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  • सस्ते कार लोन की दौड़: सरकारी बैंक दे रहे 7.50% से भी कम दर पर ऑफर!

    सस्ते कार लोन की दौड़: सरकारी बैंक दे रहे 7.50% से भी कम दर पर ऑफर!


    नई दिल्ली। अगर आप नई कार खरीदने के लिए ₹12 लाख का लोन लेने की सोच रहे हैं और सबसे कम ब्याज दर पर EMI चाहते हैं, तो कुछ सरकारी बैंक (Public Sector Banks) अभी भी सबसे बेहतर विकल्प साबित हो रहे हैं। जनवरी 2026 में कई प्रमुख सरकारी बैंकों ने कार लोन की ब्याज दरें 7.40% से शुरू रखी हैं, खासकर अच्छे CIBIL स्कोर वाले ग्राहकों के लिए। हालांकि वास्तविक ब्याज दर आपकी क्रेडिट प्रोफाइल, CIBIL स्कोर और बैंक संबंध पर निर्भर करेगी। सबसे सस्ती दर आम तौर पर उन्हीं ग्राहकों को मिलती है जिनका सिबिल स्कोर शानदार होता है।

    इन बैंकों की खास बात यह है कि वे प्री-पेमेंट पेनल्टी भी नहीं वसूल रहे हैं, यानी आप चाहें तो पहले भी लोन चुका सकते हैं बिना अतिरिक्त शुल्क के। कम ब्याज दर का फायदा यह होता है कि न सिर्फ मासिक EMI कम होगी, बल्कि कुल ब्याज भुगतान भी काफी बच जाएगा।

    सबसे पहले इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) का नाम आता है, जो नई कार के लिए 7.60% सालाना ब्याज दर पर लोन दे रहा है। बैंक की सुविधा के अनुसार यह लोन 84 महीने (7 साल) में चुकाया जा सकता है।

    इस लोन में पति/पत्नी, बेटा, बेटी, पिता, माता आदि की इनकम जोड़कर लोन की पात्रता बढ़ाई जा सकती है।

    दूसरा बैंक है केनरा बैंक, जो कार या व्हीकल लोन पर 7.95% सालाना दर पर लोन दे रहा है। यहां लोन की कोई ऊपरी सीमा नहीं है और नई गाड़ी के लिए 90% तक फाइनेंसिंग उपलब्ध है। इसके साथ ही, केनरा बैंक भी प्री-पेमेंट पेनल्टी नहीं वसूलता। इसके अलावा, इस बैंक से आप दूसरी और की गाड़ियों के लिए भी फाइनेंसिंग ले सकते हैं।

    तीसरा विकल्प है यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, जहां कार लोन की शुरुआती दर 7.50% है। यदि आपका सिबिल स्कोर अच्छा है और बाकी पात्रता पूरी होती है, तो आपको इतनी सस्ती दर पर लोन मिल सकता है।

    नई चार पहिया गाड़ी खरीदने पर इस बैंक में ₹1000 + GST प्रोसेसिंग फीस देनी होती है।

    चौथा बैंक है बैंक ऑफ इंडिया (BOI), जो 7.60% की शुरुआती ब्याज दर पर नई कार लोन दे रहा है। इस बैंक में ब्याज Daily Reducing Balance के आधार पर लिया जाता है, यानी हर घटते बैलेंस पर ब्याज कम होता जाता है। प्रोसेसिंग चार्ज लोन अमाउंट का 0.25% तक हो सकता है, जो ₹2,500 से ₹10,000 के बीच तय होता है। अगर आप इलेक्ट्रिक व्हीकल खरीद रहे हैं, तो प्रोसेसिंग फीस में 50% की छूट भी मिलती है।

    अब अगर आप यूनियन बैंक ऑफ इंडिया से ₹12 लाख का कार लोन 4 साल (48 महीने) के लिए लेते हैं, तो 7.50% की शुरुआती दर पर EMI की गणना के अनुसार आपकी मंथली EMI ₹29,014.68 बनेगी। इस लोन पर कुल ₹1,92,704.75 ब्याज देना होगा और आप बैंक को कुल ₹13,92,704.75 चुकाएंगे।

    इन सरकारी बैंकों के ऑफर खासकर उन ग्राहकों के लिए फायदेमंद हैं जिनका CIBIL स्कोर अच्छा है और वे कम ब्याज दर पर EMI लेकर कार खरीदना चाहते हैं।

  • बैंकों ने 27 जनवरी को हड़ताल का ऐलान, लगातार 4 दिन रहेंगे बंद, कर्मचारी कर रहे 5 दिन के कार्य सप्ताह की मांग

    बैंकों ने 27 जनवरी को हड़ताल का ऐलान, लगातार 4 दिन रहेंगे बंद, कर्मचारी कर रहे 5 दिन के कार्य सप्ताह की मांग


    नई दिल्ली । जनवरी के आखिरी हफ्ते में बैंकिंग सेवाओं से जुड़े किसी काम की योजना बना रहे लोगों के लिए एक बड़ी खबर है। बैंक कर्मचारियों ने 27 जनवरी 2026 को राष्ट्रव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। इस हड़ताल का कारण है कर्मचारियों द्वारा की जा रही 5 डेज वीक की मांग। यदि हड़ताल होती है तो बैंकों का काम लगातार चार दिनों तक ठप रहेगा क्योंकि 24 जनवरी को चौथा शनिवार 25 जनवरी को रविवार और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस की छुट्टी होगी। ऐसे में 27 जनवरी को होने वाली हड़ताल से बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह से प्रभावित हो सकती हैं।

    क्यों हो रही है हड़ताल

    बैंक कर्मचारियों का संघ, यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) ने 5 दिन का कार्य सप्ताह लागू करने की मांग की है। वर्तमान में बैंक कर्मचारियों को हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को अवकाश मिलता है, जबकि रविवार के दिन भी अवकाश होता है। कर्मचारियों का कहना है कि मार्च 2024 में हुए वेतन संशोधन समझौते के तहत भारतीय बैंकों के संघ आईबीए और यूएफबीयू के बीच सहमति बनी थी कि वे हर महीने के दो शनिवारों को अवकाश देंगे लेकिन अभी तक इसे लागू नहीं किया गया है।

    यूनियन ने इस संबंध में एक बयान जारी किया है जिसमें उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार उनकी वास्तविक मांग पर ध्यान नहीं दे रही है। संघ का कहना है कि यदि 5 डेज वीक लागू किया जाता है तो वे हर दिन 40 मिनट अतिरिक्त काम करने के लिए तैयार हैं जिससे कार्य समय में कोई कमी नहीं होगी।

    क्या हैं बैंकों की मुख्य मांगें

    संघ का कहना है कि अन्य सरकारी संस्थान जैसे कि आरबीआई भारतीय रिजर्व बैंक एलआईसी भारतीय जीवन बीमा निगम जीआईसी जनरल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन पहले से ही सप्ताह में 5 दिन काम कर रहे हैं। इसके अलावा, विदेशी मुद्रा बाजार, करेंसी मार्केट और स्टॉक एक्सचेंज जैसे वित्तीय बाजार भी शनिवार को बंद रहते हैं। ऐसे में बैंकों द्वारा सप्ताह में पांच दिन काम करने की कोई वजह नहीं बनती।

    यूएफबीयू के बारे में

    यूएफबीयू भारत के नौ प्रमुख बैंक यूनियनों का एक संगठन है। यह संगठन सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और कुछ पुराने निजी बैंकों के कर्मचारियों और अधिकारियों का प्रतिनिधित्व करता है। संघ ने कहा कि उनकी सोशल मीडिया अभियान को जबरदस्त समर्थन मिला है, जिसमें 18 लाख से अधिक इंप्रेशन और पूर्व में ट्विटर पर लगभग 2,85,200 पोस्ट्स मिली हैं।

    आगे क्या होगा
    27 जनवरी को होने वाली इस हड़ताल से बैंकिंग सेवाओं का संचालन प्रभावित हो सकता है। यह हड़ताल एक दिन की होगी, लेकिन इसके कारण बैंकों की सेवाएं तीन दिन तक ठप रह सकती हैं। क्योंकि हड़ताल के दिन के अलावा, 24, 25, और 26 जनवरी को पहले से ही छुट्टियां हैं। इसलिए अगर आप जनवरी के अंत में किसी बैंक से जुड़ा काम निपटाना चाहते हैं तो इसे पहले के हफ्ते में निपटा लें या फिर आपको अगले महीने तक का इंतजार करना पड़ सकता है।

    हालांकि यूएफबीयू ने स्पष्ट किया है कि वे किसी भी प्रकार के अतिरिक्त कार्यभार के लिए तैयार हैं बशर्ते उन्हें सप्ताह में पांच दिन काम करने का अवसर मिले। कर्मचारियों का कहना है कि यह कदम न केवल उनके लिए बल्कि ग्राहकों के लिए भी सुविधाजनक होगा क्योंकि इससे बैंकों का कामकाज और भी व्यवस्थित हो सकता है।