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  • प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में हुआ है खादी पुनर्जागरण का सूत्रपात : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में हुआ है खादी पुनर्जागरण का सूत्रपात : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि खादी केवल वस्त्र नहीं, बल्कि राष्ट्र की गौरवशाली पहचान है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में खादी को “नए भारत की नई खादी” के रूप में नई पहचान मिली है, जिससे पूरे देश में खादी पुनर्जागरण का सूत्रपात हुआ है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को एक बयान में कहा कि आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश, युवाओं का सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। मप्र खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के माध्यम से खादी और ग्रामोद्योग राज्य की प्रगति का सशक्त स्तंभ बन रहे हैं। बुनकर मुद्रा योजना के तहत पिछले तीन वर्षों 2023-24 से 2025-26 में कुल 194 बुनकरों को 268.50 लाख रुपये का ऋण वितरित किया गया है। वर्ष 2023-24 में 44 बुनकरों को 21.40 लाख, 2024-25 में 147 बुनकरों को 231.80 लाख और 2025-26 में 3 बुनकरों को 15.30 लाख रुपये का ऋण दिया गया।

    उन्होंने कहा कि गांधीजी के ‘ग्राम स्वराज’ और ‘गाँव की ओर जाओ’ संदेश को साकार करते हुए बोर्ड ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन, परंपरागत कारीगरी को आधुनिक नवाचार से जोड़ने और सांस्कृतिक गौरव को बढ़ाने का कार्य कर रहा है।

    प्रदेश के कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के “आत्मनिर्भर भारत, भारत में बनाओ, स्वदेशी के लिए मुखर, स्टार्टअप इंडिया” जैसे अभियानों और “सबका साथ, सबका विकास” मंत्र ने खादी एवं ग्रामोद्योग को वैश्विक पहचान दिलाई है। “स्थानीय से वैश्विक” का दृष्टिकोण कारीगरों और ग्रामीण उद्यमियों को मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जोड़ रहा है।

    राज्यमंत्री जायसवाल ने कहा कि भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय द्वारा 50 हजार से 5 लाख तक की ऋण सुविधा व्यक्तिगत बुनकर, उद्यमी, स्व-सहायता समूह, हथकरघा संगठन और सहकारी समितियों को दी जा रही है। बुनकरों की सामाजिक सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री जीवन बीमा योजना में तीन वर्षों में 616 बुनकर और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में 840 बुनकर बीमित किए गए। प्रधानमंत्री जीवन बीमा योजना में 436 रुपये वार्षिक शुल्क पर 2 लाख का जीवन बीमा और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में मात्र 20 रुपये वार्षिक शुल्क पर 2 लाख का दुर्घटना बीमा मिल रहा है।

    राज्यमंत्री जायसवाल ने कहा कि म.प्र. खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड सूती, ऊनी, रेशमी एवं पॉलीवस्त्र खादी के साथ मसाले, साबुन, जड़ी-बूटी उत्पाद एवं हस्तनिर्मित वस्तुओं को बढ़ावा दे रहा है। विपणन के लिए “विन्ध्या वैली” और “कबीरा” जैसे नाम स्थापित किए गए हैं जो गुणवत्ता और परंपरा के प्रतीक हैं। “अपना हाथ – अपना साथ” के मार्गदर्शन में महिला स्व-सहायता समूहों, कारीगरों और उद्यमियों को तकनीकी एवं वित्तीय सहयोग दिया जा रहा है।

    प्रबंध संचालक माल सिंह भयड़िया ने बताया कि महात्मा गांधी जी के “गाँव की ओर चलो” आह्वान से प्रेरित होकर मंडल ने ग्रामोद्योग को आर्थिक एवं सामाजिक परिवर्तन का सशक्त साधन बनाया है। सुव्यवस्थित योजनाओं से ग्रामीण कारीगरों के उत्पादों को उचित बाजार मिल रहा है। बोर्ड की नई अंतरजाल साइट कारीगरों, उद्यमियों एवं समाज के बीच मजबूत सेतु का कार्य करेगी। प्रशिक्षण कार्यक्रम और प्रदर्शनियाँ प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को भी संरक्षित कर रही हैं।

    तीन वर्षों की प्रगति एक नजर में

    – बुनकर मुद्रा योजना: 194 बुनकरों को 268.50 लाख रुपये का ऋण वितरित
    – प्रधानमंत्री जीवन बीमा योजना: 616 बुनकर बीमित
    – प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना: 840 बुनकर बीमित

  • गुजरात का माधवपुर मेला, पूर्व और पश्चिम की संस्कृतियों का संगम: प्रधानमंत्री मोदी की अपील..

    गुजरात का माधवपुर मेला, पूर्व और पश्चिम की संस्कृतियों का संगम: प्रधानमंत्री मोदी की अपील..


    नई दिल्ली:प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात के पोरबंदर में आयोजित माधवपुर मेले के लिए सभी देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि यह मेला केवल एक उत्सव नहीं बल्कि भारत की विविध संस्कृति और परंपराओं का प्रतीक है। माधवपुर मेला पूर्व और पश्चिम की सांस्कृतिक धरोहरों को एक साथ लाता है और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को जीवंत करता है।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, गुजरात के पोरबंदर में चल रहे माधवपुर मेले के लिए मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। यह जीवंत उत्सव हमारी गौरवशाली संस्कृति को उजागर करता है और गुजरात और पूर्वोत्तर के बीच शाश्वत सांस्कृतिक बंधन को और मजबूत बनाता है। यह मेला विविध परंपराओं को एक साथ लाता है, जो ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की सच्ची भावना को दर्शाता है। मैं सभी से आग्रह करता हूं कि इस मेले में पधारें।

    इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने 27 मार्च 2022 के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें उन्होंने माधवपुर मेले का महत्व और इसकी सांस्कृतिक भूमिका पर प्रकाश डाला था। उन्होंने कहा कि इस मेले के जरिए भारत की विविधता और सांस्कृतिक एकता को सीधे तौर पर महसूस किया जा सकता है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में बताया कि माधवपुर मेला पोरबंदर के माधवपुर गांव में समुद्र के किनारे लगता है, लेकिन इसका संबंध भारत के पूर्वी छोर से भी जुड़ा है। इसका कारण एक पौराणिक कथा है। कहा जाता है कि हजारों वर्ष पहले भगवान श्री कृष्ण का विवाह नार्थ ईस्ट की राजकुमारी रुक्मणि से हुआ था और यह विवाह पोरबंदर के माधवपुर में संपन्न हुआ। यही कारण है कि आज भी माधवपुर मेला वहां मनाया जाता है और यह पूर्व और पश्चिम के सांस्कृतिक बंधन का प्रतीक बन गया है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि समय के साथ इस मेले में नई चीजें भी जुड़ रही हैं। खासतौर पर कन्या पक्ष और नार्थ ईस्ट से आने वाले कलाकार अब मेले की शोभा बढ़ाते हैं। एक सप्ताह तक चलने वाले इस मेले में नार्थ ईस्ट के आर्टिस्ट, हेंडीक्राफ्ट से जुड़े कलाकार और सांस्कृतिक कलाकार शामिल होते हैं। यह मेले की रौनक को चार चांद लगाते हैं और भारत के पूरब और पश्चिम की संस्कृतियों का अद्भुत मेल प्रस्तुत करते हैं।

    प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से आग्रह किया कि वे इस मेले के बारे में पढ़ें, जानें और भारत की सांस्कृतिक विविधता का अनुभव करें। उनका कहना था कि इस तरह के उत्सव न केवल हमारी सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखते हैं बल्कि समाज में एकता और भाईचारे की भावना को भी मजबूत करते हैं।

    बता दें कि भगवान कृष्ण और रुक्मिणी जी के विवाह की स्मृति में आयोजित माधवपुर मेले का उद्घाटन 27 मार्च को हुआ था और यह पांच दिन तक चलता है। यह मेला गुजरात और नार्थ ईस्ट के बीच शाश्वत सांस्कृतिक संबंधों का प्रतीक बनकर ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का सजीव उदाहरण प्रस्तुत करता है।

  • देशवासियों को पीएम मोदी का संदेश, संकट में संयम, सतर्कता और एकजुटता बनाए रखें

    देशवासियों को पीएम मोदी का संदेश, संकट में संयम, सतर्कता और एकजुटता बनाए रखें

    नई दिल्ली:प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से बार-बार अपील की है कि वह जागरूक रहें और अफवाहों के बहकावे में ना आएं। नई दिल्ली में पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण भारत के सामने उत्पन्न चुनौतियों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को संदेश दिया कि कठिन परिस्थितियों में भी संयम और सतर्कता बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि हम सब मिलकर इन संकटों से अच्छी तरह बाहर निकलेंगे।

    प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को रेडियो कार्यक्रम “मन की बात” के 132वें एपिसोड के जरिए राष्ट्र से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि देशवासियों को चाहिए कि वह सरकारी स्रोतों से मिलने वाली जानकारी पर भरोसा करें और उसी के आधार पर किसी भी कदम को आगे बढ़ाएं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अफवाहों और झूठी खबरों के कारण समाज में अस्थिरता पैदा हो सकती है।

    उन्होंने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि जैसा कि देश ने पहले भी कठिन परिस्थितियों में अपनी 140 करोड़ जनता की सामर्थ्य से संकटों का सामना किया है, वैसे ही इस बार भी हम सब मिलकर इस कठिनाई से बाहर निकलेंगे। प्रधानमंत्री ने मार्च महीने की वैश्विक घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पूरी दुनिया कोविड के कारण लंबी समस्याओं से गुजर रही थी और सभी को उम्मीद थी कि महामारी के बाद दुनिया नई प्रगति की ओर बढ़ेगी। लेकिन दुर्भाग्य से अलग-अलग क्षेत्रों में युद्ध और संघर्ष की परिस्थितियां लगातार बनी रहीं, जिससे वैश्विक स्थिरता प्रभावित हुई।

    प्रधानमंत्री मोदी ने विशेष रूप से खाड़ी देशों का आभार व्यक्त किया, जहां भारतीय नागरिक बड़ी संख्या में कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि पड़ोसी देशों में वर्तमान में भीषण युद्ध चल रहा है, और हमारे लाखों परिवारों के सदस्य वहां रहकर रोज़मर्रा की चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। खाड़ी देशों ने भारतीय नागरिकों को हर प्रकार की मदद मुहैया कराई है और उनके प्रयासों के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें धन्यवाद दिया।

    प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि हमें इस समय संयम और धैर्य के साथ काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने देशवासियों से यह अपील की कि वे किसी भी अफवाह या सोशल मीडिया की झूठी खबर पर विश्वास न करें और हमेशा सत्यापित जानकारी ही स्वीकार करें। उनका संदेश स्पष्ट था कि संकट चाहे जितना बड़ा क्यों न हो, जब देशवासियों का सामूहिक सामर्थ्य और एकता सामने आती है तो हर मुश्किल परिस्थिति का सामना किया जा सकता है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में आशा और विश्वास के भाव व्यक्त किए और कहा कि भारत की जनता हर चुनौती का सामना करने में सक्षम है। उन्होंने नागरिकों से यह भी आग्रह किया कि वे अपने पड़ोसियों, परिवार और समाज के लोगों को भी सतर्क रहने और अफवाहों से बचने की सीख दें। उनका यह संदेश न केवल सतर्कता का था बल्कि यह लोगों में एकजुटता और देशभक्ति की भावना को भी प्रोत्साहित करता है।

  • दिल्ली को आपदा सरकार से मिली मुक्ति, अब तेजी से आगे बढ़ रहा विकास : प्रधानमंत्री मोदी

    दिल्ली को आपदा सरकार से मिली मुक्ति, अब तेजी से आगे बढ़ रहा विकास : प्रधानमंत्री मोदी


    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि पिछली सरकार के कारण दिल्ली का विकास लंबे समय तक प्रभावित रहा लेकिन पिछले एक वर्ष में राजधानी में विकास कार्यों को तेज़ी से आगे बढ़ाया गया है और इसका लाभ आम लोगों तक पहुंच रहा है।

    रविवार को बुराड़ी में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने 33,500 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि एक वर्ष पहले दिल्ली जिस आपदा से मुक्त हुई उसकी अहमियत अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि यदि उस समय की सरकार बाधा न बनती तो मेट्रो का चौथा चरण काफी पहले ही पूरा हो सकता था। भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद विकास कार्यों में तेजी आई है।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि दिल्ली में प्रतिदिन लाखों लोग बसों से सफर करते हैं इसलिए उन्हें बेहतर और आरामदायक परिवहन सुविधा देना जरूरी है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में चार हजार से अधिक बसें राजधानी में सेवा दे रही हैं जिनमें इलेक्ट्रिक बसें भी शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लगभग दस वर्षों तक पूर्व सरकार के समय विकास कार्य ठप पड़े रहे लेकिन अब उन्हें तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यमुना नदी की सफाई के लिए भी बड़े स्तर पर काम किया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार को लोगों की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं था और गरीबों की अनदेखी की गई। वहीं रेखा गुप्ता के नेतृत्व में अब हालात को लगातार बेहतर बनाने की कोशिश की जा रही है। पिछले एक वर्ष में बड़ी संख्या में आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित किए गए हैं जिससे लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल रहा है।  प्रधानमंत्री ने कहा कि दिल्ली में अब विकास का नया मॉडल दिखाई दे रहा है जहां काम शुरू हो चुका है और बहानों की जगह परिणाम पर ध्यान दिया जा रहा है।

  • AI समिट विवाद पर ग्वालियर में BJP युवा मोर्चा ने राहुल गांधी का पुतला फूंका, कांग्रेस कार्यालय पर तनाव

    AI समिट विवाद पर ग्वालियर में BJP युवा मोर्चा ने राहुल गांधी का पुतला फूंका, कांग्रेस कार्यालय पर तनाव


    ग्वालियर । दिल्ली की एआई इंपैक्ट समिट को लेकर राजनीतिक तनाव ग्वालियर में भी देखने को मिला। भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस द्वारा समिट में किए गए हंगामे के विरोध में राहुल गांधी का पुतला दहन किया। वहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी अपने विरोध में पार्टी कार्यालय के बाहर नारेबाजी की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला जलाने का प्रयास किया लेकिन पुलिस की सख्त मौजूदगी के कारण उन्हें यह काम करने से रोका गया।

    आज मध्य प्रदेश में BJP युवा मोर्चा द्वारा संभाग स्तर पर जंगी प्रदर्शन का ऐलान किया गया था। इसी क्रम में नदी गेट चौराहे से शिंदे की छावनी स्थित कांग्रेस कार्यालय तक युवा मोर्चा ने भारी संख्या में रैली निकाली। रैली में शामिल कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के पुतले के विरोध में नारे लगाए और भाजपा की ओर से विरोध प्रदर्शन को जोरदार रूप दिया।

    कांग्रेस कार्यालय की ओर रैली की ओर बढ़ते कार्यकर्ताओं को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग की। हालांकि युवा मोर्चा के कई कार्यकर्ता बैरिकेड तोड़ते हुए कार्यालय के पास पहुंचे। इस दौरान कांग्रेस के कार्यकर्ता और नेता भी कार्यालय के बाहर पार्टी का झंडा लहराते हुए नारेबाजी करते नजर आए। दो घंटे तक लगातार तनाव और टकराव की स्थिति बनी रही लेकिन बड़ी अप्रिय घटना टल गई।

    अंततः भाजपा युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष प्रतीक तिवारी ने राहुल गांधी का पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन को अंजाम दिया। वहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी पीएम मोदी का पुतला जलाने का प्रयास किया लेकिन पुलिस की सक्रियता के चलते वह मौके से पुतला लेकर गायब हो गए। पुलिस ने बाद में कांग्रेस कार्यालय में पीएम मोदी का पुतला खोजने की कोशिश की लेकिन पुतला नहीं मिला। फिलहाल कार्यालय के बाहर भारी पुलिस बल तैनात है।

    स्थानीय लोगों ने बताया कि शहर में दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं की उपस्थिति और प्रदर्शन ने माहौल तनावपूर्ण बना दिया था। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस फोर्स और बैरिकेडिंग का इंतजाम किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए समय पर कार्रवाई की गई और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सतर्कता बरती गई।

    राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि AI समिट जैसे कार्यक्रमों को लेकर दोनों पक्षों के कार्यकर्ता भावनाओं में बहकर प्रदर्शन करते हैं जो चुनावी और राजनीतिक माहौल को भी प्रभावित करता है। ग्वालियर में हुए इस विरोध प्रदर्शन ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक तनाव दोनों पर ध्यान केंद्रित किया।

  • पीटी उषा के पति वी श्रीनिवासन का निधन, पीएम मोदी ने जताया शोक

    पीटी उषा के पति वी श्रीनिवासन का निधन, पीएम मोदी ने जताया शोक


    नई दिल्ली।  भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद पी टी उषा के पति वी श्रीनिवासन का शुक्रवार तड़के निधन हो गया। वे 67 वर्ष के थे। पारिवारिक सूत्रों ने उनके निधन की पुष्टि की है। इस खबर से खेल और सामाजिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।

    कैसे हुआ निधन?
    पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, वी श्रीनिवासन शुक्रवार तड़के अपने आवास पर अचानक बेहोश हो गए। उन्हें तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों की तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

    पीटी उषा के जीवन में उनका योगदान
    वी श्रीनिवासन केंद्र सरकार के पूर्व कर्मचारी थे और पी टी उषा के जीवन में उनका अहम योगदान रहा। वे उषा के खेल करियर से लेकर राजनीतिक सफर तक हर कदम पर उनके साथ खड़े रहे। उन्हें उषा का मजबूत संबल माना जाता था।

    पीटी उषा के पति वी श्रीनिवासन का निधन, पीएम मोदी ने जताया शोकपीएम मोदी ने जताया दुख
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन करके पीटी उषा के परिवार को शोक संवेदना जताई और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

    केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी दी श्रद्धांजलि
    केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू ने भी अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा:पी.टी. उषा और उनके परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। इस मुश्किल समय में ईश्वर से हिम्मत देने की प्रार्थना करता हूं।


    उड़नपरी के लिए यह बड़ी क्षति
    पीटी उषा, जिन्हें ‘उड़नपरी’ के नाम से जाना जाता है, भारतीय खेल इतिहास की सबसे प्रेरणादायक हस्तियों में से एक हैं।
    उनके निजी जीवन में यह क्षति न केवल उनके लिए, बल्कि उनके चाहने वालों के लिए भी बेहद दुखद है।सोशल मीडिया पर खिलाड़ी, कोच, प्रशंसक और आम लोग लगातार उन्हें हिम्मत और संबल देने के संदेश भेज रहे हैं।
  • प्रधानमंत्री मोदी का केरल दौरा : तिरुवनंतपुरम में विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन

    प्रधानमंत्री मोदी का केरल दौरा : तिरुवनंतपुरम में विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन


    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को केरल दौरे पर तिरुवनंतपुरम पहुंचेंगे और सुबह करीब 10:45 बजे विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे। इस मौके पर वे सभा को भी संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार इस दौरे का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, शहरी आजीविका, विज्ञान, नवाचार और स्वास्थ्य को बढ़ावा देना है।

    रेल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में प्रधानमंत्री मोदी चार नई ट्रेन सेवाओं को हरी झंडी दिखाएंगे। इनमें तीन अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें और एक पैसेंजर ट्रेन शामिल हैं। इन नई ट्रेन सेवाओं से केरल, तमिलनाडु कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के बीच लंबी दूरी और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बेहतर होगी। बेहतर कनेक्टिविटी से पूरे दक्षिण भारत में पर्यटन, व्यापार, शिक्षा, रोजगार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी मजबूती मिलेगी।

    प्रधानमंत्री मोदी शहरी आजीविका को मजबूत करने के लिए ‘पीएम स्वनिधि क्रेडिट कार्ड’ लॉन्च करेंगे। यह स्ट्रीट वेंडरों को वित्तीय समावेशन का अगला चरण उपलब्ध कराएगा। यूपीआई से लिंक्ड ब्याज-मुक्त रिवॉल्विंग क्रेडिट सुविधा तत्काल लिक्विडिटी प्रदान करेगी, डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देगी और लाभार्थियों को औपचारिक क्रेडिट इतिहास बनाने में मदद करेगी। इस दौरान प्रधानमंत्री एक लाख लाभार्थियों को ‘पीएम स्वनिधि लोन’ भी वितरित करेंगे। 2020 में शुरू हुई इस योजना ने शहरी अनौपचारिक श्रमिकों को पहली बार औपचारिक क्रेडिट तक पहुंच दिलाई है और आजीविका सुरक्षा में अहम भूमिका निभाई है।

    विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में प्रधानमंत्री मोदी सीएसआईआर-एनआईआईएसटी इनोवेशन टेक्नोलॉजी और एंटरप्रेन्योरशिप हब का शिलान्यास करेंगे। यह हब जीवन विज्ञान और बायो-इकोनॉमी पर ध्यान केंद्रित करेगा। आयुर्वेद जैसी पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों को आधुनिक बायोटेक्नोलॉजी, सस्टेनेबल पैकेजिंग और ग्रीन हाइड्रोजन के साथ जोड़ा जाएगा। हब स्टार्टअप निर्माण, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देगा और अनुसंधान को बाजार तैयार समाधानों और उद्यमों में बदलने का प्लेटफॉर्म बनेगा।

    स्वास्थ्य क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री श्री चित्रा तिरुनल इंस्टीट्यूट फॉर मेडिकल साइंसेस एंड टेक्नोलॉजी में अत्याधुनिक रेडियोसर्जरी सेंटर की आधारशिला रखेंगे। इसके साथ ही तिरुवनंतपुरम में नए पूजापुरा हेड पोस्ट ऑफिस का उद्घाटन भी किया जाएगा।इस दौरे के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी ने केरल में रेल कनेक्टिविटी, शहरी आजीविका, विज्ञान नवाचार और स्वास्थ्य क्षेत्र को एक साथ बढ़ावा देने का संदेश दिया है। इस प्रकार यह दौरा क्षेत्रीय विकास, डिजिटल समावेशन और आधुनिक अनुसंधान को आगे बढ़ाने में अहम साबित होगा।

  • प्रधानमंत्री मोदी ने भारत रत्न डॉ. एम.जी. रामचंद्रन को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की

    प्रधानमंत्री मोदी ने भारत रत्न डॉ. एम.जी. रामचंद्रन को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की


    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और भारत रत्न डॉ. एम.जी. रामचंद्रनजिन्हें एमजीआर के नाम से भी जाना जाता हैको उनकी जन्‍म जयंती के अवसर पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने अपने बयान में एमजीआर की बहुआयामी विरासत की सराहना करते हुए उनकी तमिलनाडु के सामाजिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका को याद किया। एमजीआर ने न केवल राज्य के विकास में अहम योगदान दियाबल्कि तमिल संस्कृति को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने में भी अपना योगदान दिया। प्रधानमंत्री ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि एमजीआर को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ। उन्होंने तमिलनाडु की प्रगति में एमजीआर के योगदान को उत्कृष्ट बताया और तमिल संस्कृति को लोकप्रिय बनाने में उनकी भूमिका को उल्लेखनीय करार दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके दृष्टिकोण और आदर्शों को समाज के लिए साकार करने के लिए निरंतर प्रयास जारी रहेंगे।

    एमजीआर का जीवन राजनीतिफिल्म और समाज सेवा के क्षेत्र में प्रेरक उदाहरण है। उन्होंने तमिलनाडु में शिक्षास्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण पहल कीजो आज भी लोगों के जीवन को प्रभावित कर रही हैं। उनके नेतृत्व में तमिलनाडु ने औद्योगिक विकासआर्थिक सुदृढ़ता और सामाजिक उत्थान में नए आयाम हासिल किए। प्रधानमंत्री ने एमजीआर की छवि को केवल एक राजनीतिक नेता तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने बताया कि एमजीआर ने तमिल संस्कृति और भाषा को व्यापक रूप से फैलाने में भी योगदान दियाजिससे तमिल साहित्यकला और सांस्कृतिक पहचान का वैश्विक स्तर पर सम्मान बढ़ा। उनके प्रयासों की वजह से तमिलनाडु की सांस्कृतिक विरासत आज अंतरराष्ट्रीय मंच पर गौरवान्वित महसूस कराती है।

    एमजीआर की जयंती पर प्रधानमंत्री की श्रद्धांजलि केवल उनके योगदान को याद करने तक सीमित नहीं हैबल्कि यह नागरिकों और युवा पीढ़ी को उनके आदर्शों से प्रेरित होने का संदेश भी देती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि एमजीआर का दृष्टिकोणउनकी सामाजिक सोच और तमिलनाडु के प्रति उनका समर्पण आज भी हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। इस अवसर पर प्रधानमंत्री की श्रद्धांजलि ने एमजीआर की याद और उनके योगदान को एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर उजागर किया। उनके जीवन की उपलब्धियां न केवल तमिलनाडुबल्कि पूरे भारत के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

  • प्रधानमंत्री मोदी ने ICGS ‘समुद्र प्रताप’ की कमीशनिंग को बताया भारत के समुद्री सुरक्षा में मील का पत्थर

    प्रधानमंत्री मोदी ने ICGS ‘समुद्र प्रताप’ की कमीशनिंग को बताया भारत के समुद्री सुरक्षा में मील का पत्थर


    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय तटरक्षक पोत आईसीजीएस समुद्र प्रताप की कमीशनिंग को देश के समुद्री क्षेत्र में सुरक्षा और क्षमताओं के विकास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि करार दिया। उन्होंने कहा कि इस उन्नत पोत का बेड़े में शामिल होना केवल रक्षा के दृष्टिकोण से ही नहीं बल्कि भारत के आत्मनिर्भरता और सतत विकास के लक्ष्यों को साकार करने की दिशा में भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि समुद्र प्रताप की कमीशनिंग से तटरक्षक बल की आधुनिक तकनीक और तैयारियों को बल मिलेगा और भारत के समुद्री हितों की सुरक्षा और निगरानी सशक्त होगी।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि यह पोत तटीय सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ भारत के व्यापक समुद्री हितों की रक्षा सुनिश्चित करेगा। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि पोत में पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों का समावेश किया गया है जिससे यह समुद्री सततता और पारिस्थितिक सुरक्षा के लिए भी प्रतिबद्धता दिखाता है। इससे यह साफ होता है कि रक्षा और पर्यावरण संरक्षण को साथ लेकर चलना भारत की प्राथमिकताओं में शामिल है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह की एक पोस्ट का जवाब देते हुए लिखा कि ICGS समुद्र प्रताप की कमीशनिंग हमारे आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को मजबूती देने समुद्री सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और स्थायित्व के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करने के कई कारणों से उल्लेखनीय है। उन्होंने कहा कि इस पोत की क्षमता न केवल सुरक्षा और निगरानी में वृद्धि करेगी बल्कि समुद्री क्षेत्रों में तटीय आपात परिस्थितियों में तेज और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करेगी।

    विशेषज्ञों के अनुसार समुद्र प्रताप जैसे उन्नत पोत भारतीय तटरक्षक बल की ताकत और परिचालन क्षमता को बढ़ाने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। इन पोतों की कमीशनिंग से न केवल समुद्री सुरक्षा और निगरानी में सुधार होता है बल्कि वे समुद्री मार्गों और आर्थिक क्षेत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण साबित होते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर यह भी रेखांकित किया कि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में यह कदम देश की रक्षा उत्पादन क्षमता और आधुनिक तकनीक में सुधार को भी दर्शाता है।इस प्रकार ICGS समुद्र प्रताप की कमीशनिंग केवल एक नई नाव के शामिल होने तक सीमित नहीं है बल्कि यह भारत की समुद्री सुरक्षा पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भर भारत के विज़न को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इस पोत के माध्यम से तटरक्षक बल के कर्मियों की कार्यकुशलता और देश की समुद्री सुरक्षा की मजबूती सुनिश्चित होगी।

  • 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप जम्मू-कश्मीर के खिलाड़ी वाराणसी में स्वागत से खुश

    72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप जम्मू-कश्मीर के खिलाड़ी वाराणसी में स्वागत से खुश


    वाराणसी । वाराणसी में 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का आयोजन काशी के सिगरा स्टेडियम में चल रहा है। इसमें देशभर की 58 संस्थाओं की 1,000 से ज्यादा टीमों के खिलाड़ी हिस्सा लेने पहुंचे हैं। खासकर जम्मू-कश्मीर की महिला टीम ने यहां अपने स्वागत को लेकर काफी खुशी व्यक्त की।

    जम्मू-कश्मीर महिला टीम के मुख्य कोच बलविंदर सिंह जंबाल ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा”सरकार और हमारी एसोसिएशन के सहयोग से जम्मू-कश्मीर में खेल को बढ़ावा मिला है। यही वजह है कि हम यहां तक पहुंचे हैं। वाराणसी में हमें जो स्वागत मिला हैवह बहुत दिलचस्प और प्रेरणादायक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र होने के नातेयह धार्मिक नगरी है और हम यहां आकर बहुत खुश हैं।

    टीम की सदस्य सदफ मंजूर ने बताया”यहां प्रतियोगिता काफी कठिन हैक्योंकि देश भर से मजबूत टीमें आई हैं। हम भी अपनी पूरी कोशिश करेंगे।” उन्होंने कहा कि यह उनका पहला मौका है जब वे वाराणसी आई हैं और यहां के लोगों ने उन्हें दिल से स्वागत कियाजिसके लिए वे आभारी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पहले लड़कियों के लिए खेल के क्षेत्र में आना बहुत मुश्किल थालेकिन केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से अब जम्मू-कश्मीर में लड़कियों की खेलों में भागीदारी बढ़ी है।

    सदफ ने हिजाब पहनकर खेलने पर भी चर्चा की और कहा”हम हिजाब पहनकर खेलते हैं और हमें कोई समस्या नहीं होती। हमारी संस्कृति और पहनावे का सम्मान किया जाता है।कश्मीर की आयत ने भी प्रतियोगिता की चुनौतीपूर्ण प्रकृति को स्वीकार किया और कहा”यह राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता हैऔर हम अच्छी सुविधाओं के लिए सरकार का धन्यवाद करते हैं। हमें यहां बहुत अच्छा लगाऔर स्वागत बहुत अच्छा हुआ।

    चैंपियनशिप का आयोजन

    यह चैंपियनशिप 4 जनवरी से 11 जनवरी तक चलेगी। उद्घाटन कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्चुअली किया जाएगा।