Tag: questioned

  • करूर भगदड़ मामला: CBI ने विजय से की 6 घंटे तक पूछताछ, अब होगा फैसला ?

    करूर भगदड़ मामला: CBI ने विजय से की 6 घंटे तक पूछताछ, अब होगा फैसला ?

    नई दिल्ली । केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने करूर भगदड़ मामले के सिलसिले में तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) प्रमुख विजय से सोमवार को एजेंसी मुख्यालय में लगभग छह घंटे तक पूछताछ की। अधिकारियों ने बताया कि विजय पूर्वाह्न 10:20 बजे लग्जरी एसयूवी के काफिले में लोधी रोड स्थित सीबीआई मुख्यालय पहुंचे, जहां बड़ी संख्या में बैरिकेड लगाए गए थे। उन्होंने बताया कि पूछताछ के बाद विजय शाम को लगभग पांच बजे अपनी एसयूवी से सीबीआई मुख्यालय से बाहर आए, गाड़ी से उतरे, हाथ हिलाकर समर्थकों एवं मीडियाकर्मियों का अभिवादन किया और फिर वापस एसयूवी में बैठकर उस पांच सितारा होटल के लिए रवाना हो गए, जहां वह ठहरे हुए हैं। इससे पहले, विजय से 12 जनवरी को यहां सीबीआई मुख्यालय में छह घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की गई थी।

    अधिकारियों के मुताबिक, टीवीके प्रमुख को 13 जनवरी को फिर से आने के लिए कहा गया था, लेकिन अभिनेता ने पोंगल का हवाला देते हुए दूसरी तारीख मांगी थी, जिसके बाद सीबीआई ने उन्हें सोमवार को दूसरे दौर की पूछताछ के लिए तलब किया था।

    विजय से पूछताछ पूरी होने के बाद टीवीके के संयुक्त महासचिव सीटी निर्मल कुमार ने सीबीआई मुख्यालय के बाहर संवाददाताओं से कहा कि बहुत सारी अफवाहें फैलाई जा रही हैं, जो सच नहीं हैं। हम सभी जानते हैं कि करूर में क्या हुआ था। जब गृह मंत्री पिछले दिनों तमिलनाडु आए थे, तब प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने खुले तौर पर कहा था कि करूर से मौजूदा विधायक सेंथिल बालाजी 41 लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार हैं और उन्हें तलब किए जाने तथा उनसे पूछताछ किए जाने की जरूरत है।

    उन्होंने कहा कि हम जांच एजेंसियों के साथ सहयोग कर रहे हैं। कृपया किसी भी तरह की गलत सूचना न फैलाएं। विजय को आगे की पूछताछ के लिए कोई समन जारी नहीं किया गया है। निर्मल कुमार ने कहा कि हम जानते हैं कि इस घटना के लिए कौन जिम्मेदार है, किसने ऐसा किया है और इसके पीछे क्या कारण है। इसलिए हमें कोई अपराधबोध नहीं है…

    हमारे नेता सहयोग करना चाहते थे। हम चाहते हैं कि असली अपराधी को न्याय के कटघरे में लाया जाए… हमें जांच के लिए उपस्थित होने में कोई संकोच नहीं है।

    अधिकारियों के अनुसार, विजय से सीबीआई की भ्रष्टाचार विरोधी इकाई से चुने गए उप अधीक्षक रैंक के एक अधिकारी के नेतृत्व वाली टीम ने पूछताछ की। उन्होंने बताया कि टीवीके प्रमुख से रैली से जुड़े फैसलों, उनके देर से पहुंचने और भाषण जारी रखने के कारणों, मौके पर मची अफरा-तफरी की जानकारी होने, भीड़ की संख्या और भीड़ प्रबंधन में हुई चूक से संबंधित कई सवाल पूछे गए। अधिकारियों ने कहा कि आरोपपत्र में व्यक्तियों की भूमिका तय करने का फैसला विजय, उनकी पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों और रैली की अनुमति देने तथा उसके प्रबंधन में शामिल पुलिस व जिला प्रशासन के अधिकारियों के बयानों के गहन विश्लेषण के बाद ही लिया जाएगा।

    गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद सीबीआई ने करूर भगदड़ मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) से अपने हाथ में ली थी। केंद्रीय जांच एजेंसी 27 सितंबर 2025 को तमिलनाडु के करूर में हुई भगदड़ की घटना से जुड़े सबूत जुटा रही है, जिसमें 41 लोगों की जान चली गई थी और 60 से अधिक लोग घायल हो गए थे।
  • पुतिन ने उठाए अमेरिका नीतियों पर सवाल… बोले- वह खुद हमसे फ्यूल खरीदता है, तो भारत क्यों नहीं…

    पुतिन ने उठाए अमेरिका नीतियों पर सवाल… बोले- वह खुद हमसे फ्यूल खरीदता है, तो भारत क्यों नहीं…


    नई दिल्ली।
    भारत दौरे (India Visit) पर आए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Russian President Vladimir Putin) ने अमेरिका (America) की नीतियों पर सवाल उठा दिए। उन्होंने कहा है कि अगर रूसी ईंधन (Russian fuel) अमेरिका (America) खरीद सकता है, तो भारत क्यों नहीं। उनका यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब अमेरिका की तरफ से भारत को रूसी तेल की खरीद को लेकर निशाना बनाया जा रहा है। इसके चलते भारत पर भारी टैरिफ भी लगाया गया है।

    पुतिन ने कहा, ‘अमेरिका अपने न्यूक्लियर पावर प्लांट्स के लिए हमसे न्यूक्लियर फ्यूल खरीदना जारी रखता है। वह भी तो ईंधन है। एनर्जी है। यह न्यूक्लियर पावर प्लांट्स के लिए यूरेनियम है, जो अमेरिका में काम कर रहे हैं।’ उन्होंने कहा, ‘अगर अमेरिका के पास हमसे फ्यूल खरीदने का अधिकार है, तो भारत को इस अधिकार से वंचित क्यों रखा जाना चाहिए। यह बहुत ही बारीकी से अध्ययन करने वाला मुद्दा है। हम राष्ट्रपति ट्रंप के साथ इस मुद्दे पर चर्चा करने और बहस करने के लिए तैयार हैं।’

    रूसी राष्ट्रपति ने रूस पर पश्चिमी प्रतिबंधों के मद्देनजर भारत द्वारा रूसी कच्चे तेल की खरीद कम करने के बारे में पूछे गए प्रश्न के जवाब में कहा, ‘इस वर्ष के पहले नौ महीनों के दौरान कुल व्यापार कारोबार में कुछ गिरावट आई है। यह बस एक मामूली समायोजन है। कुल मिलाकर, हमारा व्यापार कारोबार लगभग पहले के स्तर पर ही बना हुआ है।’


    भारत की प्रगति से डरे देश
    पुतिन ने कहा कि कुछ वैश्विक ताकतें दुनिया के बाजारों में भारत की बढ़ती ताकत से परेशान हैं। उन्होंने कहा कि रूसी तेल की खरीद को लेकर पश्चिम की चिंताएं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का टैरिफ फैसला भारत के बढ़ते आर्थित प्रभाव के बारे में चिंता दिखाता है। उन्होंने कहा कि दो देशों के बीच ऊर्जा साझेदारी की बुनियाद लंबी है। उन्होंने कहा, ‘भारत के साथ हमारे ऊर्जा सहयोग पर मौजूदा हालात, राजनीति या यूक्रेन में हो रही घटनाओं का कोई असर नहीं पड़ा है।’ रूसी राष्ट्रपति ने अमेरिका के आक्रामक रुख पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा, ‘कुछ बाहरी दबावों के बावजूद, न तो मैंने और न ही प्रधानमंत्री मोदी ने कभी भी, किसी के खिलाफ काम करने के लिए हमारी साझेदारी का इस्तेमाल नहीं किया।’


    ट्रंप पर क्या बोले
    उन्होंने कहा, ‘अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का अपना एजेंडा है, अपने लक्ष्य हैं, जबकि हमारा ध्यान अपने ऊपर है – किसी के खिलाफ नहीं, बल्कि हमारा लक्ष्य अपने-अपने हितों, भारत और रूस के हितों की रक्षा करना है।’ रूसी राष्ट्रपति की भारत यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत-अमेरिका संबंध पिछले दो दशकों में शायद सबसे खराब दौर से गुजर रहे हैं और अमेरिका ने भारतीय सामान पर भारी 50 प्रतिशत शुल्क लगाया है, जिसमें रूस से कच्चे तेल की खरीद पर 25 प्रतिशत कर भी शामिल है।