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  • Muscle Loss से बचना है तो 35 के बाद बदलें डाइट और टाइमिंग, न्यूट्रिशनिस्ट ने बताए असरदार नियम

    Muscle Loss से बचना है तो 35 के बाद बदलें डाइट और टाइमिंग, न्यूट्रिशनिस्ट ने बताए असरदार नियम


     नई दिल्ली।  उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कई तरह के बदलाव आने लगते हैं और अक्सर 30 से 35 साल के बाद लोग महसूस करने लगते हैं कि पहले जैसी ताकत और ऊर्जा नहीं रही। मांसपेशियां धीरे धीरे ढीली होने लगती हैं और शरीर की फिटनेस कम होने लगती है। मेडिकल भाषा में इस स्थिति को सार्कोपेनिया कहा जाता है। इसमें उम्र बढ़ने के साथ मसल्स मास कम होने लगता है।

    मशहूर न्यूट्रिशनिस्ट लवनीत बत्रा के अनुसार यदि सही डाइट और सही समय पर भोजन की आदत अपनाई जाए तो उम्र बढ़ने के बावजूद शरीर को लंबे समय तक मजबूत और फिट रखा जा सकता है। उनका कहना है कि मसल्स बनाने के लिए केवल अच्छा खाना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि भोजन का समय भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है।

    उनके अनुसार जब भी कोई व्यक्ति वर्कआउट करता है तो उसके बाद मांसपेशियों को रिपेयर और मजबूत होने के लिए प्रोटीन की आवश्यकता होती है। इसलिए एक्सरसाइज के एक से दो घंटे के भीतर 20 से 30 ग्राम हाई क्वालिटी प्रोटीन लेना जरूरी माना जाता है। इससे मसल्स की रिकवरी बेहतर होती है और शरीर की ताकत भी बढ़ती है।

    प्रोटीन के लिए कई अच्छे विकल्प उपलब्ध हैं। अंडे और डेयरी प्रोडक्ट जैसे दूध पनीर और दही शरीर को अच्छा प्रोटीन देते हैं। इसके अलावा चिकन और मछली जैसे लीन मीट भी मसल्स के लिए लाभदायक होते हैं। शाकाहारी लोगों के लिए टोफू और दालें प्रोटीन के अच्छे स्रोत माने जाते हैं।न्यूट्रिशनिस्ट के अनुसार वर्कआउट से पहले भी शरीर को थोड़ी ऊर्जा देना जरूरी होता है। एक्सरसाइज से 30 से 60 मिनट पहले हल्का स्नैक लेना फायदेमंद माना जाता है। इसके लिए ग्रीक योगर्ट या एक मुट्ठी ड्राई फ्रूट जैसे बादाम और अखरोट अच्छे विकल्प हो सकते हैं। इससे वर्कआउट के दौरान मसल्स को नुकसान कम होता है और शरीर बेहतर प्रदर्शन कर पाता है।

    अक्सर लोग वजन कम करने के लिए कार्बोहाइड्रेट और फैट को पूरी तरह छोड़ देते हैं लेकिन ऐसा करना सही नहीं माना जाता। कार्बोहाइड्रेट शरीर को ऊर्जा देने का काम करते हैं। फल सब्जियां और साबुत अनाज शरीर में ग्लाइकोजन स्टोर को भरते हैं जिससे शरीर जल्दी थकता नहीं है।इसी तरह हेल्दी फैट भी शरीर के लिए जरूरी होते हैं। एवोकाडो जैतून का तेल और बादाम जैसे हेल्दी फैट्स हार्मोन को संतुलित रखने में मदद करते हैं और मांसपेशियों को सुरक्षित रखते हैं।स्वस्थ शरीर के लिए पानी का सही मात्रा में सेवन भी बेहद जरूरी है। पर्याप्त पानी पीने से शरीर की परफॉर्मेंस बेहतर होती है और वर्कआउट के बाद रिकवरी भी तेजी से होती है।

    न्यूट्रिशनिस्ट का सुझाव है कि दिन भर में तीन से पांच छोटे मील्स लेना चाहिए और हर मील में प्रोटीन जरूर शामिल होना चाहिए। इससे शरीर को लगातार अमीनो एसिड मिलते रहते हैं और मांसपेशियों की मरम्मत और विकास बेहतर तरीके से होता है।लवनीत बत्रा ने पनीर से जुड़ी एक आसान और स्वादिष्ट रेसिपी भी साझा की है। उन्होंने बताया कि घर में मौजूद पनीर की मदद से बिना किसी प्रोटीन पाउडर के लगभग 25 ग्राम प्रोटीन वाला पौष्टिक मील आसानी से तैयार किया जा सकता है।यदि सही डाइट सही समय और नियमित एक्सरसाइज को जीवनशैली का हिस्सा बना लिया जाए तो 35 साल की उम्र के बाद भी शरीर को मजबूत स्वस्थ और फिट बनाए रखना संभव है।

  • बढ़ती उम्र में मांसपेशियां कमजोर? दही-इडली से रखें मसल्स मजबूत, 60 के बाद भी फिट रहें

    बढ़ती उम्र में मांसपेशियां कमजोर? दही-इडली से रखें मसल्स मजबूत, 60 के बाद भी फिट रहें


    नई दिल्ली । बुढ़ापे में थकान चलने में दिक्कत और गिरने का डर आम बात लगती है लेकिन यह केवल उम्र का खेल नहीं है। इसका मुख्य कारण है सार्कोपेनिया यानी मांसपेशियों का कमजोर होना। 60 की उम्र के बाद शरीर प्रोटीन का सही उपयोग नहीं कर पाता जिससे मसल्स धीरे-धीरे गलने लगती हैं।

    डॉ. शैलेंद्र भदौरिया एमडी-जेरियाट्रिक मेडिसिन एम्स नई दिल्ली बताते हैं कि इस उम्र में मसल्स मजबूत रखने के लिए डाइट और हल्की कसरत दोनों जरूरी हैं। आईसीएमआर और WHO के अनुसार 60+ उम्र में प्रतिदिन प्रति किलो शरीर वजन के हिसाब से 1 ग्राम प्रोटीन लेना चाहिए। उदाहरण के लिए यदि आपका वजन 65 किलो है तो रोजाना 65 ग्राम प्रोटीन शामिल करें।

    मसल स्ट्रेंथ बढ़ाने में फर्मेंटेड फूड्स जैसे दही इडली ढोकला और खमीर वाले अन्य पदार्थ बहुत मददगार हैं। ये प्रोबायोटिक्स से पेट की सेहत सुधारते हैं जिससे प्रोटीन आसानी से पचता और अवशोषित होता है। लेकिन अकेले फर्मेंटेड फूड पर्याप्त नहीं हैं। प्रोटीन की सही मात्रा और हल्की वजन वाली कसरत मिलाकर ही मसल्स मजबूत रह सकती हैं।

    WHO की सलाह के अनुसार 65 साल से ऊपर के लोगों को हफ्ते में कम से कम 2 दिन मसल स्ट्रेंथ बढ़ाने वाली कसरत करनी चाहिए। इसके लिए आसान एक्सरसाइज जैसे कुर्सी से 10 बार उठना-बैठना दीवार के सहारे पुश-अप या पानी की बोतल से वेट लिफ्टिंग करना पर्याप्त है।

    डॉ. भदौरिया बताते हैं कि एक संतुलित दिनचर्या अपनाने से मसल्स कमजोर होने की प्रक्रिया धीमी पड़ती है। उदाहरण के तौर पर:

    सुबह: हल्की एक्सरसाइज + प्रोटीन युक्त नाश्ता

    दोपहर: दाल पनीर और सलाद

    शाम: 20 मिनट वॉक

    रात: हल्की खिचड़ी या पौष्टिक डिनर

    इस तरह नियमित प्रोटीन फर्मेंटेड फूड और हल्की कसरत से 60 पार भी मसल्स मजबूत बनी रह सकती हैं और थकान या गिरने का डर कम होता है। बुढ़ापे में फिट रहने के लिए यह आसान और प्रभावी तरीका माना जाता है।