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  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का पांच दिवसीय मध्य प्रदेश दौरा कल से: सुरक्षा के कड़े इंतजाम, कई मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का पांच दिवसीय मध्य प्रदेश दौरा कल से: सुरक्षा के कड़े इंतजाम, कई मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन


    मध्य प्रदेश । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 18 जून से मध्य प्रदेश के पांच दिवसीय आधिकारिक दौरे पर आ रही हैं। 22 जून तक चलने वाले इस दौरे के दौरान वे इंदौर, ओंकारेश्वर, ग्वालियर और श्योपुर सहित कई महत्वपूर्ण स्थानों का भ्रमण करेंगी। राष्ट्रपति के आगमन को लेकर प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। साथ ही यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है।

    राष्ट्रपति के दौरे की शुरुआत इंदौर से होगी। यहां पहुंचने के बाद वे सीधे ओंकारेश्वर जाएंगी, जहां भगवान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगी। धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस यात्रा को लेकर ओंकारेश्वर क्षेत्र में विशेष तैयारियां की गई हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग पार्किंग और परिवहन व्यवस्था भी बनाई है।

    19 जून को राष्ट्रपति अंतरराष्ट्रीय सिकल सेल दिवस के अवसर पर आयोजित एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम में शामिल होंगी। इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य, जनजातीय कल्याण और सिकल सेल बीमारी के उन्मूलन से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा होगी। इसके बाद राष्ट्रपति का कार्यक्रम ग्वालियर और श्योपुर में भी निर्धारित है, जहां वे विभिन्न सरकारी और सामाजिक आयोजनों में भाग लेंगी।

    राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए इंदौर एयरपोर्ट और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। प्रशासन ने एयरपोर्ट क्षेत्र को अस्थायी रूप से ‘नो-फ्लाइंग जोन’ घोषित किया है। इस दौरान किसी भी प्रकार की अनधिकृत उड़ान गतिविधि पर प्रतिबंध रहेगा। सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी बनाए रखेंगी ताकि राष्ट्रपति के कार्यक्रमों में किसी प्रकार की बाधा न आए।

    यातायात व्यवस्था के तहत 17 से 19 जून तक कई मार्गों पर डायवर्जन लागू किया गया है। इंदौर-इच्छापुर मार्ग पर चलने वाले भारी मालवाहक वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं। खंडवा, खरगोन, भीकनगांव, कसरावद, धामनोद और अन्य क्षेत्रों से होकर वाहनों को निकाला जाएगा ताकि वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान यातायात प्रभावित न हो।

    ओंकारेश्वर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी विशेष योजना बनाई गई है। इंदौर, खंडवा और मूंदी की ओर से आने वाले वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों तक ही जाने की अनुमति होगी। वहां से श्रद्धालुओं को पैदल या प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए गए परिवहन साधनों के माध्यम से मंदिर क्षेत्र तक पहुंचना होगा। बसों के लिए भी अलग पार्किंग और शटल सेवा की व्यवस्था की गई है।

    राष्ट्रपति के काफिले के गुजरने के दौरान कुछ प्रमुख मार्गों को अस्थायी रूप से नो-व्हीकल जोन घोषित किया जाएगा। सुरक्षा कारणों से इन मार्गों पर आम वाहनों की आवाजाही कुछ समय के लिए रोकी जा सकती है। राष्ट्रपति के गंतव्य तक पहुंचने के बाद यातायात को सामान्य रूप से बहाल कर दिया जाएगा।

    प्रशासन ने नागरिकों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे ट्रैफिक डायवर्जन, पार्किंग व्यवस्था और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। साथ ही यात्रा के दौरान अतिरिक्त समय लेकर निकलें ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके। राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए पूरे प्रदेश में सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं और सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा चुका है।

  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 20 जून को जबलपुर दौरे पर, योग दिवस और दीक्षांत समारोह में लेंगी हिस्सा

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 20 जून को जबलपुर दौरे पर, योग दिवस और दीक्षांत समारोह में लेंगी हिस्सा


    जबलपुर देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 20 जून को मध्य प्रदेश के जबलपुर दौरे पर आ रही हैं। राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे को लेकर जिला प्रशासन, पुलिस और विभिन्न विभागों ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। सुरक्षा व्यवस्था से लेकर कार्यक्रम स्थलों की व्यवस्थाओं तक हर पहलू पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राष्ट्रपति के आगमन को देखते हुए पूरे शहर में प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और अधिकारियों द्वारा लगातार निरीक्षण किया जा रहा है।

    जिला कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के अनुसार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 20 जून की शाम लगभग 6 बजे जबलपुर पहुंचेंगी। वह करीब 18 घंटे तक शहर में रहेंगी और इस दौरान दो महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शामिल होंगी। राष्ट्रपति के दौरे को लेकर केंद्र सरकार की सुरक्षा गाइडलाइन और ब्लू बुक के अनुसार व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। सभी विभागों को उनकी जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं और समन्वय के साथ तैयारियां पूरी की जा रही हैं।

    राष्ट्रपति के आगमन से पहले प्रशासन द्वारा 20 जून को फाइनल रिहर्सल भी आयोजित की जाएगी। इस रिहर्सल में सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, प्रोटोकॉल और कार्यक्रम संचालन से जुड़े सभी पहलुओं का परीक्षण किया जाएगा। पुलिस विभाग ने भी सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं और संवेदनशील स्थानों की निगरानी बढ़ा दी गई है।

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जबलपुर के गैरिसन ग्राउंड में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में शामिल होंगी। योग दिवस के इस विशेष आयोजन में बड़ी संख्या में नागरिकों, विद्यार्थियों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। राष्ट्रपति की उपस्थिति इस आयोजन को और अधिक महत्वपूर्ण बना देगी।

    योग दिवस कार्यक्रम के बाद राष्ट्रपति रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय पहुंचेंगी, जहां वह विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। समारोह के दौरान विभिन्न संकायों के विद्यार्थियों को उपाधियां और सम्मान प्रदान किए जाएंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी इस कार्यक्रम को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं।

    दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति के साथ मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री मोहन यादव, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर राजेश कुमार वर्मा सहित कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहेंगे। इस अवसर पर उच्च शिक्षा, शोध और नवाचार से जुड़े महत्वपूर्ण संदेश भी विद्यार्थियों को दिए जाने की संभावना है।

    प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक राष्ट्रपति की छोटी बेटी के भी इस दौरे में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है, हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। कार्यक्रमों में भाग लेने के बाद राष्ट्रपति उसी दिन दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगी।

    राष्ट्रपति के दौरे को लेकर जबलपुर में उत्साह का माहौल है। प्रशासन का प्रयास है कि सभी कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हों और सुरक्षा व व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की कमी न रहे। राष्ट्रपति का यह दौरा शहर के लिए गौरव और महत्व का अवसर माना जा रहा है।

  • जसपाल राणा के निधन पर राष्ट्र शोकाकुल, राष्ट्रपति मुर्मु से लेकर कई दिग्गज नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

    जसपाल राणा के निधन पर राष्ट्र शोकाकुल, राष्ट्रपति मुर्मु से लेकर कई दिग्गज नेताओं ने दी श्रद्धांजलि


    नई दिल्ली। भारतीय निशानेबाजी के दिग्गज खिलाड़ी, प्रख्यात कोच और पद्मश्री सम्मानित जसपाल राणा के निधन से पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है। खेल जगत की इस बड़ी क्षति पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से लेकर केंद्र और राज्यों के अनेक वरिष्ठ नेताओं ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। नेताओं ने अपने संदेशों में जसपाल राणा के खेल जीवन, उनके योगदान और युवा खिलाड़ियों को तैयार करने में निभाई गई उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को याद किया।

    जानकारी के अनुसार, जर्मनी के म्युनिख में आयोजित आईएसएसएफ वर्ल्ड कप से भारतीय दल के साथ लौटते समय उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। इसके बाद उन्हें दिल्ली के साकेत स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 49 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया। उनके निधन की खबर सामने आते ही खेल जगत और राजनीतिक क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई।

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपने शोक संदेश में कहा कि जसपाल राणा भारतीय खेलों के ऐसे प्रतीक थे जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का गौरव बढ़ाया। उन्होंने कहा कि एक खिलाड़ी और मार्गदर्शक के रूप में उनका योगदान सदैव याद रखा जाएगा तथा उनका समर्पण आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।

    केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय शूटिंग में जसपाल राणा का योगदान अमूल्य है। उन्होंने कहा कि युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए उनका समर्पण हमेशा याद रखा जाएगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने उनके निधन को भारतीय खेल जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने शानदार करियर के दौरान देश को विश्व मंच पर गौरवान्वित किया।

    केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि जसपाल राणा ने अपनी प्रतिभा, अनुशासन और समर्पण के बल पर भारत को अनेक गौरवपूर्ण क्षण दिए। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी और कोच दोनों रूपों में उनका योगदान भारतीय खेल इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज रहेगा।

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी शोक व्यक्त करते हुए कहा कि जसपाल राणा का निधन भारतीय खेल जगत के लिए बड़ी क्षति है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर भारत को सम्मान दिलाने वाली उनकी उपलब्धियां और युवा खिलाड़ियों के मार्गदर्शन में निभाई गई भूमिका सदैव स्मरणीय रहेगी। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी उन्हें भारतीय निशानेबाजी का गौरव बताते हुए श्रद्धांजलि दी।

    उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जसपाल राणा को देवभूमि उत्तराखंड का गौरव बताते हुए कहा कि उनका व्यक्तित्व और कृतित्व आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा। वहीं दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी उनके निधन को खेल जगत के लिए बड़ी क्षति करार दिया।

    राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी गहरा दुख व्यक्त किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि जसपाल राणा भारतीय खेलों की सबसे बड़ी हस्तियों में से एक थे। उन्होंने न केवल देश का नाम विश्वभर में रोशन किया बल्कि नई पीढ़ी के निशानेबाजों को भी तैयार किया। कांग्रेस सांसद और बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कहा कि भारतीय निशानेबाजी के स्वर्णिम अध्यायों में जसपाल राणा का नाम हमेशा सम्मान के साथ लिया जाएगा।

    जसपाल राणा ने अपने करियर में अनेक अंतरराष्ट्रीय पदक जीतकर भारत को गौरवान्वित किया था। बाद में कोच के रूप में उन्होंने कई युवा खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय मंच तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके निधन से भारतीय खेल जगत ने एक ऐसे मार्गदर्शक को खो दिया है, जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।

  • चैत्र नवरात्र के पहले दिन अयोध्या आएंगी राष्ट्रपति, आम श्रद्धालु कर सकेंगे रामलला के दर्शन

    चैत्र नवरात्र के पहले दिन अयोध्या आएंगी राष्ट्रपति, आम श्रद्धालु कर सकेंगे रामलला के दर्शन



    नई दिल्ली। वर्ष प्रतिपदा के अवसर पर 19 मार्च से अयोध्या में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारंभ हो रहा है। इस दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु राम मंदिर में श्रीराम यंत्र स्थापना के लिए अयोध्या आएंगी। वहीं, इसी तिथि से चैत्र रामनवमी मेला और वासंतिक नवरात्र का भी शुभारंभ होगा। प्रतिपदा का दिन हिंदी नववर्ष का पहला दिन भी है, जिससे रामलला के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है।

    भीड़ और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में तय किया गया कि नवरात्र के प्रथम दिन वीआईपी पास धारकों के लिए दर्शन बंद रहेंगे। आम श्रद्धालु सामान्य दर्शन मार्ग से श्रीराम लला के दर्शन कर सकेंगे। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र महासचिव चंपतराय ने बताया कि सुबह 6 बजे से शाम तक अनवरत दर्शन जारी रहेगा।

    समारोह और आमंत्रित अतिथि

    रंगमहल बैरियर यानी क्रॉसिंग वन से सिर्फ आमंत्रित अतिथियों को श्रीराम यंत्र स्थापना समारोह में प्रवेश दिया जाएगा। मंदिर आंदोलन के सहयात्रियों को इस अवसर पर आमंत्रित नहीं किया गया है। केवल राम मंदिर निर्माण के लिए निधि समर्पण अभियान में शामिल उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कार्यकर्ता (करीब 3,500) और विश्व हिन्दू परिषद के अखिल भारतीय टोली के 45 पदाधिकारी तथा 300 संतों को शामिल किया गया है।

    इसके अलावा मंदिर निर्माण में लगी विभिन्न एजेंसियों के कर्मयोगियों के पारिवारिक सदस्य समेत लगभग 1,800 लोगों को भी व्यक्तिगत आमंत्रण भेजा गया है। चंपतराय ने बताया कि आमंत्रण हस्तांतरणीय नहीं है और अतिथियों के साथ सुरक्षा कर्मियों या अंगरक्षकों का प्रवेश नहीं होगा। समारोह स्थल पर किसी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र या हथियार ले जाने की अनुमति नहीं है। सिख परंपरा के आमंत्रित श्रद्धालुओं को कानूनी वैध हथियार और पांच पहचान चिन्हों सहित कटार ले जाने की अनुमति दी गई है। मोबाइल उपकरणों को पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। सभी अतिथि 18 मार्च तक अयोध्या पहुँच जाएंगे।

    ठहरने और भोजन की व्यवस्था

    श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र महासचिव चंपतराय ने बताया कि अतिथियों के ठहरने और भोजन-जलपान की पूरी व्यवस्था ट्रस्ट द्वारा की गई है। गेस्ट हाउस और धर्मशालाओं में लगभग 3,000 कमरे बुक किए गए हैं। अलग-अलग जोनों के अनुसार भोजनालय तय किए गए हैं और कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाने के लिए विशेष टोलियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। नगर निगम ने भी सभी अतिथि ठहराव स्थलों पर विशेष सजावट और तैयारियां कर दी हैं, जिसकी झलक भक्तों को 18 मार्च से दिखाई देने लगेगी।

  • पीएम मोदी और राष्ट्रपति मुर्मु ने प्रणब मुखर्जी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की

    पीएम मोदी और राष्ट्रपति मुर्मु ने प्रणब मुखर्जी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की


    नई दिल्‍ली ।
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने प्रणब मुखर्जी को आज उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने मुखर्जी को एक महान राजनेता और असाधारण विद्वत्तापूर्ण व्यक्तित्व बताते हुए कहा कि उन्होंने दशकों के सार्वजनिक जीवन में अटूट समर्पण के साथ देश की सेवा की।

    पीएम मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा “प्रणब मुखर्जी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि। वह एक महान राजनेता और असाधारण विद्वत्तापूर्ण व्यक्तित्व के धनी थे और उन्होंने दशकों के सार्वजनिक जीवन में अटूट समर्पण के साथ भारत की सेवा की। प्रणब बाबू की बुद्धिमत्ता और स्पष्ट विचार ने हर कदम पर हमारे लोकतंत्र को समृद्ध किया। यह मेरा सौभाग्य है कि इतने वर्षों तक उनके साथ संवाद करने के दौरान मुझे उनसे बहुत कुछ सीखने का अवसर मिला।”

    https://twitter.com/narendramodi/status/1998967658382024940?s=20

    राष्ट्रपति ने प्रणब मुखर्जी की जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित की
    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज राष्ट्रपति भवन में भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की जयंती पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की।