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  • WTC अंकतालिका में न्यूजीलैंड का दबदबा, ऑस्ट्रेलिया टॉप-2 से बाहर, भारत के सामने फाइनल में पहुंचने की बड़ी चुनौती..

    WTC अंकतालिका में न्यूजीलैंड का दबदबा, ऑस्ट्रेलिया टॉप-2 से बाहर, भारत के सामने फाइनल में पहुंचने की बड़ी चुनौती..


    नई दिल्ली ।
    वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप (WTC) 2025-27 की अंकतालिका में साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच टेस्ट सीरीज के नतीजे के बाद बड़ा बदलाव देखने को मिला है। साउथ अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया को घरेलू टेस्ट सीरीज में 2-1 से हराकर अंकतालिका का समीकरण बदल दिया है। इस परिणाम का सीधा फायदा न्यूजीलैंड को मिला है, जिसने ऑस्ट्रेलिया को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल कर लिया है। वहीं, साउथ अफ्रीका दूसरे और ऑस्ट्रेलिया तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। भारतीय टीम भी चौथे स्थान पर बनी हुई है।

    ताजा स्थिति के अनुसार, न्यूजीलैंड का अंक प्रतिशत 72.22 है, जबकि साउथ अफ्रीका 71.43 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर है। ऑस्ट्रेलिया का अंक प्रतिशत 69.23 है। भारत 51.52 प्रतिशत के साथ चौथे नंबर पर है। बांग्लादेश 47.62 प्रतिशत के साथ पांचवें स्थान पर मौजूद है। इसके बाद इंग्लैंड 38.54 प्रतिशत, श्रीलंका 33.33 प्रतिशत और वेस्टइंडीज 26.92 प्रतिशत के साथ क्रमशः छठे, सातवें और आठवें स्थान पर हैं। पाकिस्तान 4.63 प्रतिशत के साथ नौवें नंबर पर है।

    मौजूदा चक्र में अभी 10 टेस्ट सीरीज खेली जानी बाकी हैं। किसी भी टीम ने फाइनल में अपनी जगह पक्की नहीं की है। अंकतालिका में टीमों की स्थिति का फैसला उनके अंक प्रतिशत के आधार पर होता है। टेस्ट मैच जीतने पर टीम को 12 अंक मिलते हैं, जबकि मुकाबला ड्रॉ होने पर चार अंक दिए जाते हैं। वहीं, टाई होने की स्थिति में दोनों टीमों को छह-छह अंक मिलते हैं। इसी व्यवस्था के आधार पर फाइनल में पहुंचने वाली शीर्ष दो टीमों का चयन किया जाएगा।

    न्यूजीलैंड के पास अपनी स्थिति मजबूत करने का अच्छा अवसर है। उसे भारत और श्रीलंका के खिलाफ घरेलू मैदान पर दो-दो टेस्ट खेलने हैं। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर चार और पाकिस्तान के खिलाफ दो टेस्ट मुकाबले खेलने हैं। इस तरह कीवी टीम के सामने अभी आठ टेस्ट मैच बाकी हैं। मौजूदा समीकरण के अनुसार, इन मुकाबलों में सात जीत दर्ज करना उसे शीर्ष दो में जगह बनाने की दौड़ में मजबूत स्थिति में पहुंचा सकता है।

    दूसरी ओर, साउथ अफ्रीका के सात टेस्ट मुकाबले बाकी हैं। इनमें पांच मैच घरेलू मैदान पर खेले जाएंगे। टीम को बांग्लादेश के खिलाफ दो और इंग्लैंड के खिलाफ तीन टेस्ट खेलने हैं, जबकि श्रीलंका के दौरे पर भी दो मुकाबले खेलने हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिली सीरीज जीत से टीम का आत्मविश्वास बढ़ा है। अब बाकी मुकाबलों में अच्छा प्रदर्शन उसे फाइनल की दौड़ में बनाए रख सकता है।

    ऑस्ट्रेलिया के लिए भी आगे की राह महत्वपूर्ण होगी। साउथ अफ्रीका दौरे से पहले अंकतालिका में शीर्ष पर रही कंगारू टीम अब तीसरे स्थान पर है। उसके नौ टेस्ट मुकाबले बाकी हैं। इनमें न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू मैदान पर चार और भारत के खिलाफ भारतीय जमीन पर पांच टेस्ट शामिल हैं। इन मुकाबलों के परिणाम से उसकी फाइनल की संभावनाएं तय होंगी।

    भारतीय टीम के सामने भी फाइनल तक पहुंचने के लिए कड़ी चुनौती है। उसे न्यूजीलैंड में दो टेस्ट खेलने हैं, जिसके बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने घरेलू मैदान पर पांच मुकाबलों की सीरीज खेलनी है। भारत यदि अपने बाकी सभी सात टेस्ट जीत लेता है तो उसका अंक प्रतिशत 70.37 तक पहुंच सकता है। छह जीत की स्थिति में यह 65 प्रतिशत रहेगा। वहीं, पांच जीत और एक ड्रॉ मिलने पर टीम को अन्य मुकाबलों के परिणामों पर भी निर्भर रहना पड़ सकता है। यदि भारत न्यूजीलैंड में 0-2 से सीरीज हार जाता है और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांचों टेस्ट जीत भी लेता है, तब उसका अंक प्रतिशत 59.26 ही रहेगा।

    बांग्लादेश के पांच और श्रीलंका के छह टेस्ट मुकाबले बाकी हैं। बांग्लादेश की एक और हार उसकी फाइनल की संभावनाओं को कमजोर कर सकती है। वहीं, श्रीलंका यदि अपने सभी छह मुकाबले जीतता है तो उसका अंक प्रतिशत 66.67 तक पहुंच सकता है। ऐसे में WTC फाइनल की दौड़ अभी खुली हुई है और आने वाली टेस्ट सीरीज अंकतालिका की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती हैं।

  • ग्लास्गो में गरजेंगे भारतीय भाला फेंक खिलाड़ी, नीरज चोपड़ा की अगुआई में तीनों एथलीटों ने फाइनल में बनाई जगह।

    ग्लास्गो में गरजेंगे भारतीय भाला फेंक खिलाड़ी, नीरज चोपड़ा की अगुआई में तीनों एथलीटों ने फाइनल में बनाई जगह।


    नई दिल्ली। राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारत के लिए एथलेटिक्स के मैदान से बेहद उत्साहजनक खबर सामने आई है। ग्लास्गो के प्रसिद्ध स्कॉटस्टाउन स्टेडियम में आयोजित पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा के क्वालिफिकेशन राउंड में दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा की अगुआई में भारत की तीन सदस्यीय जेवलिन टीम ने दमदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल का टिकट हासिल कर लिया है। नीरज चोपड़ा के साथ-साथ रोहित यादव और यशवीर सिंह ने भी शीर्ष-12 में जगह बनाई है, जिससे इस स्पर्धा में हिस्सा ले रहा पूरा भारतीय दल अब सीधे पदक की दौड़ में शामिल हो गया है।

    प्रतियोगिता के दौरान स्कॉटस्टाउन स्टेडियम का माहौल खिलाड़ियों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा। लगभग 18 डिग्री सेल्सियस का कम तापमान और सामने से लगातार आ रही तेज हवाओं ने थ्रोअर्स की राह कठिन बना दी। विपरीत परिस्थितियों का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पूरे क्वालिफिकेशन राउंड में भाग ले रहे 18 प्रतिभागियों में से एक भी एथलीट 84 मीटर के ऑटोमैटिक क्वालिफिकेशन मार्क को नहीं छू सका। केवल चार खिलाड़ी ही 80 मीटर की दूरी तय कर पाए, जिसके चलते प्रदर्शन के आधार पर शीर्ष-12 खिलाड़ियों को अंतिम चरण के लिए चुना गया।

    पूर्व राष्ट्रमंडल खेल स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा ने अत्यंत संयमित रणनीति के साथ प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने सर्वश्रेष्ठ प्रयास में 79.61 मीटर की दूरी दर्ज कर क्वालिफिकेशन में पांचवां स्थान प्राप्त किया। शुरुआती प्रयासों में ही स्थान सुरक्षित हो जाने के कारण उन्होंने अपनी ऊर्जा बचाते हुए अंतिम थ्रो नहीं करने का फैसला किया। उनके साथी भारतीय एथलीट रोहित यादव ने 78.37 मीटर थ्रो के साथ नौवां और यशवीर सिंह ने 78.36 मीटर के थ्रो के साथ दसवां स्थान हासिल कर फाइनल में अपनी जगह पक्की की।

    ग्लास्गो की ठंड और कठिन परिस्थितियों के बावजूद स्टेडियम में उपस्थित दर्शकों का सबसे ज्यादा समर्थन भारतीय स्टार नीरज चोपड़ा को मिला। पीठ के निचले हिस्से में लगी चोट के कारण लंबे समय तक मैदान से दूर रहने के बाद हाल ही में प्रतिस्पर्धी खेल में वापसी करने वाले नीरज के लिए यह पड़ाव बेहद खास है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिली इस सफलता से खिलाड़ी के गृहनगर हरियाणा के पानीपत जिले में स्थित खंडरा गांव में खुशी की लहर दौड़ गई है और पूरे देश को अब फाइनल मुकाबले में उनसे एक और ऐतिहासिक स्वर्ण पदक की उम्मीद है।

    अंतरराष्ट्रीय प्रतिद्वंद्वियों की बात करें तो श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिरागे ने 82.84 मीटर के थ्रो के साथ क्वालिफिकेशन में शीर्ष स्थान हासिल किया, जबकि पेरिस ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता पाकिस्तान के अरशद नदीम 78.63 मीटर के साथ सातवें स्थान पर रहकर फाइनल में पहुंचे। वहीं पूर्व राष्ट्रमंडल चैंपियन केन्या के जूलियस येगो 13वें स्थान पर रहने के कारण प्रतियोगिता से बाहर हो गए। भारतीय दल का यह प्रदर्शन एथलेटिक्स में भारत की बढ़ती धमक को दर्शाता है और अब शुक्रवार देर रात होने वाले खिताबी मुकाबले पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी होंगी।

  • फीफा वर्ल्ड कप 2026 में अर्जेंटीना की चमत्कारिक वापसी, पेनल्टी चूकने के बाद लियोनेल मेसी के जादू से इजिप्ट को 3-2 से दी शिकस्त

    फीफा वर्ल्ड कप 2026 में अर्जेंटीना की चमत्कारिक वापसी, पेनल्टी चूकने के बाद लियोनेल मेसी के जादू से इजिप्ट को 3-2 से दी शिकस्त

    नई दिल्ली । फुटबॉल विश्व कप 2026 के प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले में गत चैंपियन अर्जेंटीना ने टूर्नामेंट के इतिहास की सबसे रोमांचक और यादगार वापसी दर्ज की है। अटलांटा के मर्सिडीज-बेंज स्टेडियम में खेले गए इस बेहद हाई-वोल्टेज मुकाबले में अर्जेंटीना ने इजिप्ट को 3-2 से पराजित कर क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह सुरक्षित कर ली। एक समय इस नॉकआउट मुकाबले में डिफेंडिंग चैंपियन टीम 0-2 के बड़े अंतर से पिछड़ रही थी और उस पर टूर्नामेंट से बाहर होने का गहरा संकट मंडरा रहा था, लेकिन कप्तान लियोनेल मेसी की जादुई अगुआई में टीम ने खेल के अंतिम दस मिनटों में पासा पलट दिया।

    इस महामुकाबले की शुरुआत अर्जेंटीना के लिए किसी बुरे सपने जैसी रही। मैच के शुरुआती पंद्रहवें मिनट में ही इजिप्ट के यासिर इब्राहिम ने एक बेहतरीन मैदानी गोल दागकर अपनी टीम को 1-0 की महत्वपूर्ण बढ़त दिला दी। इस अप्रत्याशित गोल के बाद अर्जेंटीना ने वापसी के लिए चौतरफा हमले तेज कर दिए। इस बीच टीम को बराबरी हासिल करने का एक स्वर्णिम अवसर पेनल्टी के रूप में मिला, लेकिन लियोनेल मेसी इस पर सटीक गोल करने से चूक गए। मध्य प्रदेश समेत दुनियाभर के फुटबॉल प्रशंसकों को स्तब्ध करते हुए इजिप्ट के मजबूत डिफेंस ने पहले हाफ की समाप्ति तक अपनी बढ़त को पूरी तरह बरकरार रखा।

    दूसरे हाफ में भी खेल का रुख काफी समय तक इजिप्ट के पक्ष में नजर आया। मैच के सड़सठवें मिनट में मोस्तफा जीको ने अर्जेंटीना के डिफेंस की कमियों का फायदा उठाते हुए एक और शानदार गोल कर इजिप्ट की बढ़त को 2-0 कर दिया। जब ऐसा प्रतीत होने लगा था कि विश्व कप में अब तक का सबसे बड़ा उलटफेर होने जा रहा है और इजिप्ट इतिहास रचने से महज दस मिनट की दूरी पर था, तभी लियोनेल मेसी का जादुई कौशल देखने को मिला। मेसी ने अपने जादुई बाएं पैर के शक्तिशाली प्रहार से इजिप्ट के गोलकीपर को छकाते हुए अर्जेंटीना का पहला गोल दागा और टीम की उम्मीदों को जीवित कर दिया। इसके ठीक बाद निर्धारित नब्बे मिनट का खेल समाप्त होने तक स्कोर 2-2 की बराबरी पर पहुंच गया।

    इस शानदार गोल के साथ ही महान फुटबॉलर लियोनेल मेसी मौजूदा विश्व कप में सर्वाधिक आठ गोल दागकर गोल्डन बूट की दौड़ में फ्रांस के किलियन एम्बाप्पे और नॉर्वे के एर्लिंग हालैंड से एक बार फिर आगे निकल गए हैं। निर्धारित समय खत्म होने के बाद मिले बेहद तनावपूर्ण स्टॉपेज टाइम में अर्जेंटीना ने अपना आक्रमण और आक्रामक कर दिया। मैच के अंतिम क्षणों में एंजो फर्नांडीज ने एक बेहतरीन हेडर के जरिए गेंद को गोलपोस्ट में डालकर अर्जेंटीना को 3-2 की अकल्पनीय और ऐतिहासिक जीत दिला दी। इस खिताबी जीत के साथ ही अर्जेंटीना ने विश्व कप इतिहास में लगातार 11वीं जीत का अपना अजेय सिलसिला भी कायम रखा है।

    मौजूदा फीफा विश्व कप में अर्जेंटीना अब 5-0-0 के अजेय रिकॉर्ड के साथ आगे बढ़ रहा है। टीम की नजरें अब इटली और ब्राजील के बाद फुटबॉल इतिहास में लगातार दो बार विश्व कप खिताब जीतने वाला तीसरा देश बनने पर टिकी हैं। लियोनेल मेसी के करियर के दौरान अर्जेंटीना लगातार छठी बार विश्व कप के अंतिम आठ में जगह बनाने में सफल रहा है। राउंड ऑफ 16 की इस ऐतिहासिक बाधा को पार करने के बाद अब अर्जेंटीना की टीम 11 जुलाई को कैनसस सिटी के एरोहेड स्टेडियम में होने वाले क्वार्टर फाइनल मुकाबले में कोलंबिया और स्विट्जरलैंड के बीच होने वाले मैच के विजेता से लोहा लेगी।