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  • केबीसी 18 के मंच पर अमिताभ बच्चन ने प्रीति जिंटा से मैसेज का जवाब न मिलने पर जताई नाराजगी

    केबीसी 18 के मंच पर अमिताभ बच्चन ने प्रीति जिंटा से मैसेज का जवाब न मिलने पर जताई नाराजगी

    नई दिल्ली । टेलीविजन का लोकप्रिय गेम शो कौन बनेगा करोड़पति अपने नए सीजन के साथ एक बार फिर दर्शकों के बीच दस्तक दे रहा है। शो के 18वें सीजन के प्रीमियर एपिसोड में बॉलीवुड के कई दिग्गज कलाकार अपनी आगामी फिल्म बंटवारा 1947 के प्रचार के लिए पहुंचे। इस विशेष एपिसोड में अभिनेता सनी देओल, आमिर खान और अभिनेत्री प्रीति जिंटा शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान शो के संचालक और अभिनेता अमिताभ बच्चन ने अभिनेत्री प्रीति जिंटा से जुड़ा एक पुराना मजेदार वाकया साझा किया।

    शो के आधिकारिक प्रोमो में अमिताभ बच्चन मंच पर प्रीति जिंटा से एक हल्की-फुल्की शिकायत दर्ज कराते नजर आए। उन्होंने बताया कि हर साल 31 जनवरी को अभिनेत्री के जन्मदिन पर उनकी ओर से शुभकामना संदेश भेजा जाता है, लेकिन उन्हें कभी इसका सीधा जवाब प्राप्त नहीं हुआ। इस अप्रत्याशित बात को सुनकर मंच पर मौजूद अन्य कलाकार और दर्शक भी मुस्कुरा दिए, जबकि अभिनेत्री ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की।

    कार्यक्रम के दौरान अमिताभ बच्चन ने एक दशक से भी अधिक पुराना एक सार्वजनिक संदेश भी दिखाया, जिसमें उन्होंने मजाकिया लहजे में अभिनेत्री को जन्मदिन की बधाई देने का जिक्र किया था। अभिनेत्री ने अपनी सफाई में कहा कि संदेशों का उत्तर अक्सर देर से पहुंच पाता है। इस पूरे वाकये ने शो के शुरुआती एपिसोड में हल्का-फुल्का और मनोरंजक माहौल बना दिया, जिसे प्रशंसकों द्वारा सोशल मीडिया पर भी काफी पसंद किया जा रहा है।

    उल्लेखनीय है कि कौन बनेगा करोड़पति का यह नया सीजन तकनीक और फॉर्मेट के स्तर पर कई बदलावों के साथ प्रस्तुत किया जा रहा है। इस शो को भारत के विभिन्न हिस्सों में व्यापक लोकप्रियता हासिल है। मध्य प्रदेश सहित देश के कई राज्यों से प्रतियोगी इस मंच पर अपनी किस्मत और ज्ञान आजमाने पहुंचते हैं। प्रदेश के विभिन्न शहरों में इस कार्यक्रम को देखने वाले दर्शकों की बड़ी संख्या मौजूद है।

    प्रीमियर एपिसोड में पहुंची स्टारकास्ट की आगामी फिल्म बंटवारा 1947 आगामी 14 अगस्त को सिनेमाघरों में प्रदर्शित होने जा रही है। इस ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित फिल्म का निर्देशन राजकुमार संतोषी ने किया है, जबकि इसका निर्माण आमिर खान प्रोडक्शंस के बैनर तले हुआ है। फिल्म में सनी देओल, प्रीति जिंटा, अली फजल और शबाना आजमी जैसे वरिष्ठ कलाकार मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे।

    गेम शो के इस विशेष प्रचारक एपिसोड से फिल्म और शो दोनों को लेकर दर्शकों के बीच काफी उत्सुकता देखी जा रही है। मनोरंजन जगत के विश्लेषकों का मानना है कि टेलीविजन के सबसे बड़े मंच से फिल्मों का प्रचार दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में हमेशा से कारगर साबित होता रहा है।

  • प्रमोशन में आरक्षण पर नई बहस, सरकार के डेटा को कोर्ट में चुनौती दे सकता है सामान्‍य वर्ग

    प्रमोशन में आरक्षण पर नई बहस, सरकार के डेटा को कोर्ट में चुनौती दे सकता है सामान्‍य वर्ग

    जबलपुर। मध्य प्रदेश में प्रमोशन में आरक्षण का मामला एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। फिलहाल हाईकोर्ट की विशेष खंडपीठ ने स्पष्ट किया है कि इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामले की स्थिति साफ होने के बाद ही आगे सुनवाई होगी। अदालत ने सरकार और सभी पक्षों को शीर्ष अदालत में शीघ्र सुनवाई का आग्रह करने की सलाह दी है।

    हालांकि न्यायिक प्रक्रिया फिलहाल रुकी हुई है, लेकिन दोनों पक्ष अपनी कानूनी तैयारियों में जुटे हैं। जानकारी के अनुसार, अगली सुनवाई में सरकार द्वारा प्रस्तुत क्वांटिफिएबल डेटा सबसे बड़ा विवाद का विषय बन सकता है।

    सरकार के आंकड़ों पर उठेंगे सवाल
    सामान्य वर्ग की ओर से अदालत में यह तर्क रखा जाएगा कि कई सरकारी विभागों में अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) का प्रतिनिधित्व पहले से पर्याप्त है। ऐसे में पदोन्नति में आरक्षण जारी रखने का आधार क्या है, इस पर सरकार से जवाब मांगा जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, सामान्य वर्ग विभिन्न विभागों के आंकड़ों के जरिए यह साबित करने की तैयारी में है कि जहां पर्याप्त प्रतिनिधित्व मौजूद है, वहां भी आरक्षण का लाभ जारी रखा गया।

    X और Y फैक्टर पर रहेगा फोकस
    मामले में सबसे अहम मुद्दा सरकार द्वारा तय किए गए X और Y फैक्टर हैं, जिनके आधार पर प्रमोशन में आरक्षण का प्रतिशत निर्धारित किया गया है।

    SC वर्ग के लिए: कुल पद × (16 × X) ÷ 100
    ST वर्ग के लिए: कुल पद × (20 × Y) ÷ 100

    यदि X या Y का मान 1 रखा जाता है तो पूरा आरक्षण लागू होता है, जबकि कम मान होने पर आरक्षण का प्रतिशत भी घट जाता है। सामान्य वर्ग का आरोप है कि कई विभागों में पर्याप्त प्रतिनिधित्व होने के बावजूद X और Y का मान कम नहीं किया गया, जिससे आरक्षण का प्रतिशत अधिक बना रहा।

    प्रक्रिया पर भी उठेंगे सवाल
    याचिकाकर्ताओं का कहना है कि X और Y तय करने के लिए कोई स्पष्ट और समान मानक नहीं अपनाया गया। समान परिस्थितियों वाले विभागों में अलग-अलग मान निर्धारित किए गए, जिससे पूरी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं।

    प्रशासनिक दक्षता भी बनेगी मुद्दा

    अगली सुनवाई में प्रशासनिक दक्षता का मुद्दा भी प्रमुख रहेगा। सामान्य वर्ग का पक्ष है कि केवल एसीआर (वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट) के आधार पर दक्षता का आकलन पर्याप्त नहीं माना जा सकता। उनका तर्क है कि संविधान के अनुच्छेद-335 के अनुरूप कार्यक्षमता का व्यापक मूल्यांकन होना चाहिए।

    पांच साल तक एक ही फॉर्मूले पर आपत्ति

    सरकार द्वारा X और Y फैक्टर को पांच वर्ष तक लागू रखने के प्रावधान पर भी सवाल उठाए जाएंगे। सामान्य वर्ग का कहना है कि प्रतिनिधित्व की स्थिति समय के साथ बदलती रहती है, इसलिए पुराने आंकड़ों के आधार पर लंबे समय तक एक ही व्यवस्था लागू रखना उचित नहीं है।

    सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी नजर
    फिलहाल पूरे मामले की दिशा सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई पर निर्भर है। हाईकोर्ट ने भी संकेत दिया है कि शीर्ष अदालत की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। हालांकि, माना जा रहा है कि अगली सुनवाई में सरकार के डेटा, X-Y फैक्टर और प्रशासनिक दक्षता जैसे मुद्दों पर विस्तृत और अहम बहस देखने को मिल सकती है, जिसका असर हजारों सरकारी कर्मचारियों पर पड़ सकता है।

  • ट्रेलर में 'श्रीराम' और 'रावण' का दिखा भव्य अवतार, लेकिन 'बजरंगबली' की झलक न मिलने से प्रशंसक हुए उत्सुक

    ट्रेलर में 'श्रीराम' और 'रावण' का दिखा भव्य अवतार, लेकिन 'बजरंगबली' की झलक न मिलने से प्रशंसक हुए उत्सुक

    नई दिल्ली । सहित देशभर के सिनेमा प्रेमियों के बीच बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण’ का पहला आधिकारिक ट्रेलर आते ही चर्चा में आ गया है। इस भव्य फिल्म के ट्रेलर में मुख्य पात्रों के अवतार ने दर्शकों को प्रभावित किया है, लेकिन प्रशंसकों को सबसे बड़ा कौतूहल तब हुआ जब ‘हनुमान’ का किरदार निभा रहे वरिष्ठ अभिनेता सनी देओल स्क्रीन पर कहीं नजर नहीं आए। ट्रेलर की समाप्ति के बाद से ही सोशल मीडिया पर उनके लुक को लेकर विविध अटकलों का दौर शुरू हो चुका है।

    फिल्म विश्लेषकों का मानना है कि सबसे महत्वपूर्ण और चर्चित किरदार के लुक को पहले ही प्रोमो से छिपाकर रखना मेकर्स की एक सुपरियोजित विपणन रणनीति का हिस्सा है। बड़े बजट की पौराणिक और ऐतिहासिक फिल्मों में अक्सर सबसे शक्तिशाली पात्रों के दृश्यों को प्राथमिक प्रचार सामग्री से दूर रखा जाता है, ताकि दर्शकों के बीच उत्सुकता और रहस्य का माहौल बना रहे। सनी देओल की सशक्त स्क्रीन प्रेजेंस और आवाज को देखते हुए उनके प्रवेश दृश्य को थिएटर के लिए सरप्राइज एलिमेंट के रूप में सुरक्षित रखा गया माना जा रहा है।

    प्रचार के नजरिए से भी यह कदम बेहद प्रभावी साबित हो रहा है। पहले ट्रेलर के बाद जब दर्शकों के बीच उत्सुकता चरम पर होगी, तब मेकर्स उनके लुक का एक पृथक टीजर या पोस्टर जारी कर सकते हैं। इससे फिल्म को रिलीज से पहले दोबारा बड़ा पब्लिसिटी बज मिलेगा और सोशल मीडिया पर इस विषय पर चर्चा लंबे समय तक बनी रहेगी।

    कहानी के अनुसार हनुमान जी का किरदार अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय प्रभाव रखने वाला है। मेकर्स का उद्देश्य सीधे सिनेमाघरों में दर्शकों को एक भव्य अनुभव देना या आगामी प्रचार चरणों में विशेष सरप्राइज प्रस्तुत करना हो सकता है। फिलहाल दर्शक फिल्म के दूसरे ट्रेलर और इसके विशेष प्रचार अभियानों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।