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  • चीनी खिलाड़ी के सामने सिंधु का संघर्ष बेअसर 3 गेम तक चला रोमांचक मुकाबला, हार के साथ वर्ल्ड चैम्पियनशिप का सफर खत्म

    चीनी खिलाड़ी के सामने सिंधु का संघर्ष बेअसर 3 गेम तक चला रोमांचक मुकाबला, हार के साथ वर्ल्ड चैम्पियनशिप का सफर खत्म

    नई दिल्ली । भारत में 17 साल बाद आयोजित हो रही बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड बैडमिंटन चैम्पियनशिप में घरेलू दर्शकों को भारतीय स्टार खिलाड़ियों से बड़ी उम्मीदें थीं लेकिन टूर्नामेंट आगे बढ़ने के साथ ही कई बड़े नाम मेडल की दौड़ से बाहर हो गए हैं। भारत की दिग्गज महिला शटलर पीवी सिंधु को भी प्री-क्वार्टर फाइनल में चीन की वांग झी यी के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में वांग झी यी ने सिंधु को 11-21 21-15 17-21 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। करीब एक घंटे 28 मिनट तक चले मुकाबले में दोनों खिलाड़ियों के बीच जबरदस्त संघर्ष देखने को मिला लेकिन निर्णायक गेम में चीनी खिलाड़ी ने दबाव के क्षणों में बेहतर प्रदर्शन करते हुए बाजी अपने नाम कर ली।

    मुकाबले की शुरुआत सिंधु के लिए उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। पहले गेम में वांग झी यी ने शुरुआती बढ़त हासिल की और इंटरवल तक 11-9 से आगे रहीं। इसके बाद चीनी खिलाड़ी ने अपनी गति और आक्रामकता बढ़ा दी जबकि सिंधु लय हासिल करने के लिए संघर्ष करती नजर आईं। इंटरवल के बाद भारतीय खिलाड़ी केवल दो अंक ही जुटा सकीं और पहला गेम 11-21 से गंवा दिया। हालांकि सिंधु ने दूसरे गेम में जोरदार वापसी की। उन्होंने शुरुआत से ही बेहतर नियंत्रण दिखाया और लगातार अंक जुटाते हुए मुकाबले को बराबरी पर ला दिया। दूसरे गेम में सिंधु ने 21-15 से जीत हासिल कर निर्णायक गेम का रोमांच बढ़ा दिया।

    तीसरे गेम में दोनों खिलाड़ियों के बीच एक-एक अंक के लिए कड़ा संघर्ष देखने को मिला। सिंधु ने कई मौकों पर दबाव बनाने की कोशिश की लेकिन मैच के अंतिम दौर में वांग झी यी ने धैर्य और आक्रामकता का शानदार मिश्रण दिखाया। निर्णायक क्षणों में चीनी खिलाड़ी ने लगातार महत्वपूर्ण अंक हासिल किए और 21-17 से तीसरा गेम अपने नाम कर लिया। इसके साथ ही सिंधु का घरेलू मैदान पर विश्व चैम्पियनशिप में एक और पदक जीतने का सपना टूट गया।

    सिंधु के लिए यह टूर्नामेंट इसलिए भी महत्वपूर्ण था क्योंकि वह विश्व बैडमिंटन चैम्पियनशिप में अब तक पांच पदक जीत चुकी हैं। उनके नाम एक स्वर्ण दो रजत और दो कांस्य पदक हैं। वह विश्व चैम्पियनशिप में पांच पदक जीतने वाली चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल हैं। इस बार भी उनसे शानदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही थी। सिंधु ने टूर्नामेंट की शुरुआत मजबूत अंदाज में की थी। राउंड ऑफ 64 में उन्होंने आयरलैंड की सोफिया नोबेल को सीधे गेमों में हराया जबकि राउंड ऑफ 32 में कनाडा की वेन यू झांग के खिलाफ भी जीत दर्ज कर अंतिम 16 में प्रवेश किया था। लेकिन यहां उन्हें तीसरी वरीयता प्राप्त वांग झी यी की चुनौती से पार नहीं मिल सका।

    वांग के खिलाफ सिंधु का रिकॉर्ड भी मुकाबले से पहले भारतीय खिलाड़ी के पक्ष में नहीं था। दोनों के बीच इससे पहले आठ मुकाबले हो चुके थे जिनमें चीनी खिलाड़ी ने अधिक जीत दर्ज की थी। इस हार के बाद वांग ने एक बार फिर अपनी बढ़त मजबूत कर ली है।

    सिंधु के अलावा भारत के पुरुष वर्ग को भी बड़ा झटका लगा है। आयुष शेट्टी को इंडोनेशिया के अल्वी फरहान ने हराकर प्रतियोगिता से बाहर कर दिया। इससे एक दिन पहले लक्ष्य सेन को अमेरिका के गैरेट टैन के खिलाफ अप्रत्याशित हार मिली थी। ऐसे में भारत के कई स्टार खिलाड़ियों के बाहर होने से घरेलू विश्व चैम्पियनशिप में भारतीय चुनौती को बड़ा झटका लगा है। हालांकि टूर्नामेंट में भारतीय खिलाड़ियों की उम्मीदें पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं और बाकी खिलाड़ी अब देश के लिए पदक हासिल करने की कोशिश में जुटे हैं।

  • 270 रन की ऐतिहासिक जीत पर प्रधानमंत्री मोदी का सलाम लॉर्ड्स में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने रचा नया इतिहास

    270 रन की ऐतिहासिक जीत पर प्रधानमंत्री मोदी का सलाम लॉर्ड्स में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने रचा नया इतिहास


    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात के 136वें एपिसोड में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक उपलब्धि की खुलकर सराहना की। लॉर्ड्स के प्रतिष्ठित मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ मिली शानदार टेस्ट जीत का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय नारी शक्ति ने एक बार फिर पूरी दुनिया में देश का नाम रोशन किया है। प्रधानमंत्री ने इस जीत को भारतीय खेल इतिहास का गौरवशाली अध्याय बताते हुए खिलाड़ियों की मेहनत समर्पण और जुझारूपन की प्रशंसा की।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने लॉर्ड्स के मैदान पर अपना पहला टेस्ट मैच जीतकर इतिहास रच दिया है। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 1983 में इसी ऐतिहासिक मैदान पर भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम ने पहला विश्व कप जीतकर दुनिया को चौंका दिया था और अब उसी मैदान पर भारतीय महिला टीम ने शानदार जीत दर्ज कर देश का सम्मान बढ़ाया है। उनके अनुसार यह उपलब्धि केवल एक मैच जीतने तक सीमित नहीं है बल्कि यह भारतीय महिला खिलाड़ियों की बढ़ती ताकत और आत्मविश्वास का प्रतीक भी है।

    लॉर्ड्स में खेले गए इस एकमात्र टेस्ट मुकाबले में भारतीय टीम ने हर विभाग में इंग्लैंड पर अपना दबदबा बनाए रखा। पहली पारी में भारत ने 285 रन बनाए जिसके जवाब में इंग्लैंड की टीम केवल 170 रन पर सिमट गई। इसके बाद भारतीय टीम ने दूसरी पारी में सात विकेट पर 341 रन बनाकर पारी घोषित की और इंग्लैंड के सामने 457 रन का विशाल लक्ष्य रखा। लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम दूसरी पारी में भी भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी और 186 रन पर ऑलआउट हो गई। इस तरह भारत ने 270 रन के बड़े अंतर से ऐतिहासिक जीत अपने नाम कर ली।

    इस मुकाबले में कई रिकॉर्ड भी बने जिन्होंने भारतीय जीत को और यादगार बना दिया। तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ लॉर्ड्स के मैदान पर टेस्ट मैच में पांच विकेट लेने वाली पहली महिला गेंदबाज बनीं। वहीं विकेटकीपर बल्लेबाज यास्तिका भाटिया ने 113 रन की शानदार पारी खेलते हुए लॉर्ड्स में महिला टेस्ट क्रिकेट का पहला शतक लगाने का ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम किया। इन दोनों खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने भारतीय जीत की मजबूत नींव रखी और पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु की उपलब्धि का भी विशेष उल्लेख किया। उन्होंने जापान ओपन का खिताब जीतने पर सिंधु को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। सिंधु जापान ओपन जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनी हैं। उन्होंने फाइनल मुकाबले में जापान की अकाने यामागुची को सीधे गेमों में हराकर यह प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम किया। साथ ही यह दो वर्षों के अंतराल के बाद उनका पहला बीडब्ल्यूएफ खिताब भी रहा।

    भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक जीत और पीवी सिंधु की शानदार उपलब्धि ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि भारतीय महिला खिलाड़ी विश्व खेल मंच पर लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। प्रधानमंत्री की ओर से मिली यह सराहना देशभर की युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा का संदेश है जो भविष्य में भारत का नाम रोशन करने का सपना देख रही हैं।

  • सात साल का इंतजार खत्म पीवी सिंधु ने जापान ओपन जीतकर फिर बुलंद किया भारत का परचम

    सात साल का इंतजार खत्म पीवी सिंधु ने जापान ओपन जीतकर फिर बुलंद किया भारत का परचम


    नई दिल्ली । भारतीय बैडमिंटन की स्टार खिलाड़ी और दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का गौरव बढ़ाया है। सिंधु ने जापान ओपन सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। टोक्यो में खेले गए फाइनल मुकाबले में उन्होंने मेजबान जापान की चार बार की चैंपियन अकाने यामागुची को सीधे गेमों में 21-17 और 21-17 से हराकर ट्रॉफी अपने नाम कर ली। इस जीत के साथ सिंधु जापान ओपन का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय शटलर बन गई हैं।

    यह जीत सिंधु के करियर के लिए बेहद खास मानी जा रही है। दिसंबर 2024 में सैयद मोदी इंटरनेशनल जीतने के बाद यह उनका पहला बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर खिताब है। साथ ही सुपर 750 या उससे ऊपर के स्तर का खिताब जीतने का उनका सात वर्षों का लंबा इंतजार भी समाप्त हो गया।

    फाइनल मुकाबले में सिंधु ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। उन्होंने शुरुआती अंक तेजी से जुटाकर बढ़त बनाई। हालांकि अकाने यामागुची ने शानदार वापसी करते हुए मुकाबले को बराबरी पर ला दिया। दोनों खिलाड़ियों के बीच लंबे और रोमांचक रैलियों का दौर चलता रहा। पहले गेम में एक समय स्कोर 17-17 से बराबर था लेकिन सिंधु ने दबाव में बेहतरीन संयम दिखाते हुए लगातार चार अंक हासिल किए और पहला गेम 21-17 से अपने नाम कर लिया।

    दूसरे गेम में भी भारतीय स्टार ने अपनी लय बरकरार रखी। उन्होंने शुरुआत में ही मजबूत बढ़त बना ली और लगातार आक्रामक स्मैश तथा सटीक शॉट्स से यामागुची पर दबाव बनाए रखा। जापानी खिलाड़ी ने वापसी की कोशिश करते हुए स्कोर 18-17 तक पहुंचाया लेकिन सिंधु ने अनुभव का शानदार परिचय दिया और लगातार तीन अंक जीतकर मुकाबला समाप्त कर दिया। 21-17 से दूसरा गेम जीतते ही सिंधु ने खिताब पर कब्जा जमा लिया।

    पूरे टूर्नामेंट में सिंधु का प्रदर्शन शानदार रहा। प्री क्वार्टर फाइनल में उन्होंने विश्व की पांचवें नंबर की खिलाड़ी हान यू को हराया। इसके बाद क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल में उनकी प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ियों के चोटिल होकर हटने से उन्हें राहत जरूर मिली लेकिन फाइनल में उन्होंने अपने दमदार खेल से साबित कर दिया कि वह फिर से अपनी सर्वश्रेष्ठ लय में लौट चुकी हैं।

    यह खिताबी जीत भारतीय बैडमिंटन के लिए भी बड़ी उपलब्धि है। लंबे समय बाद सिंधु ने बड़े मंच पर खिताब जीतकर यह संदेश दिया है कि वह आने वाले विश्व स्तरीय टूर्नामेंटों में भी मजबूत दावेदार रहेंगी। उनकी इस सफलता से भारतीय बैडमिंटन को नई ऊर्जा मिली है और युवा खिलाड़ियों के लिए भी यह बड़ी प्रेरणा साबित होगी।

  • इजराइल-ईरान युद्ध के बीच दुबई में फंसे भारतीय सितारे, सुरक्षा अपडेट के साथ राहत की खबर

    इजराइल-ईरान युद्ध के बीच दुबई में फंसे भारतीय सितारे, सुरक्षा अपडेट के साथ राहत की खबर


    नई दिल्ली । मिडिल ईस्ट में इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने अंतरराष्ट्रीय हवाई मार्गों को पूरी तरह ठप कर दिया है। इसी कारण कई भारतीय सेलेब्रिटीज दुबई में फंसी हुई हैं। तमिल सिनेमा के सुपरस्टार और प्रोफेशनल रेसर अजित कुमार बॉलीवुड की एक्ट्रेस सोनल चौहान और बंगाली एक्ट्रेस सुभाश्री गांगुली समेत कई कलाकार और आम नागरिक फिलहाल अपनी घर वापसी का इंतजार कर रहे हैं। शनिवार और रविवार को मिसाइल हमलों और धमाकों के बाद दुबई एयरस्पेस बंद कर दिया गया जिससे उनकी यात्रा योजना प्रभावित हुई।

    अजीत कुमार दुबई में रेसिंग कमिटमेंट्स के लिए थे और उनके भारत लौटने के प्लान पर यह संकट भारी पड़ा। उनके मैनेजर ने पुष्टि की है कि अजीत पूरी तरह सुरक्षित हैं और फिलहाल उन्हें कोई खतरा नहीं है। अजीत ने हाल ही में ‘2025 24H दुबई एंड्योरेंस रेस’ में शानदार प्रदर्शन किया था और अब उनकी वापसी हालात सामान्य होने पर ही संभव होगी।

    बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनल चौहान ने भी अपने फंसे होने की जानकारी दी थी। उन्होंने पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग कर मदद की अपील की थी। हाल ही में उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा कि वे सुरक्षित हैं और अधिकारियों सभी को सुरक्षित रखने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। सोनल ने फैंस से अपील की कि किसी तरह की अफवाह न फैलाएं और धैर्य बनाए रखें।

    बंगाली एक्ट्रेस सुभाश्री गांगुली अपने बेटे युवान के साथ छुट्टियां मनाने दुबई गई थीं। उनके पति और फिल्ममेकर राज चक्रवर्ती ने बताया कि सुभाश्री और उनका बेटा सुरक्षित हैं लेकिन फोन पर संपर्क मुश्किल हो रहा है। उनकी वापसी 5 मार्च को तय थी लेकिन फिलहाल हालात स्पष्ट नहीं हैं।

    इस बीच बॉलीवुड एक्ट्रेस ईशा गुप्ता और बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु भी दुबई में फंसी हुई हैं। ईशा ने सोशल मीडिया पर लिखा कि वे सुरक्षित हैं और मोदी सरकार अपनी तरफ से सुरक्षा सुनिश्चित करने में पूरी कोशिश कर रही है। उन्होंने सभी फंसे हुए लोगों और उनके परिवार की सुरक्षा के लिए प्रार्थना की। इस संकट के बीच भारतीय सेलेब्रिटीज की सुरक्षा को लेकर आधिकारिक गाइडलाइन्स का पालन जारी है और उनके सुरक्षित घर वापसी के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं।