Tag: PriyankaGandhi

  • चुनाव आयोग से मुलाकात पर EC का बयान, बोला- किसी दल से मिलने में आपत्ति नहीं, तय प्रक्रिया के तहत मांगा जाए समय

    चुनाव आयोग से मुलाकात पर EC का बयान, बोला- किसी दल से मिलने में आपत्ति नहीं, तय प्रक्रिया के तहत मांगा जाए समय

    नई दिल्ली । चुनाव आयोग और विपक्षी नेताओं के बीच मुलाकात को लेकर मंगलवार को गतिरोध की स्थिति बनी रही। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत विपक्षी नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे और चुनाव आयोग से मुलाकात कर अपनी बात रखने की मांग कर रहे थे। इसी बीच चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि उसे किसी भी राजनीतिक दल के सदस्यों से मिलने में कोई आपत्ति नहीं है। आयोग के मुताबिक, राजनीतिक दलों के साथ बैठक के लिए वर्ष 2025 में एक निर्धारित प्रक्रिया और प्रोटोकॉल बनाया गया है, जिसके तहत बैठक के लिए पहले समय मांगा जाना और उसका उद्देश्य बताना जरूरी है।

    आयोग ने कहा कि मंगलवार शाम चार बजे तक किसी भी राजनीतिक दल ने अपने अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से बैठक के लिए समय नहीं मांगा था। आयोग के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान उसे जानकारी मिली थी कि कुछ सांसद चुनाव आयोग से मिलना चाहते हैं। इसके बाद करीब चार बजे दिल्ली पुलिस के माध्यम से सूचना मिली कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल आयोग से मिलकर ज्ञापन सौंपना चाहता है। आयोग ने इस अनुरोध पर विचार किया।

    चुनाव आयोग के मुताबिक, वर्ष 2025 में राजनीतिक दलों और उनके प्रतिनिधिमंडलों के साथ बैठक के लिए प्रक्रिया तय की गई थी। इसके अनुसार किसी राजनीतिक दल या कई दलों के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल को आयोग से मिलने के लिए उसके अधिकृत प्रतिनिधि के जरिए समय लेना होता है। बैठक का समय दोनों पक्षों की सहमति से तय किया जाता है। आयोग ने कहा कि यह नियमित प्रक्रिया है और सभी राजनीतिक दलों को इसके बारे में जानकारी दी गई है।

    आयोग ने बताया कि राहुल गांधी के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल के संबंध में बाद में दिल्ली पुलिस की ओर से जानकारी दी गई कि करीब 240 सांसद बैठक करना चाहते हैं। आयोग के अनुसार, प्रस्तावित बैठक का स्थान संसद भवन एनेक्सी बताया गया। यह व्यवस्था तय प्रोटोकॉल के अनुरूप नहीं थी, क्योंकि राजनीतिक दलों के प्रतिनिधिमंडलों के साथ बैठक के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाना जरूरी है। आयोग ने इस अनुरोध को असामान्य मानते हुए स्वीकार नहीं किया।

    इसके साथ ही चुनाव आयोग ने सांसदों का ज्ञापन लेने के लिए एक वैकल्पिक व्यवस्था भी सुझाई। आयोग की ओर से कहा गया कि उसका सबसे वरिष्ठ अधिकारी बैठक स्थल पर जाकर सांसदों से ज्ञापन प्राप्त कर सकता है। हालांकि, प्रदर्शनकारी सांसदों ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। आयोग ने कहा कि वह राजनीतिक दलों के साथ बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन बैठक निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार होनी चाहिए।

    विपक्षी नेताओं का कहना था कि वे चुनाव आयोग से मिलकर अपनी बात रखना चाहते हैं और जब तक मुलाकात के लिए बुलावा नहीं आता, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा। दूसरी ओर आयोग ने बैठक के लिए औपचारिक प्रक्रिया और तय प्रोटोकॉल का हवाला दिया। इस घटनाक्रम में मुख्य विवाद बैठक की इच्छा को लेकर नहीं, बल्कि समय मांगने की प्रक्रिया और प्रस्तावित बैठक स्थल को लेकर सामने आया। आयोग ने दोहराया कि किसी भी राजनीतिक दल से मुलाकात पर उसे कोई आपत्ति नहीं है और तय नियमों के तहत बैठक का अनुरोध किया जा सकता है।

  • कांग्रेस में सियासी हलचल तेज, दिग्विजय सिंह ने मोदी-आडवाणी की तस्वीर से दी संदेश

    कांग्रेस में सियासी हलचल तेज, दिग्विजय सिंह ने मोदी-आडवाणी की तस्वीर से दी संदेश




    DigvijaySinghनई दिल्ली।
    कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक से ठीक पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की पुरानी तस्वीर साझा कर सियासत में हलचल मचा दी है। इस तस्वीर में मोदी आडवाणी के पैरों के पास बैठे दिखाई दे रहे हैं, और दिग्विजय सिंह ने इसे संगठन की ताकत और जमीनी कार्यकर्ताओं की अहमियत के रूप में पेश किया।
    सियासी गलियारों में इस पोस्ट को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। कुछ लोग इसे भाजपा और आरएसएस की संगठनात्मक मजबूती के संदर्भ में देख रहे हैं, जबकि कई इसे कांग्रेस में जमीनी स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं की कमी और संगठन सुधार की आवश्यकता के इशारे के रूप में मान रहे हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या दिग्विजय सिंह अपने इस पोस्ट के जरिए कांग्रेस नेतृत्व को अप्रत्यक्ष संदेश दे रहे हैं।

    इस पोस्ट को और ज्यादा चर्चा में लाने वाली बात यह है कि दिग्विजय सिंह ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के साथ-साथ पीएम मोदी को भी टैग किया।

    पोस्ट की टाइमिंग भी काफी अहम मानी जा रही है क्योंकि यह CWC बैठक के दौरान किया गया, जिससे इसके राजनीतिक मायने और बढ़ गए।

    19 दिसंबर को भी दिग्विजय सिंह ने राहुल गांधी को लेकर एक पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने कांग्रेस संगठन में सुधार और व्यावहारिक विकेंद्रीकरण की जरूरत पर जोर दिया था।

    उन्होंने कहा था कि कांग्रेस को चुनाव आयोग की तरह सुधारों की दिशा में कदम उठाना चाहिए। इस बार की पोस्ट के साथ यह स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि दिग्विजय सिंह कांग्रेस के भीतर संगठन और नेतृत्व को लेकर बहस को तेज कर रहे हैं और पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की चेतावनी दे रहे हैं।

    राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि दिग्विजय सिंह का यह कदम कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेतृत्व दोनों के लिए संदेश है, जिसमें संगठन की ताकत और सक्रियता की अहमियत को याद दिलाया गया है। इस पोस्ट ने पार्टी के भीतर और बाहर चर्चा की लहर दौड़ा दी है, और यह स्पष्ट कर दिया है कि संगठन की मजबूती ही किसी भी राजनीतिक दल की सफलता की कुंजी है।