Tag: Rahu Kaal

  • 22 अप्रैल का पंचांग स्कंद षष्ठी पर रवि योग और विजय मुहूर्त का विशेष संयोग जानिए शुभ और अशुभ समय

    22 अप्रैल का पंचांग स्कंद षष्ठी पर रवि योग और विजय मुहूर्त का विशेष संयोग जानिए शुभ और अशुभ समय


    नई दिल्ली:
    धार्मिक आस्था और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार 22 अप्रैल का दिन विशेष महत्व रखता है क्योंकि इस दिन स्कंद षष्ठी का पावन पर्व मनाया जा रहा है यह पर्व भगवान कार्तिकेय को समर्पित होता है जिन्हें भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र के रूप में पूजा जाता है इस अवसर पर श्रद्धालु व्रत रखकर विधि विधान से पूजा अर्चना करते हैं और सुख समृद्धि की कामना करते हैं

    पंचांग के अनुसार यह दिन वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को पड़ रहा है जो रात 10 बजकर 49 मिनट तक प्रभावी रहेगी इसके बाद सप्तमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी सूर्योदय सुबह 5 बजकर 49 मिनट पर होगा और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 51 मिनट पर निर्धारित है वहीं आर्द्रा नक्षत्र रात 10 बजकर 13 मिनट तक रहेगा जिसके बाद पुनर्वसु नक्षत्र का आरंभ होगा

    इस दिन का सबसे खास पहलू रवि योग का निर्माण है जो सुबह 5 बजकर 49 मिनट से रात 10 बजकर 13 मिनट तक रहेगा ज्योतिष के अनुसार यह योग शुभ कार्यों के लिए अत्यंत अनुकूल माना जाता है हालांकि इस दिन अभिजीत मुहूर्त नहीं बन रहा है लेकिन विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 22 मिनट तक रहेगा जो किसी भी महत्वपूर्ण कार्य की सफलता के लिए उपयुक्त माना जाता है इसके अलावा अमृत काल दोपहर 12 बजकर 57 मिनट से 2 बजकर 26 मिनट तक रहेगा जो अत्यंत शुभ समय माना जाता है

    दिन की शुरुआत ब्रह्म मुहूर्त से होगी जो सुबह 4 बजकर 21 मिनट से 5 बजकर 5 मिनट तक रहेगा यह समय पूजा और ध्यान के लिए सबसे श्रेष्ठ माना जाता है वहीं शाम को गोधूलि मुहूर्त 6 बजकर 50 मिनट से 7 बजकर 12 मिनट तक रहेगा जो धार्मिक अनुष्ठानों के लिए अनुकूल माना जाता है

    अशुभ समय की बात करें तो राहुकाल दोपहर 12 बजकर 20 मिनट से 1 बजकर 58 मिनट तक रहेगा इस दौरान किसी भी नए या महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत से बचने की सलाह दी जाती है इसके अलावा यमगंड काल सुबह 7 बजकर 27 मिनट से 9 बजकर 4 मिनट तक रहेगा और गुलिक काल सुबह 10 बजकर 42 मिनट से दोपहर 12 बजकर 20 मिनट तक प्रभावी रहेगा दुर्मुहूर्त का समय दोपहर 11 बजकर 54 मिनट से 12 बजकर 46 मिनट तक रहेगा जिसे अशुभ माना जाता है

    इसके साथ ही वर्ज्य काल सुबह 7 बजकर 45 मिनट से 9 बजकर 14 मिनट तक रहेगा इस दौरान भी शुभ कार्यों से परहेज करना उचित माना जाता है ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार सही मुहूर्त का चयन जीवन में सकारात्मक परिणाम लाने में सहायक होता है

     22 अप्रैल का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है जहां एक ओर स्कंद षष्ठी का व्रत और पूजा का विशेष महत्व है वहीं दूसरी ओर शुभ योगों का संयोग इसे और भी खास बनाता है ऐसे में श्रद्धालुओं को सलाह दी जाती है कि वे दिन के शुभ और अशुभ समय का ध्यान रखते हुए अपने कार्यों की योजना बनाएं ताकि उन्हें बेहतर फल प्राप्त हो सके

  • रविवार का पंचांग अपडेट: कामदा एकादशी, मुहूर्त और राहुकाल की पूरी जानकारी

    रविवार का पंचांग अपडेट: कामदा एकादशी, मुहूर्त और राहुकाल की पूरी जानकारी

    नई दिल्ली:29 मार्च 2026, रविवार का दिन सनातन धर्म के अनुयायियों के लिए विशेष महत्व रखता है क्योंकि इस दिन शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है। इसे कामदा एकादशी या अमलकी एकादशी के नाम से जाना जाता है और यह दिन नारायण भगवान की आराधना और व्रत करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस वर्ष रविवार को एकादशी तिथि सुबह 7 बजकर 46 मिनट तक रहेगी और उसके बाद द्वादशी तिथि प्रारंभ होगी। हालांकि, सूर्य उदय के समय के अनुसार पूरे दिन एकादशी का ही महत्व रहेगा।

    सूर्योदय इस दिन 6 बजकर 14 मिनट पर होगा और सूर्यास्त 6 बजकर 37 मिनट पर होगा। पंचांग के अनुसार नक्षत्र अश्लेषा दोपहर 2 बजकर 38 मिनट तक रहेगा और उसके बाद मघा नक्षत्र शुरू होगा। योग धृति शाम 6 बजकर 20 मिनट तक रहेगा और करण विष्टि सुबह 7 बजकर 46 मिनट तक रहेगा।

    29 मार्च को कई शुभ मुहूर्त भी निर्धारित हैं। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 42 मिनट से 5 बजकर 28 मिनट तक रहेगा और इस दौरान पूजा-अर्चना करना अत्यंत फलदायी माना गया है। अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 1 मिनट से 12 बजकर 51 मिनट तक रहेगा जबकि विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 19 मिनट तक रहेगा। शाम के समय गोधूलि मुहूर्त 6 बजकर 36 मिनट से 6 बजकर 59 मिनट तक रहेगा और सायाह्न संध्या 6 बजकर 37 मिनट से 7 बजकर 47 मिनट तक होगी। इसके अलावा अमृत काल दोपहर 1 बजकर 2 मिनट से 2 बजकर 38 मिनट तक रहेगा और इसे किसी भी शुभ कार्य के लिए अत्यंत शुभ समय माना जाता है।

    अशुभ समय की जानकारी भी महत्वपूर्ण है ताकि इस दौरान कोई महत्वपूर्ण कार्य न किया जाए। राहुकाल शाम 5 बजकर 4 मिनट से 6 बजकर 37 मिनट तक रहेगा। यमगंड दोपहर 12 बजकर 26 मिनट से 1 बजकर 59 मिनट तक रहेगा। गुलिक काल शाम 3 बजकर 32 मिनट से 5 बजकर 4 मिनट तक रहेगा और दुर्मुहूर्त शाम 4 बजकर 58 मिनट से 5 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। भद्रा सुबह 6 बजकर 15 मिनट से 7 बजकर 46 मिनट तक रहेगा जबकि गंड मूल पूरे दिन प्रभाव में रहेगा।

    भक्त इस दिन कामदा एकादशी व्रत कर सकते हैं और शुभ मुहूर्त के अनुसार पूजा-अर्चना या धार्मिक कार्य संपन्न कर सकते हैं। राहुकाल, यमगंड, गुलिक काल और दुर्मुहूर्त में कोई भी शुभ कार्य करने से बचना चाहिए। पंचांग के अनुसार, ब्रह्म मुहूर्त और अमृत काल का लाभ उठाकर दिन को विशेष बनाया जा सकता है। इस प्रकार रविवार का यह दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण और फलदायी माना जाता है।

  • आज का पंचांग और होलिका दहन: राहुकाल, शुभ मुहूर्त और धार्मिक आयोजन

    आज का पंचांग और होलिका दहन: राहुकाल, शुभ मुहूर्त और धार्मिक आयोजन

     
    नई दिल्ली :आज 3 मार्च 2026 मंगलवार को फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि है और पूरे देश में होलिका दहन का पर्व बड़े धूमधाम से मनाया जाएगा। पंचांग के अनुसार पूर्णिमा तिथि आज शाम 5:07 बजे तक रहेगी और इसके बाद प्रतिपदा तिथि प्रारंभ होगी। सूर्योदय आज प्रातः 6:44 बजे होगा और सूर्यास्त सायं 6:22 बजे होगा।

    चंद्रमा आज सिंह राशि में मघा नक्षत्र में विराजमान हैं और यह नक्षत्र प्रातः 7:31 बजे तक रहेगा। मघा नक्षत्र के देवता पितृ माने गए हैं, इसलिए आज का दिन पूर्वजों के स्मरण, आशीर्वाद और आध्यात्मिक साधना के लिए अत्यंत फलदायी है। ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि इस दिन की पूजा और धार्मिक अनुष्ठान विशेष फलदायक होते हैं। चंद्रोदय सायं 6:21 बजे होगा और चंद्रास्त नहीं होगा, जिससे पूर्णिमा की रात विशेष महत्व रखती है।

    ग्रहों की स्थिति पर नजर डालें तो सूर्य, मंगल, बुध और राहु कुंभ राशि में स्थित हैं। गुरु बृहस्पति मिथुन राशि में, जबकि शुक्र और शनि मीन राशि में विराजमान हैं और केतु सिंह राशि में हैं। इन ग्रहों की स्थिति सामाजिक सक्रियता और धार्मिक आयोजनों को बल देने वाली मानी जाती है।

    आज का योग ‘सुकर्मा’ है, जो प्रातः 10:25 बजे तक रहेगा। यह योग नए कार्यों की शुरुआत और प्रतिष्ठा में वृद्धि के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। करण बव आज सायं 5:07 बजे तक रहेगा और इसके बाद अगले दिन प्रातः 4:54 बजे तक अन्य करण प्रभावी रहेगा।

    शुभ मुहूर्त की बात करें तो अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:10 बजे से 12:56 बजे तक है। इस दौरान महत्वपूर्ण निर्णय लेना, पूजा-अर्चना करना और नए कार्य की शुरुआत करना लाभकारी माना जाता है। अमृत काल 4 मार्च की प्रातः 1:13 बजे से 2:49 बजे तक रहेगा।

    अशुभ समय में राहुकाल दोपहर 3:28 बजे से 4:55 बजे तक रहेगा, इस दौरान किसी भी महत्वपूर्ण कार्य से बचना चाहिए। गुलिकाल दोपहर 12:33 बजे से 2:00 बजे तक है और यमगण्ड प्रातः 9:39 बजे से 11:06 बजे तक रहेगा। धार्मिक विशेषज्ञों का कहना है कि राहुकाल के समय किसी भी निर्णय या पूजा से बचना चाहिए और शुभ मुहूर्त का ही पालन करना चाहिए।

    देशभर में होलिका दहन की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। पूर्णिमा तिथि पर विधिपूर्वक पूजा-अर्चना और रात्रि में होलिका दहन का आयोजन किया जाएगा। धार्मिक आस्थावानों को सलाह दी गई है कि इस दिन दान-पुण्य करें, पारिवारिक एकता बनाए रखें और आध्यात्मिक साधना में समय दें।

    पूर्णिमा और मघा नक्षत्र का यह संयोजन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत फलदायी है। यह दिन न केवल धार्मिक अनुष्ठानों के लिए उपयुक्त है बल्कि सामाजिक और पारिवारिक मेल-जोल के लिए भी महत्वपूर्ण है। पंचांग के जानकारों के अनुसार इस दिन पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान करने से मनोकामना पूरी होती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

    आज का दिन आध्यात्मिक जागरूकता और धार्मिक गतिविधियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। राहुकाल में सतर्क रहने और शुभ मुहूर्त का लाभ उठाने से सभी कार्य सफल और फलदायी होंगे। होलिका दहन के साथ यह पूर्णिमा तिथि जीवन में अच्छाई और समृद्धि का संदेश लेकर आती है।

  • गुरुवार 26 फरवरी 2026: रवि योग, अमृतकाल, राहुकाल और शुभ मुहूर्त की पूरी जानकारी

    गुरुवार 26 फरवरी 2026: रवि योग, अमृतकाल, राहुकाल और शुभ मुहूर्त की पूरी जानकारी


    नई दिल्ली। सनातन धर्म में पंचांग का विशेष महत्व है। यह दिन-प्रतिदिन के कार्यों के लिए शुभ और अशुभ समय बताता है। 26 फरवरी गुरुवार को नारायण और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित है। इस दिन शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि रात 12 बजकर 33 मिनट तक रहेगी, उसके बाद एकादशी आरंभ होगी।

    पंचांग के पांच अंग होते हैं-तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। इनका मिलकर शुभ-अशुभ समय निर्धारित करने में उपयोग होता है। 26 फरवरी को नक्षत्र मृगशिरा दोपहर 12 बजकर 11 मिनट तक रहेगा, उसके बाद आर्द्रा नक्षत्र प्रारंभ होगा। योग प्रीति रात 10 बजकर 33 मिनट तक रहेगा। यह दिन रवि योग से युक्त है, जो अत्यंत शुभ फलदायी माना जाता है। सूर्योदय 6 बजकर 49 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 19 मिनट पर होगा।

    मुहूर्त का ज्ञान भी पंचांग से ही मिलता है। गुरुवार के शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं- अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 11 मिनट से 12 बजकर 57 मिनट तक, विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 29 मिनट से 3 बजकर 15 मिनट तक। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 9 मिनट से 5 बजकर 59 मिनट तक रहेगा। गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 16 मिनट से 6 बजकर 42 मिनट तक है। अमृत काल रात 1 बजकर 23 मिनट से 2 बजकर 53 मिनट तक रहेगा। पूरे दिन रवि योग का प्रभाव बना रहेगा।

    पंचांग में अशुभ काल का विशेष महत्व होता है। राहुकाल दोपहर 2 बजे से 3 बजकर 27 मिनट तक रहेगा। यमगंड सुबह 6 बजकर 49 मिनट से 8 बजकर 16 मिनट तक रहेगा। गुलिक काल सुबह 9 बजकर 42 मिनट से 11 बजकर 8 मिनट तक है। दुर्मुहूर्त सुबह 10 बजकर 39 मिनट से 11 बजकर 25 मिनट तक रहेगा। इस दौरान किसी भी नए या महत्वपूर्ण कार्य से परहेज करना चाहिए।

    गुरुवार के दिन देवगुरु बृहस्पति और नारायण को समर्पित पूजन का विधान है। पीले रंग का भोजन करना, पीले वस्त्र धारण करना और मस्तक पर पीला चंदन या हल्दी लगाना शुभ माना जाता है। इस दिन दान करना और नारायण की विशेष पूजा करना अत्यंत फलदायी होता है।संपूर्ण दिन के पंचांग का पालन करके व्यक्ति अपने कार्यों में सफलता और समृद्धि प्राप्त कर सकता है। शुभ मुहूर्त और रवि योग का ध्यान रखते हुए गुरुवार को किए गए कार्य विशेष फलदायी माने जाते हैं।

  • 24 फरवरी 2026 पंचांग: अभिजीत और अमृत काल में करें शुभ कार्य, जानें ग्रह-नक्षत्र की स्थिति

    24 फरवरी 2026 पंचांग: अभिजीत और अमृत काल में करें शुभ कार्य, जानें ग्रह-नक्षत्र की स्थिति


    नई दिल्ली।24 फरवरी 2026, मंगलवार का दिन विशेष खगोलीय संयोगों के कारण महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि प्रातः 7:01 बजे तक प्रभावी रहेगी, इसके बाद अष्टमी तिथि आरंभ हो जाएगी। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार आज का दिन सामाजिक प्रतिष्ठा, प्रशासनिक कार्यों और व्यक्तिगत निर्णयों के लिहाज से प्रभावशाली रह सकता है।

    ग्रहों की स्थिति और नक्षत्र प्रभाव
    आज सूर्य, मंगल, बुध, शुक्र और राहु का कुंभ राशि में संयोग बना हुआ है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यह ग्रह स्थिति सामूहिक प्रयासों, सार्वजनिक जीवन और सरकारी गतिविधियों में सक्रियता बढ़ाने वाली मानी जाती है।

    वहीं चंद्रमा वृषभ राशि में स्थित रहेगा और कृत्तिका नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। कृत्तिका नक्षत्र को ऊर्जा, स्पष्ट सोच और साहस का प्रतीक माना जाता है। पंचांग विशेषज्ञों का मानना है कि यह नक्षत्र अधूरे कार्यों को पूरा करने और नई योजनाओं को गति देने के लिए अनुकूल समय प्रदान करता है।

    योग और शुभ मुहूर्त
    दिन की शुरुआत इन्द्र योग से होगी, जो प्रातः 7:24 बजे तक प्रभावी रहेगा। इन्द्र योग को मान-सम्मान और सफलता प्रदान करने वाला योग माना जाता है। इसके पश्चात वैधृति योग प्रारंभ होगा। इस योग में धैर्य, संतुलन और सोच-समझकर निर्णय लेने की सलाह दी जाती है।

    आज का अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:12 बजे से 12:57 बजे तक रहेगा। इस अवधि को विशेष रूप से शुभ कार्यों, सरकारी प्रक्रियाओं और महत्वपूर्ण शुरुआत के लिए अनुकूल माना गया है।

    इसके अतिरिक्त अमृत काल दोपहर 12:51 बजे से 2:22 बजे तक रहेगा। यह समय नए कार्य आरंभ करने, अनुबंध करने और सकारात्मक निर्णय लेने के लिए श्रेष्ठ माना जाता है।

    राहुकाल और सावधानियां
    पंचांग के अनुसार राहुकाल सायं 3:26 बजे से 4:52 बजे तक रहेगा। इस दौरान निवेश, विवाद या बड़े निर्णय लेने से बचने की सलाह दी जाती है।

    यमगण्ड और गुलिकाल के समय भी पारंपरिक रूप से सावधानी बरतने की परंपरा रही है। ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार इन समयों का पालन केवल धार्मिक मान्यता नहीं, बल्कि मानसिक अनुशासन और समय प्रबंधन का भी एक हिस्सा है।

    सूर्योदय और चंद्रमा से जुड़ी जानकारी
    आज सूर्योदय प्रातः 6:51 बजे और सूर्यास्त सायं 6:18 बजे होगा। चंद्रोदय 10:58 बजे और चंद्रास्त अगले दिन 1:40 बजे निर्धारित है। यह जानकारी विशेष रूप से व्रत, पूजन और दैनिक धार्मिक अनुष्ठानों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।

    पंचांग का व्यापक महत्व
    ज्योतिष विश्लेषकों का कहना है कि पंचांग केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि भारतीय सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन का अभिन्न अंग है। ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के आधार पर समय का सदुपयोग, निर्णय की दिशा और कार्यों की योजना बनाने की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है।

  • आज का पंचांग 11 फरवरी 2026 फाल्गुन माह की कृष्ण नवमी पर करें गणपति पूजन मिलेगा बुद्धि समृद्धि और सफलता का आशीर्वाद

    आज का पंचांग 11 फरवरी 2026 फाल्गुन माह की कृष्ण नवमी पर करें गणपति पूजन मिलेगा बुद्धि समृद्धि और सफलता का आशीर्वाद


    नई दिल्ली। 11 फरवरी 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि आज फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है और साथ ही बुधवार का पावन संयोग भी बन रहा है। हिंदू धर्म में बुधवार का दिन मुख्य रूप से भगवान गणेश को समर्पित होता है। गणपति बप्पा को विघ्नहर्ता और बुद्धि के देवता कहा जाता है। ऐसी मान्यता है कि जो भक्त आज के दिन सच्चे मन से भगवान गणेश की पूजा अर्चना करता है उसके जीवन के समस्त विघ्न बाधाएं दूर होती हैं और उसे बुद्धि विवेक सफलता तथा समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। विशेष रूप से जिन लोगों की कुंडली में बुध दोष होता है उनके लिए यह दिन अत्यंत फलदायी माना जाता है।

    आज के दिन गणेश जी को दूर्वा अर्पित करना अत्यंत शुभ माना गया है। इसके साथ ही मोदक और शमी के पत्ते चढ़ाने से भगवान शीघ्र प्रसन्न होते हैं। पूजा के समय ॐ गं गणपतये नमः मंत्र का जाप करने से मानसिक शांति मिलती है और कार्यों में सफलता के मार्ग प्रशस्त होते हैं। यदि कोई नया कार्य आरंभ करना चाहते हैं तो आज का दिन उपयुक्त साबित हो सकता है बशर्ते शुभ मुहूर्त का ध्यान रखा जाए।

    आज का अमृत काल प्रातः 03:50 से 05:38 तक रहेगा। यह समय अत्यंत शुभ और मंगलकारी माना जाता है। इसके अतिरिक्त ब्रह्म मुहूर्त 05:28 से 06:16 तक है। ब्रह्म मुहूर्त में उठकर ध्यान जप और पूजा करने से आध्यात्मिक ऊर्जा की प्राप्ति होती है और मन में सकारात्मकता का संचार होता है।

    अशुभ समय की बात करें तो राहुकाल दोपहर 12:41 से 2:04 तक रहेगा। इस अवधि में किसी भी नए कार्य की शुरुआत करने से बचना चाहिए। यम गण्ड प्रातः 8:29 से 9:53 तक रहेगा जबकि कुलिक काल 11:17 से 12:41 तक है। दुर्मुहूर्त 12:18 से 01:03 तक रहेगा और वर्ज्यम् सायं 05:07 से 06:54 तक है। इन समयों में शुभ कार्यों से परहेज करना ही उचित माना जाता है।

    सूर्योदय प्रातः 7:05 पर होगा और सूर्यास्त सायं 6:16 पर। चंद्रोदय 11 फरवरी को प्रातः 2:07 पर हुआ है जबकि चंद्रास्त दोपहर 12:48 पर होगा। ग्रह नक्षत्रों की यह स्थिति साधना और आराधना के लिए अनुकूल मानी जा रही है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आज के दिन सादगी और श्रद्धा के साथ गणेश पूजन करने से जीवन में स्थिरता आती है और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होती है। विद्यार्थी वर्ग के लिए यह दिन विशेष लाभकारी हो सकता है। व्यापार और करियर से जुड़े लोगों को भी आज भगवान गणेश का आशीर्वाद लेने से सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो सकते हैं।

    इस प्रकार 11 फरवरी 2026 का यह दिन आस्था विश्वास और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण है। यदि शुभ मुहूर्त का ध्यान रखते हुए भगवान गणेश की आराधना की जाए तो जीवन में सुख शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त हो सकता है।

  • 08 फरवरी 2026 का पंचांग: फाल्गुन कृष्ण सप्तमी आज, जानें शुभ-अशुभ मुहूर्त और सूर्य-चंद्र का समय

    08 फरवरी 2026 का पंचांग: फाल्गुन कृष्ण सप्तमी आज, जानें शुभ-अशुभ मुहूर्त और सूर्य-चंद्र का समय


    नई दिल्ली । आज 08 फरवरी 2026, रविवार को फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि है। धार्मिक दृष्टि से यह दिन पूजा-पाठ, जप-तप और व्रत-अनुष्ठान के लिए विशेष महत्व रखता है। दिन की शुरुआत ब्रह्म मुहूर्त से होती है, जिसे आध्यात्मिक साधना के लिए श्रेष्ठ माना गया है। वहीं शुभ कार्यों की योजना बनाते समय अभिजीत और अमृत काल को विशेष रूप से ध्यान में रखा जाता है।

    आज के पंचांग के अनुसार अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 18 मिनट से 1 बजकर 03 मिनट तक रहेगा, जो किसी भी नए और शुभ कार्य की शुरुआत के लिए अनुकूल माना जाता है। वहीं अमृत काल शाम 7 बजकर 17 मिनट से 9 बजकर 03 मिनट तक रहेगा, इस दौरान किए गए कार्यों में सफलता की संभावना अधिक रहती है। प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त 5 बजकर 30 मिनट से 6 बजकर 18 मिनट तक रहेगा, जो ध्यान, योग और ईश्वर स्मरण के लिए सर्वोत्तम समय है।

    अशुभ काल की बात करें तो आज राहुकाल शाम 4 बजकर 51 मिनट से 6 बजकर 14 मिनट तक रहेगा। इस दौरान किसी भी नए या महत्वपूर्ण कार्य से बचना चाहिए। यम गण्ड दोपहर 12 बजकर 41 मिनट से 2 बजकर 04 मिनट तक और कुलिक काल 3 बजकर 27 मिनट से 4 बजकर 51 मिनट तक रहेगा। इसके अतिरिक्त दुर्मुहूर्त शाम 4 बजकर 45 मिनट से 5 बजकर 30 मिनट तक तथा वर्ज्यम् काल सुबह 8 बजकर 40 मिनट से 10 बजकर 26 मिनट तक रहेगा, जिसे शुभ कार्यों के लिए वर्जित माना गया है।

    खगोलीय दृष्टि से आज सूर्य का उदय सुबह 7 बजकर 07 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 14 मिनट पर होगा। चंद्रमा का उदय 9 फरवरी की रात 12 बजकर 18 मिनट पर होगा, जबकि चंद्रास्त 9 फरवरी को सुबह 11 बजकर 23 मिनट पर रहेगा। शुभ मुहूर्त में किए गए कार्य सकारात्मक फल प्रदान करते हैं, इसलिए दिन की योजना पंचांग के अनुसार बनाना लाभकारी माना जाता है।

    शुभ काल:
    अभिजीत मुहूर्त – 12:18 PM – 01:03 PM
    अमृत काल – 07:17 PM – 09:03 PM
    ब्रह्म मुहूर्त – 05:30 AM – 06:18 AM

    अशुभ काल:
    राहुकाल – 04:51 PM – 06:14 PM
    यम गण्ड – 12:41 PM – 02:04 PM
    कुलिक – 03:27 PM – 04:51 PM
    दुर्मुहूर्त – 04:45 PM – 05:30 PM
    वर्ज्यम् – 08:40 AM – 10:26 AM

    सूर्य और चंद्रमा का समय:
    सूर्योदय – 07:07 AM
    सूर्यास्त – 06:14 PM
    चन्द्रोदय – 09 फरवरी, 12:18 AM
    चन्द्रास्त – 09 फरवरी, 11:23 AM

  • आज का पंचांग 24 जनवरी 2026: धार्मिक कार्यों और पूजा के लिए विशेष शुभ दिन, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल

    आज का पंचांग 24 जनवरी 2026: धार्मिक कार्यों और पूजा के लिए विशेष शुभ दिन, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल


    नई दिल्ली।आज माघ मास की शुक्ल पक्ष षष्ठी तिथि है। पंचांग के अनुसार चंद्रमा मीन राशि में संचार कर रहा है जिससे भक्ति ध्यान और मानसिक शांति के योग बन रहे हैं। शिव योग दोपहर 2:02 बजे तक प्रभाव में रहेगा इसके बाद सिद्ध योग का आरंभ होगा। यह योग धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों के लिए बेहद अनुकूल माना जाता है।

    षष्ठी तिथि रात्रि 12:40 बजे तक रहेगी इसके पश्चात सप्तमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। नक्षत्र की बात करें तो उत्तराभाद्रपद नक्षत्र दोपहर 2:16 बजे तक रहेगा इसके बाद रेवती नक्षत्र प्रभाव में आएगा। गंडमूल नक्षत्र का प्रारंभ दोपहर 2:16 बजे के बाद माना गया है इसलिए इस समय जन्म नामकरण या नए कार्यों में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।करण का विवरण इस प्रकार है। कौलव करण दोपहर 1:14 बजे तक रहेगा इसके बाद गर करण का प्रभाव होगा। सूर्य उत्तरायण स्थिति में है और ऋतु शिशिर चल रही है। सूर्योदय सुबह 7:12 बजे और सूर्यास्त शाम 5:53 बजे होगा।

    आज के शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5:11 से 6:04 बजे तक विजय मुहूर्त दोपहर 2:09 से 2:52 बजे तक और गोधूलि बेला शाम 5:42 से 6:09 बजे तक है। निशीथ काल रात 11:54 से 12:47 बजे तक रहेगा। इन समयों में पूजा ध्यान जप और मानसिक शुद्धि से जुड़े कार्य विशेष फलदायी माने जाते हैं।आज के अशुभ समय में राहुकाल सुबह 9:00 से 10:30 बजे गुलिक काल सुबह 6:00 से 7:30 बजे और यमगंड दोपहर 1:30 से 3:30 बजे तक रहेगा। दुर्मुहूर्त सुबह 6:57 से 7:40 बजे तक और पूरे दिन पंचक का प्रभाव रहेगा। इस अवधि में नए कार्य या शुभ निर्णय लेने से बचना चाहिए।

    आज का विशेष उपाय यह है कि जल में दूध और काले तिल मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करना चाहिए। इसके साथ ॐ नमः शिवाय मंत्र का 108 बार जप करने से मानसिक तनाव कम होता है और जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं।सप्ताह का यह शनिवार धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। श्रद्धा और नियमपूर्वक किए गए उपाय जीवन में स्थिरता शांति और सफलता के मार्ग प्रशस्त करते हैं।

  • 19 January 2026 Panchang: गुप्त नवरात्रि की शुरुआत, सर्वार्थ सिद्धि योग का शुभ संयोग

    19 January 2026 Panchang: गुप्त नवरात्रि की शुरुआत, सर्वार्थ सिद्धि योग का शुभ संयोग


    नई दिल्ली। अगर आप अपने दिन की शुरुआत शुभ और सकारात्मक ऊर्जा के साथ करना चाहते हैं तो 19 जनवरी 2026 का पंचांग आपके लिए बेहद लाभकारी साबित हो सकता है। यह दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से खास माना जा रहा है। सोमवार के दिन माघ माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि है और इसी दिन से गुप्त नवरात्रि की शुरुआत हो रही है, जो 27 जनवरी तक चलेगी।

    गुप्त नवरात्रि विशेष रूप से साधना, तंत्र-मंत्र और देवी उपासना के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दिन मां दुर्गा की गुप्त रूप से आराधना की जाती है। साथ ही आज सोमवार व्रत रखा जाएगा जो भगवान शिव को समर्पित होता है। शिव भक्तों के लिए यह दिन विशेष फलदायी माना गया है।

    शुभ योग और ग्रह स्थिति
    19 जनवरी को सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है। यह योग नए कार्यों की शुरुआत, पूजा-पाठ, व्रत, जप-तप और निवेश के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
    इस दिन चंद्रमा मकर राशि में संचार करेगा और सूर्य भी मकर राशि में स्थित रहेगा, जिससे कार्यों में स्थिरता और अनुशासन का प्रभाव देखने को मिलेगा।

    शुभ काल Auspicious Timings
    ब्रह्म मुहूर्त: 05:10 AM – 05:58 AM

    अमृत काल: 02:09 AM – 03:50 AM

    अभिजीत मुहूर्त: 11:52 AM – 12:35 PM

    इन समयों में पूजा, ध्यान, मंत्र जाप और महत्वपूर्ण निर्णय लेना शुभ माना जाता है।

    अशुभ काल Inauspicious Timings
    राहु काल: 08:09 AM – 09:30 AM

    यम गण्ड: 10:52 AM – 12:14 PM

    कुलिक काल: 01:35 PM – 02:57 PM

    दुर्मुहूर्त:

    12:35 PM – 01:19 PM

    02:46 PM – 03:29 PM

    वर्ज्यम्: 04:04 PM – 05:45 PM

    इन समयों में शुभ कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है।

    सूर्य और चंद्रमा का समय
    सूर्योदय: 06:47 AM

    सूर्यास्त: 05:40 PM

    चन्द्रोदय: 07:06 AM

    चन्द्रास्त: 06:16 PM

    क्या करें इस दिन
    मां दुर्गा और भगवान शिव की पूजा करें

    गुप्त नवरात्रि के संकल्प लें

    मंत्र जाप, ध्यान और साधना के लिए दिन उत्तम

    नए कार्यों की योजना बनाना शुभ  इस प्रकार 19 जनवरी 2026 का दिन धार्मिक, आध्यात्मिक और ज्योतिषीय रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है। सही मुहूर्त और पंचांग के अनुसार कार्य करने से दिन सफल और फलदायी बन सकता है।

  • 14 जनवरी 2026 का पंचांग: माघ कृष्ण एकादशी पर गणेश पूजन का विशेष योग, जानें शुभ-अशुभ मुहूर्त

    14 जनवरी 2026 का पंचांग: माघ कृष्ण एकादशी पर गणेश पूजन का विशेष योग, जानें शुभ-अशुभ मुहूर्त

    नई दिल्ली । 14 जनवरी 2026. बुधवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। आज माघ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है. जो व्रत. पूजा और साधना के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित होती है. वहीं बुधवार का दिन भगवान गणेश की आराधना के लिए विशेष फलदायी माना गया है। ऐसे में आज का दिन आध्यात्मिक साधना. व्रत और शुभ कार्यों के लिए खास संयोग बना रहा है।

    बुधवार को गणपति जी की पूजा करने से बुद्धि. विवेक. व्यापार में सफलता और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार. इस दिन गणेश जी की आराधना करने से बुध ग्रह से संबंधित दोष भी शांत होते हैं। श्रद्धालु आज के दिन भगवान गणेश को दूर्वा घास. मोदक और शमी के पत्ते अर्पित करते हैं। साथ ही “ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र का जाप करना अत्यंत शुभ माना गया है। मान्यता है कि इस मंत्र के नियमित जाप से कार्यों में आ रही रुकावटें दूर होती हैं और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

    पंचांग के अनुसार. आज के दिन कुछ विशेष शुभ मुहूर्त भी हैं. जिनमें पूजा-पाठ. जप-तप और महत्वपूर्ण कार्य किए जा सकते हैं। आज अमृत काल दोपहर 03:22 बजे से शाम 05:10 बजे तक रहेगा. जो किसी भी शुभ कार्य के लिए उत्तम माना जाता है। वहीं ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05:38 बजे से 06:25 बजे तक रहेगा। यह समय ध्यान. साधना और ईश्वर आराधना के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।

    हालांकि. दिन में कुछ अशुभ काल भी हैं. जिनमें शुभ कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है। आज राहुकाल दोपहर 12:35 बजे से 01:56 बजे तक रहेगा। इसके अलावा यम गण्ड सुबह 08:34 बजे से 09:55 बजे तक. कुलिक काल 11:15 बजे से 12:35 बजे तक और दुर्मुहूर्त 12:14 बजे से 12:57 बजे तक रहेगा। इन समयों में नए कार्य की शुरुआत. यात्रा या महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचना शुभ माना जाता है।

    सूर्य और चंद्रमा की स्थिति की बात करें तो आज सूर्य का उदय सुबह 07:14 बजे और सूर्यास्त शाम 05:57 बजे होगा। वहीं चंद्रमा का उदय तड़के 03:22 बजे और चंद्रास्त दोपहर 02:08 बजे होगा। चंद्रमा की यह स्थिति व्रत और मानसिक शांति के लिए अनुकूल मानी जा रही है। कुल मिलाकर. माघ कृष्ण एकादशी और बुधवार का यह संयोग भक्तों के लिए अत्यंत शुभ है। विधि-विधान से गणेश जी की पूजा. एकादशी व्रत और शुभ मुहूर्त में किए गए कार्य जीवन में सुख. समृद्धि और सफलता का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं।