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  • इंडोनेशिया दौरे का भव्य समापन, प्रधानमंत्री मोदी को पांच फाइटर जेट्स की विशेष एस्कॉर्ट के साथ दी गई राजकीय विदाई

    इंडोनेशिया दौरे का भव्य समापन, प्रधानमंत्री मोदी को पांच फाइटर जेट्स की विशेष एस्कॉर्ट के साथ दी गई राजकीय विदाई

    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया की अपनी आधिकारिक यात्रा सफलतापूर्वक पूरी करने के बाद ऑस्ट्रेलिया के लिए प्रस्थान किया। यात्रा के समापन पर उन्हें विशेष राजकीय सम्मान प्रदान किया गया। इंडोनेशियाई वायुसेना के पांच लड़ाकू विमानों ने उनके विमान को एस्कॉर्ट करते हुए विदाई दी, जिसे दोनों देशों के बीच मजबूत होते रणनीतिक और कूटनीतिक संबंधों का प्रतीक माना जा रहा है।

    प्रधानमंत्री की यात्रा की शुरुआत भी विशेष सम्मान के साथ हुई थी। इंडोनेशिया पहुंचने से पहले वहां की वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने उनके विमान को एस्कॉर्ट किया था। जकार्ता पहुंचने पर इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने स्वयं हवाई अड्डे पर मौजूद रहकर उनका स्वागत किया। यह स्वागत दोनों देशों के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी और आपसी विश्वास का संकेत माना गया।

    यात्रा के समापन के अवसर पर भी राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो स्वयं प्रधानमंत्री मोदी को विदा करने पहुंचे। दोनों नेताओं ने गर्मजोशी के साथ मुलाकात की और भविष्य में द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। इस सम्मानजनक विदाई ने भारत और इंडोनेशिया के बीच गहरे होते संबंधों को एक बार फिर रेखांकित किया।

    प्रधानमंत्री मोदी ने यात्रा के बाद संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने पर सकारात्मक चर्चा हुई। उन्होंने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति और वहां की जनता का आत्मीय स्वागत और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उनका कहना था कि इस यात्रा ने दोनों देशों की साझेदारी को नई दिशा देने का काम किया है।

    यात्रा के दौरान रक्षा और सुरक्षा सहयोग को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया। दोनों पक्षों ने समुद्री सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के महत्व पर सहमति व्यक्त की। इसके साथ ही आधुनिक तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल नवाचार और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को विस्तार देने पर भी सकारात्मक चर्चा हुई।

    भारत और इंडोनेशिया लंबे समय से समुद्री सहयोग, व्यापार, निवेश और सांस्कृतिक संबंधों के महत्वपूर्ण साझेदार रहे हैं। हाल के वर्षों में दोनों देशों ने रक्षा, डिजिटल तकनीक, आपूर्ति श्रृंखला, ऊर्जा सुरक्षा और क्षेत्रीय संपर्क बढ़ाने जैसे विषयों पर भी सहयोग को नई गति दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा इन संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

    प्रधानमंत्री की इस यात्रा को इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत की सक्रिय कूटनीतिक रणनीति का हिस्सा भी माना जा रहा है। भारत लगातार क्षेत्रीय सहयोग, मुक्त एवं सुरक्षित समुद्री मार्ग, आर्थिक साझेदारी और तकनीकी सहयोग को प्राथमिकता देता रहा है। ऐसे में इंडोनेशिया के साथ बढ़ता सहयोग दोनों देशों के साझा हितों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    इंडोनेशिया दौरे के समापन के बाद प्रधानमंत्री मोदी अपने अगले कार्यक्रम के तहत ऑस्ट्रेलिया के लिए रवाना हो गए। उनकी आगामी बैठकों में भी क्षेत्रीय सहयोग, आर्थिक भागीदारी, सुरक्षा, तकनीक और बहुपक्षीय संबंधों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस पूरी यात्रा से भारत की इंडो-पैसिफिक नीति और क्षेत्रीय साझेदारियों को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

  • इंडोनेशिया के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित हुए प्रधानमंत्री मोदी, देशभर से बधाइयों का दौर; नेताओं ने बताया भारत के गौरव का क्षण

    इंडोनेशिया के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित हुए प्रधानमंत्री मोदी, देशभर से बधाइयों का दौर; नेताओं ने बताया भारत के गौरव का क्षण

    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इंडोनेशिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘बिंतांग आदिपूर्ण ऑफ द रिपब्लिक ऑफ इंडोनेशिया’ से सम्मानित किए जाने के बाद देशभर में उन्हें बधाइयां देने का सिलसिला शुरू हो गया। लोकसभा अध्यक्ष, केंद्रीय मंत्रियों और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने इस उपलब्धि को भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा और दोनों देशों के बीच मजबूत होते रणनीतिक संबंधों का महत्वपूर्ण प्रतीक बताया। नेताओं का कहना है कि यह सम्मान भारत की सक्रिय विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय मंच पर बढ़ते प्रभाव की व्यापक स्वीकृति को दर्शाता है।

    लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रधानमंत्री को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह सम्मान भारत और इंडोनेशिया के बीच लगातार मजबूत हो रहे द्विपक्षीय संबंधों का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में दोनों देशों के बीच विश्वास, सहयोग और साझेदारी को नई दिशा मिली है। उनके अनुसार यह सम्मान क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर सहयोग बढ़ाने के लिए किए गए प्रयासों की भी अंतरराष्ट्रीय मान्यता है। उन्होंने विश्वास जताया कि इससे दोनों देशों के बीच मित्रता और अधिक मजबूत होगी।

    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी प्रधानमंत्री को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान उनके दूरदर्शी नेतृत्व, प्रभावशाली कूटनीति और भारत के राष्ट्रीय हितों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता की वैश्विक पहचान है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की भूमिका लगातार मजबूत हुई है और यह सम्मान उसी बढ़ते प्रभाव का प्रमाण है। उनके अनुसार भारत आज विश्व समुदाय के बीच एक भरोसेमंद और जिम्मेदार साझेदार के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।

    केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भी प्रधानमंत्री मोदी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह सम्मान उनकी वैश्विक नेतृत्व क्षमता और भारत-इंडोनेशिया के बीच गहरे होते संबंधों को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि भारत की ‘एक्ट ईस्ट नीति’ की सफलता का भी महत्वपूर्ण संकेत है। उनके अनुसार दोनों देशों के बीच आर्थिक, व्यापारिक और रणनीतिक सहयोग लगातार नए आयाम हासिल कर रहा है, जिससे क्षेत्रीय विकास और साझा समृद्धि को भी बल मिलेगा।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह सम्मान इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने प्रदान किया। इसे इंडोनेशिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान माना जाता है और यह उन व्यक्तियों को दिया जाता है जिन्होंने असाधारण योगदान के माध्यम से द्विपक्षीय संबंधों और वैश्विक सहयोग को नई दिशा दी हो। इस सम्मान को भारत और इंडोनेशिया के बीच लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों का महत्वपूर्ण प्रतीक भी माना जा रहा है।

    सम्मान ग्रहण करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने इसे अपनी व्यक्तिगत उपलब्धि न बताते हुए देश के 140 करोड़ नागरिकों को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि उन्हें मिला यह सम्मान भारत के लोगों के प्रति इंडोनेशिया की सद्भावना और दोनों देशों के बीच गहरे ऐतिहासिक संबंधों का प्रतीक है। उन्होंने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति, वहां की सरकार और जनता के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दोनों देशों की मित्रता आने वाले वर्षों में और अधिक मजबूत होगी।

    प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत और इंडोनेशिया के बीच सहयोग केवल राजनीतिक या रणनीतिक क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यापार, निवेश, स्वास्थ्य, रक्षा, समुद्री सुरक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे अनेक क्षेत्रों में लगातार विस्तार हो रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि दोनों देश मिलकर क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और विकास के साझा लक्ष्यों को आगे बढ़ाएंगे।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यह सम्मान भारत की विदेश नीति की बढ़ती स्वीकार्यता और वैश्विक स्तर पर मजबूत होती भूमिका का संकेत है। हाल के वर्षों में भारत ने विभिन्न देशों के साथ रणनीतिक साझेदारी को विस्तार दिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय मंच पर उसकी स्थिति और प्रभाव दोनों मजबूत हुए हैं। ऐसे सम्मान न केवल द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊर्जा देते हैं, बल्कि वैश्विक समुदाय में भारत की सकारात्मक और विश्वसनीय छवि को भी और सुदृढ़ बनाते हैं।