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  • भारत ने UN में मानवाधिकार रिपोर्ट पर उठाए सवाल…. आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को घेरा

    भारत ने UN में मानवाधिकार रिपोर्ट पर उठाए सवाल…. आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को घेरा


    वाशिंगटन।
    न्यूयॉर्क (New York) में संयुक्त राष्ट्र महासभा (United Nations General Assembly) के 81वें सत्र में मानवाधिकार उच्चायोग के साथ ‘इंटरैक्टिव डायलॉग’ के दौरान प्रथम सचिव अनुज स्वरूप ने भारत का बयान रखा. उन्होंने ओएचसीएचआर (OHCHR) के चयनात्मक रवैये और दोहरे मानदंडों पर चिंता जाहिर करते हुए सवाल खड़े किए. उनकी ओर से पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में मानवाधिका के उल्लंघनों पर रिपोर्ट की मांग की गई।

    दरअसल, अनुज स्वरूप ने मानवाधिकार परिषद में भारत के सदस्य के रूप में अपनी रचनात्मक और सकारात्मक भूमिका को रेखांकित किया. अपने संबोधन के दौरान उम्होंने कहा कि मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (ओएचसीएचआर) की ओर से चुनिंदा मुद्दों पर ध्यान देने और दोहरे मानदंड अपनाने से बहुपक्षीय व्यवस्था पर लोगों का भरोसा कमजोर होता है।


    पाकिस्तान पर OHCHR रिपोर्ट जारी करने की मांग

    इस दौरान भारत ने पाकिस्तान पर एक ओएचसीएचआर रिपोर्ट जारी करने की मांग की, जिसमें पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों की ओर से लोगों की हत्या के मामलों की निष्पक्ष जांच, हिरासत में रखे गए आवामी एक्शन कमेटी के नेताओं को कानूनी प्रक्रिया और न्यायिक अधिकार दिए जाने और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में इंटरनेट सेवाओं पर लगी सभी पाबंदियां हटाने जैसे मुद्दों को शामिल करने की बात कही।


    भारत की पाकिस्तान को दो टूक

    भारत ने पाकिस्तान से कहा कि वह इस बात पर आत्ममंथन करें कि उसके देश के कई हिस्सों, खासकर उसके अवैध कब्जे वाले क्षत्रों में मानवाधिकारों का किस तरीके से उल्लंघन हो रहा है. प्रथम सचिव की ओर से कहा गया कि मानवाधिकारों की रक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना सभी देशों की जिम्मेदारी है और इस दिशा में निष्पक्षता तथा पारदर्शिता बेहद जरूरी है।

    बता दें इससे पहले भी संयुक्त राष्ट्र निरस्त्रीकरण सम्मेलन में आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश दिया गया था. स्थायी मिशन के वरिष्ठ सलाहकार अनमोल शेर बेदी ने पाकिस्तान को साफ संदेश दिया कि भारत आतंकवाद के मुद्दे पर परमाणु हथियारों की धमकी से दबने वाला नहीं है. बेदी ने कहा कि भारत परमाणु धमकी के आगे नहीं झुकेगा और किसी भी आतंकी हमले का जवाब देगा।


    भारत ने पाकिस्तान को दी सीधी चेतावनी

    उन्होंने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा कि भारत के खिलाफ होने वाली किसी भी आतंकी हमले का करारा जवाब दिया जाएगा. भारत आतंकवाद को समर्थन देने वालों और उसकी साजिश रचने वालों के बीच कोई फर्क नहीं करेगा. बेदी ने यह भी कहा कि पिछले साल पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों के खिलाफ चलाया गया ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद किया गया था. पहलगाम हमले में पाकिस्तानी आतंकियों ने 26 नागरिकों की हत्या कर दी थी।

  • सुप्रीम कोर्ट ने शराबबंदी पर उठाए सवाल….600 से ज्यादा मौतों का जिक्र कर गिनाए 5 बड़े नुकसान

    सुप्रीम कोर्ट ने शराबबंदी पर उठाए सवाल….600 से ज्यादा मौतों का जिक्र कर गिनाए 5 बड़े नुकसान


    नई दिल्ली।
    शराबबंदी (Alcohol Prohibition) के असर पर सवाल उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने इससे जुड़ी पांच प्रमुख ‘बुराइयां’ गिनाई हैं। कोर्ट ने कहा कि शराब पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने से राजस्व का नुकसान, प्रतिबंध लागू कराने पर खर्च, पुलिस में भ्रष्टाचार, अवैध शराब बनाने और नशीली दवाओं (Narcotic drugs) से जुड़ी समस्या जैसे खतरे पैदा हो सकते हैं।

    जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के विनोद चंद्रन की पीठ ने यह टिप्पणी महाराष्ट्र पॉइजन्स रूल्स के नियम 18A और 18B को रद्द करते हुए की। इन नियमों के तहत मेथनॉल की खरीद को नियंत्रित किया गया था और गैर-दवा निर्माताओं को इसकी बिक्री से पहले उसमें कड़वा पदार्थ और रंग मिलाना अनिवार्य किया गया था।


    कोर्ट ने शराबबंदी से जुड़े 5 ‘नुकसान’ गिनाए

    सुप्रीम कोर्ट ने शराबबंदी से जुड़े जिन पांच पहलुओं की ओर इशारा किया, वे हैं-
    – राजस्व का नुकसान
    – शराबबंदी लागू कराने पर होने वाला खर्च
    – पुलिस में भ्रष्टाचार
    – अवैध तरीके से शराब बनाने का बढ़ता कारोबार
    – नशीली दवाओं से जुड़ी समस्या
    पीठ ने गुजरात और दूसरे राज्यों में जहरीली शराब से हुई घटनाओं का भी जिक्र किया।


    गुजरात में 600 से ज्यादा लोगों की मौत का जिक्र

    एक रिपोर्ट के मुताबिक, कोर्ट ने कहा कि हाल में गुजरात के भावनगर और मध्य प्रदेश के सागर में हुई जहरीली शराब की घटनाएं अधिकारियों के लिए चेतावनी हैं। इन दोनों घटनाओं में क्रमशः 13 और 15 लोगों की जान गई थी। पीठ ने कहा कि इतिहास बताता है कि पूरी तरह शराबबंदी कई बार शराब के कारोबार को भूमिगत कर देती है। इससे बिना नियमन वाली और जानलेवा शराब के चलन का खतरा बढ़ जाता है।

    कोर्ट ने गुजरात का उदाहरण देते हुए कहा कि राज्य में सख्त शराबबंदी नीति है। पीठ के मुताबिक, राज्य के गठन और देश की आजादी के बाद से वहां कम से कम 10 बड़ी जहरीली शराब त्रासदियां हो चुकी हैं, जिनमें 600 से अधिक लोगों की मौत हुई है।


    1991 में मेथनॉल वाली जहरीली शराब से 93 मौतें

    सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र में बनाए गए नियमों की पृष्ठभूमि का भी उल्लेख किया। ये नियम 1991 में मुंबई में मेथनॉल मिली नकली शराब पीने से 93 लोगों की मौत के बाद बनाए गए थे। इन नियमों में मेथनॉल की खरीद पर रोक-टोक और गैर-दवा निर्माताओं को इसकी बिक्री से पहले उसमें कड़वा पदार्थ और रंग मिलाने की शर्त रखी गई थी।

    महाराष्ट्र सरकार की दलील खारिज
    सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार की याचिका को स्वीकार नहीं किया और कहा कि संबंधित नियमों का जहरीली शराब की घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से कोई तार्किक संबंध दिखाई नहीं देता। पीठ ने स्पष्ट किया कि वह राज्य की मंशा पर सवाल नहीं उठा रही है। हालांकि, केवल अच्छी मंशा किसी नियम को मनमानेपन की कसौटी पर सही साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं है।

    कोर्ट ने कहा कि राज्य यह बताने में असफल रहा कि मेथनॉल में कड़वा पदार्थ और रंग मिलाने की प्रक्रिया लगातार उसके इस्तेमाल को रोकने या हतोत्साहित करने में कैसे प्रभावी होगी।


    ‘दूसरे मिलावटी पदार्थों से नकली शराब बनाने से कैसे रोकेंगे?’

    पीठ ने यह सवाल भी उठाया कि इन पदार्थों को मिलाने से जहरीली शराब पीने से होने वाली मौतों को निश्चित तौर पर कैसे रोका जा सकेगा। कोर्ट के मुताबिक, एक और अहम सवाल का जवाब भी नहीं दिया गया है- अगर मेथनॉल में कुछ पदार्थ मिलाए जाते हैं, तो दूसरे मिलावटी पदार्थों का इस्तेमाल करके नकली शराब बनाने पर रोक कैसे लगेगी। इसी आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र के संबंधित नियमों को रद्द कर दिया।

  • US-Iran War: भारतीय नाविकों की मौत पर उठे सवाल, होर्मुज में 6 की जा चुकी हैं जान

    US-Iran War: भारतीय नाविकों की मौत पर उठे सवाल, होर्मुज में 6 की जा चुकी हैं जान


    तेहरान।
    अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध (America-Iran War) में भारतीय नाविकों (Indian sailors) की मौत के बाद कई सवाल उठ रहे हैं। संघर्ष शुरू होने के बाद अब तक 6 भारतीयों की मौत हो चुकी है। वहीं बीते एक सप्ताह में भारतीय नाविकों वाले 3 जहाजों पर हमले हुए हैं। अमेरिका (America) स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में ओमान के तट के पास इन जहाजों को लगातार निशाना बना रहा है। बीते बुधवार को पालाऊ के झंडे वाले तेल टैंकर ‘एमटी सेट्टेबेलो’ पर हुए हालिया हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई है। ये नाविक हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश के रहने वाले थे। इसके बाद अब इलाके में तैनात भारतीयों की सुरक्षा पर सवालिया निशान लग गया है। ऐसे में समझते हैं कि इस वक्त कितने भारतीय नाविक समंदर में तैनात हैं और किस तरह उन्हें हर रोज अपनी जान की बाजी लगानी पड़ती है।

    आंकड़ों की बात करें तो भारतीय नाविक आज अंतरराष्ट्रीय कमर्शियल शिपिंग इंडस्ट्री की रीढ़ बन चुके हैं। भारत मर्चेंट नेवी वर्कफोर्स के मामले में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा देश है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ग्लोबल मर्चेंट नेवी वर्कफोर्स के मामले में भारत की हिस्सेदारी लगभग 10 प्रतिशत है। इसके अलावा इस वक्त 3 लाख से अधिक भारतीय अंतरराष्ट्रीय कंटेनर जहाजों, बल्क कैरियर और तेल टैंकरों पर सक्रिय रूप से तैनात हैं।

    ये भारतीय अपनी बेहतरीन ट्रेनिंग, फर्राटेदार अंग्रेजी और तकनीक में निपुण होने की वजह से वैश्विक शिपिंग कंपनियां की पहली पसंद होते हैं। यही वजह है कि फारस की खाड़ी, लाल सागर या ओमान की खाड़ी से गुजरने वाले लगभग हर बड़े कमर्शियल जहाज पर भारतीय नाविक होते हैं।


    क्यों जान जोखिम में डालने को मजबूर?

    हर साल हजारों भारतीय युवा इस नौकरी की तरफ क्यों आते हैं? इसके पीछे कई वजहें हैं। विदेशी झंडे वाले जहाजों पर मिलने वाली सैलरी डॉलर में होती है। यह सैलरी भारत में मिलने वाली किसी भी शुरुआती कॉर्पोरेट या इंजीनियरिंग नौकरी की तुलना में कई गुना अधिक होती है। वहीं भारतीय कानूनों के अनुसार, अगर कोई नाविक एक वित्तीय वर्ष में 183 दिनों से अधिक देश से बाहर बिताता है, तो उसे NRI का दर्जा मिलता है और कमाई पूरी तरह से टैक्स-फ्री हो जाती है। इस तरह युवा इस जॉब की तरफ आकर्षित होते हैं।


    नहीं होता रास्ता बदलने का ऑप्शन

    अब समझते हैं कि नाविकों को रिस्क क्यों लेना पड़ता है। जहाजों पर काम करने वाले नाविकों के लिए खतरा तब बढ़ जाता है जब वे अनजाने में ‘ग्रे फ्लीट’ या ‘डार्क फ्लीट’ का हिस्सा बन जाते हैं। ये वैसे संदिग्ध जहाज होते हैं जो अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को दरकिनार कर चोरी-छिपे तेल और ईंधन की सप्लाई करते हैं। इनमें क्रू मेंबर्स के पास यह चुनने का अधिकार बहुत कम या न के बराबर होता है कि उनका जहाज किस देश से होकर गुजरेगा। रूट शिपिंग कंपनियां ही तय करती हैं। समुद्री यूनियनों ने लगातार यह मांग उठाई है कि नाविकों को संकट की घड़ी में हाई-रिस्क जोन में जाने से इनकार करने का अधिकार मिलना चाहिए, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सख्त नियम न होने के कारण भारतीय नाविकों को मजबूरन इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है।

  • KBC पर कार्तिक आर्यन ने अमिताभ बच्चन से पूछा निजी सवाल बिग बी बोले पागल हो क्या

    KBC पर कार्तिक आर्यन ने अमिताभ बच्चन से पूछा निजी सवाल बिग बी बोले पागल हो क्या


    नई दिल्ली । कौन बनेगा करोड़पति KBC के हालिया एपिसोड में कार्तिक आर्यन और अनन्या पांडे ने एक ऐसा सवाल पूछा जिसे सुनकर अमिताभ बच्चन भी हंसी नहीं रोक पाए। इस एपिसोड में कार्तिक ने बिग बी से उनकी निजी जिंदगी से जुड़े कुछ मजेदार सवाल पूछ डाले जिसने शो का माहौल बिल्कुल बदल दिया।

    कार्तिक ने पूछे निजी सवाल

    कौन बनेगा करोड़पति के नए एपिसोड में कार्तिक और अनन्या अपनी फिल्म को प्रमोट करने के लिए आए थे। इस दौरान कार्तिक ने अमिताभ को कोरियन दिल हार्ट बनाना सिखाया और फिर उनके निजी जीवन से जुड़ा एक सवाल पूछ लिया जो सभी के लिए हंसी का कारण बन गया।
    कार्तिक ने अमिताभ से पूछा क्या आपने कभी जया बच्चन से छुपकर कुछ खाया है इस पर अमिताभ मुस्कुराते हुए थोड़ा चिढ़े। लेकिन कार्तिक ने रुकते हुए और एक सवाल पूछा “सर आपके फोन का पासवर्ड क्या जया बच्चन को पता है इस सवाल पर ऑडियंस और कार्तिक भी हंसी रोक नहीं पाए। अमिताभ अपनी हंसी दबाते हुए जवाब देते हैं “पागल हो क्या हम बता देंगे उनको” उनका जवाब इतना मजेदार था कि सभी हंस पड़े।

    अनन्या का सवाल भी था दिलचस्प

    इसके बाद अनन्या पांडे भी शो में शामिल हो गईं और उन्होंने अमिताभ से पूछा कि आजकल के जनरेशन के कुछ नए शब्दों के बारे में उनकी राय क्या है। अमिताभ जो पुराने जमाने के शब्दों के लिए जाने जाते हैं इन नए शब्दों को सुनकर थोड़ा चौंक गए और दर्शकों को उनके इस रिएक्शन पर भी खूब हंसी आई।

    कार्तिक और अनन्या का हंसी-मज़ाक

    कार्तिक और अनन्या के साथ शो का माहौल एकदम हल्का-फुल्का हो गया था। दर्शकों को हर पल हंसी और मस्ती में डूबते देखा गया। यह एपिसोड न केवल मनोरंजक था बल्कि अमिताभ और उनके मेहमानों के बीच की गर्मजोशी और हंसी ने इसे और भी खास बना दिया कौन बनेगा करोड़पति का यह एपिसोड इस साल के सबसे मजेदार एपिसोड्स में से एक बन गया। कार्तिक आर्यन और अनन्या पांडे के साथ बातचीत ने शो को और भी ज्यादा दिलचस्प और मनोरंजक बना दिया। अमिताभ बच्चन का हल्का-फुल्का अंदाज और उनकी रिएक्शन ने साबित कर दिया कि वह सिर्फ एक महान अभिनेता ही नहीं बल्कि एक बेहतरीन एंटरटेनर भी हैं।