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  • पंजाब कांग्रेस में चुनाव से पहले फेरबदल: राजा वडिंग ने छोड़ा अध्यक्ष पद नए चेहरे को लेकर हाईकमान में मंथन तेज

    पंजाब कांग्रेस में चुनाव से पहले फेरबदल: राजा वडिंग ने छोड़ा अध्यक्ष पद नए चेहरे को लेकर हाईकमान में मंथन तेज


    नई दिल्ली। पंजाब कांग्रेस में विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले बड़ा संगठनात्मक बदलाव सामने आया है। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके बाद पार्टी में नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। कांग्रेस की ओर से नए अध्यक्ष के नाम की औपचारिक घोषणा अभी बाकी है लेकिन कई वरिष्ठ नेताओं के नाम संभावित दावेदारों के तौर पर सामने आ रहे हैं। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक पूर्व मंत्री विजय इंदर सिंगला का नाम प्रमुखता से चर्चा में है। उनके अलावा जालंधर कैंट से विधायक परगट सिंह और गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा का नाम भी सामने आया है।

    राजा वडिंग ने अप्रैल 2022 में पंजाब कांग्रेस की कमान संभाली थी। उनका कार्यकाल ऐसे समय शुरू हुआ था जब राज्य में कांग्रेस संगठन को अंदरूनी मतभेदों और चुनावी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा था। हाल के महीनों में पार्टी के भीतर अलग अलग नेताओं के बीच मतभेद सार्वजनिक चर्चा का विषय बने। रिपोर्टों के मुताबिक वडिंग के नेतृत्व को लेकर पार्टी के एक धड़े में असहमति थी और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी से जुड़े नेताओं की ओर से भी संगठन में बदलाव की मांग उठती रही।

    इस बीच कांग्रेस ने सितंबर में सचिन पायलट को पंजाब मामलों का प्रभारी नियुक्त किया। पायलट ने राज्य इकाई के नेताओं के साथ बातचीत कर संगठन की स्थिति का जायजा लिया। रिपोर्टों के अनुसार उनके स्तर पर पार्टी संगठन से जुड़े फीडबैक को हाईकमान के सामने रखा गया जिसके बाद प्रदेश अध्यक्ष को बदलने का फैसला सामने आया। कांग्रेस के सामने अब नए अध्यक्ष के चयन के साथ अलग अलग गुटों के बीच समन्वय बनाए रखने की चुनौती भी है।

    नए अध्यक्ष की चर्चा में विजय इंदर सिंगला का नाम प्रमुखता से सामने आया है। वह पंजाब सरकार में मंत्री रह चुके हैं और कांग्रेस की चुनाव प्रबंधन से जुड़ी जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। रिपोर्टों में उन्हें संभावित दावेदारों में आगे बताया गया है। हालांकि अंतिम फैसला कांग्रेस हाईकमान की ओर से किया जाना है और आधिकारिक घोषणा होने तक किसी नाम को तय अध्यक्ष मानना उचित नहीं होगा।

    परगट सिंह भी संभावित नामों में शामिल हैं। वह जालंधर कैंट से विधायक हैं और भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान रह चुके हैं। दूसरी ओर सुखजिंदर सिंह रंधावा गुरदासपुर से सांसद हैं और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री भी रह चुके हैं। इनके अलावा कुछ अन्य वरिष्ठ नेताओं के नाम भी अलग अलग रिपोर्टों में संभावित दावेदारों के रूप में सामने आए हैं।

    पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव 2027 में प्रस्तावित हैं और इसी वजह से कांग्रेस के लिए प्रदेश संगठन में नेतृत्व का सवाल महत्वपूर्ण हो गया है। नए अध्यक्ष के सामने संगठन को सक्रिय करने उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बनाने तथा चुनावी तैयारियों को आगे बढ़ाने जैसी जिम्मेदारियां होंगी। पार्टी के भीतर नेतृत्व परिवर्तन को लेकर अंतिम तस्वीर कांग्रेस हाईकमान की आधिकारिक घोषणा के बाद ही साफ होगी।

    फिलहाल राजा वडिंग के इस्तीफे के बाद पंजाब कांग्रेस में नए नेतृत्व को लेकर कई नाम चर्चा में हैं। विजय इंदर सिंगला परगट सिंह और सुखजिंदर सिंह रंधावा प्रमुख नामों में शामिल बताए जा रहे हैं जबकि अन्य वरिष्ठ नेताओं के नाम भी संभावित सूची में हैं। इसलिए अगले कुछ दिनों में होने वाली आधिकारिक घोषणा पर सभी की नजरें बनी हुई हैं।

  • पंजाब में AAP का हिंदू वोटों पर फोकस! राम शो और शिव भजन से साधेगा सियासी समीकरण, BJP की बढ़ी चुनौती

    पंजाब में AAP का हिंदू वोटों पर फोकस! राम शो और शिव भजन से साधेगा सियासी समीकरण, BJP की बढ़ी चुनौती


    नई दिल्ली । पंजाब की सियासत में विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी ने अपनी रणनीति का दायरा बढ़ाना शुरू कर दिया है। अब तक पंथक मुद्दों के जरिए सिख मतदाताओं तक पहुंच बनाने वाली आम आदमी पार्टी हिंदू मतदाताओं के बीच भी अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश करती नजर आ रही है। इसी रणनीति के तहत भगवान श्रीराम पर आधारित हमारे राम नाटक के मंचन और भगवान शिव को समर्पित भजन संध्याओं का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 7 अगस्त को मोहाली से हमारे राम के मंचन की शुरुआत की। इसके बाद प्रदेश के अलग-अलग शहरों में इसके आयोजन की तैयारी है। इसे पंजाब की बदलती राजनीतिक रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

    आम आदमी पार्टी की यह पहल केवल भगवान श्रीराम तक सीमित नहीं है। इससे पहले भगवान शिव के नाम पर एक शाम शिव के नाम भजन संध्या कार्यक्रम की शुरुआत भी की जा चुकी है। इन आयोजनों को पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में ले जाने की योजना है। बताया गया है कि राज्य के 22 शहरों में शिव भजन संध्याओं का आयोजन किया जाएगा। वहीं हमारे राम के कुल 41 मंचन किए जाने की तैयारी है। पंजाब कैबिनेट ने इसी साल जनवरी में हमारे राम के 40 शो कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। बाद में इनकी संख्या बढ़ाकर 41 कर दी गई। इस नाटक में अभिनेता आशुतोष राणा रावण की भूमिका निभा रहे हैं।

    राजनीतिक नजरिए से देखें तो पंजाब में आम आदमी पार्टी की यह रणनीति काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। राज्य में हिंदू मतदाताओं की आबादी करीब 39 प्रतिशत से अधिक बताई जाती है और कई शहरी व सीमावर्ती क्षेत्रों में उनका चुनावी प्रभाव काफी अहम है। पठानकोट, होशियारपुर, जालंधर, लुधियाना, अमृतसर, फाजिल्का और मोहाली जैसे क्षेत्रों में हिंदू मतदाताओं की भूमिका चुनावी नतीजों पर असर डाल सकती है। ऐसे में आम आदमी पार्टी का धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के जरिए इन इलाकों में अपनी मौजूदगी मजबूत करने का प्रयास राजनीतिक तौर पर खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    पंजाब की राजनीति में हिंदू वोटरों को लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी का मजबूत आधार माना जाता रहा है। हाल के चुनावों में भी भाजपा ने हिंदू बहुल और शहरी इलाकों में अपनी स्थिति मजबूत करने पर विशेष जोर दिया है। 2024 के लोकसभा चुनाव में पंजाब में भाजपा का वोट प्रतिशत बढ़कर 18.6 प्रतिशत पहुंचा था। पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर और रोपड़ जैसे कंडी बेल्ट के क्षेत्रों में भी भाजपा का प्रभाव देखने को मिला। ऐसे में आम आदमी पार्टी की ओर से राम और शिव से जुड़े कार्यक्रमों को इन इलाकों तक ले जाना चुनावी समीकरण के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    राजनीतिक मामलों के जानकारों के मुताबिक पंजाब में कोई भी राजनीतिक दल हिंदू मतदाताओं को नजरअंदाज नहीं कर सकता। यही वजह है कि आम आदमी पार्टी अब पंथक राजनीति के साथ हिंदू मतदाताओं तक भी अपनी पहुंच बढ़ाने की कोशिश कर रही है। हालांकि पार्टी इन आयोजनों को सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक मूल्यों को बढ़ावा देने की पहल के तौर पर पेश कर रही है। आयोजकों के अनुसार हमारे राम के मंचन के जरिए भगवान श्रीराम के सत्य, धर्म, दया और सद्भावना के आदर्शों को जनता तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

    आम आदमी पार्टी की रणनीति में आगे भी धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भूमिका बढ़ती दिखाई दे रही है। भगवान शिव के नाम पर होने वाली भजन संध्याओं के अलावा अगले साल फरवरी तक संत श्री गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती के अवसर पर भी विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई है। इससे साफ है कि पार्टी पंजाब के अलग-अलग सामाजिक और धार्मिक समूहों तक अपनी राजनीतिक पहुंच बनाने की कोशिश कर रही है।

    अब देखना यह होगा कि आम आदमी पार्टी की यह रणनीति चुनावी राजनीति में कितना असर डालती है। एक तरफ भाजपा हिंदू मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए सक्रिय रहेगी तो दूसरी ओर आप पंथक मुद्दों के साथ हिंदू वोटरों को भी साधने की कोशिश करेगी। ऐसे में पंजाब में आने वाले चुनाव से पहले हिंदू और पंथक वोटों का समीकरण किस दिशा में जाता है यह राज्य की राजनीति के लिए बेहद अहम साबित हो सकता है।

  • AAP मंत्री संजीव अरोड़ा मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार, ED की बड़ी कार्रवाई से पंजाब की राजनीति में हलचल

    AAP मंत्री संजीव अरोड़ा मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार, ED की बड़ी कार्रवाई से पंजाब की राजनीति में हलचल



    नई दिल्ली। पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार में मंत्री संजीव अरोड़ा को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार कर लिया है। शनिवार सुबह ED की टीम ने चंडीगढ़ सेक्टर-2 स्थित उनके सरकारी आवास पर छापेमारी की, जिसके बाद लगभग 10 घंटे लंबी पूछताछ की गई और शाम करीब 5 बजे उन्हें दिल्ली ले जाया गया।

    ED के अनुसार यह मामला करीब 157.12 करोड़ रुपये के कथित फर्जी मोबाइल एक्सपोर्ट, शेल कंपनियों और GST इनपुट क्रेडिट धोखाधड़ी से जुड़ा है। जांच एजेंसी का आरोप है कि अरोड़ा से जुड़ी कंपनियों ने फर्जी खरीद-बिक्री और निर्यात दिखाकर अवैध तरीके से धन की हेराफेरी की और विदेशी कंपनियों के जरिए पैसे की राउंड ट्रिपिंग की गई।

    ED ने हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड और उनसे जुड़ी संस्थाओं के बैंक खाते, डीमैट होल्डिंग्स और कई अचल संपत्तियों को भी अस्थायी रूप से जब्त किया है। यह कार्रवाई 17 अप्रैल को की गई छापेमारी और दस्तावेजों की जांच के बाद सामने आए तथ्यों के आधार पर की गई है।

    एजेंसी का दावा है कि 157 करोड़ रुपये के घोषित एक्सपोर्ट में से बड़ी राशि UAE की दो कंपनियों के जरिए घूमाकर वापस भारत लाई गई, जिससे FEMA और GST नियमों के उल्लंघन का संदेह गहराया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और ED ने आगे की पूछताछ दिल्ली में करने की बात कही है।

    इधर गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया और कहा कि ED का इस्तेमाल पार्टी को तोड़ने के लिए किया जा रहा है। वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि यह कार्रवाई राजनीतिक दबाव बनाने के लिए की गई है।

    आप सांसद राघव चड्ढा ने भी इस मामले को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला और इसे राजनीतिक साजिश करार दिया। वहीं भाजपा की ओर से कहा गया है कि जांच एजेंसी अपना काम कर रही है और कानून से कोई ऊपर नहीं है।

    फिलहाल संजीव अरोड़ा ED की हिरासत में हैं और मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। यह मामला पंजाब की राजनीति में बड़ा विवाद बन गया है और आने वाले दिनों में इसके और राजनीतिक असर देखने को मिल सकते हैं।

  • बंगाल फतह के बाद बीजेपी का अगला टारगेट पंजाब! जीत के जोश में बड़ा सियासी ऐलान

    बंगाल फतह के बाद बीजेपी का अगला टारगेट पंजाब! जीत के जोश में बड़ा सियासी ऐलान


    नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में शानदार बढ़त के बाद बीजेपी अब सिर्फ जश्न के मूड में नहीं है, बल्कि अगले मिशन की तैयारी में भी जुट गई है। पार्टी ने साफ संकेत दे दिया है कि अब उसका अगला बड़ा राजनीतिक टारगेट पंजाब होगा।

    बंगाल में मिल रही बढ़त को बीजेपी राष्ट्रीय राजनीति में बड़ा संदेश मान रही है। पार्टी नेताओं का मानना है कि यह जीत सिर्फ एक राज्य की नहीं, बल्कि देशभर में बदलते सियासी समीकरणों की शुरुआत है।

    बीजेपी प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने सोशल मीडिया पर सीधा हमला बोलते हुए कहा, “पश्चिम बंगाल के बाद अब पंजाब की बारी है, AAP सरकार अपना बोरिया-बिस्तर बांध ले।” इस बयान ने साफ कर दिया है कि पार्टी अब पंजाब की राजनीति में आक्रामक रुख अपनाने वाली है।

    दिल्ली समेत देशभर में बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच जश्न का माहौल है। पार्टी मुख्यालयों में ढोल-नगाड़ों के साथ जीत का उत्सव मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय पहुंचकर कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे और इस जीत को जनता के भरोसे का नतीजा बताएंगे।

    राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, बंगाल में बीजेपी का प्रदर्शन पार्टी को नई ऊर्जा देने वाला है। यह जीत आने वाले चुनावों के लिए रणनीति तय करने में अहम भूमिका निभाएगी, खासकर उन राज्यों में जहां बीजेपी अभी सत्ता से दूर है।

    कुल मिलाकर, बंगाल की जीत ने बीजेपी के हौसले बुलंद कर दिए हैं और अब पार्टी इस लहर को पंजाब तक ले जाने की तैयारी में है। आने वाले दिनों में देश की राजनीति और भी ज्यादा गरमाने वाली है।

  • पंजाब सरकार ने पेश किया 2.60 करोड़ का बजट, महिलाओं को हर महीने मिलेंगे 1,000 रुपये

    पंजाब सरकार ने पेश किया 2.60 करोड़ का बजट, महिलाओं को हर महीने मिलेंगे 1,000 रुपये


    नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर पंजाब सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 2,36,080 करोड़ रुपये का बजट विधानसभा में पेश किया। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि यह बजट कई मायनों में ऐतिहासिक है और इसे महिलाओं की शक्ति, उपलब्धियों और आकांक्षाओं को समर्पित दिन पर प्रस्तुत किया गया है। बजट में स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण विकास, उद्योग, कृषि, खेल और सामाजिक कल्याण पर विशेष ध्यान दिया गया है।

    पंजाब की अर्थव्यवस्था और जीएसडीपी का अनुमान

    वित्त मंत्री ने कहा कि पंजाब की अर्थव्यवस्था ने पिछले वर्ष में लचीलापन और संरचनात्मक स्थिरता दिखाई है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 28,91,487 करोड़ रुपये अनुमानित है, जबकि वित्त वर्ष 2026-27 में यह 9,80,635 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। इसकी वृद्धि दर लगभग 10 प्रतिशत रहने की संभावना है, जिसे बेहतर कृषि उत्पादकता, सेवा क्षेत्र की बढ़ती गतिविधियों और मजबूत औद्योगिक गति से समर्थन प्राप्त है।

    12,60,437 करोड़ का बजट व्यय प्रस्तावित

    वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कुल 12,60,437 करोड़ रुपये के बजट व्यय का प्रस्ताव विधानसभा में पेश किया गया। अनुमानित प्रभावी राजस्व घाटा जीएसडीपी का 2.06 प्रतिशत और राजकोषीय घाटा 4.08 प्रतिशत है। यह अनुमान जिम्मेदार वित्तीय प्रबंधन और निरंतर आर्थिक विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

    शिक्षा सुधार और निवेश

    वित्त मंत्री ने बताया कि पिछले चार वर्षों में पंजाब में शिक्षा सुधार में विशेष ध्यान दिया गया है। इसमें सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे का उन्नयन, आधारभूत शिक्षा को मजबूत करना और उत्कृष्टता केंद्र बनाने पर जोर शामिल है। वित्त वर्ष 2026-27 में शिक्षा क्षेत्र के लिए 19,279 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में सात प्रतिशत अधिक है। सरकार ने लगभग 20,000 सरकारी स्कूलों में बुनियादी और उन्नत मानक सुनिश्चित किए हैं। इनमें से 99 प्रतिशत स्कूलों में चारदीवारी है और 10,095 नए शौचालय बनाए गए हैं। एक लाख से अधिक डेस्क खरीदे गए हैं ताकि कोई बच्चा फर्श पर न बैठे। 8,286 सफाई कर्मचारी रोजाना सफाई सुनिश्चित कर रहे हैं, 3,000 से अधिक सुरक्षा कर्मी स्कूल परिसरों की सुरक्षा के लिए तैनात हैं और 1,798 कैंपस मैनेजर प्रशासन में मदद कर रहे हैं। 6,200 कक्षाओं का नवनिर्माण किया गया और 4,700 कक्षाओं का जीर्णोद्धार किया गया। इस वर्ष स्कूल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और सौंदर्यीकरण के लिए 690 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।

    महिलाओं को मासिक वित्तीय सहायता

    बजट में महिलाओं के लिए ऐतिहासिक घोषणा की गई है। पंजाब की सभी महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये दिए जाएंगे, जबकि अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह मिलेंगे। यह राशि ‘मुख्यमंत्री माताएं-बेटियां सत्कार योजना’ के तहत सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी।

    नशा नियंत्रण और सुरक्षा

    सरकार ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को तेज करने का निर्णय लिया है। सीमा क्षेत्रों में 5,000 होमगार्ड जवान तैनात किए जाएंगे और सीमा पार से ड्रोन के माध्यम से होने वाली तस्करी रोकने के लिए अत्याधुनिक एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाए जाएंगे। इसके लिए बजट में 110 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही “ड्रग सेंसस” कराने की भी घोषणा की गई है, जिसके लिए 150 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।

    आपातकालीन सेवाओं का सुधार

    मोहाली में आधुनिक डायल-112 मुख्यालय बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। आपातकालीन सेवा ‘112’ को अधिक प्रभावी बनाने के लिए 758 चार-पहिया और 916 दो-पहिया आपातकालीन वाहन खरीदे जाएंगे। आपातकालीन कॉल पर प्रतिक्रिया समय को 30 मिनट से घटाकर लगभग आठ मिनट करने का लक्ष्य है। इसके लिए 125 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।

    खेल और युवाओं के लिए पहल

    युवाओं को खेलों से जोड़ने के लिए “खेड्दा पंजाब, बदलदा पंजाब” पहल शुरू की जाएगी। इसके तहत गांवों में खेल मैदान बनाए जाएंगे और लगभग 3,000 इंडोर जिम स्थापित किए जाएंगे। खेल विभाग के लिए 979 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।

    स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण

    प्रत्येक परिवार को सालाना 10 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज मिलेगा, जिसके लिए 778 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। स्वास्थ्य विभाग के लिए कुल 5,598 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए 2,873 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जबकि शहरी बुनियादी सेवाओं के सुधार के लिए 225 करोड़ रुपये और 347 ई-बसें खरीदी जाएंगी। सरकार घरेलू उपभोक्ताओं को हर महीने 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने की योजना जारी रखेगी, जिसके लिए 7,614 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नई औद्योगिक नीति लागू की जाएगी और इसके लिए 250 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के लिए 14,524 करोड़ रुपये और सामाजिक न्याय एवं कल्याण योजनाओं के लिए 9,340 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।