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  • एनआईआई में शानदार उछाल के दम पर एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक की मजबूत कमाई तिमाही लाभ में हल्की गिरावट

    एनआईआई में शानदार उछाल के दम पर एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक की मजबूत कमाई तिमाही लाभ में हल्की गिरावट


    नई दिल्ली। एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी करते हुए मिश्रित प्रदर्शन पेश किया है। अप्रैल से जून 2026 की अवधि में बैंक का शुद्ध लाभ तिमाही आधार पर 4.3 प्रतिशत घटकर 795.95 करोड़ रुपए रह गया। हालांकि सालाना आधार पर बैंक ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 37 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की है। बेहतर ब्याज आय और घटती क्रेडिट लागत ने बैंक की कमाई को मजबूती प्रदान की है।

    बैंक की ओर से जारी एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार जनवरी से मार्च 2026 की तिमाही में बैंक का शुद्ध लाभ 831.87 करोड़ रुपए था जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 581 करोड़ रुपए रहा था। इस तुलना से स्पष्ट है कि तिमाही आधार पर हल्की गिरावट के बावजूद बैंक की दीर्घकालिक वृद्धि मजबूत बनी हुई है और उसका मुख्य कारोबार लगातार विस्तार कर रहा है।

    बैंक के प्रदर्शन की सबसे बड़ी खासियत नेट इंटरेस्ट इनकम यानी ब्याज से होने वाली शुद्ध आय रही। पहली तिमाही में यह सालाना आधार पर 31.9 प्रतिशत बढ़कर 2696 करोड़ रुपए पर पहुंच गई जबकि एक वर्ष पहले समान अवधि में यह 2044 करोड़ रुपए थी। नेट इंटरेस्ट इनकम में यह तेज बढ़ोतरी दर्शाती है कि बैंक का ऋण कारोबार और ब्याज से होने वाली कमाई लगातार मजबूत हो रही है।

    ऑपरेटिंग प्रॉफिट के मोर्चे पर भी बैंक ने सकारात्मक प्रदर्शन किया। पहली तिमाही में परिचालन लाभ 9.4 प्रतिशत बढ़कर 1435 करोड़ रुपए हो गया जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह 1312 करोड़ रुपए था। इससे संकेत मिलता है कि बैंक की मुख्य परिचालन गतिविधियां लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं और आय के स्रोत मजबूत बने हुए हैं।

    बैंक के लिए एक और सकारात्मक संकेत प्रावधानों में आई बड़ी कमी रही। खराब ऋणों के संभावित जोखिम को देखते हुए किए जाने वाले प्रावधान सालाना आधार पर 30.4 प्रतिशत घटकर 371 करोड़ रुपए रह गए जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 533 करोड़ रुपए थे। कम प्रावधान यह दर्शाते हैं कि बैंक की क्रेडिट लागत में सुधार हुआ है और जोखिम प्रबंधन पहले की तुलना में अधिक प्रभावी साबित हो रहा है।

    हालांकि एसेट क्वालिटी के मोर्चे पर कुछ दबाव देखने को मिला। 30 जून तक बैंक का सकल गैर निष्पादित परिसंपत्ति अनुपात बढ़कर 2.10 प्रतिशत हो गया जबकि मार्च तिमाही के अंत में यह 2.03 प्रतिशत था। इसी तरह शुद्ध गैर निष्पादित परिसंपत्ति अनुपात भी 0.74 प्रतिशत से बढ़कर 0.76 प्रतिशत पर पहुंच गया। हालांकि यह बढ़ोतरी सीमित है लेकिन बैंक के लिए आने वाली तिमाहियों में एसेट क्वालिटी बनाए रखना महत्वपूर्ण रहेगा।

    शेयर बाजार में बैंक के प्रदर्शन की बात करें तो शुक्रवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक का शेयर 1002.25 रुपए पर बंद हुआ। पिछले 52 सप्ताह के दौरान शेयर ने 1090.40 रुपए का उच्चतम स्तर और 682.50 रुपए का न्यूनतम स्तर छुआ है। हाल के सप्ताहों में बैंक का शेयर व्यापक बाजार की तुलना में कमजोर प्रदर्शन करता दिखाई दिया है। पिछले एक सप्ताह में इसमें 2.68 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई जबकि दो सप्ताह में यह 6.54 प्रतिशत और एक महीने में 6.11 प्रतिशत तक फिसला है। इसी अवधि में बीएसई सेंसेक्स में अपेक्षाकृत कम गिरावट दर्ज की गई जिससे स्पष्ट होता है कि बैंक का शेयर फिलहाल अपने बेंचमार्क सूचकांक से पीछे चल रहा है।

    कुल मिलाकर बैंक के पहली तिमाही के नतीजे यह संकेत देते हैं कि मजबूत ब्याज आय और बेहतर परिचालन प्रदर्शन के दम पर उसकी वित्तीय स्थिति मजबूत बनी हुई है। हालांकि एसेट क्वालिटी में मामूली दबाव और शेयर बाजार में कमजोर प्रदर्शन आने वाले समय में निवेशकों की नजर में प्रमुख विषय बने रहेंगे।

  • डोडला डेयरी की पहली तिमाही में झटका राजस्व रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा लेकिन मुनाफे में 42 प्रतिशत की गिरावट

    डोडला डेयरी की पहली तिमाही में झटका राजस्व रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा लेकिन मुनाफे में 42 प्रतिशत की गिरावट


    नई दिल्ली। डोडला डेयरी लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी करते हुए रिकॉर्ड राजस्व दर्ज किया है लेकिन बढ़ती लागत और महंगे कच्चे माल के कारण कंपनी की लाभप्रदता पर बड़ा असर पड़ा है। अप्रैल से जून 2026 की तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा घटकर 40.64 करोड़ रुपए रह गया जो पिछली तिमाही के 69.80 करोड़ रुपए की तुलना में करीब 42 प्रतिशत कम है। मजबूत बिक्री के बावजूद लागत में तेज बढ़ोतरी ने कंपनी के मुनाफे को प्रभावित किया।

    हालांकि राजस्व के मोर्चे पर कंपनी ने शानदार प्रदर्शन किया। पहली तिमाही में डोडला डेयरी का कुल राजस्व 19 प्रतिशत की वृद्धि के साथ रिकॉर्ड 1197.94 करोड़ रुपए तक पहुंच गया। कंपनी ने बताया कि दूध की खरीद कीमतों में लगातार बढ़ोतरी और आने वाले महीनों की मांग को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त इन्वेंट्री तैयार करने की रणनीति अपनाई गई। इसी वजह से परिचालन लागत बढ़ी और शुद्ध लाभ पर दबाव देखने को मिला।

    कंपनी के प्रबंध निदेशक डोडला सुनील रेड्डी ने कहा कि अधिक इन्वेंट्री तैयार करने का फैसला पूरे डेयरी उद्योग की मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए लिया गया है। उनका मानना है कि दूसरी तिमाही से दूध की खरीद कीमतों में धीरे धीरे सामान्य स्थिति लौटने लगेगी जिससे कंपनी की लाभप्रदता में भी सुधार आने की संभावना है।

    गर्मी का लंबा मौसम कंपनी के लिए बिक्री के लिहाज से फायदेमंद साबित हुआ। दही छाछ लस्सी और आइसक्रीम जैसे वैल्यू एडेड उत्पादों की रिकॉर्ड मांग दर्ज की गई। इन उत्पादों की मजबूत बिक्री के कारण अब कंपनी की कुल बिक्री में इनकी हिस्सेदारी लगभग एक तिहाई तक पहुंच गई है। इससे यह भी संकेत मिलता है कि उपभोक्ताओं की पसंद तेजी से वैल्यू एडेड डेयरी उत्पादों की ओर बढ़ रही है।

    कंपनी का ईबीआईटीडीए भी बेहतर रहा और यह बढ़कर 64.9 करोड़ रुपए पर पहुंच गया जबकि पिछली तिमाही में यह 53.8 करोड़ रुपए था। इसके बावजूद कर्मचारियों पर बढ़ते खर्च और दूध खरीद की ऊंची कीमतों ने कुल लाभ को सीमित कर दिया। नए श्रम कानूनों के तहत ऑफ रोल कर्मचारियों के लिए न्यूनतम वेतन लागू होने से कर्मचारियों पर होने वाला खर्च लगातार बढ़ा है। तिमाही आधार पर यह खर्च 51.7 करोड़ रुपए से बढ़कर 55.7 करोड़ रुपए हो गया जबकि सालाना आधार पर इसमें 18 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

    डोडला डेयरी ने इस तिमाही में अब तक की सबसे अधिक दूध खरीद भी दर्ज की। कंपनी ने प्रतिदिन औसतन 21.1 लाख लीटर दूध की खरीद की जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 13 प्रतिशत अधिक है। कंपनी का कहना है कि परिचालन दक्षता में लगातार सुधार के कारण ऑपरेटिंग मार्जिन पूरे पिछले वित्त वर्ष की तुलना में बेहतर बना हुआ है और आने वाले महीनों में इसका सकारात्मक असर दिखाई देगा।

    कंपनी का अंतरराष्ट्रीय कारोबार भी मजबूती से बढ़ा है। अफ्रीका बिजनेस से होने वाला राजस्व सालाना आधार पर 45.6 प्रतिशत बढ़ा है जिसमें दूध की बिक्री में 52.3 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इससे कंपनी के वैश्विक कारोबार को भी नई गति मिली है।

    भविष्य की विस्तार रणनीति के तहत डोडला डेयरी के निदेशक मंडल ने डायरेक्ट टू कंज्यूमर डेयरी ब्रांड सिड्स फार्म में करीब 11.6 करोड़ रुपए का प्राथमिक निवेश करने को मंजूरी दी है। इस निवेश के जरिए कंपनी ब्रांड में 2 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निवेश कंपनी को प्रीमियम डेयरी और डायरेक्ट टू कंज्यूमर बाजार में अपनी मौजूदगी मजबूत करने में मदद करेगा।