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  • प्रदर्शन से पहले इमरान की PTI को झटका, CM अफरीदी समेत 25 नेताओं के पासपोर्ट ब्लॉक

    प्रदर्शन से पहले इमरान की PTI को झटका, CM अफरीदी समेत 25 नेताओं के पासपोर्ट ब्लॉक


    इस्लामाबाद। पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तेहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के खिलाफ कानूनी शिकंजा और कस गया है। इस्लामाबाद की आतंकवाद विरोधी अदालत ने खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री मोहम्मद सोहेल अफरीदी समेत 25 PTI नेताओं के पासपोर्ट अगले आदेश तक ब्लॉक रखने का आदेश दिया है। यह कार्रवाई राजधानी के एक पुलिस थाने में दर्ज मामले से जुड़ी है। फैसला ऐसे समय आया है, जब PTI ने 27 सितंबर को देशव्यापी विरोध-प्रदर्शन का ऐलान किया है।

    FIA को पासपोर्ट ब्लॉक रखने के निर्देश

    जज अबुल हसनात मुहम्मद जुल्करनैन ने पुलिस की अर्जी स्वीकार करते हुए फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) को सभी 25 नेताओं के पासपोर्ट अगले आदेश तक ब्लॉक रखने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि उपलब्ध रिकॉर्ड से स्पष्ट है कि इन सभी को मामले में आरोपी बनाया गया है।

    जांच अधिकारी ने अदालत में आशंका जताई कि आरोपी कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए देश छोड़कर फरार हो सकते हैं। पुलिस ने नेताओं पर सरकारी संस्थानों पर हमले और आतंकवाद को बढ़ावा देने जैसे गंभीर आरोप होने की बात कही।

    पुलिस की दलीलों पर अदालत ने यह भी गौर किया कि आरोपी अदालत में पेश नहीं हुए हैं। जिन नेताओं को अंतरिम जमानत मिली थी, उनके बारे में भी पुलिस ने बताया कि वे अभी तक जांच में शामिल नहीं हुए हैं। इसके बाद अदालत ने पासपोर्ट ब्लॉक करने की मांग मंजूर कर ली।

    असद कैसर समेत कई बड़े नाम सूची में

    अदालत के आदेश के दायरे में वरिष्ठ PTI नेता और नेशनल असेंबली के पूर्व स्पीकर असद कैसर भी शामिल हैं। इनके अलावा सांसद शहराम खान तरकई, शाह अहमद, शेर अली अरबाब, मुहम्मद इकबाल अफरीदी, डॉ. अमजद अली, जुनैद अकबर, शाहिद खट्टक, जुबैर वजीर, अरशद उमरज़ई, जर आलम, मियां उमर और अख्तर खान के नाम भी सूची में हैं।

    इन सभी के खिलाफ राजधानी के एक पुलिस थाने में दर्ज मामले के सिलसिले में कार्रवाई की गई है। पुलिस की ओर से पेश जांच के आधार पर अदालत ने माना कि आरोपियों की गैरहाजिरी और जांच में सहयोग नहीं करने की स्थिति में उनके देश छोड़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

    27 सितंबर के प्रदर्शन के लिए समर्थन जुटा रहे थे अफरीदी

    पासपोर्ट ब्लॉक करने का आदेश उस वक्त आया, जब मुख्यमंत्री मोहम्मद सोहेल अफरीदी 27 सितंबर के देशव्यापी प्रदर्शन के लिए समर्थन जुटाने पंजाब के दौरे पर थे। इसी दौरान उन्होंने पंजाब पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए।

    अफरीदी का आरोप है कि पंजाब पुलिस ने उनका अपहरण करने की कोशिश की। उन्होंने दावा किया कि उनके साथ मारपीट और दुर्व्यवहार किया गया और बाद में उन्हें सड़क किनारे छोड़ दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब पुलिस को इस हरकत का जवाब देना होगा और यह कोई मजाक नहीं है।

    पंजाब सरकार से स्पष्टीकरण मांगा

    अफरीदी ने एक प्रांत के मुख्यमंत्री के साथ दूसरे प्रांत की पुलिस के इस कथित व्यवहार को पूरी तरह अस्वीकार्य बताया। उन्होंने पंजाब सरकार से स्पष्टीकरण मांगते हुए सवाल किया कि उनके साथ दुर्व्यवहार क्यों किया गया और उन्हें सड़क किनारे क्यों छोड़ा गया।

    उनके इन आरोपों के बीच PTI की ओर से 27 सितंबर के विरोध-प्रदर्शन की तैयारियां भी जारी हैं। पार्टी के नेताओं और समर्थकों के खिलाफ पहले से ही विरोध-प्रदर्शनों तथा सरकारी संस्थानों के खिलाफ कथित हिंसा से जुड़े कई मामले चल रहे हैं।

    प्रदर्शन से पहले बढ़ा राजनीतिक तनाव

    एक तरफ अदालत ने PTI के 25 नेताओं के पासपोर्ट ब्लॉक करने का आदेश दिया है, वहीं दूसरी तरफ पार्टी के प्रमुख नेताओं में शामिल मुख्यमंत्री अफरीदी ने पंजाब पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ऐसे में 27 सितंबर के प्रस्तावित देशव्यापी प्रदर्शन से पहले पाकिस्तान में राजनीतिक टकराव और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

  • पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान की मौत की अटकलों पर विवाद बढ़ा, सैन्य प्रवक्ता के खंडन के बाद PTI का अलग दावा

    पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान की मौत की अटकलों पर विवाद बढ़ा, सैन्य प्रवक्ता के खंडन के बाद PTI का अलग दावा

    नई दिल्ली । पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के संस्थापक इमरान खान की जेल में मौत की खबर सामने आने के बाद देश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। अमेरिका में रह रहे पत्रकार वजाहत एस. खान ने सैन्य सूत्रों के हवाले से इमरान खान की मौत को लेकर आशंका जताने का दावा किया। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके सूत्रों ने इमरान खान को मृत अवस्था में नहीं देखा है।

    इमरान खान की मौत से जुड़े इस दावे के बाद पाकिस्तान में राजनीतिक और सार्वजनिक स्तर पर चर्चाएं तेज हो गईं। हालांकि, पाकिस्तान सेना के मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस यानी ISPR ने इन खबरों को मनगढ़ंत और झूठा करार दिया है। इसलिए फिलहाल इमरान खान की मौत की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

    इमरान खान अगस्त 2023 से रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं। उनकी गिरफ्तारी के बाद से उनकी पार्टी PTI और पाकिस्तान के सैन्य प्रतिष्ठान के बीच तनाव बना हुआ है। ऐसे में जेल में उनकी स्थिति को लेकर सामने आई किसी भी खबर का राजनीतिक असर काफी व्यापक माना जा रहा है।

    इस बीच PTI ने इमरान खान की स्थिति को लेकर अलग दावा किया है। पार्टी के अनुसार, उनके परिवार के सदस्यों ने जेल की CCTV लाइव फीड में इमरान खान को देखा है। पार्टी का यह दावा सेना की ओर से मौत की खबरों को झूठा बताए जाने के बाद सामने आया है।

    PTI लंबे समय से इमरान खान की स्वास्थ्य स्थिति और जेल में उनके परिवार, वकीलों तथा चिकित्सकों से मुलाकात को लेकर सवाल उठाती रही है। पार्टी का आरोप है कि इमरान खान से मिलने पर प्रतिबंधों के कारण उनके स्वास्थ्य की जानकारी सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं हो पा रही है।

    इमरान खान की बहन डॉ. उजमा और पार्टी नेताओं ने भी उनकी सुरक्षा तथा स्वास्थ्य को लेकर चिंता व्यक्त की है। PTI की ओर से उनकी आंखों की रोशनी और इलाज से जुड़े मुद्दों को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। पार्टी का कहना है कि परिवार और चिकित्सकों को उनसे नियमित मुलाकात की अनुमति मिलनी चाहिए।

    इमरान खान की जेल में स्थिति को लेकर विवाद ऐसे समय सामने आया है जब पाकिस्तान में PTI समर्थक उनकी रिहाई की मांग लगातार उठाते रहे हैं। हाल के दिनों में उनकी रिहाई और राजनीतिक अधिकारों को लेकर समर्थकों की गतिविधियां भी चर्चा में रही हैं।

    इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद पाकिस्तान की राजनीति में PTI और सैन्य प्रतिष्ठान के बीच टकराव लगातार बना हुआ है। ऐसे माहौल में उनकी मौत की अपुष्ट खबर ने राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है। हालांकि, किसी भी दावे की पुष्टि के लिए आधिकारिक जानकारी और विश्वसनीय प्रत्यक्ष प्रमाण जरूरी हैं।

    फिलहाल उपलब्ध जानकारी में इमरान खान की मौत की पुष्टि नहीं हुई है। पाकिस्तान सेना के मीडिया विंग ने मौत से जुड़ी खबरों को झूठा बताया है, जबकि PTI ने CCTV के आधार पर उनके जीवित होने का दावा किया है। इन विरोधाभासी दावों के बीच इमरान खान की वास्तविक स्थिति को लेकर आधिकारिक और स्वतंत्र रूप से सत्यापित जानकारी का इंतजार बना हुआ है।

    ऐसे में सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से सामने आ रही अपुष्ट खबरों को लेकर सावधानी बरतना जरूरी है। इमरान खान की स्थिति से जुड़ी कोई निर्णायक जानकारी सामने आने पर ही उनकी मौत या स्वास्थ्य को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकाला जा सकता है।