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  • पप्पू यादव की गिरफ्तारी पर राहुल और प्रियंका गांधी बोले- राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से की गई कार्रवाई

    पप्पू यादव की गिरफ्तारी पर राहुल और प्रियंका गांधी बोले- राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से की गई कार्रवाई


    नई दिल्ली।
    पप्पू यादव (Pappu Yadav) के समर्थन में राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) भी उतर पड़े हैं। राहुल गांधी ने कहा कि उनकी गिरफ्तारी केवल राजनीतिक प्रतिशोध (Political vendetta) की भावना से की गई है। उन्होंने कहा कि NEET छात्रा की संदिग्ध मौत को लेकर ही उन्हें गिरफ्तार किया गया है और अब डराया धमकाया जा रहा है। शुक्रवार को देर रात पटना पुलिस ने 31 साल पुराने एक मामले में निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को गिरफ्तार किया है।

    राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”पटना में नीट की आकांक्षी छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत और उसके बाद की पूरी कार्रवाई ने एक बार फिर व्यवस्था की गहरी सड़ांध को उजागर कर दिया है।” उन्होंने दावा किया कि पीड़ित परिवार ने जब निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की, तो वही पुराना भाजपा-राजग मॉडल सामने आ गया कि मामले को भटकाओ, परिजनों को प्रताड़ित करो और अपराधियों को सत्ता का संरक्षण दो।

    राहुल ने कहा, ‘इस बेटी के लिए न्याय की आवाज़ बनकर साथी सांसद पप्पू यादव जी मजबूती से खड़े हुए। उनकी गिरफ़्तारी साफ़ तौर पर राजनीतिक प्रतिशोध है ताकि जवाबदेही मांगने वाली हर आवाज़ को डराया और दबाया जा सके।’

    उन्होंने कहा कि सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि यह घटना किसी एक मामले तक सीमित नहीं दिखती। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, ”यह एक भयावह साजिश एवं खतरनाक चलन की ओर इशारा करती है, जहां और भी बेटियां शिकार बन रही हैं और सत्ता इस खौफ़नाक सच्चाई से आंखें मूंदकर बैठी है। यह राजनीति नहीं, इंसाफ़ का सवाल है। यह बिहार की बेटी की इज़्ज़त और सुरक्षा का सवाल है।”


    प्रियंका गांधी बोलीं- अत्याचार के साथ खड़ी बीजेपी

    पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने भी पप्पू यादव के प्रति एकजुटता प्रकट की और आरोप लगाया कि भाजपा एवं उसके सहयोगी दल अत्याचार के साथ खड़े हुए हैं। उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया,”पटना के हॉस्टल में नीट की तैयारी कर रही छात्रा के साथ बलात्कार और हत्या का मामला झकझोर देने वाला है। यह मामला सामने आने के बाद सरकार का रवैया उससे भी ज्यादा खौफनाक है।’ प्रियंका ने कहा, ‘प्राथमिकी दर्ज होने से लेकर जांच और कार्रवाई तक सबकुछ संदिग्ध बना दिया गया है। यह सब किसे बचाने के लिए किया जा रहा है?’

    उन्होंने कहा कि हाथरस, उन्नाव से लेकर अंकिता भंडारी और पटना तक- जहां भी महिलाओं के साथ अत्याचार होता है, भाजपा की सरकारें पीड़िता को न्याय दिलाने की जगह आरोपियों के साथ खड़ी हो जाती हैं। प्रियंका ने आरोप लगाया कि इस मामले में आवाज उठा रहे सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी इसी असंवेदनशील रवैये की एक और कड़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और उसके सहयोगियों का एजेंडा स्पष्ट है कि वे अन्याय और अत्याचार के साथ खड़े हैं।

  • राजनीति का सुखद पल… शरद पवार के घर डिनर में राहुल, अजित, अडानी समेत कई केंद्रीय मंत्री भी हुए शामिल

    राजनीति का सुखद पल… शरद पवार के घर डिनर में राहुल, अजित, अडानी समेत कई केंद्रीय मंत्री भी हुए शामिल


    नई दिल्ली।
    राजधानी दिल्ली (Capital Delhi) में राजनीतिक गलियारों की शाम बुधवार बेहद ख़ास रही. एनसीपी–एसपी प्रमुख शरद पवार (NCP-SP chief Sharad Pawar) के आवास पर दलगत सीमाओं से परे कई नेता डिनर के लिए जुटे. इस डिनर में देश के उद्योगपति भी नज़र आए. यह मुलाकात उनके 85वें जन्मदिन (85th Birthday) से ठीक एक दिन पहले हुई और माहौल पूरी तरह निजी रहा.

    शरद पवार एक दिग्गज नेता हैं, जो लंबे समय से सियासत करते आ रहे हैं और उनके डिनर आयोजन में मौजूद नेताओं की लिस्ट ने इसे और ख़ास बना दिया. इस डिनर आयोजन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा शामिल हुए. सबसे ज्यादा ध्यान इस आयोजन में उद्योगपति गौतम अडानी की मौजूदगी ने खींचा, क्योंकि राजनीति और व्यापार के ऐसे मेलजोल के मौके कम देखने को मिलते हैं.

    इसके अलावा तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी भी शामिल हुए. प्रदेश में नई सरकार बनने के बाद यह पहला मौका होगा जब मुख्यमंत्री रेड्डी किसी बड़े राजनीतिक आयोजन में दिखे। एक और दिलचस्प दृश्य देखने मिला कि शरद पवार के भतीजे और महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार भी इस डिनर में शामिल दिखाई दिए. अजित पवार के इस आयोजन में शामिल होना दर्शाता है कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद दोनों के व्यक्तिगत रिश्ते राजनीति की सीमाओं से परे चलते हैं।

    शरद पवार ने छह दशक से अधिक समय तक राजनीति में सक्रिय रहकर लगभग हर दल के नेताओं से मजबूत संबंध बनाए हैं. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री, रक्षा मंत्री और कृषि मंत्री जैसे कई महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए उन्होंने न केवल एडमिनिस्ट्रेटिव क्षमता दिखाई, बल्कि अपनी राजनीतिक समझ के कारण सम्मान भी हासिल किया।