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  • इंदौर नगर निगम की अपील आज आखिरी दिन समय पर कर जमा कर पाएं विशेष छूट और बनें शहर विकास के भागीदार

    इंदौर नगर निगम की अपील आज आखिरी दिन समय पर कर जमा कर पाएं विशेष छूट और बनें शहर विकास के भागीदार


    इंदौर । इंदौर नगर निगम की ओर से वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अग्रिम संपत्तिकर और जलकर जमा करने का मंगलवार यानी 30 जून अंतिम दिन है। नगर निगम ने करदाताओं से समय रहते भुगतान करने की अपील की है ताकि वे विशेष छूट का लाभ उठा सकें। अंतिम दिन बड़ी संख्या में लोगों के आने की संभावना को देखते हुए निगम ने सभी कर संग्रह केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं की हैं और काउंटर भी नियमित रूप से संचालित किए जा रहे हैं।

    नगर निगम के अनुसार अग्रिम कर जमा करने वाले नागरिकों को प्रोत्साहन के रूप में संपत्तिकर पर 6.25 प्रतिशत और जलकर पर 6 प्रतिशत की विशेष छूट दी जा रही है। निगम का मानना है कि इस योजना से लोगों को आर्थिक राहत मिलने के साथ नगर निगम के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी जिससे शहर के विकास कार्यों को गति मिलेगी।

    नगर निगम ने इस वर्ष अग्रिम संपत्तिकर और जलकर संग्रह के लिए 140 करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया है। राजस्व प्रभारी निरंजन सिंह चौहान ने बताया कि नागरिकों की अच्छी भागीदारी को देखते हुए उम्मीद है कि तय लक्ष्य से भी अधिक कर संग्रह हो सकता है। पिछले वित्तीय वर्ष में अग्रिम कर के रूप में लगभग 103 करोड़ रुपये जमा हुए थे जबकि इस बार उससे कहीं बेहतर परिणाम मिलने की संभावना जताई जा रही है।

    करदाताओं को जागरूक करने के लिए नगर निगम ने पिछले कई दिनों से व्यापक प्रचार अभियान चलाया। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सूचना प्रसारित की गई और नागरिकों से समय पर कर जमा करने की अपील की गई। महापौर पुष्यमित्र भार्गव और नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने भी लोगों से आग्रह किया कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना अपना कर जमा करें और उपलब्ध छूट का पूरा लाभ उठाएं।

    महापौर ने कहा कि समय पर कर जमा करना केवल नागरिक जिम्मेदारी ही नहीं बल्कि शहर के विकास में सहभागिता का भी महत्वपूर्ण माध्यम है। नगर निगम को मिलने वाला राजस्व सड़क निर्माण स्वच्छता पेयजल व्यवस्था उद्यानों के विकास और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने में उपयोग किया जाता है। इसलिए नागरिकों का सहयोग शहर की प्रगति के लिए बेहद आवश्यक है।

    नगर निगम ने करदाताओं से अपील की है कि यदि उन्होंने अभी तक अपना अग्रिम संपत्तिकर या जलकर जमा नहीं किया है तो आज ही भुगतान कर विशेष छूट का लाभ उठाएं। अंतिम तिथि के बाद यह छूट उपलब्ध नहीं होगी और सामान्य नियमों के अनुसार कर का भुगतान करना होगा।

  • सिंगरौली में टैक्स वसूली का सख्त अभियान: 7 दिन में बकाया नहीं चुकाया तो होगी संपत्ति कुर्की

    सिंगरौली में टैक्स वसूली का सख्त अभियान: 7 दिन में बकाया नहीं चुकाया तो होगी संपत्ति कुर्की


    सिंगरौली । मध्य प्रदेश के सिंगरौली में नगर पालिक निगम ने संपत्ति कर के बकायादारों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। निगम के डिप्टी कमिश्नर आरपी बैस ने औद्योगिक कंपनियों और अन्य बकायादारों को नोटिस जारी करते हुए 7 दिन के भीतर बकाया कर जमा करने के निर्देश दिए हैं। चेतावनी दी गई है कि तय समय सीमा के भीतर भुगतान नहीं होने पर संबंधितों की चल-अचल संपत्ति की कुर्की कर वसूली की जाएगी।

    नगर निगम के इस अभियान का मकसद लंबे समय से बकाया टैक्स वसूली को सुनिश्चित करना है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अब कोई भी करदाता इस मामले में अनदेखी नहीं कर पाएगा। इस अभियान के तहत एक दर्जन से ज्यादा बड़ी कंपनियों को नोटिस जारी किए गए हैं जिसमें कई प्रमुख औद्योगिक प्रतिष्ठान शामिल हैं।

    सूची में डीबीएल कंपनी निगाही पर 4,25,455 रुपये सिक्कल लॉजिस्टिक पर 8,72,328 रुपये पीसी पटेल पर 5,67,674 रुपये और राम किपाल कंपनी पर 2,26,025 रुपये बकाया शामिल हैं। वहीं कन्द्रोई ट्रांसपोर्ट पर 12,83,406 रुपये और विन्ध्या एग्रो इंडस्ट्री पर 12,62,43 रुपये का बकाया दर्ज है। देश की प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी लार्सन एंड टर्बो लिमिटेड पर 8,85,524 रुपये बकाया है। इसके अलावा लोहिया एग्रो राइस मिल रुद्राक्ष हाईटेक विपिन कुमार जायसवाल शिवा इंडस्ट्रीज और भारत पेट्रोलियम सहित अन्य कंपनियों का भी बकाया बताया गया है।

    अन्य बकायादारों में विन्ध्या मेटल्स अब्दुल अहाद बाजार इंडिया होटल सागर नरेश कुमार शाह और सेंट जोसेफ स्कूल शामिल हैं जिन पर लाखों रुपये का टैक्स बकाया है। निगम ने स्पष्ट किया कि समयसीमा समाप्त होने पर चल और अचल संपत्तियों की कुर्की की जाएगी। इसमें बैंक खाते जमीन भवन और अन्य संपत्तियां भी शामिल हो सकती हैं।

    नगर निगम प्रशासन ने बताया कि यह अभियान केवल नोटिस तक सीमित नहीं है। यह सख्ती संदेश देने के लिए है कि नियमों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि लंबे समय से बकाया टैक्स की वसूली न होने से निगम की आय पर असर पड़ा था इसलिए इस बार अभियान तेज और कड़ा किया गया है।

    इस कार्रवाई से न केवल निगम की आय में सुधार की उम्मीद है बल्कि अन्य करदाताओं के लिए भी एक चेतावनी बनकर सामने आया है कि समय पर भुगतान करना कितना जरूरी है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि नोटिस मिलने के बाद बकायादार कंपनियां बकाया जमा कराती हैं या निगम को कुर्की जैसी सख्त कार्रवाई करनी पड़ती है।