर रही है।

    कारोबार विस्तार की रणनीति के तहत कंपनी ने कई महत्वपूर्ण परिसंपत्तियों का अधिग्रहण भी किया है। कॉरपोरेट इनसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रक्रिया के अंतर्गत स्वीकृत योजना के अनुसार कंपनी ने 180 मेगावाट क्षमता वाले चुर्क थर्मल पावर प्लांट के साथ जयप्रकाश पावर वेंचर्स लिमिटेड और प्रयागराज पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड में हिस्सेदारी हासिल की है। इसके अलावा कंपनी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय जलविद्युत परियोजनाओं में भी अपनी मौजूदगी बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है तथा भविष्य में परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में संभावित अवसरों पर भी नजर बनाए हुए है। कंपनी का मानना है कि इन विस्तार योजनाओं से आने वाले वर्षों में उसकी उत्पादन क्षमता और बाजार में प्रतिस्पर्धी स्थिति और मजबूत होगी।

  • सोलर पैनल की उम्र और बिजली उत्पादन बढ़ाना है तो अपनाएं सही सफाई तरीका, एक्सपर्ट्स ने दी महत्वपूर्ण सलाह

    सोलर पैनल की उम्र और बिजली उत्पादन बढ़ाना है तो अपनाएं सही सफाई तरीका, एक्सपर्ट्स ने दी महत्वपूर्ण सलाह

    नई दिल्ली । घरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और कृषि क्षेत्रों में सोलर पैनलों का उपयोग लगातार बढ़ रहा है। बढ़ती बिजली लागत के बीच सौर ऊर्जा एक किफायती और पर्यावरण अनुकूल विकल्प बनकर उभरी है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि बेहतर बिजली उत्पादन और लंबे समय तक पैनलों की कार्यक्षमता बनाए रखने के लिए उनकी नियमित एवं सही तरीके से सफाई करना बेहद जरूरी है। सफाई के दौरान की गई छोटी सी लापरवाही भी पैनलों को नुकसान पहुंचा सकती है और उनकी कार्यक्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है।

    विशेषज्ञों के अनुसार सोलर पैनलों की सतह पर समय के साथ धूल, मिट्टी, प्रदूषण के कण, सूखे पत्ते, परागकण और पक्षियों की बीट जमा हो जाती है। इससे सूर्य की किरणें सीधे पैनल तक नहीं पहुंच पातीं और बिजली उत्पादन में 20 से 30 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है। इसलिए समय-समय पर पैनलों की सफाई करना आवश्यक माना जाता है।

    सफाई के लिए सबसे उपयुक्त समय सुबह का शुरुआती समय या सूर्यास्त के बाद का होता है। दोपहर के समय तेज धूप में सोलर पैनल का तापमान काफी अधिक हो जाता है। ऐसे में गर्म पैनल पर अचानक ठंडा पानी डालने से थर्मल शॉक की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जिससे पैनल का ग्लास चटकने या उसमें दरार आने का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा गर्म सतह पर पानी तेजी से सूखने के कारण दाग भी पड़ सकते हैं, जो प्रकाश के अवशोषण को प्रभावित कर सकते हैं।

    विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सफाई शुरू करने से पहले पूरे सोलर सिस्टम को सुरक्षित तरीके से बंद कर देना चाहिए। सबसे पहले इनवर्टर और उसके बाद एसी तथा डीसी डिस्कनेक्ट स्विच बंद किए जाएं। इससे सफाई के दौरान बिजली के झटके या अन्य तकनीकी जोखिमों की संभावना काफी कम हो जाती है। सफाई पूरी होने के बाद सभी स्विच निर्धारित क्रम में दोबारा चालू किए जाने चाहिए।

    सोलर पैनलों की ऊपरी सतह पर विशेष सुरक्षात्मक कोटिंग होती है, जो सूर्य की रोशनी को प्रभावी ढंग से अवशोषित करने में मदद करती है। इसलिए सफाई के दौरान कठोर ब्रश, स्टील स्क्रबर, झाड़ू या खुरदरे कपड़े का उपयोग नहीं करना चाहिए। ऐसे उपकरणों से सतह पर खरोंच आ सकती है, जिससे पैनल की क्षमता और आयु दोनों प्रभावित हो सकती हैं। सफाई के लिए माइक्रोफाइबर कपड़ा, मुलायम स्पंज या सॉफ्ट कपड़े का उपयोग सबसे सुरक्षित माना जाता है।

    सोलर पैनलों की सफाई करते समय हाई प्रेशर वाटर जेट या तेज दबाव वाले पाइप का इस्तेमाल भी नहीं करना चाहिए। अधिक दबाव से पानी डालने पर पैनल की सीलिंग कमजोर पड़ सकती है और नमी अंदर प्रवेश कर सकती है, जिससे तकनीकी खराबी का जोखिम बढ़ जाता है। इसी प्रकार तेज रासायनिक क्लीनर, एसिड, फिनायल या अन्य कठोर केमिकल का प्रयोग भी नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे पैनल की सुरक्षात्मक परत को नुकसान पहुंच सकता है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि सामान्य साफ पानी अधिकांश परिस्थितियों में पर्याप्त होता है। यदि अधिक गंदगी जमी हो तो हल्के साबुन के घोल का सीमित मात्रा में उपयोग किया जा सकता है। नियमित अंतराल पर सही तरीके से की गई सफाई न केवल सोलर पैनलों की कार्यक्षमता बनाए रखती है, बल्कि उनकी उम्र बढ़ाने और अधिकतम बिजली उत्पादन सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।