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  • मिडिल ईस्ट तनाव कम होते ही सोना-चांदी में तेजी, गोल्ड 3% और सिल्वर 5% उछला

    मिडिल ईस्ट तनाव कम होते ही सोना-चांदी में तेजी, गोल्ड 3% और सिल्वर 5% उछला

     
    नई दिल्ली पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव कम होने की उम्मीदों के बीच बुधवार को कीमती धातुओं के बाजार में जबरदस्त तेजी से देखने को मिली। कमजोर डॉलर और महंगाई को लेकर महंगाई के चलते निवेशकों ने एक बार फिर सुरक्षित निवेश के विकल्प के तौर पर सोना और चांदी की ओर रुख किया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी के असर से घरेलू बाजार में भी शुरुआत से ही खरीदारी का माहौल बना रहा और दोनों धातुओं ने मजबूत उछाल दर्ज किया।

    एमसीएक्स पर चमका सोना-चांदी का भाव
    मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर अप्रैल डिलीवरी वाला सोना करीब 3 प्रतिशत उछलकर 1,43,079 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला और कुछ ही समय में यह बढ़कर 1,44,410 रुपये तक पहुंच गया। वहीं मई वाली चांदी भी 5 प्रतिशत तक की तेजी के साथ 2,36,232 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती नजर आई। पिछले ट्रेजरी सत्र में दोनों धातुओं में हल्की गिरावट देखने को मिली थी, लेकिन बुधवार को बाजार का रुख पूरी तरह बदल गया। दिन के दौरान सोना और चांदी दोनों ने अपने-अपने उच्च स्तर भी छुए, जिससे जनजातियों में उत्साह साफ नजर आया।

    डॉलर की कमजोरी और महंगाई की चिंता बनी वजह
    विशेषज्ञों का मानना ​​है कि डॉलर में कमजोरी और वैश्विक महंगाई को लेकर आपसी चिंता इस तेजी की मुख्य वजह है। इसके अलावा, ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता कम होने से भी जनजातियों का भरोसा बढ़ता है। जब ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना कम होती है, तो सोना और चांदी जैसे नॉन-इंटरेस्ट एसेट ज्यादा आकर्षक बन जाते हैं। इसी के चलते बाजार में इनकी मांग बढ़ेगी है और कीमतों में तेजी से देखने को मिली है।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी मजबूत रुख
    वैश्विक स्तर पर हाजिर सोने की कीमतों में 2 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई और यह 4,568 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंच गया। वहीं अमेरिकी वायदा बाजार में सोने के दाम करीब 3.8 प्रतिशत तक बढ़ा। चांदी भी पीछे नहीं रही और इसकी कीमतों में करीब 3.8 प्रतिशत की तेजी से दर्ज की गई। हालांकि यह ध्यान देने वाली बात है कि सोना अभी भी अपने बचे उच्च स्तर से नीचे कारोबार कर रहा है, जबकि चांदी में पहले भारी गिरावट के बाद अब रिकवरी देखने को मिल रही है।

    आगे क्या रहेगा रुख, जींस की नजर हालात पर
    विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के बावजूद बाजार में अनिश्चितता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और वैश्विक आर्थिक संकेत भी जींस की रणनीति को प्रभावित कर रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में सोना और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। जींस को सलाह दी जा रही है कि वे बाजार के ट्रेंड और वैश्विक घटनाओं पर नजर रखते हुए ही निवेश के फैसले लें।

  • कीमती धातुओं में तेजी का रुख, सोना-चांदी दोनों के दाम बढ़े

    कीमती धातुओं में तेजी का रुख, सोना-चांदी दोनों के दाम बढ़े


    नई दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय और घरेलू उपक्रमों में प्रस्तुति- शुक्रवार को सोने और चांदी के बीच के क्षेत्र में तेजी से देखने को मिला। दोनों अनमोल उद्यम के दाम में 2.83% तक की प्रविष्टि की गई, फिर से उद्यम का रुझान एक बार सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ गया।

    एमसीएक्स पर सोने की दुकान में उछाल

    मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सुबह 10:10 बजे सोने का 2 अप्रैल का स्पेक्ट्रम 2.07% यानी 2,996 रुपये की तेजी के साथ 1,47,950 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया। कारोबार के दौरान सोने ने 1,47,401 रुपये का न्यूनतम और 1,48,302 रुपये का अधिकतम स्तर बढ़ाया।

    चाँदी ने भी पकड़ी दुकान

    चांदी के गोदाम में और भी तेज उछाल देखा गया। 5 मई को एफएमएक्स पर 2.83% यानी 6,540 रुपये की तेजी के साथ 2,38,000 रुपये प्रति रिजॉल्यूशन पर पहुंच गया। दिन के दौरान चांदी 2,37,300 रुपये के निचले स्तर और 2,40,000 रुपये के ऊपरी स्तर पर पहुंच गयी।

    वैश्विक बाज़ार से मिला समर्थन

    अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में भी सोने और चाँदी की दुकानों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। कॉमेक्स पर सोना 2.40% उछाल 4,716 डॉलर प्रति शेयर और चांदी 3.61% लाभ 73.78 डॉलर प्रति शेयर पर पहुंच गया। वैश्विक स्तर पर यह तेजी से घरेलू बाजार को भी जगह दे रही है।

    उद्घोषणा- प्रस्ताव के बीच अकादमी की नीति परिवर्तन

    विशेषज्ञ के अनुसार, हाल के दिनों में सोने में भारी गिरावट देखने को मिली थी, जहां प्लैंच आकर्षण स्तर पर आ गया था। यही कारण है कि मिर्जा ने कैथेड्रल स्तर पर खरीदारी शुरू की, जिससे बाजार में तेजी आई।

    भू राजनीतिक तनाव और तनाव का असर

    पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता ने संकटों को जन्म दिया है। कच्चे तेल के बाजार में तेजी के कारण भी निवेशक सुरक्षित विकल्प के रूप में सोने-बेरोजगार की ओर रुख कर रहे हैं।

    हालाँकि, मजबूत अमेरिकी डॉलर और ट्रेजरी यील्ड में गिरावट का कारण सोने की तेजी पर कुछ दबाव भी बना है।

    गुरुवार की गिरावट के बाद आई प्रतियोगिता

    मान्यता है कि गुरुवार को सोने और चांदी में बड़ी गिरावट आई थी, जहां सोना करीब 1.44 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी 2.20 लाख रुपए प्रति लीटर तक पहुंच गई थी। ऐसे में शुक्रवार की रैपिड को बाजार में आम तौर पर देखा जा रहा है।

    कुल मिलाकर, वैश्विक भंडार, व्यापारी स्तर पर खरीदारी और सुरक्षित निवेश की भूख मांग के साथ सोने और चांदी के जिले में जगह देखने को मिली है।

  • पश्चिम एशिया तनाव का असर: Silver में 5,000 रुपये से ज्यादा की तेजी, कीमती धातुओं में उछाल

    पश्चिम एशिया तनाव का असर: Silver में 5,000 रुपये से ज्यादा की तेजी, कीमती धातुओं में उछाल


    नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच गुरुवार को घरेलू कमोडिटी बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली। Multi Commodity Exchange of India (एमसीएक्स) पर शुरुआती कारोबार में सोने में हल्की गिरावट दिखी, लेकिन बाद में इसमें मजबूती लौट आई। वहीं चांदी ने शुरुआती कमजोरी से उबरते हुए तेज उछाल दर्ज किया। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार निचले स्तर पर मजबूत खरीदारी के कारण चांदी में यह तेजी देखने को मिली।

    सोने की कीमतों में हल्की बढ़त
    खबर लिखे जाने तक दोपहर करीब 1:36 बजे एमसीएक्स पर अप्रैल डिलीवरी वाला सोना 361 रुपये यानी 0.22 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,62,150 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता नजर आया। सोने ने दिन की शुरुआत 1,62,799 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर से की थी, जो पिछले बंद भाव 1,61,789 रुपये से ज्यादा था। हालांकि बाद में वैश्विक बाजार से कमजोर संकेत मिलने के कारण इसकी कीमतों में कुछ गिरावट भी देखी गई।

    मांग क्षेत्र बना 1.56–1.57 लाख का स्तर
    विशेषज्ञों का मानना है कि 1,56,000 से 1,57,000 रुपये का स्तर सोने के लिए मजबूत मांग क्षेत्र बना हुआ है। विश्लेषकों के अनुसार यदि कीमतें इस स्तर से ऊपर बनी रहती हैं, तो मध्यम अवधि में सोने का तेजी वाला रुझान बरकरार रह सकता है। अगर सोना 1,65,000 रुपये के स्तर से ऊपर मजबूती से निकलता है, तो आगे चलकर 1,75,000 से 1,80,000 रुपये तक नई तेजी देखने को मिल सकती है।

    चांदी में 5,900 रुपये से ज्यादा का उछाल
    दूसरी ओर चांदी की कीमतों में सत्र के दौरान मजबूत तेजी दर्ज की गई। एमसीएक्स पर मई डिलीवरी वाली चांदी 5,911 रुपये यानी 2.20 प्रतिशत की बढ़त के साथ 2,74,402 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती नजर आई। चांदी ने 2,69,212 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार की शुरुआत की थी, जो इसके पिछले बंद भाव 2,68,491 रुपये से थोड़ा ज्यादा था। दिन के दौरान मजबूत खरीदारी के कारण इसकी कीमतों में तेजी और बढ़ गई।

    वैश्विक बाजार में मिला-जुला रुख
    वैश्विक बाजार में हालांकि सोने की कीमतों में हल्की गिरावट देखने को मिली। स्पॉट गोल्ड लगभग 0.2 प्रतिशत गिरकर 5,165.73 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स भी करीब 0.2 प्रतिशत गिरकर 5,171.40 डॉलर प्रति औंस पर रहे। वहीं स्पॉट सिल्वर लगभग स्थिर रहकर 85.82 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार करता दिखा।

    पश्चिम एशिया तनाव का असर
    बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ गई है। ऐसे समय में निवेशक अक्सर सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख करते हैं, जिससे सोना और चांदी जैसी कीमती धातुओं की मांग बढ़ जाती है। पिछले कुछ दिनों में इसी वजह से इन धातुओं की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।

    तेल और डॉलर के कारण कमजोर हुआ रुपया
    इसी बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और डॉलर की मजबूती के कारण भारतीय मुद्रा Indian Rupee भी दबाव में आ गई। गुरुवार को रुपया अमेरिकी मुद्रा United States Dollar के मुकाबले करीब 0.3 प्रतिशत गिरकर 92.3575 के स्तर पर पहुंच गया, जो अब तक का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इससे पहले इसी सप्ताह रुपया 92.3475 के स्तर तक गिरा था, जिसे गुरुवार को पार कर दिया गया।

  • कीमती धातुओं में आग, 2026 में अब तक सोना 22 हजार और चांदी 20 हजार महंगी

    कीमती धातुओं में आग, 2026 में अब तक सोना 22 हजार और चांदी 20 हजार महंगी


    नई दिल्ली।देश के सर्राफा बाजार में इस सप्ताह कीमती धातुओं में उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई है ताजा आंकड़ों के अनुसार सोना 2300 रुपये उछलकर 1.55 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है जो पिछले सप्ताह 1.53 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम था वहीं चांदी 2.42 लाख रुपये प्रति किलो से बढ़कर 2.50 लाख रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई है यानी केवल एक सप्ताह में 8000 रुपये की मजबूती दर्ज की गई

    2026 की शुरुआत से अब तक सोने की कीमत में लगभग 22000 रुपये और चांदी में करीब 20000 रुपये की वृद्धि हो चुकी है वर्ष के दौरान कीमतों में उतार चढ़ाव जरूर रहा लेकिन समग्र रुझान तेजी का बना हुआ है 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी ने 3.86 लाख रुपये प्रति किलो का रिकॉर्ड स्तर छुआ था हालांकि उसके बाद कुछ मुनाफावसूली देखी गई

    विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता मुद्रा विनिमय दरों में उतार चढ़ाव और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग ने सोने और चांदी को सहारा दिया है अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की चाल और भू राजनीतिक तनाव भी कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित कर रहे हैं निवेशक अस्थिर बाजार परिस्थितियों में सोने को सुरक्षित विकल्प के रूप में देख रहे हैं

    अगर पिछले वर्ष के प्रदर्शन पर नजर डालें तो 2025 में सोने की कीमत में 57000 रुपये यानी लगभग 75 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी 31 दिसंबर 2024 को 24 कैरेट सोना 76000 रुपये प्रति 10 ग्राम था जो 31 दिसंबर 2025 तक बढ़कर 1.33 लाख रुपये पर पहुंच गया इसी अवधि में चांदी 86000 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 2.30 लाख रुपये प्रति किलो हो गई जो लगभग 167 प्रतिशत की तेजी दर्शाती है

    बाजार जानकारों का कहना है कि खुदरा खरीदारों को ऊंची कीमतों के इस दौर में सतर्कता बरतनी चाहिए खरीदारी से पहले शुद्धता और पारदर्शिता की जांच बेहद जरूरी है उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे केवल Bureau of Indian Standards द्वारा प्रमाणित हॉलमार्क वाला सोना ही खरीदें जिससे शुद्धता सुनिश्चित हो सके इसके अलावा दैनिक दरों की पुष्टि के लिए India Bullion and Jewellers Association जैसे विश्वसनीय स्रोतों से मिलान करना बेहतर माना जाता है

    विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि आगे के महीनों में अंतरराष्ट्रीय संकेतकों के आधार पर कीमतों में और उतार चढ़ाव संभव है ऐसे में निवेशकों को लंबी अवधि की रणनीति अपनानी चाहिए और केवल अफवाहों के आधार पर निर्णय लेने से बचना चाहिए