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  • राहुल गांधी ने शुरू की ‘सत्याग्रह’ पहल, लोगों से अन्याय और अधिकारों से जुड़े संघर्ष की कहानी भेजने की अपील

    राहुल गांधी ने शुरू की ‘सत्याग्रह’ पहल, लोगों से अन्याय और अधिकारों से जुड़े संघर्ष की कहानी भेजने की अपील

    नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने देशभर में अपने अधिकारों और अलग-अलग मुद्दों को लेकर संघर्ष कर रहे लोगों की आवाज को एक मंच पर लाने के लिए ‘सत्याग्रह’ नाम से डिजिटल पहल शुरू की है। उन्होंने शनिवार को लोगों से अपील की कि जो भी व्यक्ति किसी अन्याय के खिलाफ लड़ रहा है, वह अपनी कहानी साझा करे। इस पहल के तहत लोगों के संघर्ष और आंदोलनों की जानकारी एक डिजिटल नक्शे पर दिखाई जाएगी, जिससे समान मुद्दों को लेकर संघर्ष कर रहे अन्य लोगों और समूहों के बारे में भी जानकारी मिल सकेगी। राहुल गांधी ने कहा कि नेता विपक्ष के तौर पर वह संसद से लेकर सड़क तक जरूरत पड़ने पर लोगों के साथ खड़े रहेंगे।

    राहुल गांधी ने कहा कि देशभर में लोग अपने हक के लिए लड़ रहे हैं और अक्सर उनकी लड़ाई अकेले रह जाती है। उन्होंने जेन-जी, छात्रों, किसानों, आदिवासियों, दलितों और महिलाओं के संघर्षों का उल्लेख करते हुए कहा कि हर संघर्ष की अपनी कहानी है, लेकिन अकेले उठने वाली आवाज अक्सर दब जाती है। उनके अनुसार, ‘सत्याग्रह’ का उद्देश्य इन आवाजों को एक साथ लाना है। उन्होंने महात्मा गांधी की विचारधारा का उल्लेख करते हुए कहा कि सत्य एक बड़ा हथियार है और सत्य के साथ एकजुट होकर खड़ा होना उससे भी अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने लोगों से अपनी कहानी साझा करने को कहा और बताया कि इसमें करीब दो मिनट लगेंगे।

    इस पहल का नाम महात्मा गांधी के सत्याग्रह से जुड़ा है। गांधी हेरिटेज पोर्टल महात्मा गांधी के जीवन, लेखन, सत्याग्रह और अन्य गतिविधियों से जुड़े दस्तावेजों का डिजिटल संग्रह उपलब्ध कराता है। उपलब्ध आधिकारिक रिकॉर्ड में गांधीजी के लेखन और पत्राचार का व्यापक संग्रह दर्ज है। हालांकि, दी गई खबर में गांधीजी को भेजे गए 8,500 से अधिक पत्रों का जो विशेष आंकड़ा बताया गया है, उसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध स्रोतों से स्पष्ट रूप से नहीं हो सकी। आधिकारिक अभिलेखों में गांधीजी से संबंधित पत्रों का बड़ा संग्रह दर्ज होने की जानकारी उपलब्ध है।

    राहुल गांधी की इस पहल के साथ देश में चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों का भी उल्लेख किया गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्षी दलों, छात्र संगठनों और अन्य समूहों की ओर से प्रदर्शन किए गए हैं। 2 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन किया और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई। इसी बीच विपक्षी सांसदों के 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च करने की योजना भी घोषित की गई थी।

    मतदाता सूची से जुड़े विवाद के बीच फॉर्म-6 में बदलाव, मतदाता डेटा तक राज्यों की पहुंच, पश्चिम बंगाल में अपीलों और गोवा के 97 मतदाताओं से जुड़े मुद्दों को लेकर सवाल उठाए गए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के सॉफ्टवेयर में बदलावों की समीक्षा शुरू की है और एक समिति को इसकी जांच की जिम्मेदारी दी है। राहुल गांधी की ‘सत्याग्रह’ पहल ऐसे समय में सामने आई है, जब देशभर में अलग-अलग मुद्दों को लेकर चल रहे आंदोलनों और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े विवाद सार्वजनिक चर्चा में हैं।

  • जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता, गोरखपुर में CM योगी ने जनता दर्शन में सुनीं 200 फरियादियों की शिकायतें

    जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता, गोरखपुर में CM योगी ने जनता दर्शन में सुनीं 200 फरियादियों की शिकायतें

    गोरखपुर । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने तीन दिवसीय गोरखपुर प्रवास के दौरान शुक्रवार को गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे करीब 200 फरियादियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनका प्रभावी तथा समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक शिकायत को पूरी संवेदनशीलता के साथ सुना जाए और उसका ऐसा समाधान किया जाए जिससे शिकायतकर्ता पूरी तरह संतुष्ट हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसमस्याओं के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी मामलों पर गंभीरता से कार्रवाई की जाए।

    मुख्यमंत्री ने जनता दर्शन में पहुंचे लोगों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार प्रत्येक नागरिक की समस्या के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जनसेवा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और लोगों को न्याय तथा राहत दिलाने में किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाएगी।

    जनता दर्शन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग अपनी व्यक्तिगत, सामाजिक, राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य और अन्य प्रशासनिक समस्याएं लेकर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को कई मामलों में तत्काल कार्रवाई के निर्देश भी दिए।

    जनता दर्शन में शामिल होने के लिए किसी विशेष पंजीकरण की आवश्यकता नहीं होती। कोई भी नागरिक सीधे कार्यक्रम में पहुंचकर अपनी शिकायत मुख्यमंत्री और संबंधित अधिकारियों के सामने रख सकता है। हालांकि प्रशासन नागरिकों को सलाह देता है कि वे अपनी शिकायत पहले से ही जनसुनवाई पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज करा दें, ताकि उसका रिकॉर्ड उपलब्ध रहे और सुनवाई के दौरान प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जा सके।

    सरकार की ओर से यह भी बताया गया है कि जनता दर्शन के समय और स्थान में प्रशासनिक आवश्यकता के अनुसार बदलाव संभव है। इसलिए नागरिकों को किसी भी आधिकारिक सूचना के लिए राज्य सरकार के अधिकृत पोर्टल या जनसुनवाई पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

  • मुख्यमंत्री योगी का जनता से सीधा संवाद, फरियादियों को दिया भरोसा- हर पीड़ित को मिलेगा न्याय

    मुख्यमंत्री योगी का जनता से सीधा संवाद, फरियादियों को दिया भरोसा- हर पीड़ित को मिलेगा न्याय

    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर अपनी जनसुनवाई व्यवस्था ‘जनता दर्शन’ के माध्यम से आम लोगों से सीधा संवाद स्थापित किया। व्यस्त सरकारी कार्यक्रमों के बीच आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने हर व्यक्ति की बात गंभीरता से सुनी और भरोसा दिलाया कि सरकार जनता की सेवा, सुरक्षा और सुशासन के संकल्प के साथ पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री का संवेदनशील और सहज व्यवहार लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।

    जनता दर्शन में पहुंचे फरियादियों ने भूमि विवाद, कानून व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधाओं और सरकारी योजनाओं से जुड़ी समस्याएं मुख्यमंत्री के सामने रखीं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का तय समय सीमा के भीतर निष्पक्ष और प्रभावी समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी पीड़ित व्यक्ति को न्याय के लिए भटकना नहीं पड़ना चाहिए और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि हर जरूरतमंद तक राहत पहुंचे। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को व्यक्तिगत रूप से मामलों की निगरानी करने के निर्देश भी दिए।

    कार्यक्रम के दौरान एक ऐसा भावुक क्षण भी सामने आया जिसने सभी का ध्यान आकर्षित किया। बिहार से आई एक महिला मुख्यमंत्री से मिलने पहुंची थीं। जब मुख्यमंत्री उनके पास पहुंचे और उनकी समस्या के बारे में पूछा तो महिला ने बताया कि उन्हें कोई परेशानी नहीं है, वह केवल मुख्यमंत्री के दर्शन करने आई हैं। महिला की इस बात पर मुख्यमंत्री मुस्कुराए और आत्मीयता के साथ उनका अभिवादन किया। इसके बाद उन्होंने महिला और वहां मौजूद अन्य लोगों से भीषण गर्मी में सावधानी बरतने और अपने परिवार का विशेष ध्यान रखने की अपील की। मुख्यमंत्री का यह सहज व्यवहार कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच चर्चा का केंद्र बन गया।

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि गरीबों, जरूरतमंदों और पात्र लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के पहुंचना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से भूमि कब्जाने वाले भू-माफियाओं और दबंग तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही राजस्व और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक मशीनरी का उद्देश्य केवल फाइलों का निस्तारण नहीं बल्कि लोगों को वास्तविक राहत पहुंचाना होना चाहिए।

    जनता दर्शन कार्यक्रम लंबे समय से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली का अहम हिस्सा रहा है। इस मंच के जरिए आम नागरिक सीधे मुख्यमंत्री तक अपनी बात पहुंचा पाते हैं। कार्यक्रम में अक्सर ऐसे दृश्य देखने को मिलते हैं जहां लोग अपनी समस्याओं के साथ-साथ मुख्यमंत्री के प्रति विश्वास और समर्थन भी व्यक्त करते हैं। यही कारण है कि जनता दर्शन केवल शिकायत सुनने का मंच नहीं बल्कि सरकार और जनता के बीच संवाद का एक मजबूत माध्यम बन चुका है।

    सोमवार को आयोजित इस कार्यक्रम ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि सरकार प्रशासनिक स्तर पर सक्रियता बनाए रखने के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं को भी प्राथमिकता दे रही है। जनता की समस्याओं के समाधान के साथ मुख्यमंत्री का सहज व्यवहार और संवेदनशील संवाद लोगों के बीच सकारात्मक संदेश छोड़ गया।