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  • इंदौर में बदला मौसम का मिजाज, प्री-मानसून ने दी दस्तक; बारिश और तेज हवाओं से तापमान 7 डिग्री गिरा

    इंदौर में बदला मौसम का मिजाज, प्री-मानसून ने दी दस्तक; बारिश और तेज हवाओं से तापमान 7 डिग्री गिरा


    मध्यप्रदेश । इंदौर में लंबे समय से बनी हुई उमस और गर्मी के बीच रविवार को प्री-मानसून गतिविधियों ने राहत पहुंचाई। अलसुबह शहर के कई हिस्सों में बारिश हुई, तेज हवाएं चलीं और बिजली कड़कने के साथ कुछ क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित रही। मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों में शहर में 29.1 मिमी यानी एक इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई। बारिश के बाद कुछ समय के लिए मौसम सुहावना रहा, हालांकि दिन चढ़ने के साथ उमस फिर महसूस होने लगी।

    बारिश और तेज हवाओं का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दिया। शनिवार रात न्यूनतम तापमान में करीब 7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई और यह 19.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। यह सामान्य तापमान से लगभग 5 डिग्री कम रहा। पिछले चार दिनों से रात का तापमान 26 डिग्री सेल्सियस से अधिक बना हुआ था, लेकिन मौसम में आए अचानक बदलाव ने लोगों को गर्मी से बड़ी राहत दी।

    शनिवार को दिनभर शहर में उमस का असर बना रहा और लगातार चौथे दिन अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। हालांकि रात में मौसम का मिजाज बदलने के बाद वातावरण में ठंडक महसूस की गई। रविवार सुबह हुई बारिश के बाद आसमान साफ हो गया और धूप निकल आई, लेकिन हवा में नमी बढ़ने के कारण उमस बनी रही।

    मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में सक्रिय टर्फ लाइन और प्री-मानसून सिस्टम के कारण अगले चार दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। इंदौर सहित उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, देवास, हरदा, खंडवा और बुरहानपुर जिलों में आंधी और बारिश की संभावना बनी हुई है। इसके साथ ही कुछ इलाकों में तेज गर्मी और उमस का असर भी देखने को मिल सकता है।

    मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस समय पूरे मध्य प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं। कहीं तेज हवाएं चल रही हैं तो कहीं गरज-चमक के साथ बारिश हो रही है। कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि की भी घटनाएं सामने आई हैं। मानसून की रफ्तार फिलहाल सामान्य से थोड़ी धीमी है और यह लगभग तीन से चार दिन देरी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे में प्रदेश में मानसून के 18 जून तक प्रवेश करने की संभावना जताई जा रही है।

    बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो इंदौर में जून माह के दौरान अब तक 55.2 मिमी यानी दो इंच से अधिक वर्षा दर्ज की जा चुकी है। महीने का आधा समय अभी बाकी है, ऐसे में बारिश का आंकड़ा और बढ़ने की संभावना है। सामान्य तौर पर जून महीने में शहर में मानसून पूर्व अच्छी बारिश देखने को मिलती है और इस बार भी यही स्थिति बनती दिखाई दे रही है।

    इंदौर के मौसम इतिहास की बात करें तो वर्ष 1980 में जून महीने में 17 इंच से अधिक वर्षा दर्ज की गई थी, जो अब तक का रिकॉर्ड है। वहीं 23 जून 2003 को 24 घंटे में पांच इंच बारिश हुई थी। तापमान के रिकॉर्ड में 3 जून 1991 को अधिकतम तापमान 45.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जबकि 12 जून 1958 को न्यूनतम तापमान 18.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। फिलहाल मौसम विभाग ने लोगों को बदलते मौसम को देखते हुए सावधानी बरतने और गरज-चमक के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

  • इंदौर मौसम अपडेट: प्री-मानसून कमजोर, दो–तीन दिन बारिश से राहत नहीं – उमस बढ़ाएगी परेशानी

    इंदौर मौसम अपडेट: प्री-मानसून कमजोर, दो–तीन दिन बारिश से राहत नहीं – उमस बढ़ाएगी परेशानी


    मध्‍य प्रदेश । इंदौर में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है, लेकिन राहत की बारिश फिलहाल दूर नजर आ रही है। पिछले 24 घंटों में जहां दिन के तापमान में करीब 2 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है, वहीं रात का तापमान 1 डिग्री बढ़ गया है।

    बुधवार को शहर में अधिकतम तापमान 38.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो पिछले दिन की तुलना में मामूली वृद्धि के साथ दर्ज हुआ। वहीं न्यूनतम तापमान 26.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे रात में भी गर्मी का असर बना रहा।

     प्री-मानसून कमजोर, बारिश का इंतजार लंबा
    इस बार इंदौर में प्री-मानसून गतिविधियां बेहद कमजोर बनी हुई हैं। अब तक शहर में केवल करीब 1 इंच बारिश ही दर्ज की गई है, जो सामान्य से काफी कम मानी जा रही है।

    मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों तक इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में बारिश की कोई संभावना नहीं है। आसमान साफ रहेगा, लेकिन उमस लोगों को परेशान करती रहेगी।

     प्रदेश में बारिश, लेकिन इंदौर में सूखा जैसा मौसम
    मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण तेज आंधी और बारिश का दौर जारी है। ग्वालियर, जबलपुर, बुंदेलखंड और चंबल क्षेत्र में मौसम सक्रिय है, लेकिन इंदौर और आसपास का इलाका इस सिस्टम से लगभग बाहर बना हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इसी वजह से इंदौर में बादलों की सक्रियता नहीं बन पा रही है और बारिश की गतिविधियां कमजोर बनी हुई हैं।

    आने वाले दिनों में भी राहत नही
    मौसम विभाग का अनुमान है कि 13 जून के आसपास ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड में तेज आंधी का ऑरेंज अलर्ट रहेगा, लेकिन इंदौर में फिलहाल बारिश की कोई मजबूत संभावना नहीं दिख रही है।

    उमस और गर्मी से बढ़ी परेशानी
    बारिश न होने और हवा में नमी बढ़ने के कारण शहर में उमस का असर तेज हो गया है। दिन में गर्म हवाएं और रात में चिपचिपी गर्मी लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। लोग अब मानसून की औपचारिक एंट्री का इंतजार कर रहे हैं, जिससे तापमान में गिरावट और मौसम में राहत मिल सके।

  • मध्य प्रदेश में प्री-मानसून का असर तेज: 34 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, 6 जिलों में ओलावृष्टि की चेतावनी

    मध्य प्रदेश में प्री-मानसून का असर तेज: 34 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, 6 जिलों में ओलावृष्टि की चेतावनी


    मध्‍य प्रदेश । मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक से पहले प्री-मानसून गतिविधियां लगातार मजबूत होती जा रही हैं। प्रदेश के कई हिस्सों में बीते कुछ दिनों से मौसम का मिजाज बदला हुआ है और तेज हवाओं, गरज-चमक के साथ बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग ने गुरुवार को ग्वालियर, जबलपुर सहित 34 जिलों में तेज आंधी और बारिश की संभावना जताई है। साथ ही कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि की चेतावनी भी जारी की गई है।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश के ऊपर सक्रिय ट्रफ लाइन और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम के कारण वातावरण में पर्याप्त नमी पहुंच रही है, जिससे प्री-मानसून गतिविधियां तेज बनी हुई हैं। यही वजह है कि कई जिलों में दिनभर गर्मी रहने के बावजूद शाम होते-होते मौसम अचानक बदल रहा है और बारिश के साथ तेज हवाएं चल रही हैं।

    बुधवार को बालाघाट, उमरिया और सौंसर सहित कई क्षेत्रों में तेज हवा के साथ बारिश दर्ज की गई। प्रदेश के 20 से अधिक जिलों में मौसम का असर देखने को मिला। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले सप्ताह मानसून के और सक्रिय होने तक प्रदेश में इसी तरह का मौसम बना रह सकता है।

    गुरुवार के लिए जारी पूर्वानुमान के अनुसार ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी सहित कई जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना भी व्यक्त की गई है।

    मौसम विभाग ने मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में ओलावृष्टि की आशंका जताई है। वहीं 13 जून के लिए ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड क्षेत्र के कुछ जिलों में तेज आंधी को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में मौसम अधिक प्रभावशाली रहने की संभावना है।

    हालांकि बारिश और आंधी के बावजूद प्रदेश के कई हिस्सों में गर्मी का असर पूरी तरह कम नहीं हुआ है। खजुराहो लगातार दूसरे दिन प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा ग्वालियर में 43.1 डिग्री, जबलपुर में 40.5 डिग्री, भोपाल में 40.4 डिग्री, उज्जैन में 39.5 डिग्री और इंदौर में 38.9 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान मौसमीय परिस्थितियां मानसून की प्रगति के लिए अनुकूल संकेत हैं। यदि यही स्थिति बनी रहती है तो आने वाले दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। किसानों के लिए भी यह मौसम महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि खरीफ फसलों की तैयारी का दौर शुरू हो चुका है।

    फिलहाल नागरिकों को तेज हवाओं, बिजली गिरने और खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास सावधानी बरतने की आवश्यकता बताई गई है।

  • एमपी में मौसम का डबल अटैक: कहीं ओलावृष्टि-बारिश, कहीं 46 डिग्री की भीषण गर्मी

    एमपी में मौसम का डबल अटैक: कहीं ओलावृष्टि-बारिश, कहीं 46 डिग्री की भीषण गर्मी


    मध्यप्रदेश। मध्य प्रदेश में मौसम इन दिनों दोहरे रंग दिखा रहा है। एक ओर प्रदेश के कई जिलों में प्री-मानसून की गतिविधियों ने जोर पकड़ लिया है, जहां तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर कई इलाके अब भी भीषण गर्मी की चपेट में हैं। मंगलवार को प्रदेश के कई जिलों में मौसम का मिजाज अचानक बदला और तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। जबलपुर और दमोह में ओले गिरने की घटनाएं भी सामने आईं, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई।

    मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान भिंड, दतिया, मुरैना, ग्वालियर, शिवपुरी, सागर, छतरपुर, छिंदवाड़ा, रीवा, सीधी, सिंगरौली, कटनी, मंडला, नरसिंहपुर, सतना और मऊगंज सहित 18 जिलों में तेज आंधी और बारिश हुई। सिंगरौली और नरसिंहपुर में धूलभरी आंधी ने जनजीवन को प्रभावित किया। कई स्थानों पर पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की घटनाएं भी सामने आईं।

    सबसे ज्यादा असर जबलपुर में देखने को मिला, जहां 74 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चली। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ गिर गए और वाहनों को नुकसान पहुंचा। सीधी में 68 किलोमीटर प्रति घंटे, सागर में 59 किलोमीटर प्रति घंटे और ग्वालियर में 46 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। इसके अलावा आगर-मालवा, अशोकनगर, रीवा, गुना, शिवपुरी और शहडोल में भी तेज हवाओं का असर देखा गया।

    बारिश और आंधी के बीच गर्मी का प्रकोप भी कम नहीं हुआ है। खजुराहो मंगलवार को प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कई अन्य जिलों में भी तापमान 42 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहा, जिससे लोगों को उमस और गर्म हवाओं का सामना करना पड़ा।

    मौसम विभाग ने बुधवार को बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, जबलपुर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी और अनूपपुर जिलों में बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, सागर और रीवा संभाग के कई जिलों में गर्मी का असर बरकरार रह सकता है।

    दिलचस्प बात यह है कि मौसम विभाग ने पहले 10 और 11 जून के लिए कुछ जिलों में लू का अलर्ट जारी किया था, लेकिन ताजा पूर्वानुमान में स्थिति बदल गई है। अब 12 जून को मुरैना, भिंड, टीकमगढ़ और छतरपुर में ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज आंधी और बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आ रही नमी तथा सक्रिय प्री-मानसून सिस्टम के कारण मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। आने वाले दिनों में भी प्रदेशवासियों को गर्मी, आंधी और बारिश के मिले-जुले मौसम का सामना करना पड़ सकता है।