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  • भारत-इंडोनेशिया संबंधों को मिलेगा नया आयाम, जकार्ता में पीएम मोदी और राष्ट्रपति सुबियांतो के बीच रक्षा से डिजिटल अर्थव्यवस्था तक होगी व्यापक चर्चा

    भारत-इंडोनेशिया संबंधों को मिलेगा नया आयाम, जकार्ता में पीएम मोदी और राष्ट्रपति सुबियांतो के बीच रक्षा से डिजिटल अर्थव्यवस्था तक होगी व्यापक चर्चा

    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया यात्रा के दूसरे दिन भारत और इंडोनेशिया के संबंधों को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जाने की उम्मीद है। जकार्ता में प्रधानमंत्री का औपचारिक और भव्य स्वागत किया गया, जहां इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ उनकी उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठक निर्धारित है। इस बैठक में दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने के लिए कई अहम मुद्दों पर चर्चा की जाएगी तथा विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने वाले कई समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है।

    औपचारिक स्वागत समारोह के दौरान राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने प्रधानमंत्री मोदी का आत्मीय स्वागत किया। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे का अभिवादन करने के बाद अपने-अपने प्रतिनिधिमंडलों से परिचय कराया। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति भवन स्थित अतिथि पुस्तिका में हस्ताक्षर भी किए। इस अवसर पर दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी और मंत्री भी उपस्थित रहे, जिससे इस यात्रा के महत्व का स्पष्ट संकेत मिला।

    दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करने के लिए बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे भारत और इंडोनेशिया के राष्ट्रीय ध्वज लेकर कार्यक्रम स्थल पर मौजूद रहे। प्रधानमंत्री ने बच्चों का अभिवादन स्वीकार किया और उनसे आत्मीयता से मुलाकात की। यह दृश्य दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे सांस्कृतिक और जन-स्तरीय संबंधों का प्रतीक माना जा रहा है।

    प्रधानमंत्री ने जकार्ता पहुंचने पर मिले स्वागत को विशेष बताते हुए उसके कुछ दृश्य साझा किए और राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ होने वाली बैठक को लेकर उत्साह व्यक्त किया। उन्होंने यह भी कहा कि भारत और इंडोनेशिया के बीच स्थापित व्यापक रणनीतिक साझेदारी ने दोनों देशों के लोगों को लाभ पहुंचाया है और अब इस सहयोग को नए क्षेत्रों तक विस्तारित करने का अवसर है।

    द्विपक्षीय वार्ता में रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, क्रिटिकल मिनरल्स, खाद्य सुरक्षा और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण विषय प्रमुख रूप से शामिल रहेंगे। इसके अलावा दोनों देश निवेश, व्यापार, प्रौद्योगिकी, क्षमता निर्माण और क्षेत्रीय सहयोग को लेकर भी नए अवसरों पर विचार करेंगे। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता, सुरक्षित समुद्री मार्ग और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने पर भी चर्चा होने की संभावना है।

    बैठक के दौरान वर्ष 2018 में स्थापित व्यापक रणनीतिक साझेदारी के तहत अब तक हुई प्रगति की समीक्षा भी की जाएगी। दोनों देश इस साझेदारी को अधिक व्यावहारिक और परिणामोन्मुख बनाने के लिए नई पहल पर सहमति बना सकते हैं। इससे द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय सहयोग को भी नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

    प्रधानमंत्री मोदी की यह इंडोनेशिया की चौथी यात्रा है, लेकिन व्यापक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा मिलने के बाद यह उनकी पहली द्विपक्षीय यात्रा है। ऐसे में इस दौरे को दोनों देशों के रिश्तों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं के बीच यह यात्रा भारत और इंडोनेशिया के संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने तथा भविष्य की साझा विकास यात्रा को नई गति देने की दिशा में एक अहम पड़ाव साबित हो सकती है।

  • इंडोनेशिया पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी का भव्य राजकीय स्वागत, फाइटर जेट्स ने किया एस्कॉर्ट; राष्ट्रपति प्रबोवो ने एयरपोर्ट पर की अगवानी

    इंडोनेशिया पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी का भव्य राजकीय स्वागत, फाइटर जेट्स ने किया एस्कॉर्ट; राष्ट्रपति प्रबोवो ने एयरपोर्ट पर की अगवानी

    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को तीन देशों की अपनी आधिकारिक विदेश यात्रा के पहले चरण में इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता पहुंच गए। इंडोनेशिया पहुंचने पर उनका विशेष राजकीय सम्मान के साथ स्वागत किया गया। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो स्वयं एयरपोर्ट पर मौजूद रहे और उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की अगवानी कर दोनों देशों के बीच मजबूत होते द्विपक्षीय संबंधों का संदेश दिया।

    प्रधानमंत्री के विशेष विमान के इंडोनेशियाई हवाई क्षेत्र में प्रवेश करते ही वहां की वायुसेना के फाइटर जेट्स ने उसे एस्कॉर्ट किया। राजकीय यात्राओं के दौरान दिया जाने वाला यह सम्मान दोनों देशों के बीच बढ़ते विश्वास, सामरिक सहयोग और उच्च स्तरीय कूटनीतिक संबंधों का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है। जकार्ता पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री का औपचारिक स्वागत भी निर्धारित राजकीय प्रोटोकॉल के तहत किया गया।

    प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो द्वारा व्यक्तिगत रूप से किए गए स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति की उपस्थिति भारत और इंडोनेशिया के बीच गहरी मित्रता तथा परस्पर सम्मान को दर्शाती है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस यात्रा के दौरान होने वाली द्विपक्षीय वार्ताएं दोनों देशों की व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई ऊर्जा प्रदान करेंगी।

    भारत और इंडोनेशिया ने वर्ष 2018 में अपने संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया था। इसके बाद से रक्षा, समुद्री सुरक्षा, व्यापार, निवेश, डिजिटल सहयोग, ऊर्जा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान सहित अनेक क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार मजबूत हुआ है। मौजूदा यात्रा के दौरान भी इन विषयों पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है, ताकि दोनों देशों के बीच सहयोग को और व्यापक बनाया जा सके।

    प्रधानमंत्री अपने इंडोनेशिया प्रवास के दौरान वहां रह रहे भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे। भारतीय प्रवासी लंबे समय से दोनों देशों के बीच सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। इस मुलाकात के दौरान समुदाय के साथ संवाद और द्विपक्षीय संबंधों में उनकी भागीदारी पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।

    यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो योग्याकार्ता स्थित ऐतिहासिक प्रम्बानन मंदिर परिसर का भी दौरा करेंगे। यह स्थल भारत और इंडोनेशिया के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है। दोनों नेताओं का यह दौरा सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और साझा ऐतिहासिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में भी अहम माना जा रहा है।

    इंडोनेशिया दौरे के बाद प्रधानमंत्री मोदी अपनी विदेश यात्रा के अगले चरण में ऑस्ट्रेलिया और फिर न्यूजीलैंड जाएंगे। इस दौरान वे दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। चर्चाओं का मुख्य फोकस व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, तकनीकी साझेदारी और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने पर रहेगा।

    विशेषज्ञों का मानना है कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बदलते रणनीतिक परिदृश्य के बीच प्रधानमंत्री मोदी का यह तीन देशों का दौरा भारत की क्षेत्रीय कूटनीति को नई मजबूती देने वाला माना जा रहा है। इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के साथ बढ़ता सहयोग न केवल आर्थिक और सामरिक संबंधों को नई दिशा देगा, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता, समुद्री सुरक्षा और साझा विकास के एजेंडे को भी आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।