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  • दतिया विधानसभा उपचुनावः मतदान की तैयारियां पूर्ण, प्रशासन ने किए व्यापक इंतजाम

    दतिया विधानसभा उपचुनावः मतदान की तैयारियां पूर्ण, प्रशासन ने किए व्यापक इंतजाम


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव की तैयारियां पूरी हो गई हैं। यहां 30 जुलाई को मतदान होना है। क्षेत्र में स्वतंत्र, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण एवं पारदर्शी ढंग से मतदान संपन्न कराने के लिए जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित कर ली गई हैं।

    दतिया विधानसभा क्षेत्र में मंगलवार शाम 6 बजे चुनाव प्रचार समाप्त होने के बाद जिला प्रशासन और पुलिस ने शहर में फ्लैग मार्च निकाला। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी स्वप्निल वानखड़े तथा पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल के नेतृत्व में निकाले गए फ्लैग मार्च में पुलिस बल के जवानों ने भाग लिया। फ्लैग मार्च का उद्देश्य मतदाताओं में सुरक्षा एवं विश्वास का वातावरण स्थापित करना तथा असामाजिक तत्वों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने का संदेश देना रहा।

    फ्लैग मार्च भैरव मंदिर से प्रारंभ होकर तिगैलिया, टाउन हॉल, बड़ा बाजार, पटवा तिराहा, किला चौक, दारूगर की पुलिया, बिहारी जी मंदिर तिगैलिया, भैरव मंदिर, राजगढ़ चौराहा, सीता सागर, पुरानी कलेक्ट्रेट, सिविल लाइन और झांसी चुंगी पुल होते हुए देर रात पुलिस लाइन दतिया पहुंचकर संपन्न हुआ। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि विधानसभा उप निर्वाचन को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। जिले में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया गया है तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क एवं मुस्तैद है।

    आज शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज से होगा सामग्री का वितरण

    जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा जानकारी दी गई दतिया विधानसभा उप निर्वाचन 2026 अंतर्गत 30 जुलाई को मतदान सम्पन्न कराने के लिए आज बुधवार को प्रातः 5 बजे से शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज दतिया से सामग्री का वितरण किया जाएगा। मतदान सामग्री के सुचारु वितरण एवं प्राप्ति के लिए पॉलीटेक्निक कॉलेज परिसर में अलग-अलग काउंटर बनाए गए हैं। प्रत्येक काउंटर से 10 से 12 मतदान केंद्रों की सामग्री का वितरण एवं वापसी होगी, जिससे प्रक्रिया तेज एवं सुव्यवस्थित रहे। वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए परिसर में पर्याप्त टेंट लगाने, बसों की क्रमबद्ध पार्किंग, वाहनों के बीच पर्याप्त दूरी बनाए रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर क्रेन की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। मतदान दलों से निर्धारित समय का पालन करने एवं अपने साथ छाता रखने के लिए भी कहा गया है।

    स्ट्रांग रूम एवं निर्वाचन व्यवस्थाओं का सतत निरीक्षण

    शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज में बनाए गए स्ट्रांग रूम सहित निर्वाचन से संबंधित विभिन्न व्यवस्थाओं का सतत स्थल निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान स्ट्रांग रूम, मतगणना कक्ष, सामग्री वितरण एवं सामग्री जमा करने के कक्षों की तैयारियों का बारीकी से अवलोकन किया गया है। साथ ही सीसीटीवी कैमरे, सुरक्षा व्यवस्था एवं बैरीकेडिंग की समीक्षा कर कार्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप समयबद्ध रूप से पूर्ण किया गया है।

    सभी मूलभूत सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश

    निर्वाचन कार्य से जुड़े अधिकारियों को विद्युत आपूर्ति, पेयजल, चिकित्सा सुविधा, स्वच्छता, बैरीकेडिंग एवं निर्बाध बिजली सहित सभी मूलभूत व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। स्पष्ट किया गया कि निर्वाचन कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी तथा सभी अधिकारी अपने दायित्वों का निष्ठा एवं समयबद्धता के साथ निर्वहन करेंगे।

    निर्वाचन प्रबंधन की सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित

    जिला निर्वाचन प्रशासन द्वारा परिवहन व्यवस्था एवं रूट चार्ट, ईवीएम एवं वीवीपैट की उपलब्धता, मतदान दलों का प्रशिक्षण, सामग्री वितरण एवं प्राप्ति, आदर्श आचरण संहिता के पालन, रैंडमाइजेशन, कानून व्यवस्था, एमसीएमसी, कम्युनिकेशन प्लान, स्वीप गतिविधियां, शिकायत एवं कंट्रोल रूम, ईटीबीपीएस, वेबकास्टिंग, विद्युत एवं चिकित्सा व्यवस्था, वीडियोग्राफी, फूड पैकेट्स, टेलीफोन एवं इंटरनेट तथा निर्वाचन कार्मिकों के पहचान पत्र वितरण सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।

    वर्षा को लेकर विशेष सतर्कता

    मानसून को देखते हुए निर्वाचन प्रशासन ने विशेष तैयारियां की हैं। मतदान दलों के वाहनों के लिए सुरक्षित पार्किंग, वैकल्पिक मार्ग, टेंट की व्यवस्था तथा चिकित्सा दलों की तैनाती सुनिश्चित की गई है। यदि किसी पुल पर पानी बहने की स्थिति बनेगी तो वहां से किसी भी मतदान दल का वाहन नहीं निकाला जाएगा तथा पूर्व निर्धारित वैकल्पिक मार्ग का उपयोग किया जाएगा। प्रत्येक मतदान केंद्र पर पेयजल, व्हीलचेयर एवं प्राथमिक उपचार जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।

    माइक्रो ऑब्जर्वरों को दिया गया प्रशिक्षण
    दतिया विधानसभा उपनिर्वाचन-2026 को निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज में माइक्रो ऑब्जर्वरों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में निर्वाचन प्रेक्षक श्री विजय भारती की उपस्थिति में मतदान केंद्रों पर निष्पक्षता बनाए रखने, निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करने तथा प्रत्येक गतिविधि पर सतर्क निगरानी रखने के संबंध में आवश्यक जानकारी दी गई।

    अंतरराज्यीय सीमा पर कड़ी सुरक्षा

    विधानसभा उपनिर्वाचन को निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए उनाव थाना क्षेत्र स्थित मध्यप्रदेश-उत्तरप्रदेश अंतरराज्यीय सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ कर दी गई है। पुलिस एवं सुरक्षा बलों द्वारा चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है तथा सीमा से गुजरने वाले प्रत्येक वाहन की सघन जांच की जा रही है। नकदी, शराब एवं अन्य संदिग्ध सामग्री की विशेष जांच की जा रही है ताकि निर्वाचन प्रक्रिया प्रभावित न हो।

    एसएसटी की कार्रवाई में नकदी एवं आभूषण जप्त

    एसएसटी टीम द्वारा विभिन्न नाको पर वाहन जांच के दौरान कुल 98 लाख 80 हजार 800 रुपये नकद जब्त किए गए। संबंधित व्यक्तियों द्वारा कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर राशि को जिला कोषालय में जमा कराया गया। वहीं बसई चेकिंग प्वाइंट पर एक अन्य वाहन से 1685 ग्राम चांदी एवं 8.5 ग्राम सोने के आभूषण जब्त किए गए, जिनके संबंध में भी कोई प्रमाणिक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। आभूषणों को भी सुरक्षार्थ जिला कोषालय में जमा कराया गया।

    सामान्य प्रेक्षक ने मतदान केंद्रों का किया निरीक्षण
    सामान्य प्रेक्षक विजय भारती ने बसई क्षेत्र के विभिन्न मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर मतदाता सूची, मूलभूत सुविधाओं एवं निर्वाचन तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मतदान केंद्रों पर पेयजल, बिजली, शौचालय सहित सभी आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं तथा निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए।

    घर-घर पहुंचाई जा रही वोटर पर्चियां

    मतदान प्रतिशत बढ़ाने के उद्देश्य से बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा घर-घर जाकर मतदाताओं को वोटर पर्चियों का वितरण किया जा रहा है। साथ ही मतदाताओं से अपील की जा रही है कि वे मतदान दिवस पर अपनी वोटर स्लिप तथा पहचान के लिए आयोग द्वारा निर्धारित कोई एक दस्तावेज़ साथ लेकर आएं तथा लोकतंत्र के इस महापर्व में अधिक से अधिक संख्या में भागीदारी करें।

    वरिष्ठ नागरिकों एवं दिव्यांगों के लिए होम वोटिंग

    निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 85 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों एवं पात्र दिव्यांग मतदाताओं को डाक मतपत्र के माध्यम से घर पर ही मतदान की सुविधा प्रदान की गई। निर्वाचन दल निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार मतदाताओं के घर पहुंचकर गोपनीय एवं निष्पक्ष वातावरण में मतदान संपन्न कराई गई। यह व्यवस्था ऐसे मतदाताओं के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही है जो शारीरिक कारणों से मतदान केंद्र तक नहीं पहुंच सकते है।

    विधानसभा स्तरीय कंट्रोल रूम स्थापित

    दतिया विधानसभा उपनिर्वाचन-2026 के सफल संचालन के लिए न्यू कलेक्ट्रेट कार्यालय के कक्ष क्रमांक-4 में विधानसभा स्तरीय कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। किसी भी निर्वाचन संबंधी जानकारी अथवा शिकायत के लिए मोबाइल नंबर 8305199022 जारी किया गया है। जिला निर्वाचन प्रशासन ने नागरिकों से आवश्यकता पड़ने पर इस नंबर पर संपर्क करने की अपील की है।

  • अब घरों में रखा सोना आएगा अर्थव्यवस्था के काम, सरकार 'गोल्ड मोनेटाइजेशन 2.0' प्रस्ताव पर कर रही विचार

    अब घरों में रखा सोना आएगा अर्थव्यवस्था के काम, सरकार 'गोल्ड मोनेटाइजेशन 2.0' प्रस्ताव पर कर रही विचार


    नई दिल्ली। भारतीय परिवारों के घरों और लॉकरों में वर्षों से सुरक्षित रखे सोने को औपचारिक अर्थव्यवस्था से जोड़ने की दिशा में केंद्र सरकार एक नए प्रस्ताव पर विचार कर रही है। सराफा कारोबारियों की ओर से तैयार किए गए इस प्रस्ताव को ‘गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम 2.0’ नाम दिया गया है। यदि इसे मंजूरी मिलती है, तो घरेलू स्तर पर मौजूद सोने का बड़ा हिस्सा बाजार में वापस आ सकता है, जिससे सोने के आयात पर निर्भरता कम होने के साथ अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

    शुरुआती लक्ष्य 200 टन सोना बाजार में लाने का
    सराफा संगठनों द्वारा सरकार को सौंपे गए प्रस्ताव के अनुसार, योजना के पहले चरण में देशभर के घरों में रखा करीब 200 टन सोना औपचारिक व्यवस्था में लाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे घरेलू मांग का कुछ हिस्सा देश के भीतर उपलब्ध सोने से पूरा किया जा सकेगा और विदेशों से सोना आयात करने की आवश्यकता कम हो सकती है। इसके परिणामस्वरूप विदेशी मुद्रा की बचत होने की संभावना भी जताई गई है।

    पुरानी योजना से कैसे होगी अलग?
    इससे पहले लागू की गई गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम को अपेक्षित सफलता नहीं मिल पाई थी, क्योंकि लोग सीधे बैंकों के माध्यम से प्रक्रिया अपनाने में सहज महसूस नहीं करते थे।

    नए प्रस्ताव में व्यवस्था को अधिक आसान बनाने की बात कही गई है। इसके तहत ग्राहक अपने पुराने या अनुपयोगी आभूषण लेकर सीधे बैंक जाने के बजाय पंजीकृत ज्वेलर्स के पास पहुंच सकेंगे। ज्वेलर गहनों को गलाकर उनकी शुद्धता का आकलन करेगा और निर्धारित प्रक्रिया के तहत उन्हें बैंक में जमा कराया जाएगा।

    ग्राहकों को मिल सकती हैं गोल्ड यूनिट्स
    प्रस्ताव के मुताबिक, जमा किए गए सोने के बदले ग्राहक के बैंक खाते में उसी मूल्य के बराबर गोल्ड यूनिट्स क्रेडिट की जा सकती हैं। इससे लोग पुराने डिजाइनों के गहनों का बेहतर उपयोग कर सकेंगे और अपनी पसंद के नए आभूषण खरीदने का विकल्प भी मिलेगा। वहीं ज्वेलरी उद्योग को अपेक्षाकृत कम लागत पर कच्चे माल के रूप में सोना उपलब्ध होने की संभावना है।

    टैक्स नियमों को लेकर भी राहत की उम्मीद
    योजना के मसौदे में प्रक्रिया को पारदर्शी रखने और लोगों की टैक्स संबंधी आशंकाओं को कम करने पर भी जोर दिया गया है। मौजूदा आयकर नियमों के अनुसार, विवाहित महिला के पास 500 ग्राम, अविवाहित महिला के पास 250 ग्राम और पुरुष के पास 100 ग्राम तक सोना रखने पर सामान्य परिस्थितियों में राहत का प्रावधान है। हालांकि, अंतिम स्थिति संबंधित नियमों और प्रत्येक मामले के तथ्यों पर निर्भर करती है।

    सरकार की मंजूरी का इंतजार
    फिलहाल केंद्र सरकार ने इस प्रस्ताव को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। हालांकि, सराफा बाजार इस पहल को सकारात्मक मान रहा है। कारोबारियों का मानना है कि यदि यह योजना लागू होती है तो घरों में निष्क्रिय पड़े सोने को औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा जा सकेगा। इससे न केवल गोल्ड मार्केट को नई गति मिल सकती है, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और आत्मनिर्भरता को भी मजबूती मिलने की संभावना है।

  • बाजार में बिकने वाला सिंथेटिक पनीर की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी में केन्द्र सरकार

    बाजार में बिकने वाला सिंथेटिक पनीर की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी में केन्द्र सरकार


    नई दिल्ली।
    सरकार (Government) बाजार (Market) में बिकने वाले सिंथेटिक पनीर (Synthetic Cheese) पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रही है। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (Food Safety and Standards Authority of India- FSSAI) ने फैसला लिया है कि कम पोषण वाले और सेहत को नुकसान पहुंचाने वाले दिखावटी पनीर को बाजार से पूरी तरह बाहर किया जाएगा। मामले से जुड़े दो अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

    इस मामले में बनी एक हाई लेवल कमेटी ने अक्टूबर 2025 में इस प्रस्ताव को अंतिम रूप दिया था, जिसे मार्च 2026 की बैठक में आधिकारिक मंजूरी दे दी गई है। समिति का कहना था कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा डेयरी उत्पादक देश है, लेकिन इसके बावजूद बाजार में बड़ी मात्रा में सस्ता सिंथेटिक पनीर बेचा जा रहा है। यह असली पनीर जैसा दिखता और स्वाद में मिलता-जुलता होता है, जिससे आम ग्राहक के लिए पहचान करना मुश्किल हो जाता है और वह भ्रमित होता है।


    1,000 कंपनियों के पास सिंथेटिक पनीर बनाने के लाइसेंस

    इसी वजह से इसे बाजार से चरणबद्ध तरीके से हटाने की योजना बनाई जा रही है। वर्तमान में सिंथेटिक पनीर की बिक्री पर पूरी तरह रोक नहीं है। देश में करीब 1,000 ऐसी कंपनियां या कारोबारी हैं, जिनके पास इसे बनाने का लाइसेंस है। नई नीति के तहत अब नए लाइसेंस जारी नहीं किए जाएंगे और मौजूदा कंपनियों को अपना स्टॉक खत्म करने और उत्पादन बंद करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाएगा।


    इसलिए पड़ी जरूरत

    बीते कुछ समय से बाजार में ‘सिंथेटिक पनीर’ का चलन तेजी से बढ़ा है। यह एक सस्ता विकल्प है, जिसे ताजे दूध की बजाय मुख्यतः पाम ऑयल, मिल्क पाउडर, स्टार्च और इमल्सीफायर्स से बनाया जाता है। यह दिखने और बनावट में असली पनीर जैसा होता है, लेकिन इसकी गुणवत्ता और पोषण मूल्य दूध से बने पनीर की तुलना में काफी कम होता है। यह सिंथेटिक पनीर सस्ता होने के कारण कई रेस्तरां में उपयोग किया जाता है, जिससे उपभोक्ताओं को भ्रम होता है।

    लगातार बढ़ रहा बाजार: उत्तर भारत में खासतौर पर पनीर प्रोटीन का प्रमुख स्रोत माना जाता है। यही कारण है कि भारत का पनीर बाजार 10.8 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है। मार्केट रिसर्च कंपनी आईएमएआरसी के अनुसार, वर्ष 2033 तक भारतीय पनीर बाजार के 22.1 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है, जिसकी वार्षिक वृद्धि दर 8.7% रहने की संभावना है।

    कीमत में भारी अंतर: अधिकारियों के अनुसार, असली ब्रांडेड पनीर की कीमत करीब 450 रुपये प्रति किलो तक होती है, जबकि खुले में बिकने वाला सिंथेटिक या बिना ब्रांड वाला पनीर 250 से 300 रुपये प्रति किलो तक बिकता है।


    स्वास्थ्य पर भी खतरा बढ़ा

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, सिंथेटिक पनीर में प्रोटीन की मात्रा बहुत कम और फैट बहुत ज्यादा होता है। इसके नियमित सेवन से स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। इससे शरीर में इंसुलिन प्रतिरोध पैदा हो सकता है, जो टाइप-2 डायबिटीज का कारण बन सकता है।

  • आदि कैलाश यात्रा की तैयारियों में जुटा पिथौरागढ़ प्रशासन… जानें कब खुलेंगे कपाट… कब शुरू होगी यात्रा?

    आदि कैलाश यात्रा की तैयारियों में जुटा पिथौरागढ़ प्रशासन… जानें कब खुलेंगे कपाट… कब शुरू होगी यात्रा?


    पिथौरागढ़।
    उत्तराखंड (Uttarakhand) की प्रसिद्ध आदि कैलाश और ओम पर्वत यात्रा (Famous Adi Kailash and Om Parvat Yatra) इस साल 1 मई से शुरू होने जा रही है। इसी दिन जोलिंगकोंग स्थित शिव धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। पिथौरागढ़ जिला प्रशासन ने यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने बताया कि इस बार बड़ी संख्या में भक्तों के आने की उम्मीद है। इसके लिए 28 अप्रैल से ऑनलाइन परमिट प्रक्रिया शुरू होगी। प्रशासन ने रास्ते में स्वास्थ्य सेवाएं, एम्बुलेंस, पेयजल, संचार और सड़कों की मरम्मत के पुख्ता इंतजाम किए हैं ताकि यात्रियों को कोई असुविधा ना हो।


    पहली मई से यात्रा, इसी दिन खुलेंगे कपाट

    पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने बताया कि आदि कैलाश और ओम् पर्वत यात्रा पहली मई से शुरू होगी। इसी दिन जोलिंगकोंग स्थित पवित्र शिव धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। जिलाधिकारी ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से तैयारियां तेज कर दी गई हैं।


    28 अप्रैल से जारी होंगे परमिट

    जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने कहा कि श्रद्धालुओं के लिए इनर लाइन परमिट की ऑनलाइन प्रक्रिया 28 अप्रैल से शुरू हो जाएगी।


    कैसे करें आवेदन?

    प्रशासन की ओर से बताया गया है कि श्रद्धालु पोर्टल के जरिए यात्रा परमिट के लिए आवेदन कर सकेंगे। हालांकि परमिट धारचूला से जारी किए जाएंगे। जिलाधिकारी का मानना था कि इस साल की आदि कैलाश और ओम पर्वत यात्रा पर अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।


    पिथौरागढ़ कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक

    यात्रा की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी आशीष भटगांई की अध्यक्षता में पिथौरागढ़ कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें संबंधित विभागों को यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक दिशा-निर्देश दिए गए। यही नहीं यात्रा मार्ग पर पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, सड़क, दूरसंचार, खाद्यान्न, शौचालय, सुरक्षा और स्वच्छता की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया है।


    पीएम के आने के बाद तीर्थयात्रियों की संख्या बढ़ी

    हल्द्वानी, टनकपुर और धारचूला से श्रद्धालु आदि कैलाश की यात्रा शुरू करते हैं। हल्द्वानी से आदि कैलाश यात्रा 8 दिन की जबकि टनकपुर से 6 दिन और धारचूला से यात्रा 5 दिन में संपन्न होती है।साल 2023 में प्रधानमंत्री मोदी के भ्रमण से इस यात्रा को बहुत बढ़ावा मिला था। पहले हर साल करीब 2000 श्रद्धालु आदि कैलाश आते थे जबकि 2023 में पीएम मोदी के आने के बाद तीर्थयात्रियों की संख्या 28 हजार तक पहुंच गई। पिछले साल आंकड़ा 36 हजार को पार कर गया।


    23 अप्रैल को सुबह 6:15 बजे खुलेंगे बद्रीनाथ धाम के कपाट

    बता दें कि इस साल 23 अप्रैल को सुबह 6:15 बजे बद्रीनाथ धाम के पवित्र कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इसके भव्य उद्घाटन समारोह की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। इस अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहेंगे। मंदिर को इस साल खास तौर पर विदेश से मंगाए गए फूलों से सजाया जा रहा है।

  • Gold Jewellery: हॉलमार्किंग नियमों को सख्त करने की तैयारी… हर आईटम का होगा यूनिक नंबर!

    Gold Jewellery: हॉलमार्किंग नियमों को सख्त करने की तैयारी… हर आईटम का होगा यूनिक नंबर!


    नई दिल्ली।
    केंद्र सरकार (Central Government) अब सोने के गहनों (Gold Jewellery) की शुद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए हॉलमार्किंग नियमों (Hallmarking rules.) को और सख्त करने की तैयारी में है। इसके तहत, हर आइटम के लिए एक खास पहचान संख्या (HUID) का इस्तेमाल अनिवार्य किया जाएगा। इसका मकसद नकली सामान पर रोक लगाना और उसकी पहचान को बेहतर बनाना है।


    यूनिक ID का दोबारा नहीं हो सकेगा इस्तेमाल

    मिंट की एक खबर में सूत्र के हवाले से बताया गया है कि नई व्यवस्था के तहत हर गहने को उसके डिजाइन, आकार और अन्य विशेषताओं के आधार पर एक अलग पहचान संख्या दी जाएगी। यह संख्या किसी भी हालत में दोबारा इस्तेमाल नहीं की जा सकेगी, भले ही गहने एक जैसे क्यों न दिखें। वहीं, एक बार जब कोई ज्वेलरी आइटम पिघला दिया जाता है तो उसे दी गई यूनिक ID का दोबारा इस्तेमाल किसी दूसरे प्रोडक्ट के लिए नहीं किया जा सकेगा। इससे सर्टिफिकेशन की नकल या गलत इस्तेमाल को रोका जा सकेगा। इससे उपभोक्ताओं का भरोसा भी मजबूत होगा और बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी।


    क्यों लिया जा रहा फैसला?

    सूत्र ने बताया कि यह फैसला उन बढ़ती शिकायतों को देखते हुए लिया गया है, जिनमें किसी खास हॉलमार्क ID और शुद्धता के स्तर के साथ खरीदे गए गहनों की प्योरिटी बाद में अलग पाई गई। यह बात संज्ञान में आई है कि एक ही यूनिक ID का इस्तेमाल कई चीजों के लिए किया जा रहा है। हालांकि, शिकायतों की कुल संख्या का खुलासा नहीं किया गया है।


    इंडस्ट्री का मिल रहा समर्थन

    आदित्य बिड़ला ज्वेलरी की कंपनी इंद्रिया के सीईओ संदीप कोहली ने कहा कि यह पहल कॉर्पोरेट ज्वेलर्स के साथ पार्टनरशिप में शुरू की जा रही है और धीरे-धीरे इसे ज्वेलरी के पूरे इकोसिस्टम तक बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस तरीके से थर्ड पर्टी द्वारा हमारे प्रोडक्ट के HUID नंबरों की डुप्लीकेशन या गलत इस्तेमाल का खतरा पूरी तरह खत्म हो जाएगा। उन्होंने आगे बताया कि हॉलमार्क निशानों की तस्वीरें उनके प्लेटफॉर्म पर अपलोड की जाएंगी, जिससे भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से नकली या जाली निशानों की पहचान करके उन्हें रोका जा सकेगा। कंपनी भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के साथ मिलकर इस बदलाव को अपने सिस्टम में शामिल कर रही है।

    2025 में पायलट प्रोजेक्ट
    बता दें कि अक्टूबर 2025 में उपभोक्ता मामलों के विभाग ने अपनी क्वालिटी स्टैंडर्ड्स विंग BIS के जरिए, 25 जिलों में एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया, जिसका मकसद ज्वेलरी की डिटेल्स को डिजिटली रिकॉर्ड करना था। BIS ने इंटीग्रेटेड कैमरों और वजन करने वाले सिस्टम का इस्तेमाल करके अपने पोर्टल पर हर हॉलमार्क वाली ज्वेलरी आइटम की फोटो और वजन रिकॉर्ड किया, जिससे पारदर्शिता बढ़ी।

    हॉलमार्किंग की शुरुआत साल 2000 में हुई थी और 2021 से इसे अलग-अलग चरणों में अनिवार्य कर दिया गया, जो अब लगभग 400 जिलों तक पहुंच चुका है। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के डेटा के मुताबिक, तब से अब तक 580 मिलियन से ज़्यादा सोने की चीजों पर हॉलमार्क लगाया जा चुका है, जिसका औसत हर महीने 10 मिलियन से ज्यादा है।

  • केन्द्र सरकार महत्वपूर्ण विधेयक लाने की तैयारी में…. इसी माह फिर बुलाया जाएगा संसद का विशेष सत्र

    केन्द्र सरकार महत्वपूर्ण विधेयक लाने की तैयारी में…. इसी माह फिर बुलाया जाएगा संसद का विशेष सत्र


    नई दिल्ली।
    संसद (Parliament) के मौजूदा बजट सत्र (Current Budget Session) के समापन पर चल रही अटकलों के बीच केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेण रिजिजू (Kiren Rijiju) ने स्पष्ट किया है कि बजट सत्र को अनिश्चित काल के लिए आज स्थगित नहीं किया जाएगा बल्कि इसे कुछ दिनों के लिए स्थगित किया जाएगा और बहुत जल्द ही संसद के सदस्य फिर से मिलेंगे। राज्यसभा में उन्होंने कहा, ”हमारे पास कुछ महत्वपूर्ण मुद्दे हैं, यह विपक्ष के साथ भी साझा किया गया है। अगले 2-3 हफ्तों में हम एक बहुत महत्वपूर्ण विधेयक (Very Important Bill) लाने वाले हैं। आज सरकार सदन को स्थगित करने का प्रस्ताव रखेगी और हम जल्द ही फिर मिलेंगे; उद्देश्य सदस्यों को ज्ञात है।”

    उनका यह बयान उन अटकलों और मीडिया रिपोर्ट्स के बीच आया, जिनमें कहा जा रहा था कि सरकार संसद के मौजूदा बजट सत्र को अनिश्चितकाल तक के लिए स्थगित नहीं करेगी और कुछ दिनों के अंतराल पर फिर से दोनों सदनों की कार्यवाही शुरू करेगी ताकि महिला आरक्षण में संशोधन करने वाले बिल को पेश और पारित कराया जा सके। संसद के बजट सत्र के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, बजट सत्र के दूसरे चरण का आज अंतिम दिन है।


    हम जल्दी ही दो-तीन सप्ताह के अंदर फिर मिलेंगे

    यह मुद्दा राज्य सभा में अपराह्न दो बजे गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय के आंध प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक 2026 को चर्चा और पारित कराने का प्रस्ताव रखने के लिए खड़े होते ही उठा। कांग्रेस के जयराम रमेश ने सभापति सीपी राधाकृष्णन के माध्यम से जानना चाहा कि सरकार सदन की कार्यवाही के विषयों के बारे में क्या सोचती है। क्या सदन को कल भी चलाया जाएया या इसे अनिश्चित काल के लिए स्थगित किया जाएगा। आसन के निर्देश पर संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि हम जल्दी ही दो-तीन सप्ताह के अंदर फिर मिलेंगे। इसका एक विशेष उद्येश्य है।


    कांग्रेस को क्या आपत्ति, क्यों कर रही विरोध?

    इस पर कांग्रेस अध्यक्ष और सदन में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे और जयराम रमेश ने कहा कि सरकार विधान सभा चुनावों का लाभ लेने के लिए महिला आरक्षण विधेयक को लागू करने की यह चाल चल रही है। उन्होंने मांग की कि इस के बारे में अब कोई भी बैठक 29 अप्रैल को विधान सभा चुनावों के आखिरी चरण का मतदान हो जाने के बाद ही बुलाया जाना चाहिए। दरअसल, विपक्ष चाहता है कि इस मुद्दे पर काई कार्यवाही अब कुछ राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्रों में चल रहे विधान सभा चुनाव के बाद ही की जानी ठीक रहेगी क्योंकि भाजपा इसका आगामी चुनावों में लाभ उठा सकती है।

    16 से 18 अप्रैल के बीच तीन दिनों का संसद का विशेष सत्र
    इस पर रिजिजू ने कहा कि उन्होंने इस बारे में कांग्रेस सहित विपक्ष के सभी दलों के साथ पत्र लिखा है और चर्चा की है। विपक्ष के नेता ने पत्र का जवाब दिया है। उन्होंने विपक्ष से राजनीति में न पड़ कर सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि ‘ सरकार ने देश और महिलाओं के प्रति एक प्रतिबद्धता व्यक्त कर रखी है। उन्होंने कोई व्याख्या प्रस्तुत किए बिना कहा कि -सरकार समय से बंधी हुई है। समय बहुत कम है। इसका चुनावी राजनीति से कोई संबंध नहीं है।’NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार 16 से 18 अप्रैल के बीच तीन दिनों का संसद का विशेष सत्र बुलाने की योजना बना रही है। इस दौरान संविधान संशोधन विधेयक पेश किये जाने की संभावना है जिसके जरिये नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन किया जाएगा।