Tag: Price Drop

  • सोना 14 हजार और चांदी 94 हजार गिरकर रिकॉर्ड स्तर से नीचे, निवेशकों में चिंता

    सोना 14 हजार और चांदी 94 हजार गिरकर रिकॉर्ड स्तर से नीचे, निवेशकों में चिंता


    नई दिल्ली। इस हफ्ते सोने और चांदी के दाम में तेज गिरावट देखी गई है। सोना 13,717 रुपये घटकर 1,52,078 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है, जबकि चांदी 3,39,350 रुपये प्रति किलो से गिरकर 2,44,929 रुपये पर पहुंच गई। इस गिरावट में चांदी करीब 94,421 रुपये प्रति किलो तक नीचे आ गई।

    विशेषज्ञों का कहना है कि सोना और चांदी में यह गिरावट मुख्य रूप से दो कारणों से हुई। पहला, हाल के दिनों में दोनों धातुओं की कीमतें रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच चुकी थीं, जिससे निवेशकों ने बड़े पैमाने पर प्रॉफिट बुकिंग की। दूसरा, फिजिकल डिमांड में कमी और औद्योगिक उपयोग को लेकर बढ़ी चिंताओं ने भी दामों पर दबाव डाला।

    निवेशकों के लिए यह गिरावट चेतावनी का संकेत है। विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि इस समय केवल सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें और कीमतों की क्रॉस-चेकिंग करें। सोना खरीदते समय हमेशा BIS हॉलमार्क वाला गोल्ड चुनना चाहिए। हॉलमार्क नंबर अल्फान्यूमेरिक होते हैं, जैसे AZ4524, जो सोने की कैरेट वैल्यू बताते हैं।

    ज्वेलर्स और निवेशकों के लिए दो बातें खासकर महत्वपूर्ण हैं। पहला, सोने का सही वजन और दैनिक कीमत को विभिन्न सोर्सेज जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) की वेबसाइट से क्रॉस-चेक करें। दूसरा, सोने के भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के अनुसार अलग-अलग होते हैं, इसलिए खरीदते समय सही कैरेट का ध्यान रखें।

    चांदी की असली पहचान करने के लिए चार आसान तरीके हैं। मैग्नेट टेस्ट: असली सिल्वर चुंबक से नहीं चिपकती। आइस टेस्ट: सिल्वर पर रखी बर्फ तेजी से पिघलेगी। स्मेल टेस्ट: असली सिल्वर में कोई गंध नहीं होती, जबकि नकली में कॉपर जैसी गंध हो सकती है। क्लॉथ टेस्ट: सफेद कपड़े से रगड़ने पर असली चांदी के निशान काले होंगे।

    विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा समय में निवेशकों को भाव के उतार-चढ़ाव को समझते हुए ही सोना और चांदी में निवेश करना चाहिए। वहीं, ज्वेलर्स को सावधानी से स्टॉक प्रबंधन करने और ग्राहकों को प्रमाणित उत्पाद देने की सलाह दी जा रही है।इस हफ्ते की गिरावट के बाद, सोने और चांदी के निवेशकों के लिए यह समय सतर्क रहने का है। हालाँकि, अगर वैश्विक मार्केट और घरेलू मांग लंबे समय में स्थिर रहती है, तो इनकी कीमतें फिर से ऊपर जा सकती हैं।

  • Good News: चांदी की कीमत में आ सकती है 60% तक की बड़ी गिरावट, जानें क्या है वजह

    Good News: चांदी की कीमत में आ सकती है 60% तक की बड़ी गिरावट, जानें क्या है वजह

    नई दिल्ली। पिछले साल चांदी की कीमतों ने रिकॉर्ड उछाल देखा था। तेजी के चलते चांदी की कीमत प्रति किलो 2.54 लाख रुपये तक पहुँच गई थी। हालांकि, अब घरेलू बाजार में यह गिरकर 2.35 लाख रुपये प्रति किलो पर आ गई है। 2025 में चांदी की कीमत में लगभग 180% की बढ़ोतरी हुई थी, जिसका मुख्य कारण बढ़ती डिमांड और सप्लाई में कमी थी। लेकिन अब मार्केट एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि FY27 के अंत तक चांदी की कीमत में 60% तक की बड़ी गिरावट आ सकती है।

    तेजी के पीछे की वजहें

    चांदी की कीमत में रिकॉर्ड तेजी के पीछे कई कारण थे। सबसे पहले, सैमसंग द्वारा लिथियम-आयन बैटरी से सॉलिड-स्टेट बैटरी में बदलाव की घोषणा ने इंडस्ट्रियल डिमांड बढ़ा दी। इसके अलावा, अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव के कारण पेरू और चाड से सप्लाई प्रभावित हुई। साथ ही, 1 जनवरी 2026 से चीन द्वारा चांदी के एक्सपोर्ट पर अप्रत्यक्ष बैन ने भी कीमतें बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। ये सभी कारक मिलकर चांदी को बाजार में महँगी बनाने का काम कर रहे थे।

    एक्सपर्ट्स क्यों जताते हैं गिरावट की आशंका?

    मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि चांदी की कीमतें अब खतरनाक स्तर पर पहुँच गई हैं। इंडस्ट्रियल डिमांड पर कीमतों की बढ़ोतरी का सीधा असर पड़ सकता है। फोटोवोल्टिक सेल और सोलर पैनल इंडस्ट्री पहले ही चांदी की जगह तांबे का इस्तेमाल बढ़ा रही है। वहीं बैटरी सेक्टर में भी चांदी से कॉपर बाइंडिंग तकनीक अपनाने की कोशिशें की जा रही हैं। ऐसे में चांदी की मांग घटने की संभावना है और FY27 के अंत तक कीमतों में 60% तक की गिरावट का अनुमान लगाया जा रहा है।

    इतिहास खुद को दोहरा सकता है

    चांदी के इतिहास पर नजर डालें तो अक्सर बुल मार्केट के बाद इसमें भारी गिरावट देखी गई है। कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता बताते हैं कि 1980 में हंट ब्रदर्स ने दुनिया के लगभग एक-तिहाई सिल्वर रिजर्व जमा कर लिए थे। इसके बाद एक्सचेंजों ने मार्जिन मनी बढ़ा दी, जिससे सिल्वर की कीमत $49.50 से गिरकर $11 प्रति औंस हो गई। इसी तरह 2011 में भी चांदी $48 प्रति औंस पर पहुंचने के बाद लगभग 75% गिर गई थी। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इतिहास एक बार फिर दोहरा सकता है और निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है।

    निवेशकों के लिए संदेश

    चांदी में हाल की तेजी निवेशकों के लिए अवसर और जोखिम दोनों लेकर आई है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इंडस्ट्री की मांग घटने और विकल्पों के इस्तेमाल के चलते चांदी की कीमतें तेजी से घट सकती हैं। ऐसे में निवेशकों को सिर्फ भावनाओं के आधार पर निवेश करने की बजाय सावधानीपूर्वक योजना और मार्केट ट्रेंड्स की निगरानी करनी चाहिए।

    कुल मिलाकर, पिछले साल की रिकॉर्ड तेजी के बावजूद चांदी के बाजार में मंदी की संभावना बढ़ गई है। FY27 तक 60% तक गिरावट की चेतावनी निवेशकों और इंडस्ट्री दोनों के लिए महत्वपूर्ण संकेत है।