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  • दतिया में रेलवे मार्ग बंद होने पर बवाल, 1000 लोगों के सामने संकट

    दतिया में रेलवे मार्ग बंद होने पर बवाल, 1000 लोगों के सामने संकट


    मध्य प्रदेश । दतिया रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-1 के पास स्थित रामनगर डेरा, पीताम्बरा कॉलोनी, विला कॉलोनी और मिश्रा कॉलोनी के रहवासियों ने सोमवार सुबह कलेक्ट्रेट पहुंचकर विरोध दर्ज कराया। लोगों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए रेलवे प्रशासन द्वारा पुराने आवागमन मार्ग को बंद किए जाने की कार्रवाई पर आपत्ति जताई।

    रहवासियों का आरोप है कि रेलवे विभाग उस रास्ते को बंद करने की तैयारी कर रहा है, जिसका उपयोग वर्षों से स्थानीय लोग आवागमन के लिए करते आ रहे हैं। उनका कहना है कि इस मार्ग के बंद होने से करीब एक हजार से अधिक लोगों के सामने गंभीर आवागमन संकट खड़ा हो जाएगा।

    लोगों ने बताया कि यह मार्ग आजादी से पहले से उपयोग में है और पुराने रेलवे स्टेशन के टिकट घर के पास से रामनगर डेरा और बाजनी क्षेत्र की ओर जाने के लिए बनाया गया था। यह भूमि खसरा क्रमांक 613/701 में मध्यप्रदेश शासन के नाम दर्ज है, और लंबे समय से लोग इसी रास्ते का उपयोग कर रहे हैं।

    रहवासियों ने यह भी बताया कि नए रेलवे स्टेशन के निर्माण के दौरान पुराने रास्ते के स्थान पर एक वैकल्पिक मार्ग बनाया गया था, जिससे वर्तमान में कॉलोनियों और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की आवाजाही हो रही है। लेकिन अब उसी वैकल्पिक मार्ग को भी बंद करने की तैयारी की जा रही है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है।

    स्थानीय लोगों का आरोप है कि मौके पर गिट्टी, रेत और ईंट जैसे निर्माण सामग्री एकत्र की जा रही है, जिससे संकेत मिलता है कि रास्ता बंद करने का काम जल्द शुरू हो सकता है।

    प्रभावित कॉलोनियों में बड़ी संख्या में शासकीय कर्मचारी, व्यापारी और किसान परिवार रहते हैं। वहीं स्कूल जाने वाले बच्चों और ग्रामीणों की दैनिक आवाजाही भी इसी मार्ग पर निर्भर है। लोगों का कहना है कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बनी सड़क भी इसी रास्ते से जुड़ी हुई है, ऐसे में रास्ता बंद होने पर पूरी कनेक्टिविटी प्रभावित हो जाएगी।

    रहवासियों ने कलेक्टर से मांग की है कि रेलवे द्वारा किए जा रहे किसी भी निर्माण कार्य को तत्काल रोका जाए और आमजन के लिए यह मार्ग सुरक्षित रखा जाए। ज्ञापन सौंपते समय बड़ी संख्या में कॉलोनीवासी और ग्रामीण मौजूद रहे।

  • महू में अंबेडकर जयंती पर बवाल श्रद्धालुओं से धक्का मुक्की पुलिस के रवैये पर उठे सवाल

    महू में अंबेडकर जयंती पर बवाल श्रद्धालुओं से धक्का मुक्की पुलिस के रवैये पर उठे सवाल

    इंदौर । मध्यप्रदेश के महू में अंबेडकर जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान उस समय विवाद खड़ा हो गया जब श्रद्धा और उत्साह के बीच पुलिस के व्यवहार को लेकर सवाल उठने लगे। डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर की जन्मस्थली पर देशभर से हजारों अनुयायी पहुंचे थे और पूरे क्षेत्र में आस्था का माहौल बना हुआ था।

    सुबह से ही लोग अपने परिवारों के साथ बाबा साहेब को नमन करने और इस खास दिन को यादगार बनाने के लिए वहां एकत्रित हो रहे थे। कई श्रद्धालु जन्मस्थली परिसर में फोटो और वीडियो के जरिए इस पल को सहेज रहे थे। इसी दौरान आरोप है कि वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने अचानक लोगों को हटाना शुरू कर दिया।

    प्रत्यक्षदर्शियों और श्रद्धालुओं का कहना है कि बिना किसी स्पष्ट सूचना के पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए लोगों को पीछे हटने के लिए मजबूर किया। इस दौरान कई लोगों के साथ धक्का मुक्की भी हुई जिससे माहौल बिगड़ गया और मौके पर अफरा तफरी मच गई। दूर दराज से आए अनुयायियों ने इस व्यवहार का विरोध किया और नाराजगी खुलकर सामने आई।

    देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और लोगों ने मौके पर ही नारेबाजी शुरू कर दी। श्रद्धालुओं का आरोप था कि उन्हें सम्मान के साथ श्रद्धांजलि देने का मौका नहीं दिया जा रहा है और उनके साथ अनावश्यक सख्ती बरती जा रही है।

    सूत्रों के अनुसार यह पूरा घटनाक्रम उस समय सामने आया जब मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा किया जा रहा था। वीआईपी मूवमेंट के मद्देनजर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सख्त कदम उठाए लेकिन यह सख्ती कई लोगों को नागवार गुजरी।

    इस घटना ने एक अहम सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर आम श्रद्धालुओं की भावनाओं और गरिमा को नजरअंदाज किया जा सकता है। आस्था के इस बड़े आयोजन में बेहतर भीड़ प्रबंधन और संवेदनशील व्यवहार की अपेक्षा की जाती है ताकि किसी भी तरह का विवाद पैदा न हो।

    फिलहाल यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और प्रशासन की ओर से स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। लोगों की मांग है कि भविष्य में ऐसे आयोजनों में बेहतर व्यवस्था और मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाए ताकि श्रद्धा और सम्मान का माहौल बना रहे।