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  • आर्द्रा नक्षत्र में मंगल का प्रवेश, मेष से मकर तक इन 5 राशियों के लिए मुश्किल समय

    आर्द्रा नक्षत्र में मंगल का प्रवेश, मेष से मकर तक इन 5 राशियों के लिए मुश्किल समय


    नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र में मंगल को ऊर्जा, साहस और पराक्रम का कारक माना जाता है, जबकि राहु को छाया ग्रह कहा गया है। अब मंगल राहु के स्वामित्व वाले आर्द्रा नक्षत्र में गोचर कर रहे हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, आर्द्रा नक्षत्र बदलाव, उथल-पुथल और मानसिक तनाव से जुड़ा माना जाता है। ऐसे में मंगल की उग्र ऊर्जा के कारण कुछ राशियों के लिए यह अवधि चुनौतीपूर्ण हो सकती है।

    मंगल 2 सितंबर तक आर्द्रा नक्षत्र में रहेंगे। इस दौरान कुछ राशियों को आर्थिक, करियर, पारिवारिक और स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। आइए जानते हैं किन 5 राशियों को सतर्क रहना होगा।

    मेष राशि
    मेष राशि के स्वामी मंगल हैं। ऐसे में इस अवधि में गुस्सा और जल्दबाजी बढ़ सकती है। कार्यस्थल पर सहकर्मियों से विवाद से बचें। वाहन चलाते समय सावधानी रखें। जल्दबाजी में लिया गया आर्थिक फैसला नुकसान करा सकता है।

    वृषभ राशि
    वृषभ राशि वालों को वाणी और धन से जुड़े मामलों में संयम रखना होगा। गुस्से में कही गई बात रिश्तों में तनाव पैदा कर सकती है। अचानक होने वाले खर्च से बजट प्रभावित हो सकता है। इस दौरान किसी को उधार देने में सावधानी बरतें।

    सिंह राशि
    सिंह राशि के जातकों को मानसिक तनाव और कार्यक्षेत्र में रुकावटों का सामना करना पड़ सकता है। ऑफिस की राजनीति से दूर रहें और अपने काम पर ध्यान दें। स्वास्थ्य को लेकर भी लापरवाही न करें।

    वृश्चिक राशि
    वृश्चिक राशि के लोगों को इस दौरान गुप्त विरोधियों और विवादों से सावधान रहने की जरूरत है। किसी पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। कानूनी और दस्तावेजों से जुड़े मामलों में पूरी जांच के बाद ही कदम उठाएं। जोखिम वाले निवेश से दूरी रखना बेहतर होगा।

    मकर राशि
    मकर राशि वालों को पारिवारिक और आर्थिक मामलों में संयम रखना होगा। जीवनसाथी या बिजनेस पार्टनर के साथ मतभेद बढ़ सकते हैं। अचानक होने वाला बड़ा खर्च आर्थिक दबाव बढ़ा सकता है, इसलिए लेन-देन में सावधानी बरतें।

    अशुभ प्रभाव से बचने के उपाय
    ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, मंगल की उग्रता को शांत रखने के लिए मंगलवार को हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ किया जा सकता है। जरूरतमंद व्यक्ति को लाल मसूर की दाल, गुड़ या तांबे के बर्तन का दान करने की भी परंपरा है। बड़े फैसले लेते समय जल्दबाजी से बचें और जरूरी मामलों में अनुभवी लोगों की सलाह लें।