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  • शिवपुरी छात्रावास विवाद में बड़ी कार्रवाई: शिकायतों के बाद अधीक्षिका हटाई गईं, जांच में मिलीं गंभीर खामियां

    शिवपुरी छात्रावास विवाद में बड़ी कार्रवाई: शिकायतों के बाद अधीक्षिका हटाई गईं, जांच में मिलीं गंभीर खामियां


    मध्‍य प्रदेश । शिवपुरी में छात्राओं की लगातार शिकायतों के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शासकीय अनुसूचित जाति कन्या पोस्ट मैट्रिक छात्रावास की अधीक्षिका प्रीति सूर्येश को उनके पदभार से हटा दिया है। छात्रावास में व्याप्त अव्यवस्थाओं और अधीक्षिका की कार्यप्रणाली को लेकर छात्राओं द्वारा की गई शिकायतों की जांच के बाद यह निर्णय लिया गया।

    जानकारी के अनुसार छात्रावास में रहने वाली छात्राओं ने 9 जून को आयोजित जनसुनवाई में कलेक्टर के समक्ष अपनी समस्याएं रखी थीं। छात्राओं ने आरोप लगाया था कि छात्रावास में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है और उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। इसके बाद 11 जून को भी छात्राएं कलेक्ट्रेट पहुंचीं और अपनी समस्याओं को विस्तार से प्रशासन के सामने रखा।

    छात्राओं के अनुसार छात्रावास में परोसे जा रहे भोजन में कई बार कीड़े निकल रहे थे। इसके अलावा पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी, शौचालयों की संख्या कम थी तथा साफ-सफाई की स्थिति भी संतोषजनक नहीं थी। छात्राओं ने अधीक्षिका के व्यवहार को लेकर भी शिकायत दर्ज कराई थी। कुछ छात्राओं ने यह आरोप भी लगाया था कि शिकायत करने के बाद उन्हें दबाव में लेने और धमकाने का प्रयास किया गया।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने जांच के आदेश दिए थे। कलेक्टर के निर्देश पर एक विशेष जांच दल का गठन किया गया, जिसने छात्रावास का निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जांच दल ने छात्राओं, कर्मचारियों और संबंधित अभिलेखों के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार कर प्रशासन को सौंपी।

    जांच रिपोर्ट में छात्रावास की व्यवस्थाओं में कई खामियां और अनियमितताएं सामने आने की बात कही गई। साथ ही यह भी पाया गया कि अधीक्षिका प्रीति सूर्येश अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में अपेक्षित स्तर की जिम्मेदारी नहीं निभा पाईं। रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई का निर्णय लिया।

    इसके बाद जिला स्तर पर जारी आदेश में प्रीति सूर्येश को शासकीय अनुसूचित जाति कन्या पोस्ट मैट्रिक छात्रावास, शिवपुरी के अधीक्षकीय प्रभार से तत्काल प्रभाव से मुक्त कर दिया गया। उन्हें अब शासकीय अनुसूचित जनजाति बालक आश्रम शाला, कोटा में शिक्षकीय कार्य के लिए पदस्थ किया गया है।

    वहीं छात्रावास की व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए नई जिम्मेदारी भी तय कर दी गई है। शासकीय अनुसूचित जाति कन्या सीनियर छात्रावास, फतेहपुर में पदस्थ प्राथमिक शिक्षिका अनीता तिग्गा को छात्रावास का नया प्रभार सौंपा गया है। प्रशासन का कहना है कि छात्राओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है और छात्रावासों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    यह कार्रवाई छात्राओं द्वारा उठाई गई समस्याओं पर प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया के रूप में देखी जा रही है। अब छात्राओं को उम्मीद है कि नई व्यवस्था के तहत छात्रावास की मूलभूत सुविधाओं और व्यवस्थाओं में सुधार होगा।

  • देहरादून में जनसुनवाई के दौरान सीएम धामी ने सुनी जनता की फरियाद, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

    देहरादून में जनसुनवाई के दौरान सीएम धामी ने सुनी जनता की फरियाद, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश


    नई दिल्ली। देहरादून में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बार फिर जनता से सीधा संवाद स्थापित करते हुए उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान प्रदेशभर से आए लोगों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा, जिनमें कई मामलों का मौके पर ही समाधान भी किया गया।

    मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों की बातों को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। इस दौरान सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्थिक सहायता से जुड़े कई मामलों पर तत्काल संज्ञान लिया गया और समाधान की प्रक्रिया शुरू की गई।

    सीएम धामी ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की प्राथमिकता जनता को तेज, पारदर्शी और प्रभावी सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी शिकायत के निपटारे में अनावश्यक देरी स्वीकार्य नहीं होगी और हर मामले की नियमित निगरानी की जानी चाहिए।

    उन्होंने कहा कि जनसुनवाई केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का एक प्रभावी माध्यम है। इससे न केवल समस्याओं का समाधान तेजी से होता है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था में भी सुधार आता है।

    कार्यक्रम के दौरान कई लोगों को मौके पर ही राहत मिलने से उनके चेहरों पर संतोष देखने को मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उन योजनाओं का लाभ वास्तविक रूप से जनता तक पहुंचे।

    इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि सभी मामलों को गंभीरता से लिया जाए और उनकी प्रगति पर लगातार नजर रखी जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रशासन को अधिक संवेदनशील और जवाबदेह बनाना है।

    इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक और शैक्षणिक गतिविधियों से जुड़े प्रतिनिधियों ने भी अपनी बात रखी। राज्य में लागू नई नीतियों और विकास कार्यों की सराहना करते हुए उन्होंने सरकार के प्रयासों की प्रशंसा की। उनका कहना था कि नई पहल से राज्य में रोजगार और विकास के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।

    कार्यक्रम में विद्यार्थियों की भागीदारी भी देखने को मिली, जहां उन्होंने सरकारी योजनाओं पर आधारित रचनात्मक प्रस्तुतियां दीं। मुख्यमंत्री ने छात्रों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की गतिविधियां युवाओं में जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना को बढ़ाती हैं।

    उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और युवा विकास को प्राथमिकता देते हुए लगातार कार्य कर रही है। आने वाले समय में भी जनकल्याणकारी योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया जाएगा।