Tag: property dispute

  • पार्षद पति पर हमले के बाद गरमाया मामला, एक पक्ष ने मारपीट तो दूसरे ने पिस्टल दिखाने का लगाया आरोप

    पार्षद पति पर हमले के बाद गरमाया मामला, एक पक्ष ने मारपीट तो दूसरे ने पिस्टल दिखाने का लगाया आरोप


    इंदौर । इंदौर के ऊषागंज इलाके में एक पार्षद के पति के घर में घुसकर मारपीट और तोड़फोड़ करने का मामला सामने आया है। गीतांजलि अपार्टमेंट में हुई इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। प्रॉपर्टी कारोबारी और पार्षद पति सुमित तलरेजा ने चार लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। आरोप है कि पुराने विवाद को लेकर आरोपी उनके घर पहुंचे और गाली गलौज करते हुए हमला करने की कोशिश की। इस दौरान घर के बाहर लगा पार्षद का बोर्ड चाकू से फाड़ दिया गया। गमले और अन्य सामान भी तोड़ दिए गए। वहीं दूसरे पक्ष ने भी सुमित तलरेजा पर पिस्टल दिखाकर डराने का आरोप लगाया है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों और आरोपों को ध्यान में रखते हुए जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के मुताबिक सुमित तलरेजा अपनी पत्नी पंखुड़ी तलरेजा के साथ थाने पहुंचे और घटना की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 29 अक्टूबर को वे अपने घर पर मौजूद थे। इसी दौरान उनका पुराना परिचित प्रशांत करौसिया अपने तीन साथियों अंशए सुमित खरे और विशाल बौरासी के साथ वहां पहुंच गया। आरोप है कि चारों पुराने विवाद के समझौते को लेकर उनसे बातचीत करने आए थे लेकिन कुछ ही देर में विवाद बढ़ गया। इसके बाद आरोपियों ने गाली गलौज शुरू कर दी और उनके साथ मारपीट करने के लिए आगे बढ़े।

    सुमित की शिकायत के अनुसार आरोपियों ने घर के बाहर लगा पार्षद का बोर्ड चाकू से फाड़ दिया। स्थिति बिगड़ती देख सुमित खुद को बचाने के लिए मल्टी की दूसरी मंजिल पर स्थित अपने फ्लैट में चले गए। इसके बाद भी आरोपियों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। उन्होंने फ्लैट के दरवाजे पर लात मारी और बाहर रखे गमलों को तोड़ना शुरू कर दिया। आरोप है कि वहां खड़ी गाड़ियों और कुर्सियों को भी नुकसान पहुंचाया गया। इस दौरान सुमित की ओर गमला फेंकने और उन्हें तथा उनकी पत्नी को जान से मारने की धमकी देने की बात भी शिकायत में कही गई है।

    घटना के दौरान सुमित और उनकी पत्नी ने शोर मचाया तो आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए। लोगों की मौजूदगी बढ़ने के बाद आरोपी वहां से भाग निकले। इसके बाद दंपति ने पुलिस को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। पुलिस ने सुमित की शिकायत पर चार लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    हालांकि इस घटना में दूसरा पक्ष भी सामने आया है। दूसरे पक्ष का आरोप है कि विवाद की शुरुआत सुमित तलरेजा ने की थी और उन्होंने पिस्टल दिखाकर डराने की कोशिश की थी। इस आरोप के सामने आने के बाद मामला और पेचीदा हो गया है। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के बयान और उनके आरोपों की जांच कर रही है। घटना के पीछे पुराने विवाद और समझौते को लेकर हुई कहासुनी को अहम वजह माना जा रहा है। पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद किस बात से शुरू हुआ और घटना के दौरान किस पक्ष की क्या भूमिका रही।

  • दान की जमीन गिरवी रखकर बैंक से लिया करोड़ों का कर्ज, लोन डूबने पर बेटियों के जरिए मुकदमा कराने का आरोप, बिल्डर दंपती पर कार्रवाई

    दान की जमीन गिरवी रखकर बैंक से लिया करोड़ों का कर्ज, लोन डूबने पर बेटियों के जरिए मुकदमा कराने का आरोप, बिल्डर दंपती पर कार्रवाई


    भोपाल । भोपाल में बेटियों के नाम दान की जा चुकी जमीन को गिरवी रखकर बैंक से दो करोड़ रुपए का कर्ज लेने के मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ यानी ईओडब्ल्यू ने बिल्डर जीशान अली और उनकी पत्नी नाजनीन अली के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोप है कि दंपती ने जमीन के मालिकाना हक से जुड़ी अहम जानकारी पंजाब नेशनल बैंक से छिपाई और इसी संपत्ति के आधार पर अपनी कंपनी के लिए ओवरड्राफ्ट लिमिट मंजूर कराई। कर्ज की अदायगी नहीं होने पर जब बैंक ने वसूली की प्रक्रिया शुरू की तो जमीन की मालकिन बताई गई बेटियों के जरिए अदालत में मुकदमा दायर कराया गया। ईओडब्ल्यू ने पूरे घटनाक्रम और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच के बाद यह कार्रवाई की है।

    मामला भोपाल के बावड़ियाकलां इलाके की 526.83 वर्गमीटर व्यावसायिक जमीन से जुड़ा है। जानकारी के मुताबिक वर्ष 2007 में शादाब गृह निर्माण सहकारी समिति की ओर से जारी टेंडर में जीशान अली अकेले बोलीदाता थे। इसके बाद पांच फरवरी 2008 को जमीन की रजिस्ट्री उनके नाम हुई। करीब पांच साल बाद 10 जुलाई 2013 को जीशान ने हिबानामा तैयार कर यह जमीन अपनी तीन बेटियों के नाम कर दी। इनमें से दो बेटियां उस समय नाबालिग थीं। जांच के अनुसार जीशान ने वर्ष 2018 में बैंक को लिखे एक पत्र में भी जमीन बेटियों के नाम करने की बात स्वीकार की थी।

    आरोप है कि जमीन का हस्तांतरण होने के बावजूद 24 सितंबर 2015 को जीशान अली की कंपनी रॉयल हेरिटेज बिल्डर्स कॉलोनाइजर्स के लिए दो करोड़ रुपए की ओवरड्राफ्ट लिमिट मंजूर कराई गई। इस प्रक्रिया में बैंक को जमीन बेटियों के नाम किए जाने की जानकारी नहीं दी गई। जांच में सामने आई जानकारी के अनुसार लीगल सर्च रिपोर्ट में भी नाबालिग के हित से जुड़े कॉलम में नन दर्ज था। ईओडब्ल्यू इस पहलू की जांच कर रही है कि जमीन के वास्तविक मालिकाना हक से संबंधित जानकारी बैंक के सामने किस तरह रखी गई और ऋण मंजूर कराने की प्रक्रिया में किन दस्तावेजों का इस्तेमाल हुआ।

    जांच में फरवरी 2015 की एक अन्य घटना का भी उल्लेख है। उस समय जीशान और नाजनीन ने अपनी नाबालिग बेटी के नाम दर्ज एक दूसरे प्लॉट को बेचने के लिए जिला अदालत से अनुमति ली थी। ईओडब्ल्यू ने इस तथ्य को नाबालिग की संपत्ति से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी के संदर्भ में देखा है। हालांकि मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही तय होगा।

    वर्ष 2017 में कंपनी का कर्ज खाता एनपीए हो गया। इसके बाद बैंक ने वसूली की कार्रवाई शुरू करने की तैयारी की। बैंक की ओर से तीन जनवरी 2018 को सरफेसी नोटिस जारी किए जाने से पहले ही चार अक्टूबर 2017 को बेटियों के जरिए सिविल कोर्ट में मुकदमा दायर किया गया था। इसमें दावा किया गया कि जमीन उनकी संपत्ति है और बैंक उसे जब्त नहीं कर सकता। बैंक ने इस मुकदमे को वसूली की कार्रवाई रोकने के लिए की गई मिलीभगत का हिस्सा बताया था। सिविल कोर्ट से दावा खारिज होने के बाद मामला ऋण वसूली अपीलीय न्यायाधिकरण यानी डीआरएटी इलाहाबाद पहुंचा।

    आठ मार्च 2019 को ऋण वसूली न्यायाधिकरण ने बैंक के पक्ष में फैसला देते हुए रिकवरी सर्टिफिकेट जारी किया। इसके बावजूद बैंक का 2 करोड़ 7 लाख 86 हजार 807 रुपए से अधिक बकाया बताया गया है। ईओडब्ल्यू ने इसी पूरे घटनाक्रम को ध्यान में रखते हुए बिल्डर जीशान अली और उनकी पत्नी नाजनीन अली के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। कंपनी की डायरेक्टर और गारंटर रहीं जीशान की मां का निधन हो चुका है इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। अब जांच में ऋण से जुड़े दस्तावेजों और जमीन के हस्तांतरण की परिस्थितियों की पड़ताल की जाएगी।

  • इंदौर में संपत्ति विवाद पर रिश्तेदारों का तांडव शिकायत के बाद फिर घर पहुंचकर किया हमला सीसीटीवी में कैद वारदात

    इंदौर में संपत्ति विवाद पर रिश्तेदारों का तांडव शिकायत के बाद फिर घर पहुंचकर किया हमला सीसीटीवी में कैद वारदात


    इंदौर । इंदौर में पुश्तैनी मकान के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। शहर के एमआईजी थाना क्षेत्र में एक ही परिवार के बीच संपत्ति विवाद इतना बढ़ गया कि महिला और उसके परिजनों पर दो अलग अलग स्थानों पर हमला किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़िता का आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के कुछ ही समय बाद आरोपी दोबारा उसके पुश्तैनी घर पहुंचे और लाठी डंडों से हमला कर दिया। इस दौरान महिला के साथ मारपीट की गई और उसके कपड़े तक फट गए। बीच बचाव करने आए उसके भाई को भी गंभीर चोटें आई हैं।

    पुलिस के अनुसार 32 वर्षीय महिला ने शिकायत में बताया कि उसके चाचा के निधन के बाद नेहरू नगर स्थित पुश्तैनी मकान को लेकर परिवार के कुछ सदस्यों के बीच विवाद शुरू हो गया था। शनिवार दोपहर इसी विवाद के चलते हीरा नगर क्षेत्र में महिला और उसकी मां के साथ कथित रूप से मारपीट की गई जिसमें दोनों घायल हो गईं। घटना के बाद महिला ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई जबकि उसकी मां उपचार और चिकित्सीय परीक्षण के लिए अस्पताल चली गई।

    पीड़िता का आरोप है कि शिकायत दर्ज होने के कुछ ही समय बाद आरोपी अपने कई साथियों के साथ नेहरू नगर स्थित पुश्तैनी मकान पहुंच गए। वहां उन्होंने दोबारा विवाद शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर महिला अपने भाई के साथ घर पहुंची तो आरोपियों ने कथित रूप से लाठी डंडों से हमला कर दिया। महिला ने आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान उसके कपड़े तक फट गए जबकि उसके भाई के हाथ में गंभीर चोट आई।

    घटना के दौरान आसपास के लोग मौके पर एकत्र हो गए। बताया जा रहा है कि पूरी वारदात वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई है। पुलिस अब इन फुटेज की जांच कर रही है ताकि घटना के क्रम और आरोपियों की भूमिका स्पष्ट की जा सके।

    एमआईजी थाना पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर नामजद आरोपियों सहित अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पारिवारिक संपत्ति से जुड़े विवाद कई बार गंभीर रूप ले लेते हैं। ऐसे मामलों में हिंसा का रास्ता अपनाने के बजाय कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से समाधान निकालना आवश्यक है। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और सभी पक्षों से पूछताछ की जा रही है।

  • सीमांकन के बाद फिर जोती जमीन, विरोध करने पहुंचे पिता-पुत्र पर हमला, 10-12 लोगों पर मारपीट का आरोप

    सीमांकन के बाद फिर जोती जमीन, विरोध करने पहुंचे पिता-पुत्र पर हमला, 10-12 लोगों पर मारपीट का आरोप


    शिवपुरी। जिले के तेंदुआ थाना क्षेत्र के लाड़करन गांव में कृषि भूमि के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। सीमांकन के बाद दोबारा खेत जोतने का विरोध करने पहुंचे पिता-पुत्र पर कथित तौर पर 10 से 12 लोगों ने लाठी-डंडों और अन्य हथियारों से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।

    जिला अस्पताल में भर्ती 32 वर्षीय संजीव परिहार ने बताया कि उनकी आठ बीघा कृषि भूमि पर खेरौना गांव के भरत रावत और हजारी रावत ने पहले कब्जा कर रखा था। करीब दो माह पहले राजस्व विभाग ने सीमांकन कराकर जमीन से कब्जा हटवाया था और उन्हें खेत का कब्जा दिलाया गया था।

    संजीव के मुताबिक तीन दिन पहले उन्होंने अपनी जमीन की जुताई कराई थी। गुरुवार शाम सूचना मिली कि भरत रावत और हजारी रावत दोबारा ट्रैक्टर से उनकी जमीन जोत रहे हैं। जानकारी मिलते ही वह अपने पिता राम सिंह परिहार के साथ खेत पहुंचे और इसका विरोध किया।

    आरोप है कि खेत पर पहले से मौजूद भरत रावत, हजारी रावत, राजेश रावत, बुद्धा, टिल्लू, बलवीर रावत समेत 10 से 12 लोगों ने एकजुट होकर दोनों पर हमला कर दिया। हमलावरों ने लाठी-डंडों और अन्य हथियारों से पिता-पुत्र की बेरहमी से पिटाई की और उन्हें घायल अवस्था में छोड़कर मौके से फरार हो गए।

    घटना के बाद परिजन दोनों घायलों को तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उनका इलाज जारी है। चिकित्सकों की निगरानी में दोनों की हालत पर नजर रखी जा रही है।

    तेंदुआ थाना प्रभारी नीतू सिंह धाकड़ ने बताया कि घायलों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जांच पूरी होने और बयानों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।

  • जमीन के बंटवारे पर भाइयों में बवाल, हिस्सेदारी मांगने पर तीसरे भाई की पिटाई

    जमीन के बंटवारे पर भाइयों में बवाल, हिस्सेदारी मांगने पर तीसरे भाई की पिटाई


    मध्य प्रदेश । शिवपुरी जिले के रातोर गांव में पैतृक संपत्ति के बंटवारे को लेकर चल रहा पारिवारिक विवाद उस समय हिंसक हो गया जब दो भाइयों पर अपने ही तीसरे भाई के साथ मारपीट करने का आरोप लगा। घटना में घायल युवक को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार, रातोर गांव निवासी अतर सिंह जाटव अपने परिवार के साथ रहते हैं। परिवार में कुल छह भाई हैं और उनके पिता का कुछ समय पहले निधन हो चुका है। पिता की मृत्यु के बाद परिवार की संपत्ति का औपचारिक बंटवारा नहीं हो पाया है। परिवार के पास मकान, वाहन और अन्य पैतृक संपत्तियां हैं, जिन्हें लेकर लंबे समय से विवाद की स्थिति बनी हुई है।

    अतर सिंह का आरोप है कि उनके भाई नेपाल जाटव ने परिवार की अधिकांश संपत्ति पर कब्जा कर रखा है और अन्य भाइयों को उनका हिस्सा नहीं दिया जा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर शनिवार रात विवाद बढ़ गया। अतर सिंह के मुताबिक वह मजदूरी कर घर लौटे थे और उन्होंने अपने भाई से संपत्ति के बंटवारे के संबंध में चर्चा की। बातचीत के दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते विवाद में बदल गई।

    घायल युवक का आरोप है कि विवाद बढ़ने पर नेपाल जाटव ने उनके साथ गाली-गलौज की और फिर मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान उनके दूसरे भाई विनोद जाटव भी मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि दोनों भाइयों ने मिलकर उनके साथ मारपीट की। अतर सिंह का कहना है कि उन पर लाठी से हमला किया गया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान चप्पलों से भी उन्हें पीटा गया।

    घटना के बाद अतर सिंह घायल अवस्था में घर के आंगन में पड़े रहे। उनकी पत्नी अनिता जाटव ने बताया कि उन्हें इस घटना की जानकारी उनकी बेटी ने दी थी। जब वह मौके पर पहुंचीं तो उनके पति अचेत अवस्था में पड़े हुए थे। परिवार के अन्य सदस्यों की मदद से उन्हें तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार जारी है।

    घटना की सूचना पुलिस को भी दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत प्राप्त होने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। दोनों पक्षों के बयान लिए जा रहे हैं और चिकित्सीय रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    ग्रामीण क्षेत्रों में पैतृक संपत्ति और जमीन के बंटवारे को लेकर होने वाले विवाद अक्सर पारिवारिक रिश्तों में तनाव पैदा कर देते हैं। कई बार ऐसे मामले हिंसक झगड़ों में बदल जाते हैं, जिससे परिवारों में लंबे समय तक कटुता बनी रहती है। रातोर गांव की यह घटना भी इसी प्रकार के विवाद का उदाहरण बनकर सामने आई है।

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं घायल युवक का जिला अस्पताल में उपचार जारी है और उसकी स्थिति पर चिकित्सकों की नजर बनी हुई है।

  • TMC सांसद सायनी घोष ने अभिषेक बनर्जी से जुड़े दावों को नकारा, कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

    TMC सांसद सायनी घोष ने अभिषेक बनर्जी से जुड़े दावों को नकारा, कानूनी कार्रवाई की चेतावनी


    नई दिल्ली ।
    कोलकाता की राजनीति एक बार फिर संपत्ति विवाद और आरोप-प्रत्यारोप के नए दौर में पहुंच गई है। इस बार चर्चा के केंद्र में तृणमूल कांग्रेस की सांसद सायनी घोष हैं, जिन्होंने अपने ऊपर और पार्टी के महासचिव अभिषेक बनर्जी से कथित तौर पर जुड़ी संपत्तियों को लेकर लगाए गए आरोपों को सख्ती से खारिज कर दिया है। उन्होंने इन दावों को पूरी तरह निराधार और फर्जी बताते हुए कहा है कि कुछ लोग जानबूझकर गलत सूचनाएं फैलाकर राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।

    यह विवाद तब और गहरा गया जब कोलकाता नगर निगम द्वारा कुछ संपत्तियों की जांच शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई। यह जांच ऐसे समय में शुरू हुई है जब राजनीतिक हलकों में पहले से ही विभिन्न आरोपों को लेकर तनाव बना हुआ है। आरोपों में यह दावा किया जा रहा था कि कुछ संपत्तियों का संबंध अभिषेक बनर्जी और उनके करीबी लोगों से हो सकता है। हालांकि, इन दावों को लेकर अब तक कोई ठोस आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।

    सायनी घोष ने इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस तरह की बातें न केवल गलत हैं बल्कि पूरी तरह से राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी तरह की अफवाह या झूठी खबर को फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कदम उठाया जाएगा। उनके अनुसार, यह प्रयास केवल उनकी और उनकी पार्टी की छवि को खराब करने के लिए किया जा रहा है, जबकि वास्तविकता में इन दावों का कोई आधार नहीं है।

    इस पूरे मामले में राजनीतिक माहौल और अधिक गर्म हो गया है क्योंकि विपक्षी दलों की ओर से पहले ही कई सवाल उठाए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री से जुड़े राजनीतिक विरोधियों ने इन संपत्ति मामलों को लेकर पारदर्शिता की मांग की है और जांच को आगे बढ़ाने की बात कही है। दूसरी ओर, सत्तारूढ़ दल का कहना है कि यह सभी आरोप केवल राजनीतिक लाभ लेने के लिए फैलाए जा रहे हैं और इनका उद्देश्य जनता को भ्रमित करना है।

    सायनी घोष ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि हाल के दिनों में उन्हें व्यक्तिगत रूप से भी निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक दिन पहले ही उन्हें जान से मारने की धमकी मिलने की घटना सामने आई थी और अब उनके खिलाफ झूठी खबरों का सहारा लेकर बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इसे एक सुनियोजित अभियान बताया, जिसका मकसद उनकी आवाज को दबाना है।

    इस पूरे घटनाक्रम ने कोलकाता की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है, जहां एक ओर जांच और आरोपों की प्रक्रिया चल रही है, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। ऐसे में यह मामला केवल संपत्ति विवाद तक सीमित न रहकर राजनीतिक टकराव का एक बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।

    फिलहाल स्थिति यह है कि जांच की प्रक्रिया जारी है, लेकिन किसी भी पक्ष की ओर से आधिकारिक तौर पर ठोस सबूत प्रस्तुत नहीं किए गए हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मामला और अधिक राजनीतिक रूप से संवेदनशील हो सकता है, जिससे राज्य की राजनीति में नई हलचल देखने को मिल सकती है।

  • हापुड़ में प्रॉपर्टी डीलर की दिनदहाड़े हत्या से सनसनी, बीजेपी नेता समेत 8 पर केस दर्ज, एनकाउंटर की मांग पर अड़ी परिवार

    हापुड़ में प्रॉपर्टी डीलर की दिनदहाड़े हत्या से सनसनी, बीजेपी नेता समेत 8 पर केस दर्ज, एनकाउंटर की मांग पर अड़ी परिवार




    नई दिल्ली। हापुड़ में प्रॉपर्टी विवाद को लेकर एक दर्दनाक वारदात सामने आई है, जहां सोमवार रात शादी समारोह से लौट रहे प्रॉपर्टी डीलर अतुल तोमर (32) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना पिलखुआ थाना क्षेत्र के रिलायंस रोड इलाके में हुई, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है।

    जानकारी के अनुसार अतुल तोमर गाजियाबाद के भोजपुर में एक शादी समारोह में शामिल होकर लौट रहे थे, तभी रास्ते में बाइक सवार बदमाशों ने उनकी कार को रोक लिया। आरोप है कि हमलावरों ने पहले कार का शीशा तोड़ने की कोशिश की और फिर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी, जिसमें एक गोली अतुल के सीने में लग गई। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

    परिजनों का आरोप है कि पिछले तीन साल से एक प्लॉट को लेकर विवाद चल रहा था, जिसमें कुछ स्थानीय प्रॉपर्टी डीलर शामिल थे। इसी रंजिश के चलते हत्या को अंजाम दिया गया है। परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि धमकियों के बावजूद पुलिस ने पहले गंभीरता से कार्रवाई नहीं की।

    इस मामले में पुलिस ने बीजेपी जिला मंत्री नवीन तोमर समेत 8 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस के अनुसार, दो आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि मुख्य आरोपी मंजीत सहित अन्य फरार हैं। पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है और सीसीटीवी फुटेज व कॉल डिटेल्स के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

    परिजनों में गुस्सा है और उन्होंने आरोपियों के एनकाउंटर की मांग करते हुए अंतिम संस्कार रोक दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जाएगा।

  • संजय कपूर संपत्ति विवाद में नया मोड़: पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ करेंगे मध्यस्थता, सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी

    संजय कपूर संपत्ति विवाद में नया मोड़: पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ करेंगे मध्यस्थता, सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी

    नई दिल्ली। संजय कपूर की विशाल संपत्ति को लेकर चल रहा पारिवारिक विवाद अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है, जहां कानूनी लड़ाई के साथ-साथ भरोसे और रिश्तों की जटिलता भी सामने आ रही है। लगभग 30 हजार करोड़ की संपत्ति से जुड़े इस मामले ने अब न्यायिक प्रक्रिया के साथ मध्यस्थता का रास्ता पकड़ लिया है, जिससे उम्मीद जताई जा रही है कि लंबे समय से चल रहा यह विवाद किसी समाधान की ओर बढ़ सकेगा।

    सुप्रीम कोर्ट ने इस संवेदनशील मामले को देखते हुए देश के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ को मध्यस्थ के रूप में नियुक्त किया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि यह एक पारिवारिक विवाद है और इसे बातचीत और समझौते के जरिए सुलझाने की हर संभव कोशिश होनी चाहिए। साथ ही, सभी संबंधित पक्षों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे इस मामले पर सार्वजनिक बयान देने से बचें ताकि प्रक्रिया प्रभावित न हो।

    यह विवाद तब और गंभीर हो गया जब परिवार के भीतर संपत्ति और ट्रस्ट को लेकर गंभीर आरोप सामने आए। एक पक्ष का कहना है कि कुछ दस्तावेजों पर बिना पूरी जानकारी के हस्ताक्षर कराए गए और इसी आधार पर संपत्ति को एक फैमिली ट्रस्ट में स्थानांतरित कर दिया गया। इस प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता पर सवाल उठाए गए हैं और इसे धोखाधड़ी से जुड़ा मामला बताया जा रहा है।

    वहीं दूसरी ओर, विरोधी पक्ष इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए ट्रस्ट को वैध और कानूनी रूप से स्थापित संस्था बता रहा है। दोनों पक्षों की दलीलों के बीच मामला और उलझता जा रहा है, जिससे अदालत में कई स्तरों पर सुनवाई चल रही है।

    स्थिति तब और जटिल हो गई जब संजय कपूर के निधन के बाद संपत्ति और कंपनियों के नियंत्रण को लेकर नए विवाद उभर आए। आरोप है कि उनके जाने के बाद कुछ लोगों ने तेजी से निर्णय लेते हुए प्रमुख संपत्तियों और कारोबारी इकाइयों पर नियंत्रण हासिल कर लिया, जिससे परिवार में असंतोष और टकराव बढ़ गया।

    इस पूरे मामले में एक और कानूनी पहलू भी जुड़ा है, जिसमें बच्चों के अधिकारों और संपत्ति में उनके हिस्से को लेकर अलग से दावे किए जा रहे हैं। इससे यह विवाद केवल संपत्ति तक सीमित न रहकर कई कानूनी और पारिवारिक आयामों में बंट गया है।

    सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि यह मामला केवल कानूनी नहीं बल्कि भावनात्मक और पारिवारिक भी है, इसलिए इसका समाधान संवाद के माध्यम से निकलना अधिक उपयुक्त होगा। इसी सोच के तहत पूर्व CJI की मध्यस्थता को एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे दोनों पक्षों के बीच संतुलन बनाकर समाधान खोजने की कोशिश की जाएगी।

    अदालत ने यह भी कहा है कि मध्यस्थता प्रक्रिया की शुरुआती रिपोर्ट देखने के बाद ही आगे की कानूनी दिशा तय की जाएगी। फिलहाल सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या यह प्रयास लंबे समय से चले आ रहे इस विवाद को किसी निष्कर्ष तक पहुंचा पाएगा या यह मामला आगे भी कानूनी लड़ाई के रूप में चलता रहेगा।

  • तानों से टूटा सब्र, कैंसर पीड़ित छोटे भाई ने दोस्त के साथ मिलकर सगे बड़े भाई को उतारा मौत के घाट!

    तानों से टूटा सब्र, कैंसर पीड़ित छोटे भाई ने दोस्त के साथ मिलकर सगे बड़े भाई को उतारा मौत के घाट!


    नई दिल्ली। रिश्तों के कत्ल की एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। भिंड जिले में 11 मार्च को हुई किसान कृष्णकांत पाराशर की हत्या का राज फाश करते हुए पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। अपने ही बड़े भाई के तानों से तंग आकर एक कैंसर पीड़ित नाबालिग ने अपने दोस्त के साथ मिलकर मौत की खौफनाक पटकथा लिखी।

    वारदात की जड़:60 लाख का इलाज और कड़वे बोल
    पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी नाबालिग लंबे समय से कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से जूझ रहा है। उसके इलाज के लिए परिवार को अपनी पैतृक संपत्ति बेचनी पड़ी, जिसमें करीब 60 लाख रुपये खर्च हो गए। इसी आर्थिक तंगी और बीमारी के बोझ के चलते फरवरी में उनके पिता का भी निधन हो गया।

    बड़ा भाई कृष्णकांत अक्सर छोटे भाई को यह कहकर प्रताड़ित करता था कि “तेरी बीमारी की वजह से सब बिक गया और पिता भी चले गए।” इन्हीं तानों से आहत होकर छोटे भाई ने भाई को ही रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया।

    साजिश: मुंबई से कीमो कराकर लौटा और थाम लिया कट्टा
    नाबालिग 9 मार्च को मुंबई से कीमोथेरेपी कराकर लौटा और अपने दोस्त अरमान खान के साथ मिलकर हत्या की प्लानिंग की। अरमान ने दो देसी कट्टे और कारतूसों का इंतजाम किया। 11 मार्च को साजिश के तहत नाबालिग ने कृष्णकांत को मौसी के घर मिलने के बहाने बुलाया। जामपुरा रेलवे लाइन के पास दोनों भाइयों में बहस हुई, हाथापाई के दौरान नाबालिग का निशाना चूक गया, लेकिन पीछे खड़े दोस्त अरमान ने भागते हुए कृष्णकांत पर फायरिंग कर दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

    पुलिस की कार्रवाई: 100 कैमरे और ‘मुंडन’ का खेल
    वारदात के बाद आरोपी मुरैना भाग गए और पहचान छिपाने के लिए अपने सिर मुंडवा लिए। पुलिस अधीक्षक डॉ. असित यादव के नेतृत्व में टीम ने 100 से अधिक CCTV कैमरों को खंगाला। जब नाबालिग घर से गायब मिला, तो पुलिस का शक यकीन में बदल गया। रविवार को मुखबिर की सूचना पर फूप कस्बे के पास एक खाली कमरे से दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।

    दोस्ती या पुरानी दुश्मनी?
    सह-आरोपी अरमान खान के पिता की हत्या 20 साल पहले हुई थी, जिसका आरोप कृष्णकांत के चाचा पर था। पुलिस पूछताछ में अरमान ने कहा कि उसने “दोस्ती निभाने” के लिए गोली चलाई, लेकिन पुलिस इसे पुराने पारिवारिक विवाद और बदले की भावना से भी जोड़कर देख रही है।

    एक और सनसनी: आष्टा में जमीन के लिए दो सगे भाई-बहनों का कत्ल
    अभी भिंड का मामला शांत भी नहीं हुआ था कि सीहोर के आष्टा (धर्मपुरी) से एक और रूह कंपा देने वाली खबर आई। यहाँ जमीन विवाद में एक ताऊ (हरिसिंह मालवीय) ने अपने ही छोटे भाई के दो जवान बच्चों, शीतल (20) और कुलदीप (19) की बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी पिता-पुत्र को हिरासत में ले लिया है।

  • दिनेशपुर में रिश्तों की बलि: जमीन के लालच और आपसी कलह में बहू ने मायके वालों के साथ मिलकर ली सास की जान

    दिनेशपुर में रिश्तों की बलि: जमीन के लालच और आपसी कलह में बहू ने मायके वालों के साथ मिलकर ली सास की जान


    नई दिल्ली । दिनेशपुर उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले में स्थित दिनेशपुर से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ एक ७० वर्षीय बुजुर्ग महिला, संध्या शाह की उनकी अपनी ही बहू और उसके मायके वालों ने मिलकर निर्मम हत्या कर दी। संपत्ति के लालच और घरेलू क्लेश के चलते हुई इस खूनी वारदात ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बहू समेत छह लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच तेज कर दी है।

    बच्ची की बीमारी बनी बहाना, जमीन पर था निशाना

    वारदात की जड़ें पिछले कई सालों से चल रहे पारिवारिक विवाद में दबी हुई थीं। घटना की रात मंगलवार को जब प्रसन्नजीत शाह की छोटी बेटी को बुखार आया, तो उसने अपनी पत्नी सुरभि पर बच्ची की देखभाल में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। यह छोटी सी बहस जल्द ही उग्र हो गई। दरअसल, असली विवाद प्रसन्नजीत द्वारा खरीदे गए एक प्लॉट और पैतृक संपत्ति के पैसों को लेकर था। पत्नी सुरभि चाहती थी कि संपत्ति उसके नाम पर हो, और इसी बात को लेकर घर में पिछले तीन-चार वर्षों से युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई थी।
    कमरे में कैद कर दी दर्दनाक मौत
    बहस के दौरान सुरभि ने अपने मायके वालों को फोन कर मौके पर बुला लिया। आरोप है कि सुरभि की माँ सुजाता, बहन दिशा और भाई अमन अपने अन्य साथियों के साथ वहाँ पहुँचे और तांडव शुरू कर दिया। हमलावरों ने प्रसन्नजीत के साथ मारपीट की और ७० वर्षीय बुजुर्ग संध्या शाह को एक कमरे में बंद कर दिया। बंद कमरे के भीतर बुजुर्ग महिला को बेरहमी से पीटा गया। जब तक पड़ोसियों ने शोर सुनकर हस्तक्षेप किया और पुलिस को सूचना दी, तब तक संध्या शाह मरणासन्न स्थिति में पहुँच चुकी थीं। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    सख्त कार्रवाई की मांग और पुलिसिया जांच
    घटना के बाद जिले के वरिष्ठ अधिकारी, एसएसपी अजय गणपति और एसपी सिटी उत्तम सिंह नेगी ने फॉरेंसिक टीम के साथ मौके का मुआयना किया। मृतका की बेटी रानी ने पुलिस के सामने बिलखते हुए आरोपियों के लिए कड़ी सजा की मांग की है। पुलिस ने प्रसन्नजीत की तहरीर पर बहू सुरभि, सास सुजाता, साली दिशा और साले अमन समेत कुल छह लोगों पर हत्या धारा ३०२ का मामला दर्ज किया है। फिलहाल कुछ आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और पूरे वार्ड में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
    वारदात का संक्षिप्त विवरण:विवरणप्रमुख जानकारीस्थानवार्ड चार, दिनेशपुर, ऊधमसिंह नगर उत्तराखंड मृतकसंध्या शाह उम्र 70 वर्ष मुख्य आरोपीबहू सुरभि शाह और उसके मायके वाले कुल 6 नामजद विवाद की वजहसंपत्ति का लालच और बच्ची की बीमारी पर कहासुनीपुलिस कार्रवाईहत्या का केस दर्ज, फॉरेंसिक साक्ष्य संकलित, आरोपी हिरासत में