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  • आधी रात को पुणे एयरपोर्ट पर फाइटर जेट की हार्ड लैंडिंग….अस्थाई रूप से बंद करना पड़ा रनवे

    आधी रात को पुणे एयरपोर्ट पर फाइटर जेट की हार्ड लैंडिंग….अस्थाई रूप से बंद करना पड़ा रनवे


    पुणे।
    भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) के फाइटर जेट की हार्ड लैंडिंग (IAF fighter jet Hard Landing) के कारण आधी रात को पुणे एयरपोर्ट (Pune Airport) ही बंद करना पड़ गया। पुणे एयरपोर्ट पर शुक्रवार की रात को इंडियन एयरफोर्स के फाइटर एयरक्राफ्ट की हार्ड लैंडिंग हुई. इसके कारण ही रनवे को बंद कर दिया गया। राहत की बात है कि पायलट सुरक्षित है और किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ है।

    अधिकारियों ने जानकारी दी कि भारतीय वायुसेना का एक फाइटर जेट के हार्ड लैंडिंग से जुड़ी घटना के बाद शुक्रवार को पुणे एयरपोर्ट का रनवे अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया. उसने कहा कि रनवे को फिर से चालू करने के प्रयास जारी हैं।

    इंडियन एयरफोर्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, ‘ भारतीय वायुसेना के एक विमान से जुड़ी घटना के कारण पुणे का रनवे अस्थायी रूप से बंद है. विमान का क्रू सुरक्षित है और किसी भी आम नागरिक की संपत्ति को कोई नुकसान नहीं हुआ है.’ उसने कहा, ‘रनवे को फिर से चालू करने और जल्द से जल्द सामान्य परिचालन शुरू करने के प्रयास जारी हैं.’

    यह पुणे एयरपोर्ट यानी हवाई अड्डा ‘दोहरे उपयोग वाले मॉडल’ पर काम करता है. इसमें आम नागरिकों की कमर्शियल उड़ानों को एक सक्रिय वायु सेना स्टेशन के साथ जोड़ा जाता है. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि वायुसेना के एक विमान की ‘हार्ड लैंडिंग’ हुई, लेकिन उन्होंने इस बारे में और कोई जानकारी देने से मना कर दिया।

    पुणे इंटरनेशनल एयरपोर्ट के अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार की रात करीब 10:25 बजे लैंडिंग के दौरान भारतीय वायुसेना का एक लड़ाकू विमान का अंडरकैरिज (पहिए) खराब हो गया. इसके चलते हार्ड लैंडिंग हुई और फिर पूरा रनवे बंद हो गया. उन्होंने कहा, ‘भारतीय वायुसेना के ATC के अनुसार रनवे को साफ करने और सामान्य परिचालन बहाल करने में 4-5 घंटे लगेंगे.’


    केंद्रीय मंत्री ने क्या कहा

    केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने हवाई अड्डे पर रनवे का परिचालन रोके जाने की पुष्टि की. मुरलीधर मोहोल ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘शुक्र है कि विमान का क्रू सुरक्षित है और किसी भी आम नागरिक की संपत्ति को कोई नुकसान नहीं हुआ है. एयरलाइंस को सूचित कर दिया गया है और रनवे पर सामान्य परिचालन बहाल करने में लगभग 5 घंटे लग सकते हैं.’ उन्होंने कहा, ‘मैं हवाई अड्डे के निदेशक और वायु सेना के अधिकारियों के लगातार संपर्क में हूं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि स्थिति जल्द से जल्द सुलझ जाए।

  • एयर इंडिया की अव्यवस्था से इंदौर के दंपती को 16 घंटे की परेशानी पुणे एयरपोर्ट पर रात कुर्सियों पर काटी

    एयर इंडिया की अव्यवस्था से इंदौर के दंपती को 16 घंटे की परेशानी पुणे एयरपोर्ट पर रात कुर्सियों पर काटी


    इंदौर से खबर है कि एयर इंडिया की उड़ानों में लगातार देरी और वैकल्पिक व्यवस्था की कमी के कारण खातीवाला टैंक निवासी आईटी पेशेवर योगेश वाधवानी और उनकी पत्नी खुशबू को केरल यात्रा से लौटते समय गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ा। दंपती को न तो पुणे एयरपोर्ट पर ठहरने की सुविधा मिली और न ही भोजन उपलब्ध कराया गया। परिणामस्वरूप उन्हें पूरी रात एयरपोर्ट की कुर्सियों पर बितानी पड़ी और इंदौर की वापसी तय समय से करीब 16 घंटे बाद संभव हो सकी।

    योगेश और खुशबू सात दिन के केरल प्रवास के बाद सोमवार को कोच्चि से इंदौर लौट रहे थे। उनकी टिकट एयर इंडिया की कनेक्टिंग फ्लाइट-कोच्चि से दिल्ली और फिर दिल्ली से इंदौर-के लिए थी। यात्रा मंगलवार सुबह इंदौर पहुंचकर पूरी हुई। लेकिन कोच्चि से दिल्ली की फ्लाइट का समय कई बार बदला गया। पहले दोपहर 1:20 बजे, फिर 4:30 और 5:30 बजे का अपडेट दिया गया। अंततः विमान शाम 5:42 बजे रवाना हुआ और रात 8:21 बजे दिल्ली पहुंचा। इस देरी के कारण दंपती की दिल्ली–इंदौर कनेक्टिंग फ्लाइट छूट गई।

    योगेश ने बताया कि दिल्ली पहुंचने पर उन्हें उसी रात इंदौर भेजा जा सकता था, लेकिन एयर इंडिया ने वैकल्पिक तौर पर उन्हें पुणे भेज दिया। रात करीब 2:30 बजे पुणे पहुंचने के बाद न तो एयरलाइन ने ठहरने की व्यवस्था की और न ही भोजन उपलब्ध कराया। मजबूरी में दोनों ने एयरपोर्ट की कुर्सियों पर रात बिताई। अगले दिन सुबह एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट से दंपती सुबह 9:10 बजे इंदौर पहुंचे।दंपती ने आरोप लगाया कि एयर इंडिया ने DGCA के दिशानिर्देशों का पालन नहीं किया। नियमों के मुताबिक घरेलू उड़ान में दो घंटे से अधिक देरी होने पर यात्रियों को भोजन और रिफ्रेशमेंट देना अनिवार्य है। अगर देरी रातभर की हो तो होटल या लाउंज की व्यवस्था भी जरूरी है। इसके अलावा, ऑपरेशनल कारणों से हुई देरी पर यात्रियों को दूरी और समय के आधार पर 5,000 से 10,000 रुपये तक मुआवजा मिलने का प्रावधान है।

    पीड़ित दंपती ने बताया कि उन्होंने एयरलाइन अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इस मामले ने एक बार फिर यात्रियों की सुविधा और एयरलाइनों की जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ती हवाई यात्राओं के बीच एयरलाइनों को वैकल्पिक व्यवस्था और ग्राहक सहायता पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए ताकि यात्रियों को अनावश्यक मानसिक और शारीरिक कष्ट न झेलना पड़े।