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  • महेश बाबू के 51वें जन्मदिन पर ‘वाराणसी’ से उनके किरदार रुद्र का नया लुक सामने आया है।

    महेश बाबू के 51वें जन्मदिन पर ‘वाराणसी’ से उनके किरदार रुद्र का नया लुक सामने आया है।

    नई दिल्ली । साउथ सिनेमा के सुपरस्टार महेश बाबू ने अपने 51वें जन्मदिन के मौके पर फैंस को खास तोहफा दिया है। 9 अगस्त को जन्मदिन मना रहे अभिनेता ने अपनी बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘वाराणसी’ से अपने किरदार रुद्र का नया लुक साझा किया। फिल्म को लेकर लंबे समय से दर्शकों के बीच उत्सुकता बनी हुई है और महेश बाबू की नई तस्वीरों ने इस उत्साह को और बढ़ा दिया है।

    जन्मदिन के अवसर पर जारी की गई तस्वीरों में महेश बाबू का अंदाज पहले से काफी अलग नजर आ रहा है। अभिनेता गंभीर और रहस्यमयी लुक में दिखाई दे रहे हैं। उनका स्टाइल और व्यक्तित्व फिल्म के बड़े स्तर की ओर संकेत करता है। तस्वीरों में वह अफ्रीका की प्राकृतिक खूबसूरती के बीच नजर आते हैं, जहां फिल्म की शूटिंग भी की गई है।

    ‘वाराणसी’ की शूटिंग अफ्रीका की चर्चित लोकेशन्स किलिमंजारो और मसाई मारा में हुई है। सामने आई तस्वीरों में महेश बाबू कभी विशाल प्राकृतिक दृश्यों को निहारते दिखाई देते हैं तो कभी शांत अंदाज में नजर आते हैं। बैकग्राउंड में मौजूद वन्यजीवन और प्राकृतिक दृश्य फिल्म की भव्य दुनिया को और आकर्षक बनाते हैं।

    फिल्म का निर्देशन एसएस राजामौली कर रहे हैं। ऐसे में महेश बाबू और राजामौली की पहली साझेदारी को लेकर दर्शकों में खास दिलचस्पी है। सामने आए लुक से यह संकेत मिलता है कि रुद्र के किरदार को बड़े पैमाने पर तैयार किया गया है। हालांकि फिल्म की कहानी से जुड़ी अधिकांश जानकारी अभी गोपनीय रखी गई है।

    कहानी को लेकर सामने आई जानकारी के अनुसार फिल्म की घटनाएं वर्ष 2027 की पृष्ठभूमि में दिखाई जा सकती हैं। कथानक में ‘शाम्भवी’ नाम के एक एस्टेरॉयड का जिक्र है, जो वाराणसी की ओर बढ़ रहा होता है। इसके कारण पूरी दुनिया के सामने एक बड़ा खतरा पैदा होने की स्थिति बनती है। हालांकि फिल्म की आधिकारिक कहानी को लेकर अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है।

    महेश बाबू फिल्म में एक आर्कियोलॉजिस्ट की भूमिका निभा रहे हैं। उनके किरदार का नाम रुद्र बताया गया है। कहानी में उनका सामना एक ऐसे घटनाक्रम से होता है, जिसका संबंध इतिहास, रोमांच और वैश्विक खतरे से जुड़ा हुआ है। इसी वजह से फिल्म को सामान्य एक्शन कहानी से अलग पैमाने पर तैयार किए जाने की चर्चा है।

    फिल्म में प्रियंका चोपड़ा भी महत्वपूर्ण भूमिका में दिखाई देंगी। वह मंदाकिनी नाम की महिला किरदार निभा रही हैं, जिसे एक हिस्टोरियन और कुशल शूटर के रूप में पेश किए जाने की जानकारी है। महेश बाबू और प्रियंका चोपड़ा की जोड़ी भी फिल्म के प्रमुख आकर्षणों में शामिल है।

    वहीं पृथ्वीराज सुकुमारन फिल्म में नकारात्मक भूमिका में नजर आएंगे। उनके किरदार को लेकर भी अभी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। ऐसे में महेश बाबू के रुद्र, प्रियंका चोपड़ा के मंदाकिनी और पृथ्वीराज सुकुमारन के किरदार के बीच कहानी किस तरह आगे बढ़ेगी, इसे लेकर दर्शकों में उत्सुकता बनी हुई है।

    फिल्म के विशाल स्तर, अंतरराष्ट्रीय लोकेशन्स और बड़े कलाकारों की मौजूदगी के कारण ‘वाराणसी’ पर खास नजर है। जन्मदिन के मौके पर जारी महेश बाबू का नया लुक फिल्म की चर्चा को और तेज कर रहा है। हालांकि कहानी के कई अहम पहलुओं पर अभी पर्दा पड़ा हुआ है, लेकिन रुद्र का नया अंदाज फिल्म की दुनिया और किरदार की गंभीरता की झलक जरूर देता है।

  • मोहन भागवत बोले- पूरी जानकारी के बिना फैसला ठीक नहीं, प्रियंका गांधी ने जवाब देकर तेज किया सियासी विवाद

    मोहन भागवत बोले- पूरी जानकारी के बिना फैसला ठीक नहीं, प्रियंका गांधी ने जवाब देकर तेज किया सियासी विवाद

    नई दिल्ली । आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के Gen-Z और Gen-Alpha युवाओं को लेकर दिए गए बयान के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। युवाओं से संवाद के दौरान भागवत ने उनके विचारों को सुनने के साथ कई मुद्दों पर अपनी राय रखी। उन्होंने किसी भी मामले में पूरी जानकारी सामने आने से पहले जल्दबाजी में निष्कर्ष निकालने से बचने की बात कही। इसी दौरान उन्होंने युवाओं पर भरोसा जताया, जिसके बाद कांग्रेस की ओर से प्रतिक्रिया सामने आई। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने भागवत के बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि युवाओं को किसी तरह के प्रमाण या मंजूरी की जरूरत नहीं है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में इस मुद्दे को लेकर बहस और तेज हो गई है।

    मोहन भागवत ने युवाओं से बातचीत के दौरान कहा कि किसी भी घटना या विवाद के बारे में फैसला करने से पहले उसके सभी तथ्यों को समझना जरूरी है। उनका कहना था कि जब तक किसी मामले से जुड़े सभी तथ्य सामने नहीं आ जाते, तब तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं है। उन्होंने युवाओं पर भरोसा जताते हुए कहा कि सच्चाई सामने आने तक इंतजार किया जाना चाहिए। भागवत ने यह भी संकेत दिया कि कुछ रिपोर्टों में अन्य लोगों के शामिल होने की बातें सामने आई हैं, लेकिन बिना ठोस प्रमाण किसी पर आरोप लगाना उचित नहीं होगा। उनके इसी रुख को लेकर कांग्रेस नेताओं ने सवाल खड़े किए हैं।

    प्रियंका गांधी ने भागवत की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि युवाओं को किसी प्रमाण या मंजूरी की आवश्यकता नहीं है। उनके बयान को कांग्रेस ने युवाओं के मुद्दों और उनकी चिंताओं से जोड़कर देखा है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यदि वास्तव में छात्रों और युवाओं की चिंता है तो संबंधित घटनाओं और उनसे जुड़े सवालों पर स्पष्ट रूप से जवाब सामने आना चाहिए। पार्टी का आरोप है कि युवाओं से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है।

    कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि युवाओं और छात्रों की चिंता वास्तविक है तो केंद्र सरकार को संबंधित मामलों पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए। उन्होंने छात्रों के साथ हुई घटनाओं की जांच की मांग करते हुए कहा कि जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और जिन लोगों की भूमिका सामने आती है, उनसे जवाब मांगा जाना चाहिए।

    दरअसल, मोहन भागवत और प्रियंका गांधी के बयानों के बीच मुख्य अंतर किसी भी मामले में निष्कर्ष पर पहुंचने के तरीके को लेकर दिखाई दे रहा है। भागवत ने जहां पूरी जानकारी और प्रमाण सामने आने तक इंतजार करने पर जोर दिया, वहीं प्रियंका गांधी ने युवाओं के अधिकारों और उनकी आवाज को किसी बाहरी मंजूरी से अलग बताया। दोनों पक्षों की टिप्पणियों के बाद यह मुद्दा राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। Gen-Z और Gen-Alpha युवाओं के साथ संवाद तथा उनके मुद्दों को लेकर आने वाले दिनों में राजनीतिक दलों की ओर से और प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।