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  • मुनाफावसूली के चलते सोना-चांदी में बड़ी गिरावट, कीमतें करीब 1% तक लुढ़कीं!

    मुनाफावसूली के चलते सोना-चांदी में बड़ी गिरावट, कीमतें करीब 1% तक लुढ़कीं!


    नई दिल्ली।सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को Multi Commodity Exchange (MCX) पर सोने और चांदी की कीमतों में करीब 1% तक की गिरावट दर्ज की गई। बाजार में निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली (प्रॉफिट बुकिंग) और सुरक्षित निवेश (सेफ-हेवन) की मांग में कमी आने से कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है।

    सोने में हल्की कमजोरी, लेकिन सपोर्ट कायम

    एमसीएक्स पर सोने का जून वायदा करीब 0.55% गिरकर 1,52,585 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड करता दिखा। कारोबार के दौरान यह 1,52,419 रुपये के निचले स्तर तक गया, जबकि ऊपरी स्तर 1,52,990 रुपये रहा। विश्लेषकों का मानना है कि सोना फिलहाल 1,52,500 रुपये के आसपास सपोर्ट ले रहा है। निचले स्तरों पर खरीदारी जरूर देखने को मिल रही है, लेकिन मजबूत तेजी के संकेत अभी नहीं हैं। अगर कीमत 1,53,000 रुपये के ऊपर टिकती है, तो यह 1,55,000 रुपये तक जा सकती है। वहीं, अगर सोना 1,52,000 रुपये के नीचे फिसलता है, तो इसमें और गिरावट आकर यह 1,50,000 से 1,48,000 रुपये तक जा सकता है।

    चांदी भी दबाव में, लेकिन इंडस्ट्रियल डिमांड से सहारा

    चांदी का मई वायदा भी करीब 0.96% गिरकर 2,41,435 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार करता नजर आया। दिन के दौरान यह 2,41,510 रुपये के निचले स्तर तक पहुंचा, जबकि ऊपरी स्तर 2,43,704 रुपये रहा। विशेषज्ञों के अनुसार, चांदी को 2,42,000 रुपये के आसपास सपोर्ट मिल रहा है, जहां सेफ-हेवन और इंडस्ट्रियल डिमांड दोनों का सहारा बना हुआ है। हालांकि, इसकी चाल फिलहाल सतर्क बनी हुई है।

    आगे क्या रहेगा रुख?

    चांदी के लिए 2,45,000 से 2,47,000 रुपये के बीच मजबूत रेजिस्टेंस माना जा रहा है। अगर यह स्तर टूटता है, तो कीमत 2,50,000 से 2,52,000 रुपये तक जा सकती है। वहीं नीचे की ओर 2,40,000 रुपये का स्तर अहम है, जिसके टूटने पर यह 2,36,000 से 2,35,000 रुपये तक गिर सकती है।

    बाजार का मूड बदल रहा है

    हाल के दिनों में निवेशक सोना-चांदी जैसे सुरक्षित विकल्पों से हटकर शेयर बाजार जैसे जोखिम वाले निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव में कुछ नरमी के संकेत भी सेफ-हेवन डिमांड को कमजोर कर रहे हैं। हालांकि, अमेरिका-ईरान के बीच जारी अनिश्चितता के कारण सोना-चांदी में बड़ी गिरावट फिलहाल सीमित रह सकती है।

  • कीमती धातुओं में बड़ी गिरावट, डॉलर मजबूत होने से सोना 5.89% तक फिसला

    कीमती धातुओं में बड़ी गिरावट, डॉलर मजबूत होने से सोना 5.89% तक फिसला


    नई दिल्ली। इस हफ्ते अनमोल बाजार में बड़ी हलचल देखने को मिली, जहां कॉन्स्टैंट रिवाइवसूली (प्रोफिट शो) और डॉलर की कमाई के साथ सोने और चांदी की कीमत में तेज गिरावट दर्ज की गई। पूरे सप्ताह के दौरान सोने का भाव करीब 5.89 प्रतिशत तक टूट गया, जिससे उपभोक्ताओं के बीच स्थिरता बढ़ गई। हालांकि सप्ताह के अंतिम दिन के शेयरों की संख्या भी देखने को मिली, लेकिन कुल बाजार दबाव में ही कमी आ रही है।

    सप्ताहभर में सोना-रेवेअर में बड़ी गिरावट

    मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने और चांदी के भाव में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। जबकि जोशक्स गोल्ड अमेरीका की शुक्रवार को बढ़त के साथ 1,44,825 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गयी, जबकि जनाबेक्स गोल्ड अमेरीका में 3,990 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट के साथ 2,27,470 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गयी।

    वहीं इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के आंकड़ों के मुताबिक, 999 पाउंड वाला सोना 1,56,436 रुपये से लेकर 1,47,218 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है। चांदी भी 2,48,711 रुपए टूटकर 2,32,364 रुपए प्रति लुढ़क गई, यानी इसमें 16,000 रुपए से ज्यादा की गिरावट आई।

    डॉलर की दोस्ती और रुचि का असर

    सिद्धांतों के अनुसार, अमेरिकी डॉलर की इज़ाजत और सरकारी अधिकारियों की समीक्षा नीति ने सोना-असलीयत पर दबाव डाला है। फ़ेडरल रिज़र्व, बैंक ऑफ़ जापान, बैंक ऑफ़ कनाडा और बैंक ऑफ़ इंग्लैंड के सख्त रुख के कारण ब्याज परिसंपत्ति जारी रह सकती है।

    ऐसे में मराठा में सोने से पैसा इन्वेस्टमेंट (सेफ हेवन) जैसे सोने से पैसा वाले निवेशकों की ओर से निवेश किया जाता है, जहां पर निवेशकों का दबाव बना रहता है।

    मध्य पूर्व तनाव का मिलाप-जुला असर

    मध्य पूर्व में जारी तनाव और ईरान-इजरायल संघर्ष का असर बाजार पर भी दिख रहा है। पहले इस तनाव के कारण सोना-रेयाला की झील में तेजी आई थी, लेकिन अब अनिश्चितता और उत्कट-अवस्था से अविश्वास का घाटा हो गया है।

    तेल और गैस के उत्पाद में स्टॉक का खतरा बढ़ गया है, जिससे बाजार में स्टॉक बना हुआ है।

    सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल क्या कहते हैं?

    विशेषज्ञ के मुताबिक, सोना इस समय अपने अहम सपोर्ट लेवल के करीब है।

    रेजिस्टेंस: 1,50,000 – 1,52,000 रुपये
    सपोर्ट: 1,35,000 – 1,40,000 रुपये

    चांदी की बात करें तो यह 2,20,000 – 2,15,000 रुपये के डिजायन जोन के करीब पहुंच गया है। अगर बाजार में खरीदारी बहुतायत है, तो इसमें फिर से 2,40,000 रुपये तक की छूट संभव है।

    विदेशी मुद्रा भंडार और आरबीआई का हस्तक्षेप

    भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 13 मार्च को समाप्त सप्ताह में भारत के स्वर्ण भंडार में 664 करोड़ डॉलर की उछाल आई और यह 130.68 डॉलर तक पहुंच गई। हालाँकि कुल विदेशी मुद्रा भंडार 7.05 अरब डॉलर 709.76 अरब डॉलर रह गया। इसकी बड़ी वैल्यू आरबीआई का मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप है, जहां रुपये को सहारा देने के लिए डॉलर पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

    डॉलर की साख, वैश्विक हित हितैषी का दबाव और भू-राजनीतिक साख ने सोना-ए-कीमत को झटका दिया है। निकट भविष्य में बाजार में जारी की जा सकती है, इसलिए आवेदकों को रणनीति निषेध की आवश्यकता है।