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  • भोपाल में अभिमुखीकरण प्रशिक्षण का समापन, मंत्री पटेल ने अधिकारियों को दिए प्रभावी प्रशासन के मंत्र

    भोपाल में अभिमुखीकरण प्रशिक्षण का समापन, मंत्री पटेल ने अधिकारियों को दिए प्रभावी प्रशासन के मंत्र

    भोपाल । मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित मध्यप्रदेश जल एवं भूमि प्रबन्ध संस्थान में नवागत मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत और विकास खंड अधिकारियों के अभिमुखीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास और श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और नवनियुक्त अधिकारियों से सीधा संवाद किया।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्री पटेल ने अधिकारियों को लक्ष्य आधारित कार्यशैली अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आगामी तीन वर्षों में ऐसा कार्य करें जिससे उन्हें स्वयं संतुष्टि प्राप्त हो सके। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि आपकी आत्मसंतुष्टि ही इस बात का प्रमाण होगी कि आपने आमजन के जीवन में कितना सकारात्मक बदलाव लाया है। उन्होंने अधिकारियों को अपने कार्यों के प्रति जिम्मेदारी और समर्पण का भाव रखने की प्रेरणा दी।

    मंत्री पटेल ने अधिकारियों से उनके कार्यक्षेत्र भविष्य की योजनाओं और संभावित चुनौतियों को लेकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रशासन में निरंतर संवाद अत्यंत आवश्यक है क्योंकि संवाद ही बेहतर कार्य करने की प्रेरणा देता है और इससे पारदर्शिता और प्रभावशीलता बढ़ती है। उन्होंने अधिकारियों को यह भी सलाह दी कि वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों और आम जनता के साथ सतत संवाद बनाए रखें ताकि योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।

    उन्होंने आगे कहा कि कई बार व्यक्ति यह सोचता है कि वह सभी कार्य कर सकता है जो एक सकारात्मक सोच है लेकिन बेहतर परिणाम तब मिलते हैं जब व्यक्ति अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार कार्य करता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हर कार्य को स्पष्ट लक्ष्य मजबूत योजना और टीम वर्क के साथ किया जाए तो सफलता निश्चित होती है।

    इस दौरान नव नियुक्त अधिकारियों ने प्रशिक्षण अवधि के अपने अनुभव भी साझा किए। उन्होंने बताया कि पिछले 45 दिनों में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम ने उन्हें प्रशासनिक कार्यप्रणाली को समझने और जमीनी स्तर पर काम करने के व्यावहारिक पहलुओं को सीखने का अवसर दिया। प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण कराया गया जिससे उन्हें वास्तविक परिस्थितियों और चुनौतियों को समझने में मदद मिली।

    अधिकारियों ने कहा कि इस प्रशिक्षण से उन्हें अपने कार्य की रूपरेखा तैयार करने और भविष्य में बेहतर तरीके से जिम्मेदारी निभाने की दिशा में मार्गदर्शन मिला है। उन्होंने यह भी बताया कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

    कार्यक्रम के समापन अवसर पर मंत्री श्री पटेल ने सभी नवनियुक्त अधिकारियों को सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस मौके पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल प्रशासनिक दक्षता को मजबूत करने का माध्यम बना बल्कि अधिकारियों को जनहित में कार्य करने की नई दृष्टि और ऊर्जा भी प्रदान कर गया।

  • प्रहलाद पटेल के साथ दिल्ली में मिले सीएम मोहन यादव, सरसों और तुअर किसानों को बड़ी राहत

    प्रहलाद पटेल के साथ दिल्ली में मिले सीएम मोहन यादव, सरसों और तुअर किसानों को बड़ी राहत

    नई दिल्ली। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को दिल्ली में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की। इस बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल भी मौजूद रहे। बैठक का मुख्य एजेंडा किसानों की फसलों से जुड़ी समस्याओं और उनकी आय बढ़ाने के उपाय थे।

    बैठक के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री ने बताया कि यह चर्चा मुख्यतः सरसों और तुअर की फसल से संबंधित रही। लंबे समय से लंबित सरसों की खरीद पर भावांतर भुगतान योजना को हरी झंडी दे दी गई है। इसका लाभ सीधे किसानों के बैंक खातों में मिलेगा और यह उनके लिए बड़ी राहत साबित होगी। इससे प्रदेश के लाखों सरसों उत्पादक किसानों को बाजार मूल्य और समर्थन मूल्य के अंतर की राशि मिल सकेगी।

    इसके अलावा, तुअर की पूरी फसल 100 प्रतिशत सरकारी खरीद के तहत खरीदी जाएगी। शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री को इस योजना का स्वीकृति पत्र भी सौंपा। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम मध्य प्रदेश के दलहन उत्पादन क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा और किसानों की आय बढ़ाने में मदद करेगा।

    दिल्ली में हुई इस बैठक की पृष्ठभूमि में एमपी विधानसभा का हालिया बजट सत्र भी रहा। सत्र के दौरान मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बयानों से सीएम और उनके बीच अंदरूनी मतभेद नजर आए थे। इसके बाद पिछले हफ्ते सीएम मोहन यादव, कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल ने अलग-अलग समय पर केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। हालांकि इस बार कैलाश विजयवर्गीय निजी कार्यक्रम में व्यस्त रहे और बैठक में शामिल नहीं हो पाए।

    बैठक में यह भी तय किया गया कि वर्ष 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाया जाएगा। इसमें मध्य प्रदेश को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। इस वर्ष में मूंग, उड़द, सोयाबीन और अन्य तिलहनों पर विशेष फोकस रहेगा। सरकार किसानों के लिए योजनाओं की प्रभावी क्रियान्वयन और बेहतर निगरानी भी सुनिश्चित करेगी।

    शिवराज-मोहन-प्रहलाद की यह बैठक किसानों के हितों के लिए मील का पत्थर मानी जा रही है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि भावांतर भुगतान योजना और तुअर की पूरी सरकारी खरीद से किसान आर्थिक रूप से सशक्त होंगे और राज्य में दलहन उत्पादन में तेजी आएगी।

    प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार मिलकर किसानों की आय बढ़ाने, फसल की सही कीमत सुनिश्चित करने और उत्पादन को प्रोत्साहित करने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। यह बैठक किसानों के लिए वास्तविक राहत और लंबे समय से प्रतीक्षित निर्णयों का परिणाम साबित होगी।

  • कृषि कैबिनेट बैठक में दूरी दिखी, विजयवर्गीय इंदौर में त्रिपुरा सीएम से मिले, प्रहलाद भोपाल में रहे

    कृषि कैबिनेट बैठक में दूरी दिखी, विजयवर्गीय इंदौर में त्रिपुरा सीएम से मिले, प्रहलाद भोपाल में रहे


    नई दिल्ली। बड़वानी में आयोजित मध्य प्रदेश की कृषि कैबिनेट बैठक में मंत्रियों की अनुपस्थिति ने राजनीतिक चर्चा को जन्म दिया। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल बैठक में शामिल नहीं हुए। इस दौरान प्रहलाद पटेल दिनभर भोपाल में मौजूद रहे, जबकि कैलाश विजयवर्गीय आलीराजपुर के भगोरिया मेले में भाग लेने के बाद इंदौर में पहुंचे और वहां त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा से मुलाकात की।

    सोमवार को बड़वानी में कैबिनेट बैठक आयोजित की गई, लेकिन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने शारीरिक रूप से बैठक में हिस्सा नहीं लिया। वे सुबह आलीराजपुर में भगोरिया उत्सव में मौजूद रहे, जहां उन्होंने नागर सिंह चौहान और सांसद अनीता चौहान के साथ आदिवासी परंपराओं का सम्मान किया। दोपहर में इंदौर पहुंचे विजयवर्गीय ने त्रिपुरा के सीएम माणिक साहा से मुलाकात की और रात को इंदौर के फाग उत्सव में भाग लिया।

    वहीं, मंत्री प्रहलाद पटेल भोपाल में रहे और वहां बीजेपी किसान मोर्चा के नए प्रदेश महामंत्री कप्तान सिंह यादव से मिले। इस दौरान कप्तान सिंह ने पटेल से आशीर्वाद लिया और फोटो सोशल मीडिया पर साझा की। प्रहलाद पटेल ने दमोह की जरारूधाम गौ अभ्यारण्य के कोषाध्यक्ष सुशील गुप्ता से भी मुलाकात की और शाम को विदिशा के लिए रवाना हुए।

    शनिवार को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल ने अलग-अलग मुलाकातें की थीं। माना जा रहा है कि विधानसभा बजट सत्र के दौरान विजयवर्गीय के बयानों से मंत्री और मुख्यमंत्री के बीच अंदरूनी खींचतान चल रही है।

    सोमवार को आलीराजपुर भगोरिया मेले में विधानसभा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और कैलाश विजयवर्गीय के बीच वाक विवाद भी देखने को मिला। सिंघार ने “औकात” वाले बयान को लेकर विजयवर्गीय से सवाल किए, जबकि विजयवर्गीय ने कहा कि वे राजनीति करने नहीं, बल्कि भगोरिया उत्सव और आदिवासी समाज को सम्मान देने आए हैं। उन्होंने दावा किया कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से हर आदिवासी परिवार को सालाना 30–50 हजार रुपए का लाभ मिल रहा है।

    इससे स्पष्ट है कि कृषि कैबिनेट की बैठक के दौरान मंत्री दोनों अलग-अलग कार्यों और स्थानों में व्यस्त रहे, जिससे राजनीतिक और प्रशासनिक रूप से दूरी का संदेश गया। वहीं, भगोरिया मेले और त्रिपुरा सीएम से मुलाकात से विजयवर्गीय की सक्रियता और संपर्क भी दिखा।

  • नर्मदा परिक्रमा पथ पर आश्रय स्थलों पर होगा व्यापक वृक्षारोपण: मंत्री प्रहलाद पटेल..

    नर्मदा परिक्रमा पथ पर आश्रय स्थलों पर होगा व्यापक वृक्षारोपण: मंत्री प्रहलाद पटेल..


    नई दिल्ली। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद पटेल ने नर्मदा परिक्रमा पथ पर श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए आश्रय स्थलों पर व्यापक वृक्षारोपण करने के निर्देश दिए। यह निर्णय राज्य स्तरीय कार्यकारिणी समिति की बैठक में लिया गयाजिसकी अध्यक्षता मंत्री श्री पटेल ने की। बैठक में जीवनदायिनी माँ नर्मदा के जल संरक्षणप्रवाह को अविरल बनाए रखने और नर्मदा से जुड़े समग्र विकास कार्यों पर विशेष चर्चा हुई।

    बैठक में सर्वश्री छोटे सिंहदिनेश जैनश्रीमती हर्षिका सिंहश्री अविप्रसाद और श्री दीपक आर्य उपस्थित रहे। मंत्री श्री पटेल ने अधिकारियों को परिक्रमा पथ पर प्रस्तावित पुलपुलिया और ब्रिज का शीघ्र सर्वेक्षण करने और सुनियोजित कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।इसके साथ ही बैठक में विधानसभा से संबंधित लंबित प्रकरणों की विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा की गई। मंत्री ने सभी लंबित प्रकरणों के त्वरित एवं प्राथमिकता के आधार पर निराकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दियाताकि जनहित से जुड़े मामलों का शीघ्र समाधान हो सके।

    मंत्री श्री पटेल ने यह भी कहा कि माँ नर्मदा के संरक्षण और विकास को जनभागीदारी से जोड़ना बेहद आवश्यक है। उन्होंने नर्मदा परिक्रमा पथ के विकासपर्यावरण संरक्षण और आश्रय स्थलों पर वृक्षारोपण की गतिविधियों में स्थानीय जनता और समुदायों को सक्रिय रूप से शामिल करने पर जोर दिया।

    बैठक में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयनपर्यावरणीय संरक्षण और जल संरक्षण के उपायों पर विशेष बल दिया गया। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी विकास कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।इस बैठक से स्पष्ट संदेश गया कि नर्मदा परिक्रमा पथ का विकास केवल भौतिक संरचना तक सीमित नहीं होगा बल्कि पर्यावरण संरक्षणजल सुरक्षा और जनभागीदारी के माध्यम से इसे समग्र और सतत बनाया जाएगा