Tag: Punjab Blast

  • पंजाब में धमाकों से दहशत! BSF HQ और आर्मी कैंप बने निशाना, DGP ने बताया PAK लिंक,CM ने लगाया सियासी साजिश का आरोप

    पंजाब में धमाकों से दहशत! BSF HQ और आर्मी कैंप बने निशाना, DGP ने बताया PAK लिंक,CM ने लगाया सियासी साजिश का आरोप


    नई दिल्ली। पंजाब में एक ही रात के भीतर हुए दो धमाकों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है और सियासत भी गरमा गई है। जालंधर में बीएसएफ हेडक्वार्टर के बाहर और अमृतसर में आर्मी कैंप के पास हुए धमाकों को लेकर कई बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।

    मंगलवार रात करीब 8 बजे जालंधर के BSF चौक के पास एक एक्टिवा के नजदीक जोरदार धमाका हुआ। शुरुआती जांच में इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) के इस्तेमाल की आशंका जताई गई है। सीसीटीवी फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति पॉलिथीन में लिपटा पैकेट एक्टिवा के पास रखकर भागता दिखा, जिसके कुछ ही सेकेंड बाद विस्फोट हो गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ।

    इसके करीब तीन घंटे बाद अमृतसर के खासा इलाके में आर्मी कैंप को निशाना बनाते हुए ग्रेनेड अटैक की कोशिश की गई। बाइक सवार दो नकाबपोशों ने ग्रेनेड फेंका, जो दीवार से टकराकर फट गया। धमाके से कैंप की बाहरी संरचना को नुकसान पहुंचा और टीन शेड ढह गया, लेकिन कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।

    घटनाओं के बाद पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने मौके का दौरा कर जांच की और कहा कि दोनों हमलों में IED का इस्तेमाल हुआ हो सकता है। उन्होंने शुरुआती तौर पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों की भूमिका से इनकार नहीं किया और इसे एक सुनियोजित साजिश बताया।

    वहीं दूसरी ओर, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस मामले को लेकर राजनीतिक आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ऐसे धमाके चुनावी माहौल को प्रभावित करने के लिए कराए जा सकते हैं और इसके पीछे राजनीतिक साजिश भी हो सकती है।

    इस बीच, एक उग्र संगठन खालिस्तान लिबरेशन आर्मी (KLA) ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए हमलों की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को धमकी भी दी है। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां इस दावे की भी जांच कर रही हैं।

    इन घटनाओं के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और चंडीगढ़ समेत कई इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां मिलकर मामले की हर एंगल से जांच कर रही हैं ताकि इस साजिश के पीछे के नेटवर्क का पता लगाया जा सके।

    फिलहाल, एक रात में दो धमाकों ने पंजाब में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं राजनीतिक बयानबाजी ने इस मुद्दे को और संवेदनशील बना दिया है। अब जांच के नतीजों पर ही आगे की तस्वीर साफ होगी।

  • Punjab Blast पर फारूक अब्दुल्ला का बयान बना सियासी बम! भारत में ऐसे धमाके होते रहते हैं,बोलते ही मचा बवाल

    Punjab Blast पर फारूक अब्दुल्ला का बयान बना सियासी बम! भारत में ऐसे धमाके होते रहते हैं,बोलते ही मचा बवाल


    नई दिल्ली। पंजाब में हुए ट्विन धमाकों के बाद जहां एक ओर सुरक्षा एजेंसियां मामले की गंभीरता से जांच में जुटी हैं, वहीं इस घटना पर दिए गए एक बयान ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत में इस तरह की घटनाएं पहले भी होती रही हैं और यह कोई नई बात नहीं है। उनके इस बयान के सामने आते ही सियासी हलकों में बहस तेज हो गई है।

    धमाकों को लेकर जारी जांच के बीच फारूक अब्दुल्ला के इस बयान को कई लोग संवेदनशील मुद्दे पर हल्का बताकर आलोचना कर रहे हैं, जबकि कुछ इसे उनके अनुभवजन्य दृष्टिकोण के रूप में भी देख रहे हैं। फिलहाल, सुरक्षा एजेंसियां घटनास्थल से जुटाए गए सबूतों के आधार पर हर पहलू की गहन जांच कर रही हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि धमाकों के पीछे कौन जिम्मेदार है।

    इसी दौरान उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे अभियानों से कुछ समय के लिए लक्ष्य जरूर हासिल हो सकते हैं, लेकिन युद्ध किसी भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं होता। उनका मानना है कि युद्ध केवल तबाही और दुख को जन्म देता है, जिसका असर सीमाओं से परे पूरी दुनिया पर पड़ता है।

    उन्होंने वैश्विक हालात का हवाला देते हुए कहा कि आज दुनिया आर्थिक चुनौतियों से जूझ रही है। यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट तनाव और ऊर्जा संकट जैसे उदाहरण बताते हैं कि किसी भी बड़े संघर्ष का असर वैश्विक स्तर पर पड़ता है और इससे हालात और बिगड़ सकते हैं।

    पंजाब धमाकों पर अपने बयान में फारूक अब्दुल्ला ने यह भी कहा कि ऐसी घटनाओं से घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि शांति और संयम बनाए रखना जरूरी है। हालांकि, उनके इस बयान के बाद राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज हो गई है और विपक्ष तथा अन्य दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।

    इसके अलावा उन्होंने चुनावी राजनीति और जम्मू-कश्मीर के हालात पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि विपक्ष अपनी भूमिका निभा रहा है और उनकी पार्टी भी अपने स्तर पर काम कर रही है।

    कुल मिलाकर, पंजाब धमाकों की जांच जहां एक ओर सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बनी हुई है, वहीं फारूक अब्दुल्ला का बयान इस पूरे मामले को राजनीतिक बहस के केंद्र में ले आया है।