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  • छह महीने की प्रेग्नेंसी में कियारा आडवाणी ने बारिश वाला सीन किया, हुमा कुरैशी ने बताया कैसे मिली प्रेरणा

    छह महीने की प्रेग्नेंसी में कियारा आडवाणी ने बारिश वाला सीन किया, हुमा कुरैशी ने बताया कैसे मिली प्रेरणा

    नई दिल्ली ।यश की फिल्म ‘टॉक्सिक’ सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है। फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच पहले से उत्सुकता बनी हुई है। इसी बीच चेन्नई में आयोजित प्री रिलीज कार्यक्रम के दौरान अभिनेत्री हुमा कुरैशी ने फिल्म की शूटिंग से जुड़ा एक अनुभव साझा किया, जिसमें उन्होंने कियारा आडवाणी की पेशेवर प्रतिबद्धता और मुश्किल परिस्थितियों में काम करने की क्षमता की तारीफ की।

    हुमा ने बताया कि फिल्म के एक दृश्य में उन्हें और कियारा को साथ काम करना था। इस दृश्य में बारिश का इस्तेमाल किया गया था और दोनों कलाकारों को बारिश में शूटिंग करनी थी। हुमा के मुताबिक उस दौरान उन्हें तेज सिरदर्द हो रहा था और ऐसे समय में कियारा को देखकर उन्हें हिम्मत मिलती थी।

    हुमा ने बताया कि शूटिंग के दौरान कियारा गर्भावस्था के छठे महीने में थीं। इसके बावजूद वह बारिश वाले दृश्य में पूरी मजबूती के साथ खड़ी होकर अपना काम कर रही थीं। हुमा के लिए यह अनुभव इसलिए खास था क्योंकि खुद असहज महसूस करने के बावजूद वह कियारा की स्थिति और उनकी कार्यक्षमता देखकर प्रेरित होती थीं।

    हुमा के मुताबिक जब भी उन्हें अपनी परेशानी की शिकायत करने का मन करता, वह कियारा की ओर देखती थीं। कियारा की स्थिति देखकर उन्हें लगता था कि उन्हें भी अपनी परेशानी के बावजूद काम पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने इस अनुभव को अपने लिए प्रेरणादायक बताया और कियारा की दृढ़ता की सराहना की।

    ‘टॉक्सिक’ में कियारा आडवाणी के साथ हुमा कुरैशी भी महत्वपूर्ण भूमिका में नजर आएंगी। फिल्म में यश मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म की रिलीज से पहले इसके गाने और प्रचार सामग्री को लेकर दर्शकों के बीच चर्चा रही है। फिल्म की कहानी और कलाकारों की भूमिकाओं को लेकर भी दर्शकों में उत्सुकता बनी हुई है।

    कियारा और हुमा की जोड़ी फिल्म के उस दृश्य में साथ दिखाई देगी, जिसका जिक्र हुमा ने कार्यक्रम के दौरान किया। हालांकि उन्होंने बातचीत में दृश्य से जुड़ी पूरी जानकारी साझा नहीं की और इसे फिल्म के कथानक के लिहाज से महत्वपूर्ण बताते हुए केवल अपने शूटिंग अनुभव तक ही बात सीमित रखी।

    कियारा आडवाणी की निजी जिंदगी भी पिछले कुछ समय से प्रशंसकों की दिलचस्पी का विषय रही है। कियारा और अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्रा ने वर्ष 2023 में राजस्थान के जैसलमेर में शादी की थी। दोनों कलाकार इससे पहले फिल्म ‘शेरशाह’ में साथ नजर आए थे। फिल्म में उनकी जोड़ी को दर्शकों ने पसंद किया था और इसके बाद दोनों के रिश्ते की चर्चाएं भी सामने आई थीं।

    बाद में दोनों ने अपने रिश्ते को सार्वजनिक किया और शादी की। इसके बाद उनके परिवार में बेटी के जन्म की खुशी भी आई। दोनों ने अपनी निजी जिंदगी और बेटी की तस्वीरों को लेकर मीडिया से निजता बनाए रखने की अपील की थी।

    अब ‘टॉक्सिक’ के साथ कियारा एक बार फिर बड़े पर्दे पर दिखाई देंगी। फिल्म में उनका किरदार कैसा है, इसे लेकर पूरी जानकारी रिलीज के बाद ही सामने आएगी। वहीं हुमा कुरैशी द्वारा साझा किया गया शूटिंग अनुभव फिल्म से जुड़े कलाकारों की मेहनत और कठिन परिस्थितियों में काम करने की प्रक्रिया की एक झलक देता है। दर्शकों की नजर अब फिल्म की रिलीज और कलाकारों के प्रदर्शन पर है।

  • करीना कपूर के वायरल वीडियो में दिखा बेबी बंप, तीसरी प्रेग्नेंसी की खबरों पर करीबी सूत्र ने बताई पूरी सच्चाई

    करीना कपूर के वायरल वीडियो में दिखा बेबी बंप, तीसरी प्रेग्नेंसी की खबरों पर करीबी सूत्र ने बताई पूरी सच्चाई


    नई दिल्ली ।
    बॉलीवुड अभिनेत्री करीना कपूर खान की कथित प्रेग्नेंसी को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं ने उनके प्रशंसकों के बीच हलचल बढ़ा दी है। हाल ही में सामने आए एक वीडियो में करीना अपनी टीम के साथ कार की ओर जाती दिखाई दे रही हैं। वीडियो के कुछ हिस्सों को देखने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने दावा करना शुरू कर दिया कि अभिनेत्री का बेबी बंप नजर आ रहा है और वह तीसरी बार मां बनने वाली हैं।

    वायरल वीडियो में करीना कपूर अपनी टीम के सदस्यों के साथ आगे बढ़ती दिखाई देती हैं। इसी दौरान उनके सामने मौजूद पैपराजी का कैमरा व्यू एक व्यक्ति द्वारा छाता खोलने के बाद कुछ समय के लिए बाधित हो जाता है। वीडियो के इसी हिस्से को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह की अटकलें सामने आईं। कुछ यूजर्स ने अभिनेत्री के कपड़ों और शरीर के आकार को प्रेग्नेंसी से जोड़ते हुए कई तरह के दावे किए।

    वीडियो सामने आने के बाद करीना कपूर की कथित प्रेग्नेंसी की चर्चा तेजी से फैलने लगी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लोगों ने वीडियो पर लगातार प्रतिक्रियाएं दीं और अभिनेत्री के तीसरे बच्चे को लेकर सवाल पूछे जाने लगे। हालांकि, वायरल दावों की सच्चाई इससे अलग बताई गई है।

    करीना कपूर के करीबी सूत्र ने इन खबरों को स्पष्ट रूप से खारिज किया है। उनके मुताबिक, अभिनेत्री प्रेग्नेंट नहीं हैं और सोशल मीडिया पर वायरल हो रही प्रेग्नेंसी की खबरों में कोई सच्चाई नहीं है। इस स्पष्टीकरण के बाद करीना की तीसरी प्रेग्नेंसी को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लग गया है।

    करीना कपूर और सैफ अली खान दो बच्चों के माता-पिता हैं। उनके बड़े बेटे तैमूर अली खान का जन्म 2016 में हुआ था, जबकि छोटे बेटे जहांगीर अली खान यानी जेह का जन्म 2021 में हुआ। करीना अक्सर अपने दोनों बच्चों से जुड़े पल सोशल मीडिया पर साझा करती रही हैं और उनका परिवार प्रशंसकों के बीच काफी लोकप्रिय है।

    करीना कपूर और सैफ अली खान ने वर्ष 2012 में शादी की थी। शादी से पहले दोनों लंबे समय तक एक-दूसरे को डेट कर चुके थे। दोनों की नजदीकियां फिल्म टशन के दौरान बढ़ी थीं। सैफ की यह दूसरी शादी थी। इससे पहले उन्होंने अभिनेत्री अमृता सिंह से 1991 में शादी की थी। दोनों वर्ष 2004 में अलग हो गए थे। सैफ और अमृता के दो बच्चे सारा अली खान और इब्राहिम अली खान हैं।

    करीना कपूर इन दिनों अपने काम को लेकर भी चर्चा में बनी हुई हैं। उनके आगामी प्रोजेक्ट्स को लेकर प्रशंसकों की दिलचस्पी बनी हुई है। ऐसे में उनके निजी जीवन से जुड़ी कोई भी खबर सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आ जाती है।

    हालांकि, किसी सेलिब्रिटी की तस्वीर या वीडियो के आधार पर निजी जीवन से जुड़े ऐसे दावे करना उचित नहीं माना जा सकता। करीना की तीसरी प्रेग्नेंसी को लेकर फिलहाल करीबी सूत्र की ओर से इसे गलत बताया गया है। इसलिए वायरल वीडियो को किसी आधिकारिक पुष्टि के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।

  • अभिनेता यश ने फिल्म टॉक्सिक के दौरान कियारा आडवाणी के समर्पण और प्रेग्नेंसी में शूटिंग अनुभव की सराहना की।

    अभिनेता यश ने फिल्म टॉक्सिक के दौरान कियारा आडवाणी के समर्पण और प्रेग्नेंसी में शूटिंग अनुभव की सराहना की।

    नई दिल्ली ।भारतीय सिनेमा जगत की बहुप्रतीक्षित आगामी फिल्म टॉक्सिक के एल्बम लॉन्च कार्यक्रम के दौरान मंच पर फिल्म के प्रमुख कलाकारों ने अपने काम करने के अनुभवों को साझा किया है। इस विशेष अवसर पर अभिनेता यश ने अपनी सह-कलाकार कियारा आडवाणी के पेशे के प्रति समर्पण और कठिन परिस्थितियों में भी काम करने के उनके जज्बे की जमकर सराहना की।

    यश ने बताया कि जब कियारा आडवाणी इस फिल्म की शूटिंग कर रही थीं, तब वह गर्भवती थीं। इसके बावजूद उन्होंने अपने काम में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं आने दी और पूरे समर्पण के साथ 100 प्रतिशत योगदान दिया। फिल्म के सेट पर उनके किरदार की शारीरिक और भावनात्मक मांगें बेहद चुनौतीपूर्ण थीं, जिन्हें उन्होंने पूरी कुशलता के साथ पूरा किया।

    फिल्म के निर्माण के दौरान बारिश से जुड़े जटिल दृश्यों और कठिन शेड्यूल की शूटिंग की गई। यश ने स्वीकार किया कि वह और निर्देशक गीतू मोहनदास, कियारा की स्थिति को लेकर शुरुआत में काफी चिंतित थे। सेट पर मौजूद पूरी टीम सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अत्यंत सतर्क थी और एक सुरक्षा कवच या बॉडीगार्ड की तरह उनका ध्यान रखती थी।

    कियारा आडवाणी ने भी अपनी इस विशेष यात्रा के बारे में बात करते हुए पूर्व में बताया था कि उन्होंने गर्भावस्था के सातवें महीने तक फिल्म की शूटिंग जारी रखी थी। शूटिंग के कठिन पलों और भावनात्मक दृश्यों के दौरान वे अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए लगातार काम में जुटी रहीं। निर्माता और निर्देशक ने उनकी स्थिति को समझते हुए सेट पर हर संभव सुविधा सुनिश्चित की थी।

    मध्य प्रदेश सहित देश भर के सिनेमा प्रेमियों और प्रशंसकों के बीच इस फिल्म को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। भोपाल और इंदौर जैसे बड़े शहरों के युवाओं में यश और कियारा की इस नई ऑन-स्क्रीन जोड़ी की केमिस्ट्री को बड़े पर्दे पर देखने के लिए काफी उत्सुकता है। खेल और मनोरंजन जगत से जुड़ी ऐसी खबरें प्रदेश के प्रशंसकों को लगातार आकर्षित करती हैं।

    फिल्म टॉक्सिक में यश और कियारा आडवाणी के अलावा तारा सुतारिया, हुमा कुरैशी, नयनतारा और रुकमणि वसंत जैसे कई प्रमुख कलाकार महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे। इस भव्य और बहुभाषी फिल्म का निर्देशन गीतू मोहनदास ने किया है, जो अपने अनूठे विषय और शानदार स्टार कास्ट के कारण लगातार चर्चा का केंद्र बनी हुई है।

    फिल्म की रिलीज डेट को लेकर लंबे समय से कयास लगाए जा रहे थे। पूर्व में यह फिल्म मार्च के महीने में प्रदर्शित होने वाली थी, लेकिन मध्य पूर्व के वैश्विक हालातों और कुछ तकनीकी कारणों के चलते इसकी रिलीज को आगे बढ़ाना पड़ा था। अब तमाम तैयारियों के बाद यह एक्शन-ड्रामा फिल्म 26 अगस्त को सिनेमाघरों में प्रदर्शित होने के लिए पूरी तरह तैयार है।

    कलाकारों के इस पेशेवर रवैये और परस्पर सहयोग की सराहना पूरे फिल्म उद्योग में हो रही है। प्रशंसकों को उम्मीद है कि यश का दमदार अभिनय और कियारा आडवाणी का समर्पित प्रदर्शन बड़े पर्दे पर एक बेहतरीन सिनेमाई अनुभव प्रदान करेगा।

  • प्रेग्नेंसी के दौरान हाई बीपी से बचना है तो आज से शुरू करें ये 6 हेल्दी फूड्स स्वस्थ मां और स्वस्थ शिशु की मजबूत नींव

    प्रेग्नेंसी के दौरान हाई बीपी से बचना है तो आज से शुरू करें ये 6 हेल्दी फूड्स स्वस्थ मां और स्वस्थ शिशु की मजबूत नींव


    नई दिल्ली। गर्भावस्था हर महिला के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील दौर होता है। इस दौरान शरीर में कई हार्मोनल और शारीरिक बदलाव होते हैं जिनका असर स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। इन्हीं बदलावों के बीच हाई ब्लड प्रेशर यानी उच्च रक्तचाप एक ऐसी समस्या है जिसे हल्के में लेना मां और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों के लिए जोखिम भरा साबित हो सकता है। यदि समय रहते इसे नियंत्रित न किया जाए तो प्री-एक्लेम्पसिया समय से पहले प्रसव और अन्य जटिलताओं का खतरा बढ़ सकता है। अच्छी बात यह है कि संतुलित और पौष्टिक आहार अपनाकर ब्लड प्रेशर को काफी हद तक नियंत्रित रखा जा सकता है।

    विशेषज्ञों के अनुसार गर्भावस्था के दौरान ऐसी चीजों का सेवन करना चाहिए जो शरीर को जरूरी पोषक तत्व देने के साथ रक्तचाप को भी संतुलित रखने में मदद करें। पोटैशियम से भरपूर फल जैसे केला संतरा और तरबूज इस दौरान बेहद लाभकारी माने जाते हैं। पोटैशियम शरीर में सोडियम के प्रभाव को कम करता है जिससे ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखने में सहायता मिलती है। इन फलों का नियमित सेवन शरीर को ऊर्जा देने के साथ हाइड्रेट भी रखता है।

    हरी पत्तेदार सब्जियां भी गर्भवती महिलाओं की डाइट का महत्वपूर्ण हिस्सा होनी चाहिए। पालक मेथी सरसों और अन्य हरी सब्जियों में मैग्नीशियम आयरन और फोलेट जैसे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। ये रक्त संचार को बेहतर बनाते हैं और हाई ब्लड प्रेशर के खतरे को कम करने में मदद करते हैं। साथ ही शिशु के विकास के लिए भी ये पोषक तत्व बेहद जरूरी होते हैं।

    दूध दही और पनीर जैसे कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थ भी गर्भावस्था में बहुत फायदेमंद माने जाते हैं। पर्याप्त कैल्शियम शरीर की हड्डियों को मजबूत रखने के साथ रक्तचाप को संतुलित रखने में भी मदद करता है। यदि डॉक्टर की सलाह हो तो कैल्शियम सप्लीमेंट भी लिया जा सकता है लेकिन बिना सलाह के किसी भी सप्लीमेंट का सेवन नहीं करना चाहिए।

    प्रोटीन से भरपूर आहार भी इस समय बेहद जरूरी है। दालें राजमा चना सोयाबीन अंडा और यदि डॉक्टर अनुमति दें तो मछली जैसे प्रोटीन स्रोत शरीर को ताकत देने के साथ ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में मदद करते हैं। प्रोटीन शिशु के स्वस्थ विकास के लिए भी आवश्यक पोषक तत्वों में शामिल है।

    साबुत अनाज जैसे ओट्स ब्राउन राइस जौ और मल्टीग्रेन आटा भी गर्भवती महिलाओं के लिए अच्छे विकल्प हैं। इनमें मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को स्वस्थ रखते हैं और रक्त शर्करा तथा रक्तचाप दोनों को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं। इससे शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा भी मिलती है।

    नट्स और बीज जैसे बादाम अखरोट अलसी और चिया सीड्स में हेल्दी फैट्स ओमेगा थ्री फैटी एसिड और मैग्नीशियम पाया जाता है। इनका सीमित मात्रा में सेवन हृदय को स्वस्थ रखने और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद करता है। हालांकि इनका सेवन भी संतुलित मात्रा में ही करना चाहिए।

    इसके अलावा गर्भावस्था में ज्यादा नमक तली हुई चीजें पैकेज्ड फूड और अत्यधिक मीठे खाद्य पदार्थों से दूरी बनानी चाहिए। पर्याप्त पानी पीना नियमित हल्की शारीरिक गतिविधि करना और समय-समय पर डॉक्टर से ब्लड प्रेशर की जांच कराना भी बेहद जरूरी है।

    ध्यान रखें कि केवल खानपान के भरोसे हाई ब्लड प्रेशर का इलाज नहीं किया जा सकता। यदि डॉक्टर दवा लेने की सलाह दें तो उसे नियमित रूप से लेना चाहिए। सही डाइट स्वस्थ जीवनशैली और चिकित्सकीय निगरानी के साथ गर्भावस्था को सुरक्षित और स्वस्थ बनाया जा सकता है।

  • IVF को लेकर मन में हैं सवाल? जानें कब पड़ती है जरूरत, कितनी है सफलता और क्या हैं सच-झूठ

    IVF को लेकर मन में हैं सवाल? जानें कब पड़ती है जरूरत, कितनी है सफलता और क्या हैं सच-झूठ


    नई दिल्ली। बदलती जीवनशैली, बढ़ता तनाव, देर से शादी, पीसीओएस, एंडोमेट्रियोसिस, मोटापा और पुरुषों में शुक्राणुओं की गुणवत्ता में गिरावट जैसी समस्याओं के कारण इनफर्टिलिटी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में इन विट्रो फर्टिलाइजेशन यानी IVF लाखों दंपतियों के लिए माता-पिता बनने का एक भरोसेमंद विकल्प बनकर सामने आया है। हालांकि IVF जितना लोकप्रिय हुआ है, उससे जुड़े भ्रम और मिथक भी उतनी ही तेजी से फैले हैं। कई लोग मानते हैं कि IVF से पैदा होने वाले बच्चे कमजोर होते हैं या यह प्रक्रिया हर बार सफल हो जाती है। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इन धारणाओं का वैज्ञानिक आधार नहीं है।

    IVF एक आधुनिक प्रजनन तकनीक है जिसमें महिला के अंडाणु और पुरुष के शुक्राणु को प्रयोगशाला में निषेचित कर भ्रूण तैयार किया जाता है। इसके बाद स्वस्थ भ्रूण को महिला के गर्भाशय में प्रत्यारोपित किया जाता है, जहां आगे की गर्भावस्था सामान्य तरीके से ही विकसित होती है।

    सबसे बड़ा मिथक यह है कि IVF कराने के बाद गर्भधारण तय होता है। जबकि वास्तविकता यह है कि इसकी सफलता कई कारकों पर निर्भर करती है। महिला की उम्र, अंडाणु और शुक्राणु की गुणवत्ता, भ्रूण की स्थिति, गर्भाशय का स्वास्थ्य और अन्य चिकित्सकीय परिस्थितियां सफलता की संभावना तय करती हैं। कई मामलों में पहली कोशिश सफल नहीं होती और दूसरी या तीसरी बार सफलता मिलती है।

    एक और आम धारणा यह है कि IVF से पैदा होने वाले बच्चे शारीरिक या मानसिक रूप से कमजोर होते हैं। विशेषज्ञ इस दावे को पूरी तरह गलत बताते हैं। उनका कहना है कि IVF में केवल निषेचन की प्रक्रिया प्रयोगशाला में होती है। इसके बाद भ्रूण का विकास गर्भाशय में बिल्कुल उसी तरह होता है, जैसा प्राकृतिक गर्भधारण में होता है। वैज्ञानिक शोध भी बताते हैं कि अधिकांश IVF से जन्मे बच्चे पूरी तरह स्वस्थ होते हैं और उनका शारीरिक तथा मानसिक विकास सामान्य बच्चों की तरह ही होता है। बच्चे का स्वास्थ्य माता-पिता की आनुवंशिक स्थिति, गर्भावस्था के दौरान मां के पोषण, जीवनशैली, संक्रमण और प्रसव की परिस्थितियों पर अधिक निर्भर करता है।

    कई लोगों को लगता है कि IVF से हमेशा जुड़वां या तीन बच्चे पैदा होते हैं। पहले सफलता की संभावना बढ़ाने के लिए एक से अधिक भ्रूण गर्भाशय में स्थापित किए जाते थे, इसलिए मल्टीपल प्रेग्नेंसी की संभावना अधिक रहती थी। लेकिन आधुनिक तकनीकों में डॉक्टर अधिकतर मामलों में केवल एक स्वस्थ भ्रूण ही प्रत्यारोपित करते हैं। इससे जुड़वां गर्भावस्था की संभावना कम होती है और मां तथा बच्चे दोनों के लिए जोखिम भी घट जाता है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि IVF उन दंपतियों के लिए एक प्रभावी विकल्प है जिन्हें लंबे समय तक प्राकृतिक तरीके से गर्भधारण नहीं हो पा रहा हो। हालांकि इस प्रक्रिया को अपनाने से पहले किसी अनुभवी फर्टिलिटी विशेषज्ञ से पूरी जांच और सलाह लेना जरूरी है। सही समय पर उपचार, स्वस्थ जीवनशैली और सकारात्मक मानसिक स्थिति IVF की सफलता की संभावना को बेहतर बना सकती है।

    आज की आधुनिक चिकित्सा ने लाखों परिवारों की जिंदगी में खुशियां लौटाई हैं। इसलिए IVF को लेकर फैली अफवाहों और मिथकों पर भरोसा करने के बजाय सही और वैज्ञानिक जानकारी के आधार पर निर्णय लेना ही सबसे समझदारी भरा कदम है।

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  • दूसरी प्रेग्नेंसी के बीच डोसा डेट पर दिखे दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह, सादगी भरे अंदाज ने जीता फैंस का दिल

    दूसरी प्रेग्नेंसी के बीच डोसा डेट पर दिखे दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह, सादगी भरे अंदाज ने जीता फैंस का दिल

    नई दिल्ली । बॉलीवुड के चर्चित अभिनेता रणवीर सिंह और अभिनेत्री दीपिका पादुकोण इन दिनों अपनी निजी जिंदगी के खूबसूरत दौर का आनंद ले रहे हैं। दोनों जल्द ही अपने दूसरे बच्चे का स्वागत करने वाले हैं और इसी बीच मुंबई में उनकी एक सादगी भरी आउटिंग ने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच लिया। हाल ही में दोनों को शहर के एक लोकप्रिय रेस्टोरेंट में साथ देखा गया, जहां वे डोसा खाने पहुंचे थे। इस दौरान उनका सहज अंदाज और एक-दूसरे के साथ बिताया गया समय प्रशंसकों के बीच चर्चा का विषय बन गया।

    रेस्टोरेंट से बाहर निकलते समय दोनों को कैमरों में कैद किया गया, जिसके बाद उनका वीडियो और तस्वीरें तेजी से सोशल मीडिया पर साझा होने लगीं। हालांकि, इस दौरान उनकी सुरक्षा टीम लगातार लोगों से वीडियो रिकॉर्डिंग और अत्यधिक भीड़ से बचने की अपील करती नजर आई। दोनों कलाकारों ने अपनी इस आउटिंग को पूरी तरह निजी रखने का प्रयास किया और बिना किसी औपचारिकता के सामान्य तरीके से समय बिताया।

    इस मौके पर दीपिका और रणवीर का पहनावा भी काफी साधारण रहा। रणवीर सिंह ब्लैक टी-शर्ट और ट्राउजर में दिखाई दिए, जबकि दीपिका पादुकोण ने आरामदायक को-ऑर्ड सेट पहन रखा था। दोनों ने चेहरे पर मास्क भी लगाया हुआ था, जिससे उनकी आउटिंग अपेक्षाकृत लो-प्रोफाइल बनी रही। प्रशंसकों ने उनके इस सहज और सादगी भरे अंदाज की सराहना की और सोशल मीडिया पर दोनों की तस्वीरों पर शुभकामनाएं व्यक्त कीं।

    यह पहली बार नहीं है जब यह स्टार कपल इसी रेस्टोरेंट में नजर आया हो। इससे पहले भी दोनों यहां एक विशेष अवसर पर साथ पहुंचे थे। यही वजह है कि इस रेस्टोरेंट से उनका एक विशेष जुड़ाव माना जाता है। इस बार भी दोनों ने भीड़भाड़ और सार्वजनिक आकर्षण से दूर सामान्य तरीके से अपना समय बिताने की कोशिश की, लेकिन उनकी मौजूदगी की जानकारी मिलते ही वहां लोगों की नजरें उन पर टिक गईं।

    दीपिका और रणवीर ने इसी वर्ष अपने दूसरे बच्चे के आने की खुशखबरी साझा की थी। इसके बाद से दोनों सार्वजनिक कार्यक्रमों में सीमित रूप से नजर आ रहे हैं और अधिकतर समय परिवार के साथ बिता रहे हैं। वर्ष 2018 में विवाह बंधन में बंधे इस दंपति ने सितंबर 2024 में अपनी पहली संतान, बेटी दुआ का स्वागत किया था। अब परिवार में एक नए सदस्य के आगमन की तैयारियां चल रही हैं, जिसे लेकर उनके प्रशंसकों में भी उत्साह बना हुआ है।

    फिल्मी करियर की बात करें तो दोनों कलाकार अपने-अपने आगामी प्रोजेक्ट्स में भी व्यस्त हैं। दीपिका पादुकोण आने वाले समय में कई बड़े प्रोजेक्ट्स में दिखाई देंगी, जबकि रणवीर सिंह भी अपनी नई फिल्मों की तैयारियों में जुटे हैं। निजी जीवन और पेशेवर जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाते हुए दोनों लगातार अपने प्रशंसकों से जुड़े हुए हैं। उनकी हालिया आउटिंग ने एक बार फिर यह दिखाया कि लोकप्रियता के बावजूद वे निजी जीवन के छोटे-छोटे पलों को सादगी के साथ जीना पसंद करते हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों और वीडियो के बीच प्रशंसक इस दंपति को शुभकामनाएं देते हुए उनके परिवार में आने वाली नई खुशियों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

  • प्रेग्नेंसी में क्यों बढ़ जाती है चेहरे की प्राकृतिक चमक? जानिए हार्मोन, रक्त प्रवाह और त्वचा में होने वाले बदलावों का वैज्ञानिक कारण

    प्रेग्नेंसी में क्यों बढ़ जाती है चेहरे की प्राकृतिक चमक? जानिए हार्मोन, रक्त प्रवाह और त्वचा में होने वाले बदलावों का वैज्ञानिक कारण

    नई दिल्ली । गर्भावस्था महिला के जीवन का ऐसा चरण है, जिसमें शरीर के भीतर अनेक प्राकृतिक और जैविक परिवर्तन होते हैं। इन बदलावों का प्रभाव केवल शिशु के विकास तक सीमित नहीं रहता, बल्कि त्वचा, बाल, मानसिक स्थिति और संपूर्ण स्वास्थ्य पर भी दिखाई देता है। इन्हीं परिवर्तनों के कारण कई महिलाओं के चेहरे पर एक विशेष प्रकार की प्राकृतिक चमक दिखाई देती है, जिसे सामान्य भाषा में ‘प्रेग्नेंसी ग्लो’ कहा जाता है। हालांकि यह जरूरी नहीं कि हर महिला को इसका अनुभव एक जैसा हो, क्योंकि प्रत्येक शरीर की प्रतिक्रिया अलग होती है।

    चिकित्सकों के अनुसार, गर्भावस्था के दौरान एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है। इन हार्मोनल बदलावों का असर त्वचा पर भी पड़ता है। हार्मोन त्वचा की कोशिकाओं की सक्रियता बढ़ाने के साथ रक्त संचार को बेहतर बनाने में मदद करते हैं, जिससे चेहरा अधिक ताजा, स्वस्थ और चमकदार दिखाई दे सकता है। यही कारण है कि कई महिलाओं के चेहरे पर बिना किसी अतिरिक्त सौंदर्य प्रसाधन के भी प्राकृतिक निखार नजर आता है।

    गर्भावस्था में शरीर में रक्त की मात्रा भी सामान्य से काफी अधिक हो जाती है ताकि मां और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों की आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके। रक्त प्रवाह बढ़ने से चेहरे की महीन रक्त वाहिकाओं तक अधिक ऑक्सीजन और पोषक तत्व पहुंचते हैं। इसके परिणामस्वरूप गालों पर हल्की गुलाबी आभा और त्वचा पर प्राकृतिक चमक दिखाई दे सकती है। विशेषज्ञ इसे प्रेग्नेंसी ग्लो का एक प्रमुख कारण मानते हैं।

    इस दौरान त्वचा की तेल ग्रंथियां भी अधिक सक्रिय हो सकती हैं। इससे त्वचा मुलायम और चमकदार दिखाई देती है, लेकिन जिन महिलाओं की त्वचा पहले से तैलीय होती है, उनमें मुंहासे या पिंपल्स की समस्या भी बढ़ सकती है। इसलिए चेहरे पर मुंहासे होना भी गर्भावस्था के दौरान होने वाला सामान्य परिवर्तन माना जाता है और इसे किसी गंभीर समस्या का संकेत नहीं माना जाता, जब तक चिकित्सक अलग सलाह न दें।

    जैसे-जैसे गर्भावस्था आगे बढ़ती है, शरीर का तापमान और त्वचा में रक्त प्रवाह भी बढ़ सकता है। कई महिलाओं को इस दौरान सामान्य से अधिक गर्मी महसूस होती है। इसका प्रभाव चेहरे पर हल्की लालिमा और ताजगी के रूप में दिखाई देता है। यह भी उन प्राकृतिक कारणों में शामिल है, जिनकी वजह से गर्भावस्था के दौरान त्वचा अधिक दमकती हुई नजर आती है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि संतुलित आहार और पर्याप्त पानी का सेवन भी त्वचा के स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ताजे फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज, दालें, दूध, दही, अंडे और प्रोटीन से भरपूर भोजन शरीर को आवश्यक विटामिन और खनिज उपलब्ध कराते हैं। पर्याप्त जल सेवन से शरीर हाइड्रेट रहता है, जिससे त्वचा स्वस्थ और चमकदार बनी रह सकती है।

    हालांकि डॉक्टर यह भी स्पष्ट करते हैं कि हर गर्भवती महिला में प्रेग्नेंसी ग्लो दिखाई दे, यह आवश्यक नहीं है। कुछ महिलाओं को त्वचा पर पिग्मेंटेशन, रूखापन, मुंहासे या अन्य परिवर्तन भी हो सकते हैं। इसलिए किसी भी बदलाव को सामान्य शारीरिक प्रक्रिया के रूप में समझना चाहिए और त्वचा या स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी गंभीर परेशानी होने पर स्वयं उपचार करने के बजाय विशेषज्ञ चिकित्सक से सलाह लेना सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है।

  • दूसरी प्रेग्नेंसी के अंतिम चरण में दीपिका पादुकोण, सोशल मीडिया पोस्ट से साझा की थर्ड ट्राइमेस्टर की चुनौतियां, जल्द घर आएगा नया मेहमान

    दूसरी प्रेग्नेंसी के अंतिम चरण में दीपिका पादुकोण, सोशल मीडिया पोस्ट से साझा की थर्ड ट्राइमेस्टर की चुनौतियां, जल्द घर आएगा नया मेहमान

    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण अपनी दूसरी प्रेग्नेंसी के अंतिम चरण में हैं और जल्द ही अपने दूसरे बच्चे का स्वागत करने वाली हैं। लंबे समय से सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर रह रही अभिनेत्री ने सोशल मीडिया पर एक हल्के-फुल्के अंदाज में वीडियो साझा कर अपने प्रशंसकों को प्रेग्नेंसी से जुड़ा नया अपडेट दिया। उनकी इस पोस्ट को बड़ी संख्या में लोगों ने पसंद किया और उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हुए शुभकामनाएं दीं।

    दीपिका ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें गर्भावस्था की तीसरी तिमाही के दौरान होने वाली सामान्य शारीरिक असुविधाओं को हास्यपूर्ण अंदाज में दिखाया गया है। वीडियो में एक गर्भवती महिला को धीरे-धीरे चलते हुए दिखाया गया है, जो अंतिम महीनों में होने वाली शारीरिक चुनौतियों की झलक पेश करता है। अभिनेत्री ने इस पोस्ट के साथ केवल एक साधारण इमोजी साझा किया, लेकिन बिना अधिक शब्दों के भी उनका संदेश प्रशंसकों तक आसानी से पहुंच गया।

    प्रेग्नेंसी के इस अंतिम दौर में दीपिका की पोस्ट को सोशल मीडिया पर व्यापक प्रतिक्रिया मिली। प्रशंसकों ने उनकी सहज अभिव्यक्ति की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने गर्भावस्था के अनुभव को बेहद स्वाभाविक और सकारात्मक तरीके से साझा किया है। कई लोगों ने उनके स्वस्थ रहने और सुरक्षित डिलीवरी की शुभकामनाएं भी दीं।

    दीपिका पादुकोण और अभिनेता रणवीर सिंह ने इसी वर्ष अप्रैल में दूसरी बार माता-पिता बनने की खुशखबरी साझा की थी। दोनों ने सोशल मीडिया के माध्यम से यह जानकारी अपने प्रशंसकों तक पहुंचाई थी, जिसके बाद फिल्म जगत और उनके चाहने वालों ने उन्हें बधाई दी थी। इससे पहले दोनों ने सितंबर 2024 में अपनी पहली संतान, बेटी दुआ का स्वागत किया था। बेटी के जन्म के बाद भी यह जोड़ी लगातार अपने पारिवारिक जीवन को लेकर चर्चा में रही है।

    गर्भावस्था के दौरान भी दीपिका ने अपने पेशेवर दायित्वों को प्राथमिकता दी। जानकारी के अनुसार उन्होंने अपनी आगामी फिल्म ‘किंग’ की अंतरराष्ट्रीय शूटिंग का महत्वपूर्ण हिस्सा पूरा किया और उसके बाद भारत लौट आईं। इस फिल्म में उनके साथ शाहरुख खान, सुहाना खान और अभिषेक बच्चन भी प्रमुख भूमिकाओं में नजर आएंगे। यह फिल्म वर्ष 2026 के अंत में सिनेमाघरों में रिलीज होने की तैयारी में है और इसे लेकर दर्शकों के बीच पहले से ही उत्सुकता बनी हुई है।

    इसके अलावा दीपिका आने वाले समय में कई अन्य बड़े प्रोजेक्ट्स का भी हिस्सा हैं। बताया जा रहा है कि वह निर्देशक संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘लव एंड वॉर’ में विशेष भूमिका निभाती दिखाई देंगी। साथ ही वह अभिनेता अल्लू अर्जुन की बहुप्रतीक्षित पैन इंडिया फिल्म ‘राका’ से भी जुड़ी हुई हैं। हालांकि फिलहाल अभिनेत्री अपना अधिकतर समय परिवार और स्वास्थ्य पर केंद्रित कर रही हैं।

    दीपिका पादुकोण की हालिया सोशल मीडिया पोस्ट ने यह भी दिखाया कि वह अपने निजी अनुभवों को प्रशंसकों के साथ सहजता से साझा करना पसंद करती हैं। उनकी यह सादगी और सकारात्मक प्रस्तुति लोगों को पसंद आई है। अब उनके प्रशंसक बेसब्री से उस पल का इंतजार कर रहे हैं, जब दीपिका और रणवीर अपने दूसरे बच्चे के आगमन की खुशखबरी साझा करेंगे।

  • 150 इंजेक्शन, लंबा इंतजार और कई भावनात्मक उतार-चढ़ाव, अनुष्का रंजन ने साझा किया IVF के जरिए मां बनने का कठिन सफर

    150 इंजेक्शन, लंबा इंतजार और कई भावनात्मक उतार-चढ़ाव, अनुष्का रंजन ने साझा किया IVF के जरिए मां बनने का कठिन सफर

    नई दिल्ली । अभिनेत्री अनुष्का रंजन ने मां बनने के अपने सफर को लेकर खुलकर बात करते हुए आईवीएफ प्रक्रिया के दौरान झेली गई शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक चुनौतियों का अनुभव साझा किया है। हाल ही में अपनी प्रेग्नेंसी की घोषणा करने वाली अनुष्का ने बताया कि मातृत्व तक पहुंचने का उनका सफर बिल्कुल आसान नहीं था। इसके पीछे लंबा इलाज, लगातार चिकित्सकीय प्रक्रियाएं और कई भावनात्मक उतार-चढ़ाव शामिल रहे। उन्होंने अपने अनुभव को साझा कर उन महिलाओं का हौसला बढ़ाने की कोशिश की है, जो इसी तरह की परिस्थितियों का सामना कर रही हैं।

    अनुष्का रंजन ने बताया कि उन्होंने और उनके पति आदित्य सील ने परिवार बढ़ाने की योजना पर गंभीरता से विचार करने के बाद विशेषज्ञ चिकित्सकों से सलाह ली। सामान्य रूप से गर्भधारण नहीं होने पर दोनों ने आईवीएफ प्रक्रिया अपनाने का निर्णय लिया। उनके अनुसार, यह उपचार केवल शारीरिक रूप से ही नहीं, बल्कि मानसिक रूप से भी बेहद थकाने वाला साबित हुआ। कई बार उन्हें लगा कि इस पूरी प्रक्रिया को आगे बढ़ाना उनके लिए बेहद कठिन हो जाएगा।

    अभिनेत्री ने बताया कि उपचार के दौरान उन्हें 150 से अधिक इंजेक्शन लेने पड़े। कई बार इंजेक्शन का दर्द इतना अधिक होता था कि आंखों में आंसू आ जाते थे। शुरुआती चरण में उनके पति आदित्य सील स्वयं उन्हें इंजेक्शन लगाने में मदद करते थे और हर कठिन पल में उनका हौसला बढ़ाते थे। अनुष्का के मुताबिक, लगातार दवाइयों, जांचों और उपचार के बीच कई ऐसे क्षण आए जब उन्होंने मानसिक रूप से खुद को बेहद कमजोर महसूस किया, लेकिन परिवार के सहयोग ने उन्हें आगे बढ़ने की ताकत दी।

    उन्होंने कहा कि आईवीएफ केवल एक चिकित्सीय प्रक्रिया नहीं, बल्कि भावनात्मक परीक्षा भी है। इस दौरान महिलाएं शारीरिक पीड़ा के साथ-साथ मानसिक दबाव, चिंता और अनिश्चितता से भी गुजरती हैं। इसलिए इस विषय को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। उनका मानना है कि समाज में आईवीएफ को लेकर सही जानकारी और जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है, ताकि इस उपचार से गुजर रही महिलाओं को बेहतर समझ और भावनात्मक सहयोग मिल सके।

    अनुष्का ने बताया कि इस विषय पर उनकी बहन आकांक्षा ने भी उन्हें कई महत्वपूर्ण बातें समझाईं। उनके अनुसार, समाज में अक्सर यह धारणा बना दी जाती है कि विवाह के बाद गर्भधारण आसानी से हो जाता है, जबकि वास्तविकता कई बार इससे अलग होती है। विशेषज्ञों से बातचीत के दौरान उन्हें यह समझ आया कि प्रत्येक ओव्यूलेशन चक्र में गर्भधारण की संभावना सीमित होती है। इस जानकारी ने उन्हें प्रजनन स्वास्थ्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं को बेहतर तरीके से समझने में मदद की।

    अभिनेत्री का कहना है कि इस पूरे अनुभव ने उन्हें महिलाओं की मानसिक और शारीरिक क्षमता का नया एहसास कराया। उनका मानना है कि मातृत्व का सफर हर महिला के लिए अलग होता है और किसी की परिस्थितियों का आकलन बिना पूरी जानकारी के नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने उन महिलाओं से भी सकारात्मक बने रहने की अपील की जो किसी कारणवश गर्भधारण में कठिनाइयों का सामना कर रही हैं।

    अनुष्का रंजन ने इस अवसर पर पुरुषों से भी संवेदनशीलता और सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि उनकी पत्नी या जीवनसाथी आईवीएफ जैसी प्रक्रिया से गुजर रही हैं, तो उन्हें धैर्य, समझ और भावनात्मक समर्थन देना बेहद जरूरी है। उनके अनुसार, परिवार का साथ इस कठिन सफर को काफी हद तक आसान बना सकता है। उन्होंने कहा कि अपने अनुभव को सार्वजनिक करने का उद्देश्य आईवीएफ से जुड़ी झिझक को कम करना और इस विषय पर खुलकर संवाद को बढ़ावा देना है।

  • ‘मेरी जिंदगी नर्क बन चुकी है… मुझे यहां से ले जाओ’, ट्विशा शर्मा की मां संग चैट आई सामने

    ‘मेरी जिंदगी नर्क बन चुकी है… मुझे यहां से ले जाओ’, ट्विशा शर्मा की मां संग चैट आई सामने



    भोपाल। भोपाल के चर्चित कटारा हिल्स संदिग्ध मौत मामले में अब तक का सबसे बड़ा खुलासा सामने आया है। पूर्व जज की बहू ट्विशा शर्मा और उसकी मां के बीच हुई व्हाट्सएप चैट सार्वजनिक हुई है, जिसने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। इन चैट्स में ट्विशा ने अपनी शादीशुदा जिंदगी को “नर्क” बताते हुए मां से उसे वहां से ले जाने की गुहार लगाई थी।

    जानकारी के मुताबिक, 12 मई को संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिली 31 वर्षीय ट्विशा शर्मा ने मौत से करीब पांच दिन पहले अपनी मां को कई भावुक मैसेज भेजे थे। चैट में ट्विशा लिखती है— “मेरी जिंदगी नर्क बन चुकी है… ये लोग बहुत क्रूर हैं… समर्थ मुझसे ठीक से बात तक नहीं करता… तुम यहां आओ और मुझे यहां से ले जाओ… ये लोग मुझे जीने नहीं देंगे।”

    इन चैट्स के सामने आने के बाद मृतका का परिवार इसे आत्महत्या नहीं बल्कि प्रताड़ना से जुड़ा मामला बता रहा है। परिवार का आरोप है कि शादी के कुछ ही महीनों बाद ट्विशा मानसिक रूप से टूट चुकी थी और लगातार दबाव में जी रही थी।

    इधर कोर्ट में आरोपी पक्ष की ओर से भी कई दावे किए गए हैं। ट्विशा की सास और रिटायर्ड जज गिरीबाला सिंह ने जमानत आवेदन में आरोप लगाया कि ट्विशा ड्रग एडिक्ट थी और उसे मूड स्विंग्स की समस्या थी। इस पर ट्विशा की मां ने भावुक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अब उनकी बेटी इस दुनिया में नहीं है, इसलिए उसके बारे में कुछ भी कहा जा रहा है।

    मामले में एक और चौंकाने वाला दावा सामने आया है। परिवार के अनुसार ट्विशा करीब दो महीने की गर्भवती थी और उसके पति समर्थ सिंह ने उसके चरित्र पर सवाल उठाए थे। आरोप है कि समर्थ ने ट्विशा से बच्चे को लेकर आपत्तिजनक सवाल किए थे, जिससे वह मानसिक रूप से और ज्यादा परेशान हो गई थी।

    ट्विशा के चचेरे भाई आशीष शर्मा ने दावा किया है कि समर्थ खुद नशा करता था और जब ट्विशा ने इसका विरोध किया तो उसे प्रताड़ित किया जाने लगा। परिवार का आरोप है कि आरोपी पक्ष प्रभावशाली होने के कारण पुलिस जांच प्रभावित हो रही है। इसी वजह से परिजन अब मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने की मांग कर रहे हैं।

    फिलहाल पुलिस एसआईटी के जरिए मामले की जांच कर रही है। वहीं ट्विशा की मौत से जुड़े हर नए खुलासे के बाद यह मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।