Tag: Railway Accident

  • शुजालपुर में वंदे भारत के सामने आए 3 गोवंश, बड़ा हादसा टला; 10 मिनट रुकी ट्रेन, फाटक बंद

    शुजालपुर में वंदे भारत के सामने आए 3 गोवंश, बड़ा हादसा टला; 10 मिनट रुकी ट्रेन, फाटक बंद


    मध्यप्रदेश । शुजालपुर रेलवे स्टेशन के पास सोमवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब वंदे भारत एक्सप्रेस के सामने अचानक तीन गोवंश ट्रैक पर आ गए। ट्रेन की रफ्तार और स्थिति को देखते हुए लोको पायलट ने तुरंत सतर्कता दिखाते हुए ट्रेन को समय रहते रोक दिया, जिससे संभावित दुर्घटना टल गई।

    घटना के कारण वंदे भारत एक्सप्रेस को करीब 10 मिनट तक स्टेशन के पास ही रोकना पड़ा। ट्रेन रुकने के साथ ही रेलवे फाटक भी बंद हो गया, जिससे सड़क यातायात प्रभावित हुआ और फाटक के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यात्रियों और आम लोगों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

    स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पिछले एक सप्ताह के भीतर यह दूसरी घटना है जब रेलवे ट्रैक पर गोवंश आ जाने से ट्रेनों के संचालन में बाधा उत्पन्न हुई है। इस तरह की घटनाओं के कारण न केवल ट्रेनों की समय-सारणी प्रभावित हो रही है, बल्कि रेलवे फाटकों पर भी लंबा जाम लग रहा है।

    रेलवे विभाग द्वारा ट्रैक की सुरक्षा के लिए कई स्थानों पर मेटल बाउंड्री बनाई गई है, लेकिन इसके बावजूद खुले में घूम रहे गोवंश ट्रैक तक पहुंच जाते हैं, जिससे इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं।

    गौरतलब है कि देश के कई हिस्सों में वंदे भारत ट्रेनों के सामने गोवंश आने की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। इसके बाद रेलवे ने अतिरिक्त सुरक्षा उपायों और निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

  • सागर में रेलवे ट्रैक पर मिला महिला का क्षत-विक्षत शव, ट्रेन की चपेट में आने की आशंका

    सागर में रेलवे ट्रैक पर मिला महिला का क्षत-विक्षत शव, ट्रेन की चपेट में आने की आशंका


    मध्यप्रदेश । सागर जिले में मंगलवार को उस समय सनसनी फैल गई जब सागर-बीना रेलवे ट्रैक पर 25 नंबर फाटक के पास एक महिला का शव दो टुकड़ों में पड़ा मिला। घटना की जानकारी सबसे पहले गैंगमैन को हुई, जिसके बाद तुरंत जीआरपी को सूचना दी गई।

    सूचना मिलते ही जीआरपी मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया कि महिला का शव ट्रेन की चपेट में आने से गंभीर रूप से क्षत-विक्षत हो गया था और उसका सिर धड़ से अलग हो गया था। शव को देखकर यह आशंका जताई जा रही है कि मौत ट्रेन हादसे में हुई है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।

    घटनास्थल पर किसी भी प्रकार का पहचान दस्तावेज या मोबाइल फोन नहीं मिला, जिससे मृतका की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है।

    जीआरपी ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आसपास के थानों में दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्टों से मिलान कर महिला की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।

    जीआरपी थाना प्रभारी एचएल चौधरी के अनुसार, प्राथमिक जांच में मामला ट्रेन से दुर्घटनावश मौत का प्रतीत हो रहा है, लेकिन वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। पुलिस ने कहा है कि सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच जारी है।

  • राजधानी एक्सप्रेस में भीषण आग: बी-1 कोच जलकर खाक, यात्रियों में मची अफरा-तफरी

    राजधानी एक्सप्रेस में भीषण आग: बी-1 कोच जलकर खाक, यात्रियों में मची अफरा-तफरी

    मध्यप्रदेश के रतलाम जिले में रविवार की सुबह एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया जब राजधानी एक्सप्रेस के एक कोच में अचानक भीषण आग लग गई। यह घटना उस समय हुई जब ट्रेन अपने निर्धारित मार्ग पर तेज गति से आगे बढ़ रही थी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और बी-1 कोच को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया। शुरुआती कुछ ही मिनटों में कोच से धुआं और लपटें उठने लगीं, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि समय रहते सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं मिली।

    जानकारी के अनुसार ट्रेन मध्यप्रदेश के रतलाम मंडल के अंतर्गत आलोट और विक्रमगढ़ आलोट स्टेशन के बीच से गुजर रही थी, जब अचानक बी-1 कोच में आग लग गई। आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है, लेकिन प्रारंभिक तौर पर तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट की संभावना जताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन तुरंत हरकत में आया और ट्रेन को नियंत्रित तरीके से रोका गया। आग फैलने से पहले प्रभावित कोच को ट्रेन से अलग कर दिया गया, जिससे एक बड़े हादसे को टालने में सफलता मिली।

    रेलवे अधिकारियों के अनुसार कोच में लगभग 68 यात्री सवार थे, जिन्हें सुरक्षित बाहर निकालकर अन्य डिब्बों या सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। यात्रियों को निकालने के बाद आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू किए गए और कुछ ही समय में स्थिति को नियंत्रण में कर लिया गया, हालांकि तब तक कोच लगभग पूरी तरह जलकर नष्ट हो चुका था। मौके पर राहत और बचाव टीमों को तुरंत भेजा गया और आसपास के क्षेत्रों से अतिरिक्त स्टाफ को भी बुलाया गया ताकि हालात को जल्द सामान्य किया जा सके।

    घटना के बाद दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग पर कुछ समय के लिए ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई, जिससे कई ट्रेनों को रोकना पड़ा या उनके मार्ग में बदलाव किया गया। रेलवे ने सुरक्षा के मद्देनजर बिजली आपूर्ति को भी अस्थायी रूप से बंद कर दिया था। वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी टीमें मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जांच में जुट गई हैं। प्राथमिक उद्देश्य यह पता लगाना है कि आखिर इस अचानक लगी आग के पीछे वास्तविक कारण क्या था और भविष्य में ऐसी घटनाओं को कैसे रोका जा सकता है।

    इस घटना ने एक बार फिर रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, हालांकि राहत की बात यह है कि समय पर की गई कार्रवाई से सैकड़ों यात्रियों की जान बच गई। रेलवे प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच पूरी होने के बाद आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे ताकि यात्रियों की सुरक्षा को और मजबूत किया जा सके और इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।